logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मटलौंग के रोहित यादव बने मनिका प्रखंड टॉपर, 91.8% अंक से रचा इतिहास मनिका | लातेहार

16 hrs ago
user_Kanchan Yadav
Kanchan Yadav
मनिका, लातेहार, झारखंड•
16 hrs ago
9cfe1ec8-19fd-49bf-b913-40571f5e93f5

मटलौंग के रोहित यादव बने मनिका प्रखंड टॉपर, 91.8% अंक से रचा इतिहास मनिका | लातेहार

More news from झारखंड and nearby areas
  • मनिका, लातेहार:-मनिका प्रखंड क्षेत्र के रांकीकला पंचायत के कुई गांव में धूमकुड़िया भवन बना गौशाला और पुआल भंडार जबकि कल्याण विभाग से धूमकुड़िया भवन का निर्माण आदिवासी समाज के सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यों जैसे सरहुल और कर्मा पर्व के लिए समर्पित कर आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के ख्याल करते हुए निर्माण कराया गया था| धूमकुड़िया भवन आदिवासी समाज के लोगों के लिए मिलन स्थल के रूप में उपयोग करना था| जिससे आदिवासी समाज एक दूसरे से जुड़ सके| पारंपरिक धूम कुड़िया प्रथम के अनुरूप युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा, सामाजिक संस्कारों और जीवन शैली से परिचित कराना था लेकिन आप देख सकते हैं कि यह धूमकुड़िया भवन को गौशाला और पुआल का गोदाम बना दिया गया है, जो स्थानीय लोगों की उदासीनता को दर्शाता है, जो अपनी परंपराओं को धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं|ऐसा लगता है कि उन्हें धमकुडिया भवन निर्माण के उद्देश्यों के बारे में जानकारी ही नहीं है|
    1
    मनिका, लातेहार:-मनिका प्रखंड क्षेत्र के रांकीकला पंचायत के कुई गांव में धूमकुड़िया भवन बना गौशाला और पुआल भंडार जबकि कल्याण विभाग से धूमकुड़िया भवन का निर्माण आदिवासी समाज के सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यों जैसे सरहुल और कर्मा पर्व के लिए समर्पित कर आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के ख्याल करते हुए निर्माण कराया गया था|
धूमकुड़िया भवन आदिवासी समाज के लोगों के लिए मिलन स्थल के रूप में उपयोग करना था|
जिससे आदिवासी समाज एक दूसरे से जुड़ सके|
पारंपरिक धूम कुड़िया प्रथम के अनुरूप युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा, सामाजिक संस्कारों और जीवन शैली से परिचित कराना था 
लेकिन आप देख सकते हैं कि यह धूमकुड़िया भवन को गौशाला और पुआल का गोदाम बना दिया गया है, जो स्थानीय लोगों की उदासीनता को दर्शाता है, जो अपनी परंपराओं को धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं|ऐसा लगता है कि उन्हें धमकुडिया भवन निर्माण के उद्देश्यों के बारे में जानकारी ही नहीं है|
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    10 hrs ago
  • Post by Kanchan Yadav
    2
    Post by Kanchan Yadav
    user_Kanchan Yadav
    Kanchan Yadav
    मनिका, लातेहार, झारखंड•
    16 hrs ago
  • लातेहार ब्लड बैंक में जालिम गांव निवासी जरूरतमंद महिला अनारी देवी को एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता होने पर मंगलवार को सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के जवान लवकुश ने कमांडेंट के निर्देश पर रक्तदान किया। चार दिन से रक्त की तलाश के बाद यह मदद मिली। जवान ने लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए इसे सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया। परिजनों ने इस सराहनीय पहल पर आभार जताया।
    1
    लातेहार ब्लड बैंक में जालिम गांव निवासी जरूरतमंद महिला अनारी देवी को एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता होने पर मंगलवार को सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के जवान लवकुश ने कमांडेंट के निर्देश पर रक्तदान किया। चार दिन से रक्त की तलाश के बाद यह मदद मिली। जवान ने लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए इसे सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया। परिजनों ने इस सराहनीय पहल पर आभार जताया।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    2 hrs ago
