सहरसा नवहट्टा के उच्च माध्यमिक विद्यालय सत्तौर में भोजपुरी गाने के साथ पढ़ाई कक्षा के वक्त रूम में चल रहा टीवी पे रंगदारी का गाना ग्यारह वीं का छात्र ले रहा गाने का आनंद शिक्षक क्लासरूम से है फरार सहरसा से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहां नवहट्टा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय सतौर में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि क्लासरूम में पढ़ाई की जगह छात्र भोजपुरी और मगही गानों पर मस्ती करते दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल—क्या अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की जगह मनोरंजन होगा? बताया जा रहा है कि यह वीडियो क्लास के दौरान का है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कमरे में कोई शिक्षक मौजूद नहीं है। कुर्सियां खाली हैं… और सामने एलईडी टीवी पर गाने चल रहे हैं, जिन्हें छात्र पूरे आनंद के साथ देख रहे हैं। ये दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा तमाचा भी है। हालांकि इस वायरल वीडियो की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता, लेकिन जो तस्वीर सामने आ रही है, वो कई गंभीर सवाल खड़े करती है—अगर क्लास चल रही थी तो शिक्षक कहां थे? क्या अब स्कूलों में निगरानी पूरी तरह खत्म हो चुकी है? जब इस मामले में उच्च माध्यमिक विद्यालय सतौर के प्रभारी हेडमास्टर से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह वीडियो उनके ही स्कूल का है। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे छात्र ग्यारहवीं कक्षा के हैं और स्कूल स्तर पर जांच की जा रही है। एक तरफ बिहार सरकार अश्लील गानों पर रोक लगाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों में ही इस तरह के नजारे दिखना, सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी है। अब सवाल सीधा है—क्या बच्चों का भविष्य इसी तरह मजाक बनता रहेगा, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी?
सहरसा नवहट्टा के उच्च माध्यमिक विद्यालय सत्तौर में भोजपुरी गाने के साथ पढ़ाई कक्षा के वक्त रूम में चल रहा टीवी पे रंगदारी का गाना ग्यारह वीं का छात्र ले रहा गाने का आनंद शिक्षक क्लासरूम से है फरार सहरसा से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहां नवहट्टा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय सतौर में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि क्लासरूम में पढ़ाई की जगह छात्र भोजपुरी और मगही गानों पर मस्ती करते दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल—क्या अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की जगह मनोरंजन होगा? बताया जा रहा है कि यह वीडियो क्लास के दौरान का है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कमरे में कोई शिक्षक मौजूद नहीं है। कुर्सियां खाली हैं… और सामने एलईडी टीवी पर गाने चल रहे हैं, जिन्हें छात्र पूरे आनंद के साथ देख रहे हैं। ये दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा तमाचा भी है। हालांकि इस वायरल वीडियो की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता, लेकिन जो तस्वीर सामने आ रही है, वो कई गंभीर सवाल खड़े करती है—अगर क्लास चल रही थी तो शिक्षक कहां थे? क्या अब स्कूलों में निगरानी पूरी तरह खत्म हो चुकी है? जब इस मामले में उच्च माध्यमिक विद्यालय सतौर के प्रभारी हेडमास्टर से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह वीडियो उनके ही स्कूल का है। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे छात्र ग्यारहवीं कक्षा के हैं और स्कूल स्तर पर जांच की जा रही है। एक तरफ बिहार सरकार अश्लील गानों पर रोक लगाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों में ही इस तरह के नजारे दिखना, सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी है। अब सवाल सीधा है—क्या बच्चों का भविष्य इसी तरह मजाक बनता रहेगा, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी?
