मां से बिछड़ा 3-4 दिन का नन्हा हाथी तीस्ता नदी में बहा, मछुआरों ने वन विभाग के साथ मिलकर बचाया जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल। जलपाईगुड़ी जिले में हाथियों के झुंड के साथ नदी पार करने के दौरान महज 3-4 दिन का हाथी का बच्चा अपनी मां से अलग होकर तीस्ता नदी में बह गया। घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय मछुआरों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नन्हे हाथी को सुरक्षित बचा लिया। वन विभाग के मुताबिक, हाथियों का झुंड गजालडोबा बैराज के पास तीस्ता नदी पार कर रहा था। इसी दौरान बच्चा झुंड से अलग हो गया और तेज बहाव में बहते हुए बैराज से करीब 4 किलोमीटर दूर पहुंच गया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। टीम ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को नदी से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बताया गया कि बच्चा बेहद कम उम्र का होने के कारण अपनी मां पर पूरी तरह निर्भर था। वन विभाग की टीम अब उसे झुंड और उसकी मां से दोबारा मिलाने की कोशिश में जुटी है। रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें नन्हे हाथी को नदी के तेज बहाव से बचाते हुए देखा जा सकता है।
मां से बिछड़ा 3-4 दिन का नन्हा हाथी तीस्ता नदी में बहा, मछुआरों ने वन विभाग के साथ मिलकर बचाया जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल। जलपाईगुड़ी जिले में हाथियों के झुंड के साथ नदी पार करने के दौरान महज 3-4 दिन का हाथी का बच्चा अपनी मां से अलग होकर तीस्ता नदी में बह गया। घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय मछुआरों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नन्हे हाथी को सुरक्षित बचा लिया। वन विभाग के मुताबिक, हाथियों का झुंड गजालडोबा बैराज के पास तीस्ता नदी पार कर रहा था। इसी दौरान बच्चा झुंड से अलग हो गया और तेज बहाव में बहते हुए बैराज से करीब 4 किलोमीटर दूर पहुंच गया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। टीम ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को नदी से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बताया गया कि बच्चा बेहद कम उम्र का होने के कारण अपनी मां पर पूरी तरह निर्भर था। वन विभाग की टीम अब उसे झुंड और उसकी मां से दोबारा मिलाने की कोशिश में जुटी है। रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें नन्हे हाथी को नदी के तेज बहाव से बचाते हुए देखा जा सकता है।
- छबड़ा - पर्युषण पर्व : उत्तम त्याग धर्म पर प्रवचन, रत्नत्रय और सम्यकदर्शन की विशेष पूजा सम्पन्न। छबड़ा(छबड़ा)त्याग आत्मा का अमृत है। त्याग अंतरंग भी होता है और बाह्य भी, लेकिन जब तक बाहरी त्याग कर अंतरंग का त्याग नहीं किया जाए, वह सच्चा त्याग नहीं कहलाता। यह उद्गार सांगानेर से पधारे ब्रह्मचारी भैया आयुष शास्त्री ने व्यक्त किए।दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पर्वराज पर्युषण पर्व के अंतर्गत उत्तम त्याग धर्म पर प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य भौतिक सुखों की खातिर मोह-माया और लोभ में फंसकर कर्मों के जाल में उलझ जाता है, जबकि परिग्रहों को छोड़ना ही सच्चा त्याग है। धन का अत्यधिक संचय दुख का कारण बनता है, लेकिन यही धन जब अच्छे कार्यों में या किसी की सहायता में लगता है तो आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। दस लक्षण पर्व आत्म-शुद्धि का पर्व है और इसके प्रत्येक धर्म की अपनी विशेषता है। त्याग चाहे ज्ञान का हो या धन का, उससे आत्मिक सुख मिलता है और त्याग में ही अच्छे कर्मों का खजाना छिपा होता है।समाज अध्यक्ष प्रकाश चंद लुहाड़िया ने बताया कि पर्वराज पर्युषण पर्व पर प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को 3600 रुपये की बोली लगाकर देवेंद्र कुमार, प्रखर कुमार पाटनी ने शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त किया।