ग्वालियर: डीन को थप्पड़ मारने के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की कलमबंद हड़ताल, सुरक्षा के लिए चौकी बनाने की मांग ग्वालियर अपडेट संवाददाता ग्वालियर। जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ को थप्पड़ मारने के मामले में जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। जूडा ने कलमबंद हड़ताल कर पुलिस प्रशासन से आरोपी पूर्व एडवोकेट मनोज शर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा चौकी बनाने की मांग की। धरने के बाद जूडा अध्यक्ष डॉ. धुआंराम गुर्जर के नेतृत्व में डॉक्टरों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोपहर तक जांच रिपोर्ट देने की मांग की। आंदोलन की जानकारी मिलते ही डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ भी एसपी कार्यालय पहुंचे और जूनियर डॉक्टरों को समझाकर ड्यूटी पर लौटने की अपील की। हड़ताल का असर मरीजों पर भी पड़ा, हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की।
ग्वालियर: डीन को थप्पड़ मारने के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की कलमबंद हड़ताल, सुरक्षा के लिए चौकी बनाने की मांग ग्वालियर अपडेट संवाददाता ग्वालियर। जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ को थप्पड़ मारने के मामले में जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। जूडा ने कलमबंद हड़ताल कर पुलिस प्रशासन से आरोपी पूर्व एडवोकेट मनोज शर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा चौकी बनाने की मांग की। धरने के बाद जूडा अध्यक्ष डॉ. धुआंराम गुर्जर के नेतृत्व में डॉक्टरों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोपहर तक जांच रिपोर्ट देने की मांग की। आंदोलन की जानकारी मिलते ही डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ भी एसपी कार्यालय पहुंचे और जूनियर डॉक्टरों को समझाकर ड्यूटी पर लौटने की अपील की। हड़ताल का असर मरीजों पर भी पड़ा, हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की।
- पत्नी और साथियों पर मारपीट व बाइक छीनने का आरोप ग्वालियर। सिंधिया नगर निवासी रामअवतार रजक ने पत्नी राधा रजक और उसके साथियों पर बैजाताल के पास मारपीट कर सिर में चोट पहुंचाने, अपाचे बाइक छीनने तथा सोने-चांदी के जेवरात और तीन लाख रुपये ले जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसपी को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई, संपत्ति वापस दिलाने और सुरक्षा की मांग की है।1
- खनियाधाना में युवती के अपहरण और छेड़खानी का आरोप, FIR दर्ज नहीं होने पर SP से लगाई गुहार खनियाधाना में युवती के अपहरण और छेड़खानी का आरोप, FIR दर्ज नहीं होने पर SP से लगाई गुहार मामी पर साजिश में शामिल होने का आरोप, कार से सुनसान मकान में ले जाने और विरोध करने पर कपड़े फाड़ने का दावा; पुलिस से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग शिवपुरी/खनियाधाना। शिवपुरी जिले के खनियाधाना कस्बे में एक युवती ने अपनी मामी समेत चार लोगों पर अपहरण, छेड़खानी और जबरन गलत काम करने का प्रयास करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, उसे कथित तौर पर कार में बैठाकर नई बस्ती के बाहर एक सुनसान मकान में ले जाया गया। वहां विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ने का आरोप भी लगाया गया है। युवती का दावा है कि उसके चिल्लाने पर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद परिजनों के साथ खनियाधाना थाने पहुंचने पर पुलिस ने उसका आवेदन तो ले लिया, लेकिन FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है। आवेदन पर 26 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय की प्राप्ति मुहर होने की बात सामने आई है। डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंचने के बाद घटना का आरोप पीड़िता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के अनुसार, कथित घटना 25 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे की बताई गई है। युवती का कहना है कि वह अपनी मामी नाजिमी पत्नी आदि सोलंकी के साथ इलाज कराने डॉक्टर बंगाली के क्लीनिक पर गई थी। वहां जाकिर पुत्र बाबू समद, आविद पुत्र शहीद चेना और अब्दुल कलाम पुत्र अब्दुल सलाम उर्फ लोड़िया पहले से मौजूद थे। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मामी ने फोन करके युवकों को बुलाया था। इसके बाद कथित तौर पर युवती को जबरन अब्दुल कलाम की चार पहिया गाड़ी में बैठा लिया गया। युवती के विरोध करने पर उसे धमकाने और उसका मुंह बंद करने का भी आरोप लगाया गया है। सुनसान मकान में ले जाकर छेड़खानी का आरोप युवती के मुताबिक, उसे नई बस्ती खनियाधाना के बाहर स्थित एक सुनसान मकान में ले जाया गया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वहां आरोपियों और उसकी मामी ने उसके साथ छेड़खानी की। विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ दिए गए और जबरन गलत काम करने का प्रयास किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह इस दौरान लगातार विरोध करती रही। घटना के संबंध में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष फिलहाल सामने नहीं आए हैं। युवती के चिल्लाने पर पहुंचे मोहल्ले के लोग पीड़िता के अनुसार, जब उसे लगा कि वह आरोपियों के चंगुल से नहीं निकल पाएगी, तो उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। युवती का दावा है कि लोगों को आता देख आरोपी उसे छोड़कर भाग गए। इसके बाद वह किसी तरह एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से बाइक पर बैठकर अपने ताऊजी के घर पहुंची। वहां उसने अपने ताऊ, बुआ और फूफाजी को घटना की जानकारी दी। परिजन उसे लेकर खनियाधाना थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। थाने में FIR दर्ज नहीं होने का आरोप, SP से मांगा न्याय पीड़िता और उसके परिजनों का आरोप है कि थाने में उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई और केवल आवेदन लेकर उन्हें लौटा दिया गया। इसके बाद युवती ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को लिखित शिकायत देकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। आवेदन में युवती ने आरोपियों से अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। उसने पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए और उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें मामले में पीड़िता ने अपनी मामी नाजिमी के साथ जाकिर, आविद और अब्दुल कलाम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। खबर तैयार किए जाने तक खनियाधाना थाना प्रभारी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और पीड़िता की शिकायत के आधार पर आगे की जांच किस दिशा में बढ़ती है।1
- शिवपुरी में 50 लाख की जमीन के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप, पटवारी और तहसील कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल शिवपुरी में 50 लाख की जमीन के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप, पटवारी और तहसील कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल हरियाणा के जमीन मालिकों की भूमि दूसरे नामों पर दर्ज कराने का आरोप, चार आवेदकों ने कलेक्टर से की शिकायत; राजस्व रिकॉर्ड की जांच और कार्रवाई की मांग शिवपुरी/खनियाधाना। शिवपुरी जिले की खनियाधाना तहसील के ग्राम नोहरा में करीब 50 लाख रुपये मूल्य की जमीन के कथित फर्जी नामांतरण का मामला सामने आया है। इस मामले में चार आवेदकों ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत कर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पटवारी महेश गौड़, तहसील कार्यालय के बाबू दिनेश लोधी और पवन लोधी की कथित भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फर्जी आईडी और कथित कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से हरियाणा के लोगों के नाम दर्ज जमीन का नामांतरण दूसरे व्यक्तियों के नाम पर करा दिया गया। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी और जमीन के स्वामित्व से जुड़े गंभीर विवाद का रूप ले सकता है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए नामांतरण कराने का आरोप आवेदकों के अनुसार, ग्राम नोहरा में स्थित जमीन की कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। आरोप लगाया गया है कि जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया में कथित रूप से फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन किस आधार पर और किन दस्तावेजों के जरिए किया गया। पटवारी और तहसील कार्यालय की भूमिका जांच के दायरे में लाने की मांग शिकायत में पटवारी महेश गौड़, तहसील कार्यालय के बाबू दिनेश लोधी और पवन