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पूर्वी चम्पारण : शराब और मारपीट मामले में पांच लोगों को किया गया गिरफ्तार

1 hr ago
user_अम्बिका प्र कुशवाहा
अम्बिका प्र कुशवाहा
पत्रकारिता कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
1 hr ago

पूर्वी चम्पारण : शराब और मारपीट मामले में पांच लोगों को किया गया गिरफ्तार

More news from बिहार and nearby areas
  • जन्मदिन को छोड़िए पहले बिहार की दुर्दशा के बारे में कुछ बोलिए bihar news
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    जन्मदिन को छोड़िए पहले बिहार की दुर्दशा के बारे में कुछ बोलिए
bihar news
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • नवगछिया में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रोशन आनंद भागलपुर/नवगछिया: नवगछिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मदरौनी में ज्ञान बिंदु संस्थान के निदेशक रोशन आनंद बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे और जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी जानीं। रोशन आनंद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित भागलपुर क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर साल राहत पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान, मजबूत तटबंध और कटाव नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जाना चाहिए। बिहार सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवगछिया में राघोपुर तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ की तैयारियों और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा भी की थी। KSR BIHAR NEWS नवगछिया में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रोशन आनंद भागलपुर/नवगछिया: नवगछिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मदरौनी में ज्ञान बिंदु संस्थान के निदेशक रोशन आनंद बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे और जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी जानीं। रोशन आनंद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित भागलपुर क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर साल राहत पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान, मजबूत तटबंध और कटाव नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जाना चाहिए। बिहार सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवगछिया में राघोपुर तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ की तैयारियों और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा भी की थी। KSR BIHAR NEWS
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    नवगछिया में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रोशन आनंद

भागलपुर/नवगछिया: नवगछिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मदरौनी में ज्ञान बिंदु संस्थान के निदेशक रोशन आनंद बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे और जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी जानीं।

रोशन आनंद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित भागलपुर क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि हर साल राहत पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान, मजबूत तटबंध और कटाव नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जाना चाहिए।

बिहार सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवगछिया में राघोपुर तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ की तैयारियों और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा भी की थी।