पर्व के आठवें दिन रत्नत्रय जी एवं सम्यकदर्शन की विशेष पूजा हुई। साथ ही देव-शास्त्र-गुरु, भगवान शांतिनाथ, भगवान महावीर स्वामी, सोलह कारण और दस लक्षण जी में उत्तम त्याग धर्म के विधान की पूजा संपन्न हुई।रात्रि में महाआरती का सौभाग्य चंद्र प्रकाश, पंकज कुमार और संदीप कुमार लुहाड़िया ने बोली लगाकर प्राप्त किया। महाआरती के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें पासिंग द पार्सल प्रतियोगिता और 'अहिंसा का बल' विषय पर नाटक का मंचन किया गया। नाटक में तीन वर्षीय युवांशी उर्फ टिन्नी, समग्र एवं अग्रिम पाटनी ने सुंदर प्रस्तुति दी। वहीं पीहू, पहल पाटनी एवं सौम्या लुहाड़िया ने धार्मिक भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।2
- 188 वां निःशुल्क नेत्र जांच एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर सम्पन्न,140 मरीजों की जांच कर निःशुल्क दवाइयां वितरित कीं, 46 मोतियाबिंद मरीज ऑपरेशन के लिए चिन्हित 188 वां निःशुल्क नेत्र जांच एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर सम्पन्न,140 मरीजों की जांच कर निःशुल्क दवाइयां वितरित कीं, 46 मोतियाबिंद मरीज ऑपरेशन के लिए चिन्हित छीपाबड़ौद - बारां भारत विकास परिषद छीपाबड़ौद के तत्वावधान में, जिला अंधता निवारण समिति बारां के निर्देशन में एवं श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट आनंदपुर के सहयोग से 188 वां निःशुल्क नेत्र जांच एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर बुधवार को आर्य वाटिका, बस स्टैंड में आयोजित किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सीआई गंभीर सिंह कसाना ने परिषद की आराध्य भारत माता एवं पथ-प्रदर्शक स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रांतीय संयोजक महेन्द्र नागर, जिला समन्वयक धीरज बाठला, संरक्षक विक्रम सिंह हाड़ा, अध्यक्ष दीपक जैन एवं नेत्र शिविर प्रभारी अकलेश गर्ग द्वारा मुख्य अतिथि तथा सद्गुरु संकल्प नेत्र चिकित्सालय आनंदपुर से आए डॉक्टरों एवं सहायक कर्मचारियों का दुपट्टा पहनाकर, अक्षत-तिलक लगाकर स्वागत-सम्मान किया गया। सचिव गिरिराज बंसल एवं सेवा संयोजक आशीष बिंदल ने बताया कि शिविर में सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट आनंदपुर (मध्यप्रदेश) की विशिष्ट चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों की जांच कर निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं एवं 46 मोतियाबिंद ऑपरेशन योग्य मरीजों को चिन्हित किया गया। सभी मरीजों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए। चिन्हित सभी मोतियाबिंद मरीजों को आनंदपुर भेजा जाएगा, जहां लाने-ले जाने, भोजन, आवास, दवाइयां एवं चश्मा वितरण की व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क की जाएगी। शिविर में कोषाध्यक्ष कौशल किशोर गोयल, रूपचंद शर्मा, पवन अहीर, विकास सोनी, रूपेश पारीक, नरेश मालव सहित परिषद के सभी सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा। उल्लेखनीय है कि भारत विकास परिषद शाखा छीपाबड़ौद द्वारा अब तक 188 शिविरों में 94,650 मरीजों की जांच कर 36,633 मरीजों के लेंस प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। Jitendra Kushwah Mob. 89699996272
- ज़िला स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में छाया कोटडा कागला का स्कूल , छात्र राकेश भील ने जीता गोल्ड मेडल- हरनावदाशाहजी.झालावाड़ में आयोजित जिला स्तरीय स्विमिंग (तैराकी) प्रतियोगिता में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कोटडा कागला के 7 वीं कक्षा के छात्र राकेश भील पिता रामस्वरूप ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और क्षेत्र के साथ माता पिता का नाम रोशन किया है। प्रधानाध्यापक दुर्गेश पाठक ने बताया कि जिला मुख्यालय पर आयोजित 14 वर्ष आयु वर्ग की 50 मीटर बटरफ्लाई तैराकी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीता। