*कुरई जनपद में प्रशासनिक भूचाल: सचिवों और रोजगार सहायकों का कलमबंद आंदोलन, प्रभारी सीईओ पर अभद्र भाषा के गंभीर आरोप* सरवन वर्मा कुरई - कुरई जनपद पंचायत में आज उस समय हालात बेकाबू हो गए जब सचिव संघ और रोजगार सहायकों ने प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर एवं एपीओ संजय डेहरिया पर अभद्र भाषा के उपयोग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि अब अपमान और दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवों और रोजगार सहायकों का आरोप है कि प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर तथा एपीओ संजय डेहरिया द्वारा लगातार अपशब्दों का प्रयोग, अनावश्यक टारगेट थोपना और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना संसाधन और जमीनी हकीकत को समझे केवल दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है। “सम्मान से काम चाहिए, तानाशाही नहीं” आक्रोशित कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर और एपीओ संजय डेहरिया को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक समस्त सचिव एवं रोजगार सहायक कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, गरिमा और कार्यस्थल की मर्यादा के लिए है। जनहित कार्यों पर पड़ सकता है असर कलम बंद हड़ताल के चलते जनपद क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाएं, पंचायत कार्य, रोजगार गारंटी से जुड़े काम और विकास गतिविधियां ठप होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन की चुप्पी, बढ़ता आक्रोश मामले में अब तक न तो प्रभारी सीईओ और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशासन की चुप्पी से कर्मचारियों का गुस्सा और भड़कता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है… क्या कर्मचारियों के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? क्या प्रशासन कर्मचारियों की गरिमा बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा? फिलहाल कुरई जनपद पंचायत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजरें अब जिला प्रशासन और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
*कुरई जनपद में प्रशासनिक भूचाल: सचिवों और रोजगार सहायकों का कलमबंद आंदोलन, प्रभारी सीईओ पर अभद्र भाषा के गंभीर आरोप* सरवन वर्मा कुरई - कुरई जनपद पंचायत में आज उस समय हालात बेकाबू हो गए जब सचिव संघ और रोजगार सहायकों ने प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर एवं एपीओ संजय डेहरिया पर अभद्र भाषा के उपयोग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि अब अपमान और दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवों और रोजगार सहायकों का आरोप है कि प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर तथा एपीओ संजय डेहरिया द्वारा लगातार अपशब्दों का प्रयोग, अनावश्यक टारगेट थोपना और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित
किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना संसाधन और जमीनी हकीकत को समझे केवल दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है। “सम्मान से काम चाहिए, तानाशाही नहीं” आक्रोशित कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर और एपीओ संजय डेहरिया को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक समस्त सचिव एवं रोजगार सहायक कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, गरिमा और कार्यस्थल की मर्यादा के लिए है। जनहित कार्यों पर पड़ सकता है असर कलम बंद हड़ताल के चलते जनपद क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाएं, पंचायत कार्य, रोजगार गारंटी से जुड़े काम
और विकास गतिविधियां ठप होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन की चुप्पी, बढ़ता आक्रोश मामले में अब तक न तो प्रभारी सीईओ और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशासन की चुप्पी से कर्मचारियों का गुस्सा और भड़कता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है… क्या कर्मचारियों के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? क्या प्रशासन कर्मचारियों की गरिमा बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा? फिलहाल कुरई जनपद पंचायत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजरें अब जिला प्रशासन और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
- *कुरई जनपद में प्रशासनिक भूचाल: सचिवों और रोजगार सहायकों का कलमबंद आंदोलन, प्रभारी सीईओ पर अभद्र भाषा के गंभीर आरोप* कुरई - कुरई जनपद पंचायत में आज उस समय हालात बेकाबू हो गए जब सचिव संघ और रोजगार सहायकों ने प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर एवं एपीओ संजय डेहरिया पर अभद्र भाषा के उपयोग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि अब अपमान और दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवों और रोजगार सहायकों का आरोप है कि प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर तथा एपीओ संजय डेहरिया द्वारा लगातार अपशब्दों का प्रयोग, अनावश्यक टारगेट थोपना और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना संसाधन और जमीनी हकीकत को समझे केवल दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है। “सम्मान से काम चाहिए, तानाशाही नहीं” आक्रोशित कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर और एपीओ संजय डेहरिया को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक समस्त सचिव एवं रोजगार सहायक कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, गरिमा और कार्यस्थल की मर्यादा के लिए है। जनहित कार्यों पर पड़ सकता है असर कलम बंद हड़ताल के चलते जनपद क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाएं, पंचायत कार्य, रोजगार गारंटी से जुड़े काम और विकास गतिविधियां ठप होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन की चुप्पी, बढ़ता आक्रोश मामले में अब तक न तो प्रभारी सीईओ और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशासन की चुप्पी से कर्मचारियों का गुस्सा और भड़कता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है… क्या कर्मचारियों के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? क्या प्रशासन कर्मचारियों की गरिमा बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा? फिलहाल कुरई जनपद पंचायत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजरें अब जिला प्रशासन और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।2
