हाड़ौती के हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध केशोरायपाटन में पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे इन श्रद्धालुओं ने चंबल नदी में पवित्र स्नान किया और भगवान केशव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह 4:30 बजे मंगला आरती के दर्शन के साथ ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। चंबल के तट पर वाहनों की लंबी कतारें पवित्र स्नान के लिए पहुंचीं, वहीं चंबल की सीढ़ियों पर कार्तिक पूर्णिमा जैसा भव्य नज़ारा देखने को मिला। भगवान केशव राय जी के मंदिर और परिक्रमा परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए पहुंचे। इस दौरान, कई महिलाओं ने सोमवती अमावस्या की विशेष पूजा-अर्चना की और कथा सुनी। मंदिर में भगवान श्री केशवराय जी का विशेष श्रृंगार भी किया गया था। श्रद्धालुओं की इस अपार भीड़ के आगे पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं। बड़ी संख्या में आए वाहनों की पार्किंग के लिए नए बायपास रोड और राजेश्वर रोड पर व्यवस्था की गई, जबकि कस्बे में चौपहिया वाहनों को मंदिर मार्ग से पहले ही डायवर्ट कर दिया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर और चंबल तट पर जवान तैनात किए गए थे, जिसमें थाना अधिकारी और सीआई सहित पूरा पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।
हाड़ौती के हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध केशोरायपाटन में पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे इन श्रद्धालुओं ने चंबल नदी में पवित्र स्नान किया और भगवान केशव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह 4:30 बजे मंगला आरती के दर्शन के साथ ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। चंबल के तट पर वाहनों की लंबी कतारें पवित्र स्नान के लिए पहुंचीं, वहीं चंबल की सीढ़ियों पर कार्तिक पूर्णिमा जैसा भव्य नज़ारा देखने को मिला। भगवान केशव राय जी के मंदिर और परिक्रमा परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए पहुंचे। इस दौरान, कई महिलाओं ने सोमवती अमावस्या की विशेष पूजा-अर्चना की और कथा सुनी। मंदिर में भगवान श्री केशवराय जी का विशेष श्रृंगार भी किया गया था। श्रद्धालुओं की इस अपार भीड़ के आगे पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं। बड़ी संख्या में आए वाहनों की पार्किंग के लिए नए बायपास रोड और राजेश्वर रोड पर व्यवस्था की गई, जबकि कस्बे में चौपहिया वाहनों को मंदिर मार्ग से पहले ही डायवर्ट कर दिया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर और चंबल तट पर जवान तैनात किए गए थे, जिसमें थाना अधिकारी और सीआई सहित पूरा पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।
- हाड़ौती के हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध केशोरायपाटन में पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे इन श्रद्धालुओं ने चंबल नदी में पवित्र स्नान किया और भगवान केशव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह 4:30 बजे मंगला आरती के दर्शन के साथ ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। चंबल के तट पर वाहनों की लंबी कतारें पवित्र स्नान के लिए पहुंचीं, वहीं चंबल की सीढ़ियों पर कार्तिक पूर्णिमा जैसा भव्य नज़ारा देखने को मिला। भगवान केशव राय जी के मंदिर और परिक्रमा परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए पहुंचे। इस दौरान, कई महिलाओं ने सोमवती अमावस्या की विशेष पूजा-अर्चना की और कथा सुनी। मंदिर में भगवान श्री केशवराय जी का विशेष श्रृंगार भी किया गया था। श्रद्धालुओं की इस अपार भीड़ के आगे पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं। बड़ी संख्या में आए वाहनों की पार्किंग के लिए नए बायपास रोड और राजेश्वर रोड पर व्यवस्था की गई, जबकि कस्बे में चौपहिया वाहनों को मंदिर मार्ग से पहले ही डायवर्ट कर दिया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर और चंबल तट पर जवान तैनात किए गए थे, जिसमें थाना अधिकारी और सीआई सहित पूरा पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।1
- देवली उपखंड के गांवड़ी पंचायत स्थित दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की बिजली का करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। बीते 2 जून को रघुनाथपुरा गांव में विद्युत पोल पर काम करते समय करंट की चपेट में आने से धनराज ने अपने दोनों हाथ व एक पैर खो दिए थे, जिसके बाद रविवार सुबह करीब 9 बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के विरोध में अंबेडकर विचार मंच, ग्रामीणों, परिजनों सहित व्यापार महासंघ और अन्य सामाजिक संगठनों ने धनराज को न्याय दिलाने के लिए देवली का बाजार स्वैच्छिक रूप से पूर्णतः बंद रखा। केवल मेडिकल और इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं, हालांकि दोपहर बाद बाजार शैनै शैने खुल गए। धनराज बैरवा की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर विचार मंच के तत्वावधान में उपखंड कार्यालय के बाहर शुरू हुआ धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष पांचू लाल मीणा, सरपंच संघ अध्यक्ष मुकेश मीणा, पूर्व विधायक कमल बैरवा, रामसिंह शक्तावत, राहुल बलसोरा, यादराम मीणा, सुरेंद्र बैरवा, गणेश लाल और सुरेश मीणा सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारी संगठनों और परिजनों ने प्रशासन के समक्ष कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनमें दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग प्रमुख है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की भी मांग की गई है। परिजनों का तर्क है कि