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय का तैराकी में स्वर्णिम प्रदर्शन लगातार जारी है। गत वर्ष भी इसी विद्यालय की कक्षा 8 के छात्र शिवम भील पुत्र कल्याण भील ने गोल्ड मेडल जीतकर विद्यालय का मान बढ़ाया था। प्रतियोगिता में इस बार कुल 92 बच्चों ने भाग लिया था। इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय के शिक्षकों ने विजेता छात्र राकेश भील को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं परिजनों एवं ग्रामीणों ने छात्र की इस सफलता पर खुशी जताई। उल्लेखनीय है कि हरनावदाशाहजी से करीब तीन किमी दूर पहाडी खोह में बसा भील बाहुल्य कोटडा कागला गांव यूं तो झालावाड़ जिले में आता है लेकिन तीनों तरफ से बारां जिले से घिरा है और गांव तक पहुंचने का रास्ता भी बारां जिले से होकर ही जाता है। ऐसे में गांव का सरकारी रिकोर्ड झालावाड़ जिले में बाकी रोजमर्रा जिंदगी हरनावदाशाहजी (बारां जिले)में जुडी है।4
- जलझुलनी एकादशी महोत्सव कोलूखेड़ी कलां, कई वर्षो से चलाई जा रही परंपरा ग्राम कोलूखेड़ी कलां मे कई वर्षो से झलझुलनी एकादशी का आयोजन एक त्यौहार कि तरह किया जा रहा है जिसमे सात दिन कि सकताजी का आयोजन किया जाता है ईवा बड़ी धूम धाम से इस पर्व को मनाया जाता है सोनू मेरोठा ने बताया कि इसमें आस पास के दशमी तेजाजी के झंडे लेकर आसपास के ग्रामीण भी इखट्टे होते है एवं बड़ी भारी संख्या मे जनता भी शामिल होती है!! समस्त ग्राम वासियो द्वारा इस पर्व को हर वर्ष हर्षोल्लास के सात मनाया जाता है!!1
- *अध्यात्म इतिहास का सबसे बड़ा शंखनाद !* *शास्त्रार्थ में 50 लाख का इनाम!* मीना राजपूत, ब्यूरो, राजस्थान।* सतलोक आश्रम, श्री धनाना धाम (हरियाणा) 23 सितंबर 2026 आध्यात्मिक जगत में उस समय हड़कंप मच गया, जब जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने पूरे विश्व के धर्मगुरुओं, कथावाचकों और आचार्यों को शास्त्रार्थ (ज्ञान चर्चा) के लिए खुला निमंत्रण दे दिया। यह केवल एक निमंत्रण नहीं, बल्कि सदियों से समाज को गुमराह कर रहे पाखंड और अंधविश्वास की जड़ों को हिला देने वाला एक ऐतिहासिक शंखनाद है। *संत रामपाल जी महाराज ने सत्य और शास्त्रों के आधार पर चुनौती देते हुए स्पष्ट कहा है :* "मैं विश्व के सभी धर्मगुरुओं को पवित्र श्रीमद्भगवद् गीता, चारों वेदों और हमारे सभी प्रमाणित शास्त्रों के आधार पर कल्याणकारी ज्ञान चर्चा के लिए सहर्ष सादर आमंत्रित करता हूँ। आइए, और शास्त्रों के वास्तविक मर्म को समाज के सामने रखिए।" *गलत साबित करने वाले को ₹50 लाख का महा-इनाम!* संत जी का यह दावा कोई हवा-हवाई बात नहीं है, बल्कि पूर्ण गुरु के अटल विश्वास की दहाड़ है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि दुनिया का कोई भी शीर्ष धर्मगुरु, शंकराचार्य, महामंडलेश्वर या मौलवी-पादरी उनके द्वारा बताए गए आध्यात्मिक ज्ञान को पवित्र गीता जी, चारों वेदों, पवित्र कुरान या पवित्र बाइबल के अनुसार गलत साबित कर देता है, तो उसे ₹50 लाख (पचास लाख रुपये) का नकद इनाम तुरंत दिया जाएगा। यह चुनौती उन नकली गुरुओं के मुंह पर एक करारा तमाचा है जो केवल अपनी दुकानें चला रहे हैं, लेकिन जब शास्त्रों के पन्ने खुलते हैं तो मौन हो जाते हैं। यह ज्ञान चर्चा कोई साधारण बहस नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दुनिया में "दूध का दूध और पानी का पानी" करने वाली क्रांति साबित होगी। *इस लाइव प्रसारण में निम्नलिखित गूढ़ रहस्यों से पर्दा उठेगा:* सृष्टि रचना व पूर्ण परमात्मा कौन है? (क्या ईश्वर साकार है या निराकार? शास्त्रों में इसका क्या प्रमाण है?) सच्चा मोक्ष कैसे संभव है? (अंधभक्ति को छोड़कर शास्त्रों के अनुसार सही नाम दीक्षा क्या है?) शास्त्रों के गुप्त रहस्य: वेदों, गीता और पुराणों के वो श्लोक जिन्हें आज तक तथाकथित गुरु समाज से छिपाते आए हैं। इस महा-घोषणा के बाद से ही पूरे भारत, राजस्थान सहित देश-विदेश में मौजूद संत जी के शिष्यों और आम जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। भक्तों का कहना है कि अब समय आ गया है जब दुनिया के सामने नकली और असली गुरु का फर्क साफ हो जाएगा। विशेष- संत रामपाल जी महाराज का दावा है कि जो व्यक्ति इस आध्यात्मिक चर्चा को नहीं देखेगा, वह कभी पूर्ण मोक्ष प्राप्त नहीं कर सकता है *नोट* - शास्त्र अनुसार आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा साधना टीवी चैनल पर दिनांक 3 व 4 अक्टूबर को सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम से शाम 7: 30 से 9:30 प्रसारित होगी *संत जी का सादर निवेदन*- संपूर्ण विश्व इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा को जरूर देखें व शास्त्र सम्मत सत् भक्ति की ओर बढ़े।1
