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सरकार की PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लाखों लोगों ने अपने घरों पर सोलर पैनल स्थापित किए थे। इस योजना का दावा था कि घरों में खपत के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाएगी और इसका भुगतान सीधे उपभोक्ताओं को मिलेगा। हालाँकि, अब कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी अतिरिक्त बिजली ग्रिड में तो चली गई है, लेकिन इसके बदले मिलने वाला पैसा उनके खातों में नहीं पहुँचा है। यह एक गंभीर प्रश्न बन गया है कि आखिर उपभोक्ताओं की यह राशि किसके पास रुकी हुई है। संदेह है कि इसके पीछे बिजली कंपनी, सिस्टम की कोई तकनीकी गड़बड़ी, या कोई अन्य अज्ञात कारण हो सकता है।
POLICE DOST NEWS
सरकार की PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लाखों लोगों ने अपने घरों पर सोलर पैनल स्थापित किए थे। इस योजना का दावा था कि घरों में खपत के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाएगी और इसका भुगतान सीधे उपभोक्ताओं को मिलेगा। हालाँकि, अब कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी अतिरिक्त बिजली ग्रिड में तो चली गई है, लेकिन इसके बदले मिलने वाला पैसा उनके खातों में नहीं पहुँचा है। यह एक गंभीर प्रश्न बन गया है कि आखिर उपभोक्ताओं की यह राशि किसके पास रुकी हुई है। संदेह है कि इसके पीछे बिजली कंपनी, सिस्टम की कोई तकनीकी गड़बड़ी, या कोई अन्य अज्ञात कारण हो सकता है।
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- सरकार की PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लाखों लोगों ने अपने घरों पर सोलर पैनल स्थापित किए थे। इस योजना का दावा था कि घरों में खपत के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाएगी और इसका भुगतान सीधे उपभोक्ताओं को मिलेगा। हालाँकि, अब कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी अतिरिक्त बिजली ग्रिड में तो चली गई है, लेकिन इसके बदले मिलने वाला पैसा उनके खातों में नहीं पहुँचा है। यह एक गंभीर प्रश्न बन गया है कि आखिर उपभोक्ताओं की यह राशि किसके पास रुकी हुई है। संदेह है कि इसके पीछे बिजली कंपनी, सिस्टम की कोई तकनीकी गड़बड़ी, या कोई अन्य अज्ञात कारण हो सकता है।1
- दुर्ग जिले की धमधा पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 किलो 100 ग्राम गांजा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से गांजा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनीराम ठाकुर (पिता दिरगी राम ठाकुर, उम्र 55 साल, निवासी ग्राम शिवनी/बोडी, चौकी निटिया, थाना चौरी, जिला दुर्ग) और डाल सिंह यादव (पिता कुवंन यादव, उम्र 23 साल, निवासी ग्राम भाटाकोडी, थाना धमधा, जिला दुर्ग) के रूप में हुई है। जब्त किए गए सामानों में 3.100 किलो गांजा जिसकी कीमत 1,50,000/- रुपये, एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल CG07 DD 0132 जिसकी कीमत 60,000/- रुपये, और 02 नग मोबाइल जिनकी कीमत 30,000/- रुपये है, शामिल हैं। पुलिस को 28.06.26 की रात करीब 1:40 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि देवकर रोड से धमधा की ओर एक स्प्लेंडर बाइक CG07 DD 0132 से गांजा की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर धमधा पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर ग्राम खोटा पेट्रोल पंप के पास धमधा-देवकर रोड पर वाहन चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान, बाइक सवार दो संदिग्धों को रोका गया और उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से 3.100 किलो गांजा बरामद हुआ। थाना प्रभारी धमधा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, और रिपोर्ट 28.06.26 को 02:40 बजे दर्ज की गई। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर गांजा के स्रोत और नेटवर्क का पता लगा रही है। यह कार्रवाई दुर्ग एसपी के निर्देश पर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियान का हिस्सा है, जिससे तस्करों में हड़कंप मच गया है।1
- खैरागढ़ में शराब पीने के लिए पैसे नहीं मिलने पर एक आदतन आरोपी अमन उर्फ फनीस रजक (19 वर्ष) ने खुलेआम गुंडागर्दी करते हुए एक युवक और उसके साथी पर डंडे से हमला कर दिया। यह घटना 27 जून को धरमपुरा स्थित शराब भट्टी के पास हुई थी, जब ग्राम खैरबना निवासी कौशल पटेल अपने साथियों के साथ वहां गए थे। बरेठपारा निवासी आरोपी अमन ने उनसे शराब के लिए पैसे मांगे और पैसे देने से इनकार करने पर अश्लील गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी, और हाथ में रखे डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर खैरागढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, गवाहों के बयान लिए और तकनीकी जांच की, जिसके बाद आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हमले में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया गया। पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में आदतन अपराधियों, असामाजिक तत्वों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- खैरागढ़ के छुईखदान में 28 जून रविवार को सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, छिंदारी बांध रोड पर एक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति, निःशुल्क विधिक सहायता और साइबर सुरक्षा के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करना था। इस अवसर पर, पीएलवी सनील कुमार ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों, निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधानों, नालसा की विभिन्न योजनाओं और आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं, प्रधान आरक्षक अख्तर बेग मिर्जा ने साइबर ठगी से बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के महत्व के बारे में भी बताया।1
- डॉ. रमन सिंह ने यह संदेश दिया है कि बेटियां हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। इस बात पर ज़ोर देने के लिए उन्होंने एसपी अंकिता शर्मा और जिला पंचायत सीईओ का उदाहरण प्रस्तुत किया।2
- छत्तीसगढ़ के मगराहाट में दिन दहाड़े एक व्यवसायी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि घटना के वक्त वहां इतनी भीड़ मौजूद थी कि लोग तमाशा देखते रहे, लेकिन उनमें से कोई भी व्यवसायी को बचाने के लिए सामने नहीं आया। हमलावरों ने व्यवसायी को पहले सड़क पर बेरहमी से घसीटा, खूब मारा, और फिर उसे मौत के घाट उतार दिया। यह पूरी घटना भीड़ के बीच हुई, और किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।1
- अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों के बीच सिस्टम को शर्मसार करती है। क्षेत्र के एक सुदूर गाँव में सड़क, पुल और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक गर्भवती महिला की जान आफत में पड़ गई। महिला की हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकी, जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन उसे खटिया पर लिटाकर जान जोखिम में डालते हुए एक नदी पार करानी पड़ी। इसके बाद, महिला को पथरीले रास्तों से मोटरसाइकिल पर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया गया। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की दयनीय स्थिति की पोल खोलकर रख दी है।1