KSR BIHAR NEWS
नवगछिया में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रोशन आनंद
भागलपुर/नवगछिया: नवगछिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मदरौनी में ज्ञान बिंदु संस्थान के निदेशक रोशन आनंद बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे और जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी जानीं।
रोशन आनंद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित भागलपुर क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि हर साल राहत पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान, मजबूत तटबंध और कटाव नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जाना चाहिए।
बिहार सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवगछिया में राघोपुर तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ की तैयारियों और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा भी की थी।
KSR BIHAR NEWS
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदली किसान की तकदीर, एक बीघा जमीन से कमा रहे अच्छी आमदनी पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का जुनून हो तो खेती भी कमाई का बड़ा जरिया बन सकती है। पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में एक किसान ने ड्रैगन फ्रूट की खेती कर इसकी मिसाल पेश की है। बैकुंठवा पंचायत के जयनगर गांव के वार्ड नंबर 16 निवासी मंजय प्रसाद करीब एक बीघा जमीन में पिछले दो वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। बाजार में इस समय ड्रैगन फ्रूट करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे किसान को अच्छी आमदनी की उम्मीद है। यूपी और बंगाल से लाए पौधे, शुरू की नई खेती किसान मंजय प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बंगाल से बीज लाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। करीब 18 महीने में पौधे फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद सही देखभाल और बेहतर प्रबंधन से उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। कम जमीन में बेहतर आमदनी की उम्मीद मंजय प्रसाद के मुताबिक ड्रैगन फ्रूट की बाजार में अच्छी मांग है। यही वजह है कि कम जमीन में भी इसकी खेती किसानों के लिए आमदनी का बेहतर विकल्प बन सकती है। हालांकि फसल की देखभाल में मेहनत और समय दोनों लगते हैं, लेकिन पारंपरिक फसलों की तुलना में इससे बेहतर कमाई की उम्मीद रहती है। दूसरे किसान भी हो रहे प्रेरित ड्रैगन फ्रूट की खेती का यह प्रयोग अब इलाके के दूसरे किसानों का भी ध्यान खींच रहा है। किसानों में आधुनिक और बाजार आधारित फसलों की खेती को लेकर रुचि बढ़ रही है। पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजेश प्रसाद कुशवाहा और अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं। यानी एक बीघा जमीन में नई सोच के साथ शुरू की गई ड्रैगन फ्रूट की खेती अब मंजय प्रसाद के लिए आमदनी का नया रास्ता बन रही है और क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी आधुनिक खेती की ओर बढ़ने का संदेश दे रही है।
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    ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदली किसान की तकदीर, एक बीघा जमीन से कमा रहे अच्छी आमदनी
पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का जुनून हो तो खेती भी कमाई का बड़ा जरिया बन सकती है। पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में एक किसान ने ड्रैगन फ्रूट की खेती कर इसकी मिसाल पेश की है।
बैकुंठवा पंचायत के जयनगर गांव के वार्ड नंबर 16 निवासी मंजय प्रसाद करीब एक बीघा जमीन में पिछले दो वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। बाजार में इस समय ड्रैगन फ्रूट करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे किसान को अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
यूपी और बंगाल से लाए पौधे, शुरू की नई खेती
किसान मंजय प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बंगाल से बीज लाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। करीब 18 महीने में पौधे फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद सही देखभाल और बेहतर प्रबंधन से उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है।
कम जमीन में बेहतर आमदनी की उम्मीद
मंजय प्रसाद के मुताबिक ड्रैगन फ्रूट की बाजार में अच्छी मांग है। यही वजह है कि कम जमीन में भी इसकी खेती किसानों के लिए आमदनी का बेहतर विकल्प बन सकती है। हालांकि फसल की देखभाल में मेहनत और समय दोनों लगते हैं, लेकिन पारंपरिक फसलों की तुलना में इससे बेहतर कमाई की उम्मीद रहती है।
दूसरे किसान भी हो रहे प्रेरित
ड्रैगन फ्रूट की खेती का यह प्रयोग अब इलाके के दूसरे किसानों का भी ध्यान खींच रहा है। किसानों में आधुनिक और बाजार आधारित फसलों की खेती को लेकर रुचि बढ़ रही है।
पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजेश प्रसाद कुशवाहा और अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं।
यानी एक बीघा जमीन में नई सोच के साथ शुरू की गई ड्रैगन फ्रूट की खेती अब मंजय प्रसाद के लिए आमदनी का नया रास्ता बन रही है और क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी आधुनिक खेती की ओर बढ़ने का संदेश दे रही है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    32 min ago
  • डीएम प्रतिभा रानी की मौजूदगी में सहयोग शिविर, 47 मामलों का हुआ निष्पादन डीएम प्रतिभा रानी की मौजूदगी में सहयोग शिविर, 47 मामलों का हुआ निष्पादन
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    डीएम प्रतिभा रानी की मौजूदगी में सहयोग शिविर, 47 मामलों का हुआ निष्पादन
डीएम प्रतिभा रानी की मौजूदगी में सहयोग शिविर, 47 मामलों का हुआ निष्पादन