- कक्षा के वक्त रूम में चल रहा टीवी पे रंगदारी का गाना ग्यारह वीं का छात्र ले रहा गाने का आनंद शिक्षक क्लासरूम से है फरार सहरसा से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहां नवहट्टा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय सतौर में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि क्लासरूम में पढ़ाई की जगह छात्र भोजपुरी और मगही गानों पर मस्ती करते दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल—क्या अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की जगह मनोरंजन होगा? बताया जा रहा है कि यह वीडियो क्लास के दौरान का है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कमरे में कोई शिक्षक मौजूद नहीं है। कुर्सियां खाली हैं… और सामने एलईडी टीवी पर गाने चल रहे हैं, जिन्हें छात्र पूरे आनंद के साथ देख रहे हैं। ये दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा तमाचा भी है। हालांकि इस वायरल वीडियो की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता, लेकिन जो तस्वीर सामने आ रही है, वो कई गंभीर सवाल खड़े करती है—अगर क्लास चल रही थी तो शिक्षक कहां थे? क्या अब स्कूलों में निगरानी पूरी तरह खत्म हो चुकी है? जब इस मामले में उच्च माध्यमिक विद्यालय सतौर के प्रभारी हेडमास्टर से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह वीडियो उनके ही स्कूल का है। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे छात्र ग्यारहवीं कक्षा के हैं और स्कूल स्तर पर जांच की जा रही है। एक तरफ बिहार सरकार अश्लील गानों पर रोक लगाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों में ही इस तरह के नजारे दिखना, सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी है। अब सवाल सीधा है—क्या बच्चों का भविष्य इसी तरह मजाक बनता रहेगा, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी?1
- Post by Baba Lal2
- जिला पदाधिकारी सहरसा के कड़ी निगरानी के बाद सौर बाजार में घर घर लोगों को गैस सिलेंडर पहुंचना शुरू हो गया है जिससे लोगों ने अब राहत की सांस लिया है। बीते दिनों गैस सिलेंडर को लेकर सौर बाजार में भारी मारामारी हो रहा था जबकि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं थी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब 45 दिन पर गैस सिलेंडर की सुविधा मिलेगी जो उसे घर बैठे ही प्राप्त हो जाएगा बस उसे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से गैस सिलेंडर बुक करना है। हालाकि इसको लेकर जिला पदाधिकारी सहरसा ने खुले शब्दों में बताया की गैस सिलेंडर की कमी पहले से भी नहीं थी बस एक भगदड़ सा मच गया की गैस सिलेंडर नहीं मिल रही है जिससे लोगों को परेशानी महसूस होने लगी।1
- नौहट्टा सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत में सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। अवसर था 'जेके एंड संस ट्रेडर्स' की ओर से आयोजित भव्य इफ्तार पार्टी का, जहाँ हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर रमजान की खुशियां बांटीं। इफ्तार पार्टी के दौरान जैसे ही इफ्तार का वक्त हुआ, सभी धर्मों के लोग एक ही कतार में बैठकर रोजा खोलते नजर आए। यह नजारा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो समाज को एकता और प्रेम का संदेश दे रहा है। इस अवसर पर जेके एंड संस ट्रेडर्स के प्रोपराइटर तबरेज खान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "हमारा भारत विविधताओं का देश है। मोहनपुर पंचायत में हम सभी जाति और धर्म के लोग शुरू से ही ईद, बकरीद, मुहर्रम के साथ-साथ होली और दीपावली भी मिल-जुलकर मनाते आए हैं। आज की यह इफ्तार पार्टी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अटूट एकता का प्रतीक है।" इफ्तार पार्टी में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और देश-प्रदेश में अमन-चैन की दुआ मांगी। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मानवता और प्रेम ही सबसे बड़ा धर्म है।1