धनराज निगम में एक सरकारी कर्मचारी की तरह ही कार्य कर रहा था, इसलिए उसे विभाग का कर्मचारी मानते हुए सभी उचित सुविधाएं और लाभ दिए जाएं, जबकि निगम उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धरना स्थल के आसपास पुलिस का भारी जाप्ता तैनात किया गया है, और यातायात पुलिस भी सुरक्षा में जुटी है। यह आंदोलन धीरे-धीरे विशाल रूप लेता दिख रहा है, सोमवार को भगतसिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद नारेबाजी और तेज हो गई। नरेश मीणा ने इस दुर्घटना को महज एक लाइनमैन की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि धनराज की असमय मृत्यु से परिवार को हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन समाज को एकजुट होकर उस परिवार को आर्थिक संकट से उबारना होगा ताकि मृतक के छोटे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। मीणा ने प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन कानून की आड़ लेकर जबरदस्ती अंतिम संस्कार करने का प्रयास करता है, तो ऐसा जन-आक्रोश या भूचाल आएगा कि सरकार की ही अंत्येष्टि हो जाएगी। उन्होंने इसे एक दलित परिवार की दुखद त्रासदी बताते हुए कहा कि यह मामला अब केवल देवली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। नरेश मीणा ने जोर देते हुए कहा कि केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सिस्टम के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए, और पीड़ित परिवार को त्वरित व सम्मानजनक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने जिला कलक्टर से लोगों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल अवगत कराने की मांग की।1
- आबूरोड में बदहाल सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर सफाई की खराब स्थिति के खिलाफ किया गया है।1
- राजस्थान के कोटा जिले में बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के तहत कोरल पार्क स्थित एक कार रेंटल ऑफिस में बदमाशों के हौसले बुलंद नजर आए। इमरान नामक एक बदमाश ने कार मालिक अक्षय चंदेल से जबरन गाड़ी की मांग की। अक्षय द्वारा गाड़ी देने से इनकार करने पर, आरोपी ने पहले उसे धमकी दी और फिर ऑफिस के बाहर खड़ी एक थार कार पर पत्थरों से हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बदमाश की यह पूरी करतूत वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वारदात के बाद, कार मालिक अक्षय चंदेल ने बोरखेड़ा थाने पहुँचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है।1
- एक विधायक पर नशा करने का आरोप लगाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस मामले में रघु शर्मा ने एक विधायक पर नशा करने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में विधायक शत्रुघ्न गौतम ने रघु शर्मा पर तीखा पलटवार किया है। विधायक गौतम ने रघु शर्मा से सीधा सवाल करते हुए पूछा है कि 'आप क्या पीते हो?' उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बात को सबूत देकर साबित कर सकते हैं।2
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में पर्यटक इस शहर की ओर जा रहे हैं, जिसके चलते यहां गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गई हैं।1
- हटा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।1
- कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र के अमरकुआ गांव में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद रविवार को थाने तक पहुँच गया, जहाँ देखते ही देखते हंगामा और तोड़फोड़ मच गई। हालात इतने बिगड़ गए कि रानपुर थाना परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वन विभाग की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए सख्ती का सहारा लेना पड़ा। जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम अमरकुआ क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए पहुँची थी। इस कार्रवाई का ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने वन विभाग की टीम पर पथराव कर दिया, जिससे विभाग के कर्मचारी घायल हो गए। इस घटना के बाद वन विभाग ने रानपुर थाने में अपनी रिपोर्ट दर्ज करवाई। वन विभाग की शिकायत के विरोध में, बड़ी संख्या में ग्रामीण शाम को रानपुर थाने पहुँच गए। इसी बीच कांग्रेस नेता देवा भड़क भी अपने समर्थकों के साथ वहाँ उपस्थित हुए। थाने के बाहर मौजूद वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जिसके बाद मामला और गरमा गया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और हंगामा शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की और इस दौरान वन विभाग की गाड़ी को निशाना बनाकर उसमें तोड़फोड़ कर दी गई। हंगामे में दो वनकर्मी घायल हुए, वहीं बीच-बचाव करने पहुँचे पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। लगभग 100 से 150 लोगों की भीड़ के बीच बिगड़ते हालात को देखते हुए, पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और मोर्चा संभाला। काफी देर तक भीड़ को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब ग्रामीण नहीं माने तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता देवा भड़क सहित एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने, राजकार्य में हस्तक्षेप, तोड़फोड़, अभद्रता और शांति व्यवस्था भंग करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक मनीष शर्मा ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जाँच की जा रही है और वन विभाग की रिपोर्ट तथा मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अमरकुआ में हुई कार्रवाई और उसके बाद थाने के बाहर हुए इस बवाल ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है।1