    user_Ajay Kumar
    Ajay Kumar
    Local News Reporter शिवहर, शिवहर, बिहार•
    10 hrs ago
  • गोपालगंज में आतंकी कनेक्शन होने का वीडियो वायरल हो रहा,, जो फुलवरिया के बताया जा रहा है,, इन लोगों ने लड़की को फसाने की बात और इस्लाम कुबूल की बात बोला,,
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    गोपालगंज में आतंकी कनेक्शन होने का वीडियो वायरल हो रहा,, जो फुलवरिया के बताया जा रहा है,,
इन लोगों ने लड़की को फसाने की बात और इस्लाम कुबूल की बात बोला,,
    user_गोपालगंज की जनता
    गोपालगंज की जनता
    Local News Reporter गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    14 hrs ago
  • नए पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ कुमार ने संभाला पदभार, ----- कर्मीयों सहित जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत। दिए कई निर्देश। नौतन/ प्रखंड के नए पंचायती राज पदाधिकारी के रूप में सौरभ कुमार ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही प्रखंड कार्यालय के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने फूल-माला व गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त बीपीआरओ सौरभ कुमार ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। इस दौरान सभी पंचायत सचिवों को पंचायत जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने की अपील की।उन्होंने पंचायत सरकार भवन को सक्रिय करने तथा नल-जल योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायतों में लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने की बात कही।इस मौके पर प्रखंड प्रमुख कृष्णदेव चौधरी, पंचायत सचिव, नगीना पासवान, रजनीकांत कुमार,मुखिया प्रतिनिधि राधेश्याम चौधरी, सुशील चौधरी, साधना कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।।
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    नए पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ कुमार ने संभाला पदभार, 
----- कर्मीयों सहित जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत। दिए कई निर्देश।
नौतन/ प्रखंड के नए पंचायती राज पदाधिकारी के रूप में सौरभ कुमार ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही प्रखंड कार्यालय के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने फूल-माला व गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त बीपीआरओ सौरभ कुमार ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। इस दौरान सभी पंचायत सचिवों को पंचायत जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने की अपील की।उन्होंने पंचायत सरकार भवन को सक्रिय करने तथा नल-जल योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायतों में लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने की बात कही।इस मौके पर प्रखंड प्रमुख कृष्णदेव चौधरी, पंचायत सचिव, नगीना पासवान, रजनीकांत कुमार,मुखिया प्रतिनिधि राधेश्याम चौधरी, सुशील चौधरी, साधना कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।।
    user_मुकेश कुमार
    मुकेश कुमार
    Press advisory नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    14 hrs ago
  • पूर्वी चम्पारण : कोटवा पुलिस ने 50 लीटर देशी चुलाई शराब के साथ दो गिरफ्तार
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    पूर्वी चम्पारण : कोटवा पुलिस ने 50 लीटर देशी चुलाई शराब के साथ दो गिरफ्तार
    user_अम्बिका प्र कुशवाहा
    अम्बिका प्र कुशवाहा
    पत्रकारिता कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    16 hrs ago
  • हिंदी हमारी पहचान और सांस्कृतिक विरासत : डॉ. कुमारी खुशबू जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), कुमारबाग में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, मौखिक परिचर्चा, भाषण और काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट की प्राचार्या डॉ. कुमारी खुशबू ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति गौरवबोध विकसित करने तथा शिक्षा और दैनिक जीवन में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। हिंदी ने समय के साथ खुद को लगातार विकसित किया : डॉ. मनोज कुमार गुप्ता वरीय व्याख्याता डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और विकास-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी ने समय और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी के व्यापक प्रयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सदियों की विकास यात्रा का परिणाम है हिंदी की समृद्धि हिंदी व्याख्याता श्री त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और भाषायी परंपरा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हिंदी को प्रगतिशील और निरंतर विकसित होती भाषा बताते हुए कहा कि इसकी वर्तमान समृद्धि सदियों की सतत विकास-यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हिंदी समय के साथ निरंतर पल्लवित और पुष्पित होती रही है। यह भाषा मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति का अत्यंत सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से हिंदी भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डायट समन्वयक डॉ. मनीष कुमार ने किया। वहीं व्याख्याता डॉ. महफूज अख्तर, श्री ओमप्रकाश, श्री कमलेन्द्र प्रसाद और श्री अमित कुमार ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखे। सभी व्याख्याताओं ने प्रशिक्षु शिक्षकों को हिंदी के प्रचार-प्रसार, संरक्षण, संवर्धन और शैक्षिक संदर्भों में प्रभावी प्रयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में हिंदी के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के प्रति संकल्प व्यक्त किया गया।
