कानपुर.... *आशादेवी मंदिर के महंत आशुतोष गिरी को केडीए का नोटिस व कल्याणपुर थाने में महंत के खिलाफ़ मुकदमा हुआ दर्ज़* *अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की टीम के साथ अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने पर प्रवर्तन जोन-1 बी के अंतर्गत आजाद नगर, कल्याणपुर स्थित ब्लॉक-सी पार्क के पीछे आशा देवी मंदिर प्रांगण में अवैध कब्जे को लेकर केडीए पहले ही ध्वस्तीकरण नोटिस जारी कर चुका था। नोटिस की तामील कराने पहुंचे केडीए सुपरवाइजर रामऔतार और मनोज कुमार के अनुसार वहां मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर विरोध करते हुए हंगामा किया और कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया*। *जिस पर केडीए कर्मियों की तहरीर पर थाना कल्याणपुर में आशु सैनी उर्फ आशुतोष गिरी समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की चार धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है*। *वहीं दूसरी ओर महंत आशुतोष गिरी ने पूरे मामले को साजिश बताते हुए केडीए विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महंत का कहना है कि वे कई वर्षों से आशा देवी मंदिर परिसर में पूजा-पाठ करते हुए एक छोटी कुटिया में निवास कर रहे हैं, लेकिन केडीए रसूखदारों के दबाव में उन्हें हटाने की लगातार कोशिश कर रहा है*। *आशुतोष गिरी महंत का आरोप है कि शहर में बड़े-बड़े अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि मंदिर के पुजारी को हटाने के लिए नोटिस चस्पा कर फर्जी तरीके से मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को भी शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।*
कानपुर.... *आशादेवी मंदिर के महंत आशुतोष गिरी को केडीए का नोटिस व कल्याणपुर थाने में महंत के खिलाफ़ मुकदमा हुआ दर्ज़* *अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की टीम के साथ अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने पर प्रवर्तन जोन-1 बी के अंतर्गत आजाद नगर, कल्याणपुर स्थित ब्लॉक-सी पार्क के पीछे आशा देवी मंदिर प्रांगण में अवैध कब्जे को लेकर केडीए पहले ही ध्वस्तीकरण नोटिस जारी कर चुका था। नोटिस की तामील कराने पहुंचे केडीए सुपरवाइजर रामऔतार और मनोज कुमार के अनुसार वहां मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर विरोध करते हुए हंगामा किया और कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया*। *जिस पर केडीए कर्मियों की तहरीर पर थाना कल्याणपुर में आशु सैनी उर्फ आशुतोष गिरी समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की चार धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है*। *वहीं दूसरी ओर महंत आशुतोष गिरी ने पूरे मामले को साजिश बताते हुए केडीए विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महंत का कहना है कि वे कई वर्षों से आशा देवी मंदिर परिसर में पूजा-पाठ करते हुए एक छोटी कुटिया में निवास कर रहे हैं, लेकिन केडीए रसूखदारों के दबाव में उन्हें हटाने की लगातार कोशिश कर रहा है*। *आशुतोष गिरी महंत का आरोप है कि शहर में बड़े-बड़े अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि मंदिर के पुजारी को हटाने के लिए नोटिस चस्पा कर फर्जी तरीके से मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को भी शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।*
- Post by Hari Singh Goutam1
- आगरा में जयंत चौधरी का बयान: “चुनाव में जनता ही देती है मेडल” #JayantChaudhary #AgraNews #IndiaSkills #SkillDevelopment #UPPolitics1
- आगरा में देर रात पुलिस ने चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की अवैध शराब बरामद की है। एत्मादपुर थाना क्षेत्र के छलेसर हाईवे पर पुलिस ने एक ट्रक को रोककर तलाशी ली, जिसमें शराब की तस्करी बिल्कुल ‘पुष्पा स्टाइल’ में की जा रही थी। बताया जा रहा है कि ट्रक के अंदर लगे जनरेटर की बंद बॉडी के भीतर करीब 600 पेटी अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही थी। पुलिस के अनुसार यह शराब पंजाब के भटिंडा से बिहार ले जाई जा रही थी। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 50 से 60 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
- Post by Soni Verma1
- आगरा के विलास गंज इलाके में आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। सड़कों पर सीवर का गंदा पानी जमा है, जिससे न सिर्फ राहगीर परेशान हैं बल्कि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। क्या यही है स्मार्ट सिटी का सपना? देखिए AK India Bharat की यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।" वीडियो के मुख्य बिंदु (Key Highlights): घुटनों तक जल-भराव: विलास गंज की मुख्य गलियों में सीवर और नाली का गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासनिक लापरवाही: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूली बच्चों की परेशानी: सड़कों पर पानी जमा होने के कारण छोटे बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कत हो रही है, कई बार बच्चे इस गंदे पानी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। बीमारियों का खतरा: लंबे समय से जमा इस गंदे और बदबूदार पानी की वजह से इलाके में डेंगू, मलेरिया और संक्रमण जैसी बीमारियाँ फैलने का डर बना हुआ है। बुजुर्गों और महिलाओं का आक्रोश: वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि महिलाएँ अपनी आपबीती बताते हुए भावुक और आक्रोशित हैं; उनका कहना है कि "हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।" नेताओं की बेरुखी: ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले नेता अब समस्या के समय अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।1
- Post by Kattar Nishad raj1
- Post by Dharmendra Kumar3
- Post by Hari Singh Goutam1