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कुनौली बाजार की सड़क या नरक? हल्की बारिश में खुली विकास की पोल! 🚨 कुनौली बाजार की मुख्य सड़क आज एक तालाब की शक्ल ले चुकी है। रात में हुई हल्की बारिश के बाद जलजमाव ने प्रशासन के काम करने के तरीके पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं
Supaul Media ( Dev Raj )
कुनौली बाजार की सड़क या नरक? हल्की बारिश में खुली विकास की पोल! 🚨 कुनौली बाजार की मुख्य सड़क आज एक तालाब की शक्ल ले चुकी है। रात में हुई हल्की बारिश के बाद जलजमाव ने प्रशासन के काम करने के तरीके पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं
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- Post by PP News Koshi1
- नौहट्टा प्रखंड के ग्राम गढीया स्थित प्राथमिक विद्यालय में मेधावी छात्र सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक के उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता और अनुशासन से विद्यालय का नाम रोशन किया है। प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन समारोह के दौरान मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार पाकर नन्हे बच्चों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और बच्चों में प्रतिस्पर्धा की सकारात्मक भावना विकसित करना था। प्रधानाध्यापक की विशेष अपील विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से सीधा संवाद करते हुए भावुक अपील की: "बच्चे देश का भविष्य हैं। यदि हम इन्हें आज सही शिक्षा और संस्कार देंगे, तो ही ये कल एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकेंगे। मेरी सभी अभिभावकों से विनती है कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें।"1
- मधेपुर भरगामा: वार्ड-6 में बिना छत के स्कूल, शिक्षिका सेहत जोखिम में डाल पढ़ा रहीं, बच्चे खुले में पढ़ने को मजबूर*1
- shamshad Ansari4
- Post by Mankhush kumar1
- मोबाइल फोन आज सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि लोगों की यादों, कामकाज और जरूरी जानकारियों का अहम हिस्सा बन चुका है… ऐसे में जब मोबाइल खो जाए तो परेशानी बढ़ जाती है… लेकिन बिहार के मधेपुरा में पुलिस ने लोगों की यही परेशानी खुशी में बदल दी… ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत मधेपुरा पुलिस ने 25 लोगों के खोए मोबाइल बरामद कर उन्हें वापस सौंप दिए… दरअसल मधेपुरा पुलिस द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने 25 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है… पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज मोहन ने लाभार्थियों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन सौंपे… बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है… मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों की खुशी देखते ही बन रही थी… कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन कभी वापस मिलेगा… बाइट: गौरव, मोबाइल धारक तकनीकी सहायता और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए पुलिस ने इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया…और फिर उनके असली मालिकों तक पहुंचाया… बाइट: राकेश कुमार यादव, मोबाइल धारक बाइट: सुनील भगत, मोबाइल धारक हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज मोहन ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा… ताकि गुम हुए मोबाइल उनके असली मालिकों तक पहुंचाए जा सकें बाइट: मनोज मोहन, हेडक्वार्टर डीएसपी, मधेपुरा मधेपुरा पुलिस की इस पहल ने न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ाया है… बल्कि यह भी दिखाया है कि तकनीक और प्रतिबद्धता के दम पर पुलिस जनता की उम्मीदों पर खरी उतर सकती है4
- खबर है सहरसा जिले के बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के जहां पदमपुरा गांव से बराही गांव जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग में शाम होते ही नशा कारोबारियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। इसको लेकर दर्जनों लोगों ने बताया की अन्य जिले से कई युवक अपने बाइक से शाम ढलते ही इस सड़क मार्ग में आते हैं जहां पहले से ही नशा के शौकीन उनके इंतजार में रहते हैं इस दौरान वे अपने साथ प्रतिबंधित कोरेक्स के अलावा स्मैक भी लेकर आता है इससे पहले उनके द्वारा नियुक्त एजेंट दिन भर ग्राहक के तलाश में घूमते रहते हैं जिसका अंदाजा लगाया जाना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार उसे गिरफ्त में लेने का प्रयास भी किया गया है मगर स्थानीय कुछ युवा के मदद से जो नशा के शिकार हो चुके हैं उनके मदद से वो फरार हो जाता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने शाम होने के बाद इस सड़क मार्ग में पुलिस गस्ती तेज करने की मांग उठाया है जिससे नशा कारोबारी पुलिस की गिरफ्त में आ सके।1
- सहरसा के अगवानपुर स्थित एग्रीकल्चर कॉलेज में एक छात्र की मौत के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, कॉलेज के छात्र रोहित कुमार कुछ दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि कॉलेज परिसर में एम्बुलेंस या कोई चारपहिया वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इलाज में हुई देरी के चलते आखिरकार छात्र की मौत हो गई, जिसके बाद कॉलेज परिसर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि कॉलेज के प्रिंसिपल को तत्काल हटाया जाए, कैंपस में एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाए और एक प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किया जाए, जहां डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित हो। इसके साथ ही छात्रों ने मृतक छात्र के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सबौर से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम सहरसा पहुंची है। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है।1