- सुपौल में नगर परिषद के सफाई कर्मियों और पुलिस के बीच विवाद के कारण सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में पांच दिन से साफ सफाई व्यवस्था ठप्प रही. जिसके बाद आज सुपौल नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा ने मिडिया को बताया की आज से हड़ताल ख़त्म कर दी गई है, और साफ सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है, कहा की कल ईद है ऐसे में सम्बंधित इलाके में साफ सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है, आम लोग भी गंदगी के कारण परेशान हो रहे हैं, इसको देखते हुए तत्काल सफाई कर्मी से मिलकर हड़ताल ख़त्म करने के लिए उसे मनाया गया, जिसके बाद साफ सफाई का कार्य शुरू किया गया है. दरअसल 15 मार्च को वार्ड नंबर 22 में नाला निर्माण कार्य के दौरान एक सफाई कर्मी के साथ कथित मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में सफाई कर्मियों ने सदर थाना और एससी-एसटी थाना में आवेदन भी दिया, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज कर्मियों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित सफाई कर्मियों ने थाने के गेट पर कचरा रखकर जाम कर दिया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि पुलिस ने उसी रात नगर परिषद के हेड क्लर्क असजद आलम के घर छापेमारी कर सफाई मैनेजर देवाशीष मिश्रा समेत कई लोगों को उठाकर थाने ले गई, जहां उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना से नाराज सफाई कर्मियों ने उसी दिन से हड़ताल शुरू कर दी, लगातार पांच दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। मालुम हो कि दो दिन पहले ही DM के समुचित आश्वासन पर सफाई कर्मी द्वारा हड़ताल ख़त्म करने का आश्वासन भी दिया था बाबजूद साफ सफाई कार्य बंद रही, जिसके चलते शहर में जगह जगह कचरे का ढेर लग गया. इस बीच आज नगर परिषद के चेयरमेन राघवेंद्र झा सहित कार्यपालक अधिकारी और वार्ड पार्षद ने सभी सफाई कर्मियों से हड़ताल ख़त्म करने का आह्वान किया जिसके बाद सफाई कर्मी का हड़ताल ख़त्म हो गई है और अब साफ सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है.1
- 👉 एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। एक गरीब परिवार का मासूम बच्चा छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और इलाज के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं। हम आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं कि इस बच्चे की मदद करें 🙏 आपकी छोटी-सी सहायता भी इस बच्चे की जान बचा सकती है। 📌 नीचे दिए गए स्कैनर/UPI के माध्यम से आप मदद कर सकते हैं: #HelpNeeded #SaveLife #HumanityFirst #DonateNow #SupportPoorFamily #EmergencyHelp #BiharNews #HelpChild #ViralNews #KindnessMatters1
- बिहार के मधेपुरा में हिंदू नववर्ष के मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP की ओर से भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। शहर के प्रसिद्ध बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों दीप जलाकर नववर्ष का स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं के बीच मिठाइयां भी बांटी गईं। हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर ABVP मधेपुरा इकाई के कार्यकर्ताओं ने बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर को दीपों की रोशनी से जगमगा दिया। पूरे मंदिर परिसर में उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष सुधांशु शेखर ने कहा कि हिंदू नववर्ष भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। यह दिन हमें अपनी सभ्यता और संस्कारों पर गर्व करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। बाइट – सुधांशु शेखर ,प्रदेश उपाध्यक्ष, ABVP “हिंदू नववर्ष हमारी संस्कृति, परंपरा और नवचेतना का प्रतीक है। युवाओं को आगे आकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।” प्रांत राज्य विश्वविद्यालय कार्य संयोजक सौरभ यादव ने कहा कि यह केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि नए संकल्प और नई ऊर्जा का आरंभ है। वहीं विभाग प्रमुख ललन अद्री ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। “हिंदू नववर्ष नई ऊर्जा और नए लक्ष्य का संदेश देता है। ऐसे आयोजन समाज में एकता और समरसता को मजबूत करते हैं।” कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच मिठाइयों का वितरण भी किया गया। दीपों की रोशनी से सजा मंदिर परिसर और उत्साह से भरे कार्यकर्ताओं ने मिलकर नववर्ष का स्वागत किया।4
- नवहट्टा पूर्वी क्षेत्र से जिला परिषद के चुनाव लड़ने के लिए भक्ति छोड़कर अब राजनीति में आने का संकल्प लिए लाल बाबा ने जनता सेवा करने का मन बना लिया लाल बाबा का कहना है कि हम योगी राज्य कायम करेंगे, जहां देखो अतिक्रमण, वहीं बुलडोजर चलाएंगे।साथ ही, जनता को अपने हक के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा।हम खुद उनके घर पर पहुंचकर उनको सेवा करेंगे1