Shuru
Apke Nagar Ki App…
राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीति ने तूल पकड़ लिया है। जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव ने इस मामले में तीखे सवाल खड़े करते हुए ट्रस्ट के गठन और जवाबदेही पर निशाना साधा है। उनका तर्क है कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ था, तो कथित चढ़ावा चोरी की नैतिक जिम्मेदारी किसकी बनती है। पप्पू यादव ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर भी संशय जताया और पूछा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो इन लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा क्यों दिया। इसके अलावा, उन्होंने इस पूरे प्रकरण में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने और नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
नवोदय वार्ता
राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीति ने तूल पकड़ लिया है। जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव ने इस मामले में तीखे सवाल खड़े करते हुए ट्रस्ट के गठन और जवाबदेही पर निशाना साधा है। उनका तर्क है कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ था, तो कथित चढ़ावा चोरी की नैतिक जिम्मेदारी किसकी बनती है। पप्पू यादव ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर भी संशय जताया और पूछा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो इन लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा क्यों दिया। इसके अलावा, उन्होंने इस पूरे प्रकरण में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने और नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मऊ जिले की मधुबन नगर पंचायत में सफाई कर्मियों की भर्ती और उनके वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। नगर पंचायत के सभासद अखिलेश राज, नीलेश राजरत्नम और राजकुमार राजभर ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष आरती मल्ल और अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासदों का दावा है कि अध्यक्ष और ईओ की मिलीभगत से सफाई कर्मियों के असली नामों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज करके करीब 60 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। साथ ही, सुग्गीचौरी रोड पर नाले के निर्माण कार्य में भी मानकों की अनदेखी करने की बात कही गई है। इस शिकायत के बाद शासन के निर्देश पर गुरुवार को अपर नगर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम मधुबन पहुंची, जिसमें लेखा, स्थापना और अभियंत्रण विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम ने नगर पंचायत कार्यालय के विभिन्न अभिलेखों, उपस्थिति पंजिकाओं, बैंक खातों और जॉब कार्ड की गहन जांच की। जांच के दौरान कई सफाई कर्मी मौके पर उपस्थित नहीं मिले, जबकि उनके स्थान पर अन्य लोग काम करते पाए गए। अपर नगर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय ने इसे गंभीर अनियमितता बताया है। जांच टीम ने संदिग्ध कर्मियों के बयान दर्ज करने के साथ ही लेखा लिपिक, सुपरवाइजर और संबंधित बाबुओं से पूछताछ की है और वेतन भुगतान से जुड़ी सभी फाइलें अपने कब्जे में ले ली हैं।3
- राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीति ने तूल पकड़ लिया है। जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव ने इस मामले में तीखे सवाल खड़े करते हुए ट्रस्ट के गठन और जवाबदेही पर निशाना साधा है। उनका तर्क है कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ था, तो कथित चढ़ावा चोरी की नैतिक जिम्मेदारी किसकी बनती है। पप्पू यादव ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर भी संशय जताया और पूछा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो इन लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा क्यों दिया। इसके अलावा, उन्होंने इस पूरे प्रकरण में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने और नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।1
- मऊ में ई-बाइक खरीदने गई एक युवती के साथ हुए बलात्कार के मामले में एएसपी अनूप कुमार ने अपना बयान दिया है। इस गंभीर घटना के संदर्भ में पुलिस प्रशासन की ओर से अब स्थिति पर जानकारी साझा की गई है।1
- बलिया के रसड़ा में बैजलपुर स्थित विवादित जमीन की पैमाइश को लेकर मामला सामने आया है। कोतवाल योगेंद्र बहादुर ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि उक्त जमीन की पैमाइश एसडीएम की उपस्थिति में ही संपन्न कराई जाए।1
- अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कथित रूप से चीनी सैनिकों का विरोध कर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का दावा किया गया है। यद्यपि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे सत्य हैं, तो यह सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के साहस और देशभक्ति का एक बड़ा उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों के बीच ग्रामीणों द्वारा निहत्थे होकर अपने क्षेत्र की रक्षा करने की कोशिश व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। साथ ही, यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों के साथ होने वाले भेदभाव और नस्लभेदी टिप्पणियों के खिलाफ भी आवाज उठाई गई है। स्पष्ट किया गया है कि अरुणाचल प्रदेश सहित पूरे पूर्वोत्तर के लोग भारत के समान अधिकार वाले नागरिक हैं और उनके योगदान का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल सरकार या भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है।1
- गाजीपुर के सेवराई में करीब 11 महीने पहले हुई चोरी की घटना का गहमर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी की एक नई वारदात की योजना बनाते हुए दो आरोपियों और तीन बाल अपचारियों को फरीदपुर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 5 लाख 95 हजार रुपये नकद और लगभग 10 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गहमर पुलिस, सेवराई चौकी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार जैसे हथौड़ी, छेनी, आरी ब्लेड, लोहे की रॉड, प्लास और टॉर्च भी मिले हैं। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों विनोद कुमार कमकर और पंकज कुमार गुप्ता तथा तीन बाल अपचारियों ने सेवराई निवासी गोविंद जायसवाल के घर हुई चोरी की वारदात को कबूल कर लिया है। पीड़ित द्वारा बरामद सामान की पहचान कर ली गई है और पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- बलिया जिले के बिल्थरारोड-बहोरवा मार्ग पर बरसात के बाद हुए जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर पानी जमा होने के कारण लोगों को मजबूरीवश इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की लगातार अनदेखी के कारण यह समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के लोग अब जलभराव की इस समस्या से निजात पाने के लिए समाधान की मांग कर रहे हैं।3
- पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मऊ जिले के घोसी और दोहरीघाट थाना क्षेत्र में 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के अंतर्गत स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई। एआरटीओ और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में कई वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। यातायात नियमों के उल्लंघन, फिटनेस प्रमाण पत्र और परमिट की शर्तों की अनदेखी के चलते कुल 32 वाहनों का चालान किया गया, वहीं 4 वाहनों को सीज करने की कार्रवाई अमल में लाई गई। अधिकारियों ने वाहन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन अनिवार्य है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।1