लोधी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। आवेदकों ने मांग की है कि नामांतरण से संबंधित आवेदन, प्रस्तुत दस्तावेज, पहचान संबंधी रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों की जांच की जाए। साथ ही, यह भी पता लगाया जाए कि नामांतरण की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में उनकी प्रतिक्रिया और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कलेक्टर से जमीन वापस दिलाने और कार्रवाई की मांग चारों आवेदकों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित फर्जी नामांतरण से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराने और नियमानुसार जमीन के वास्तविक स्वामित्व का निर्धारण करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में गलत तरीके से नाम दर्ज किए जाने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार रिकॉर्ड दुरुस्त कर जमीन के वास्तविक हकदारों को राहत दिलाई जाए। जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति अब इस मामले में प्रशासनिक जांच और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच के दौरान नामांतरण आदेश, दस्तावेजों की प्रामाणिकता और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल से ही आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी। फिलहाल, शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।1
- डबरा पुलिस एक्शन एक्टिव मोड़ मे नजर आई अनु. विभा. अधिकारी पुलिस के निर्देशन मे कार्यवाही शुरू1
- पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बरका में दो लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पति सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय साधना की शादी 17 अप्रैल 2024 को भिंड जिले के फरदुआ निवासी राजीव कुशवाहा से हुई थी। शादी में पिता ने साढ़े तीन लाख रुपए नकद, प्लेटिना मोटरसाइकिल और गृहस्थी का सामान दिया था। आरोप है कि शादी के पांच-छह महीने बाद पति नटी उर्फ राजीव, जेठानी बिन्ना, सास गुड्डी और ससुर बहादुर सिंह दो लाख रुपए की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करने और खाना नहीं देने का आरोप है। पीड़िता के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 को पति जेवर अपने पास रखकर उसे मायके छोड़ गया और दो लाख रुपए मिलने तक साथ रखने से इनकार कर दिया। मंगलवार 27 अक्टूबर को पीड़िता ने पिता के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- करेरा करेरा में धीरेंद्र शास्त्री का लगा दरबार बीमार पत्नी के इलाज के लिए की मदद देखिए खास रिपोर्ट खबर भारत 360 कमलेश तिवारी जिला रिपोर्टर करेरा शिवपुरी 📞94257819091
- दूसरों की निगरानी करने वाले खुद ही खतरे में , कौन करेगा अब उनकी सुरक्षा? डबरा ब्रेकिंग - दूसरों की निगरानी करने वाले खुद ही खतरे में, कौन करेगा अब उनकी सुरक्षा ? सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नहर रोड पर स्थित श्रीराम बाल विहार स्कूल के बाहर गेट पर लगे कैमरे को एक नकाब पोश चोर खींच ले गया यह पूरी घटना पास में लगे दूसरे कमरे में कैद हो गई । आखिरकार सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो दूसरों की सुरक्षा के लिए लगाए जाते हैं आज उन्हीं पर ढाका डाला गया है, अब सोचने वाली बातें यह है कि अब उनकी सुरक्षा कौन करेगा ?3
- ग्वालियर: डीन को थप्पड़ मारने के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की कलमबंद हड़ताल, सुरक्षा के लिए चौकी बनाने की मांग ग्वालियर अपडेट संवाददाता ग्वालियर। जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ को थप्पड़ मारने के मामले में जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। जूडा ने कलमबंद हड़ताल कर पुलिस प्रशासन से आरोपी पूर्व एडवोकेट मनोज शर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा चौकी बनाने की मांग की। धरने के बाद जूडा अध्यक्ष डॉ. धुआंराम गुर्जर के नेतृत्व में डॉक्टरों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोपहर तक जांच रिपोर्ट देने की मांग की। आंदोलन की जानकारी मिलते ही डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ भी एसपी कार्यालय पहुंचे और जूनियर डॉक्टरों को समझाकर ड्यूटी पर लौटने की अपील की। हड़ताल का असर मरीजों पर भी पड़ा, हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की।1