- *कुरई जनपद में प्रशासनिक भूचाल: सचिवों और रोजगार सहायकों का कलमबंद आंदोलन, प्रभारी सीईओ पर अभद्र भाषा के गंभीर आरोप* सरवन वर्मा कुरई - कुरई जनपद पंचायत में आज उस समय हालात बेकाबू हो गए जब सचिव संघ और रोजगार सहायकों ने प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर एवं एपीओ संजय डेहरिया पर अभद्र भाषा के उपयोग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि अब अपमान और दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवों और रोजगार सहायकों का आरोप है कि प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर तथा एपीओ संजय डेहरिया द्वारा लगातार अपशब्दों का प्रयोग, अनावश्यक टारगेट थोपना और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना संसाधन और जमीनी हकीकत को समझे केवल दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है। “सम्मान से काम चाहिए, तानाशाही नहीं” आक्रोशित कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर और एपीओ संजय डेहरिया को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक समस्त सचिव एवं रोजगार सहायक कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, गरिमा और कार्यस्थल की मर्यादा के लिए है। जनहित कार्यों पर पड़ सकता है असर कलम बंद हड़ताल के चलते जनपद क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाएं, पंचायत कार्य, रोजगार गारंटी से जुड़े काम और विकास गतिविधियां ठप होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन की चुप्पी, बढ़ता आक्रोश मामले में अब तक न तो प्रभारी सीईओ और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशासन की चुप्पी से कर्मचारियों का गुस्सा और भड़कता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है… क्या कर्मचारियों के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? क्या प्रशासन कर्मचारियों की गरिमा बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा? फिलहाल कुरई जनपद पंचायत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजरें अब जिला प्रशासन और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।3
- *एरिकेशन विभाग की भारी लापरवाही: जर्जर पुलिया बनी हादसों की वजह* लोकेशन -- भोमा/ सिवनी संवाददाता - मोहित यादव जिला ब्यूरो चीफ़ सिवनी *9584667143* *40 गांवों को जोड़ने वाली पुलिया उपेक्षा का शिकार, हर दिन बढ़ रहा खतर* सिवनी/भोमा। एरिकेशन विभाग की गंभीर लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के हजारों नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। भोमा–विमला नगर मार्ग पर स्थित पुलिया वर्तमान में अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है,जिससे आए दिन हादसों की आशंका बनी हुई है। यह पुलिया लगभग 40 गांवों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो मरम्मत कराई गई और न ही नए पुलिया निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों को रोजाना इसी मार्ग से आना-जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान हर समय खतरे में रहती है। कई बार बच्चों के साथ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।हाल ही में इसी पुलिया के पास एक आर्टिका कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यह घटना पुलिया की बदहाली और एरिकेशन विभाग की लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों द्वारा कई बार एरिकेशन विभाग एवं प्रशासन को लिखित आवेदन और शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। क्षेत्रवासियों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र पुलिया निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, अन्यथा वे मजबूरन जन आंदोलन छेड़ने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।1
- कलेक्ट्रेट कार्यालय बालाघाट में अचानक इमरजेंसी के हालात, फायर और रेस्क्यू टीम एक्शन मोड में तैनात, जानिए क्या था पूरा मामला।1
- छिंदवाड़ा में जनजातीय महोत्सव मनाया गया जिसमें बागेश्वर धाम के गीतकार अमित धुर्वे ने अपनी प्रस्तुति दी1
- जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने की स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास संबंधी योजनाओं की समीक्षा हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव के लिए उचित प्रबंधन करने के निर्देश कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में 22 जनवरी को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला आयुष अधिकारी डॉ. मिलिंद चौधरी, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री प्रशांत ठाकुर, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम, सभी बीपीएम एवं सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशित किया कि माता के गर्भवती होते ही उसका अनमोल पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी गर्भवती माता का पंजीयन अनमोल पोर्टल पर शेष नही रहना चाहिए। पंजीयन के पश्चात गर्भवती माता का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। जो गर्भवती माताऍ जांच के दौरान एनीमिया से ग्रसित पायी जाए ऐसी माताओं को हाईरिस्क वाली माताओं के रूप में चिन्हित कर उनके सुरक्षित प्रसव के लिए उचित प्रबंधन किये जाए। कलेक्टर श्री मीना ने सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच का डेटा पोर्टल पर समय सीमा में दर्ज किया जाए। जिससे पता चल सके कि गर्भवती माता की किस दिनांक को जांच की गई है और उसका बीपी, हिमोग्लोबिन, वजन कितना है। इस कार्य में लापरवाही पाये जाने पर संबंधित एएनएम की जिम्मेदारी तय कर उसके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाए और गलत एंट्री पाये जाने पर सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाए। उन्होंने सभी बीएमओ से कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी रहेगी कि गर्भवती माताओं के पंजीयन एवं जांच की एंट्री अनिवार्य रूप से पोर्टल पर हो और वे नियमित रूप से इसकी मानीटरिंग करें। सभी अधिकारी यह भी ध्यान रखे कि गर्भवती माता को प्रसव के लिए प्रायवेट अस्पताल न जाना पडे। बैठक में निर्देशित किया गया कि गर्भवती माता के प्रसव का पूरा रिकार्ड ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। जिसमें प्रसव कहा पर हुआ, बच्चे का वजन कितना है आदि जानकारी होना चाहिए। हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं की काउंसलिंग करें और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें। विकासखंड स्तर पर जिन केंद्रो में प्रसव की सुविधा उपलब्ध है वहां पर सुरक्षित प्रसव कराया जाए और अनावश्यक केस रेफर न किये जाए। बैठक में बताया गया कि एएनएम रीना रंगारे द्वारा अपने कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है इस पर उसका वेतन रोकने के निर्देश दिये गए। बैठक में निर्देशित किया गया कि जिले में कहीं पर भी प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम पीसीपीएनडीटी के अंतर्गत पंजीयन कराये बगैर सीटी स्कैन मशीन का संचालन नही होना चाहिए। सभी बीएमओ को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रो का परख एप्प के माध्यम से निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिले में मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए माता के गर्भवती होने के साथ ही उसके पोषण एवं स्वास्थ्य पर निगरानी रखना है। प्रसव के उपरांत शिशु के पोषण स्तर पर भी नजर रखना है, जिससे शिशु कुपोषित न हो। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सेम एवं मेम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें कुपोषण से मुक्त कराने के लिए कारगर प्रयास करने के निर्देश दिये। आंगनवाडी केंद्रो के माध्यम से वितरित किये जाने वाले टीएचआर का सत्यापन करने के निर्देश दिये गए। जिले के सभी आंगनवाडी केंद्रो में 03 से 06 वर्ष तक के आयु के बच्चों को प्री स्कूल शिक्षा अनिवार्य रूप से दिलाने के निर्देश दिये गए और कहा गया कि सभी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजर आंगनवाडी केंद्रो का प्रोटोकॉल के अनुसार निरीक्षण करें और उसकी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से एंट्री करें। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिले में सक्षम आंगनवाडी के रूप में चिन्हित आंगनवाडी केंद्रो को प्रदाय किये गए एलईडी स्मार्ट टीवी एवं शुद्ध पेयजल के आरओ कार्य करते हुए मिलने चाहिए। जिन आंगनवाडी केंद्रो में आरओ के लिए ओव्हरहेड टैंक नही है वहां पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी व्यवस्था करने कहा जाएगा। आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि सभी आयुष आरोग्य मंदिर में आयुष चिकित्सकों व स्टॉफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक एवं स्टॉफ पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिन स्थानों पर आयुष विभाग के अस्पताल है वहां के मरीजों को जिला चिकित्सालय एवं खण्ड चिकित्सालय आने की आवश्यकता नही पडना चाहिए।1
- कोतवाली थाना परिसर में कोतवाली पुलिस ने चलाया यातायात जागरूकता अभियान स्कूल के बच्चों को कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने किया जागरूक कोतवाली थाना परिसर में गुरुवार को दोपहर 3:00 बजे कोतवाली पुलिस द्वारा यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत स्कूल के बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने बच्चों को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, सिग्नल पालन तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार के बारे में विस्तार से समझाया। थाना प्रभारी ने बच्चों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवारजनों को भी इसके प्रति जागरूक करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कोतवाली थाना का पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।1
- *थाना डूंडा सिवनी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में गौ-तस्करी का बड़ा खुलासा।* *जंगल क्षेत्र से जुड़े मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार, कार, मोबाइल व हथियार जप्त।* *गिरफ्तारी के बाद आरोपियों का नगर में जुलूस निकालकर न्यायालय में किया गया पेश।* *गौवंश के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए सिवनी जिले में नहीं है कोई जगह।* *पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया— ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।* *जिला ब्यूरो चीफ़ मोहित यादव सिवनी की खाश रिर्पोट9584667143*1