- थाना सिविल लाइन पुलिस की त्वरित कार्रवाई : हाथ भट्टी की अवैध शराब के साथ आरोपी को पकड़ा, 10 लीटर अवैध शराब बरामद विदिशा थाना सिविल लाइन पुलिस को दिनांक 21 सितंबर 2026 को अवैध शराब के संबंध में सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा विदिशा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-4 की ओर रेलवे वार्डरोब के पीछे जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई की गई।1
- मां से बिछड़ा 3-4 दिन का नन्हा हाथी तीस्ता नदी में बहा, मछुआरों ने वन विभाग के साथ मिलकर बचाया जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल। जलपाईगुड़ी जिले में हाथियों के झुंड के साथ नदी पार करने के दौरान महज 3-4 दिन का हाथी का बच्चा अपनी मां से अलग होकर तीस्ता नदी में बह गया। घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय मछुआरों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नन्हे हाथी को सुरक्षित बचा लिया। वन विभाग के मुताबिक, हाथियों का झुंड गजालडोबा बैराज के पास तीस्ता नदी पार कर रहा था। इसी दौरान बच्चा झुंड से अलग हो गया और तेज बहाव में बहते हुए बैराज से करीब 4 किलोमीटर दूर पहुंच गया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। टीम ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को नदी से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बताया गया कि बच्चा बेहद कम उम्र का होने के कारण अपनी मां पर पूरी तरह निर्भर था। वन विभाग की टीम अब उसे झुंड और उसकी मां से दोबारा मिलाने की कोशिश में जुटी है। रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें नन्हे हाथी को नदी के तेज बहाव से बचाते हुए देखा जा सकता है।1
- श्री प्रेम सिंह सिंघवी राजकीय महाविद्यालय में छात्राएं सीख रहीं आत्मरक्षा के गुर श्री प्रेम सिंह सिंघवी राजकीय महाविद्यालय में छात्राएं सीख रहीं आत्मरक्षा के गुर, छीपाबड़ौद स्थानीय श्री प्रेम सिंह सिंघवी राजकीय महाविद्यालय छीपाबड़ौद में चल रहे रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में छात्राएं बड़े ही उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। कार्यक्रम प्रभारी भूमिका पारीक ने बताया कि प्रशिक्षण के प्रथम सप्ताह में दो महिला प्रशिक्षकों लक्ष्मी मेम और रिंकू मेम को नियुक्त किया गया है, जो 24 दिनों तक छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की नई-नई तकनीकें सिखाएंगी, जिससे छात्राएं निडर होकर किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकें। छात्राओं को शारीरिक रूप से सक्षम होने के साथ ही मानसिक रूप से सशक्त बनने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसी के साथ महाविद्यालय प्रभारी दारा सिंह मीणा ने 'साइबर सुरक्षित राजस्थान' के तहत छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि संदिग्ध कॉल, व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से आए लिंक व मैसेज को बिना जांच के न खोलें और अपना ओटीपी या लॉगिन कोड किसी के साथ साझा न करें। *- जितेन्द्र कुशवाह (पत्रकार)* *India Voice Rajasthan*2
- त्योहारों से पहले कोतवाली पुलिस की सख्ती, हुड़दंग व चाकूबाजी करने वाले 06 व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों एवं जुलूसों के दौरान लड़ाई-झगड़ा, हुड़दंग, चाकूबाजी एवं शांति व्यवस्था भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।1