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    हिंदी हमारी पहचान और सांस्कृतिक विरासत : डॉ. कुमारी खुशबू
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), कुमारबाग में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, मौखिक परिचर्चा, भाषण और काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट की प्राचार्या डॉ. कुमारी खुशबू ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
उन्होंने नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति गौरवबोध विकसित करने तथा शिक्षा और दैनिक जीवन में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
हिंदी ने समय के साथ खुद को लगातार विकसित किया : डॉ. मनोज कुमार गुप्ता
वरीय व्याख्याता डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और विकास-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी ने समय और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी के व्यापक प्रयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
सदियों की विकास यात्रा का परिणाम है हिंदी की समृद्धि
हिंदी व्याख्याता श्री त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और भाषायी परंपरा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हिंदी को प्रगतिशील और निरंतर विकसित होती भाषा बताते हुए कहा कि इसकी वर्तमान समृद्धि सदियों की सतत विकास-यात्रा का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि हिंदी समय के साथ निरंतर पल्लवित और पुष्पित होती रही है। यह भाषा मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति का अत्यंत सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से हिंदी भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन डायट समन्वयक डॉ. मनीष कुमार ने किया। वहीं व्याख्याता डॉ. महफूज अख्तर, श्री ओमप्रकाश, श्री कमलेन्द्र प्रसाद और श्री अमित कुमार ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखे।
सभी व्याख्याताओं ने प्रशिक्षु शिक्षकों को हिंदी के प्रचार-प्रसार, संरक्षण, संवर्धन और शैक्षिक संदर्भों में प्रभावी प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में हिंदी के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के प्रति संकल्प व्यक्त किया गया।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान की बदली तकदीर ----एक बीघा में खेती कर मंजय प्रसाद कमा रहे अच्छी आमदनी, 200 से 250 रुपये किलो बिक रहा फल नौतन। प्रखंड के बैकुंठवा पंचायत के जयनगर गांव के वार्ड नंबर 16 निवासी किसान मंजय प्रसाद ने पारंपरिक खेती से हटकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू कर अपनी अलग पहचान बनाई है। करीब एक बीघा जमीन में पिछले दो वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे किसान को इससे अच्छी आमदनी हो रही है। वर्तमान में बाजार में ड्रैगन फ्रूट करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।किसान मंजय प्रसाद ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बंगाल से बीज लाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी। करीब 18 माह में पौधे फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद नियमित देखभाल और उचित प्रबंधन से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे कम जमीन में भी इसकी खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।उन्होंने बताया कि फसल की देखभाल में समय और मेहनत जरूर लगती है, लेकिन पारंपरिक फसलों की तुलना में इससे बेहतर आमदनी की उम्मीद रहती है।क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती को लेकर अन्य किसानों में भी रुचि बढ़ रही है।पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजेश प्रसाद कुशवाहा और अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों की खेती के लिए भी आगे आना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
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    ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान की बदली तकदीर
----एक बीघा में खेती कर मंजय प्रसाद कमा रहे अच्छी आमदनी, 200 से 250 रुपये किलो बिक रहा फल
नौतन। प्रखंड के बैकुंठवा पंचायत के जयनगर गांव के वार्ड नंबर 16 निवासी किसान मंजय प्रसाद ने पारंपरिक खेती से हटकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू कर अपनी अलग पहचान बनाई है। करीब एक बीघा जमीन में पिछले दो वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे किसान को इससे अच्छी आमदनी हो रही है। वर्तमान में बाजार में ड्रैगन फ्रूट करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।किसान मंजय प्रसाद ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बंगाल से बीज लाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी। करीब 18 माह में पौधे फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद नियमित देखभाल और उचित प्रबंधन से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे कम जमीन में भी इसकी खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।उन्होंने बताया कि फसल की देखभाल में समय और मेहनत जरूर लगती है, लेकिन पारंपरिक फसलों की तुलना में इससे बेहतर आमदनी की उम्मीद रहती है।क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती को लेकर अन्य किसानों में भी रुचि बढ़ रही है।पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजेश प्रसाद कुशवाहा और अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों की खेती के लिए भी आगे आना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
    user_मुकेश कुमार
    मुकेश कुमार
    Press advisory नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    14 hrs ago
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