जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र में लाखों की चोरी के एक मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक पीड़ित परिवार के घर का ताला तोड़कर लाखों के जेवर और नकदी चोरी कर ली गई, लेकिन 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी रामपुरा पुलिस चोरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। चोरी के बाद से न्याय की आस में भटक रहा यह परिवार लगातार पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि थाने से उन्हें केवल "तारीख मिलती है, न्याय नहीं।" पुलिस की कार्रवाई शून्य रहने के बाद शनिवार को पूरा परिवार सीओ माधौगढ़ के कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। शिकायत दर्ज कराने और 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे पीड़ितों का पुलिस से भरोसा टूटता जा रहा है। पुलिस की इस कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस उन्हें कभी सुबह तो कभी शाम को थाने आने के लिए कहती है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। यह भी सामने आया है कि रामपुरा थाना क्षेत्र में पहले भी कई चोरियां हुई हैं, जिनमें से ज्यादातर का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है, और थानेदार बदलने के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। इस स्थिति ने जालौन में कानून के डर के खत्म होने और चोरों के बेखौफ होने पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जबकि पीड़ित परिवार लाखों की चोरी के बाद भी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र में लाखों की चोरी के एक मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक पीड़ित परिवार के घर का ताला तोड़कर लाखों के जेवर और नकदी चोरी कर ली गई, लेकिन 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी रामपुरा पुलिस चोरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। चोरी के बाद से न्याय की आस में भटक रहा यह परिवार लगातार पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि थाने से उन्हें केवल "तारीख मिलती है, न्याय नहीं।" पुलिस की कार्रवाई शून्य रहने के बाद शनिवार को पूरा परिवार सीओ माधौगढ़ के कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। शिकायत दर्ज कराने और 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे पीड़ितों का पुलिस से भरोसा टूटता जा रहा है। पुलिस की इस कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस उन्हें कभी सुबह तो कभी शाम को थाने आने के लिए कहती है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। यह भी सामने आया है कि रामपुरा थाना क्षेत्र में पहले भी कई चोरियां हुई हैं, जिनमें से ज्यादातर का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है, और थानेदार बदलने के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। इस स्थिति ने जालौन में कानून के डर के खत्म होने और चोरों के बेखौफ होने पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जबकि पीड़ित परिवार लाखों की चोरी के बाद भी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
- जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र में लाखों की चोरी के एक मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक पीड़ित परिवार के घर का ताला तोड़कर लाखों के जेवर और नकदी चोरी कर ली गई, लेकिन 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी रामपुरा पुलिस चोरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। चोरी के बाद से न्याय की आस में भटक रहा यह परिवार लगातार पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि थाने से उन्हें केवल "तारीख मिलती है, न्याय नहीं।" पुलिस की कार्रवाई शून्य रहने के बाद शनिवार को पूरा परिवार सीओ माधौगढ़ के कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। शिकायत दर्ज कराने और 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे पीड़ितों का पुलिस से भरोसा टूटता जा रहा है। पुलिस की इस कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस उन्हें कभी सुबह तो कभी शाम को थाने आने के लिए कहती है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। यह भी सामने आया है कि रामपुरा थाना क्षेत्र में पहले भी कई चोरियां हुई हैं, जिनमें से ज्यादातर का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है, और थानेदार बदलने के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। इस स्थिति ने जालौन में कानून के डर के खत्म होने और चोरों के बेखौफ होने पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जबकि पीड़ित परिवार लाखों की चोरी के बाद भी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।1
- आज रास्ते में एक व्यक्ति तेज़ गति से पैदल चले आ रहे थे, जिन्हें देखकर लेखक ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया। उनसे बातचीत करने पर एक महत्वपूर्ण जीवन-दर्शन का पता चला। उस व्यक्ति का मानना है कि जीवन में ज़्यादा सोचना नहीं चाहिए, क्योंकि अच्छा या बुरा कुछ भी कभी भी घटित हो सकता है। उनकी सोच में न तो आने वाले कल की चिंता है और न ही बीते हुए आज की परवाह। इस मुलाकात ने दर्शाया कि दुनिया में ऐसे लोग भी मौजूद हैं, जो जीवन को इतनी सरलता से जीते हैं।1
- जालौन जिले के उरई में न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही द्वारा एक नई व्यवस्था शुरू की जा रही है, जिसके तहत आज से एसडीएम कोर्ट की कार्यवाही को लाइव देखा जा सकेगा। यह व्यवस्था जालौन जिले में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। कोर्ट की कार्रवाई को लाइव देखने के लिए दर्शकों को यूट्यूब पर 'sdm judicial orai' सर्च करके चैनल को सब्सक्राइब करना होगा, जिसके बाद वे लाइव कार्यवाही देख पाएंगे।1
- एसडीएम राकेश कुमार सोनी और बीडीओ प्रशांत दुबे ने एक गौशाला का औचक निरीक्षण किया।1
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम घुसिया निवासी गरीब किसान देशराज पुत्र करसोले ने मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत पटेल को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी खड़ी खीरे की फसल को गौशाला की गायों द्वारा नष्ट किए जाने की शिकायत की है। किसान देशराज ने बताया कि उनके हिस्से में केवल 0.081 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर खीरे की फसल तैयार की थी। देशराज का आरोप है कि उनके खेत के पास स्थित गौशाला में लगभग 80 गायें हैं। गौशाला के कर्मचारी इन गायों को दिन और रात में खुला छोड़ देते हैं, जिसके कारण गायें जाली के रास्ते उनके खेत में घुस गईं और पूरी खड़ी खीरे की फसल चर गईं। इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई है। पीड़ित किसान ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रधान प्रतिनिधि से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने मामले में कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। किसान का कहना है कि उनका परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर है, और फसल नष्ट होने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। किसान देशराज ने एसडीएम से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस पर एसडीएम हेमंत पटेल ने किसान को त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कोंच को मामले की जांच कर शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। अब किसान को प्रशासन की ओर से कार्रवाई और राहत मिलने की उम्मीद है।1
- जनपद जालौन नगर के व्यस्त बस स्टैंड स्थित सिटी कॉम्प्लेक्स के सामने सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि वह मारपीट में बदल गया। इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मारपीट के दौरान कुछ लोग अपनी मोटरसाइकिलें घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही जालौन कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता किए जाने का भी आरोप सामने आया, बताया जा रहा है कि हंगामा कर रहे कुछ लोगों ने पुलिस के साथ भी दुर्व्यवहार किया। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल पर छोड़ी गई बाइकों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है, साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी या मुकदमा दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।3