  • एक भाई अपनी बहन के खाते से ₹19,300 निकालने के लिए इतना मजबूर हो गया कि उसने उसकी कब्र खोदकर कंकाल ही बैंक पहुंचा दिया…
    1
    एक भाई अपनी बहन के खाते से ₹19,300 निकालने के लिए इतना मजबूर हो गया कि उसने उसकी कब्र खोदकर कंकाल ही बैंक पहुंचा दिया…
    user_Nihit Kumar
    Nihit Kumar
    Latehar, Jharkhand•
    2 hrs ago
  • बरवाडीह(लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत अंतर्गत ग्राम छेचा में बिरसा हरित आम बागवानी योजना के तहत लाभुक वरिष्ठ पत्रकार सह किसान तस्लीम खान अपनी मेहनत और लगन से खेती को नई पहचान दे रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ कृषि को अपना मुख्य पेशा मानने वाले तस्लीम खान ने अपनी निजी रैयती जमीन को उपजाऊ बनाकर एक मिसाल पेश की है। उन्होंने लगभग एक एकड़ भूमि को घेराबंदी कर खेती योग्य बनाया है, जहां आम बागवानी के साथ-साथ हरी सब्जियों की भी भरपूर खेती की जा रही है। खेत में भिंडी, खीरा, ककड़ी, कद्दू, प्याज, नेनुआ, करेला, टमाटर, बैंगन सहित कई प्रकार की हरी सब्जियां उगाई जा रही हैं। भीषण गर्मी के बावजूद वे स्वयं खेत में सिंचाई कर फसलों की देखरेख करते हैं और समय निकालकर मेहनत भी करते हैं। तस्लीम खान बताते हैं कि घर की जरूरत के लिए ताजी सब्जियां यहीं से मिल जाती हैं। अधिक उत्पादन होने पर वे घर से ही उचित दाम पर स्थानीय लोगों को सब्जियां बेच देते हैं।आसपास के लोग भी जानते हैं कि उनके यहां ताजी और अच्छी सब्जियां उपलब्ध होती हैं। खेती-बाड़ी के इस कार्य में उनकी धर्मपत्नी भी पूरा सहयोग करती हैं। जब तस्लीम खान पत्रकारिता के सिलसिले में बाहर जाते हैं, तब उनकी पत्नी खेत की निगरानी और देखरेख संभालती हैं। आम बागवानी के साथ-साथ मौसम के अनुसार दूसरी जमीन पर धान, मक्का, गेहूं, सरसों और अरहर की भी खेती की जाती है। जरूरत से अधिक उत्पादन होने पर उसे बाजार या स्थानीय साहुकारों को बेच दिया जाता है। तस्लीम खान का कहना है कि खेती उनके परिवार की पुरानी परंपरा है। उनके पिता भी खेती करते थे और आज वे स्वयं इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहां कि खेती करने से न केवल परिवार की जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि शरीर भी स्वस्थ रहता है। उन्होंने आगे भी खेती को इसी तरह जारी रखने की बात कही। पत्रकारिता और कृषि दोनों क्षेत्रों में उनका यह संतुलन क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणादायक बन गया है।
    1
    बरवाडीह(लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत अंतर्गत ग्राम छेचा में बिरसा हरित आम बागवानी योजना के तहत लाभुक वरिष्ठ पत्रकार सह किसान तस्लीम खान अपनी मेहनत और लगन से खेती को नई पहचान दे रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ कृषि को अपना मुख्य पेशा मानने वाले तस्लीम खान ने अपनी निजी रैयती जमीन को उपजाऊ बनाकर एक मिसाल पेश की है। उन्होंने लगभग एक एकड़ भूमि को घेराबंदी कर खेती योग्य बनाया है, जहां आम बागवानी के साथ-साथ हरी सब्जियों की भी भरपूर खेती की जा रही है। खेत में भिंडी, खीरा, ककड़ी, कद्दू, प्याज, नेनुआ, करेला, टमाटर, बैंगन सहित कई प्रकार की हरी  सब्जियां उगाई जा रही हैं। भीषण गर्मी के बावजूद वे स्वयं खेत में सिंचाई कर फसलों की देखरेख करते हैं और समय निकालकर मेहनत भी करते हैं। तस्लीम खान बताते हैं कि घर की जरूरत के लिए ताजी सब्जियां यहीं से मिल जाती हैं। अधिक उत्पादन होने पर वे घर से ही उचित दाम पर स्थानीय लोगों को सब्जियां बेच देते हैं।आसपास के लोग भी जानते हैं कि उनके यहां ताजी और अच्छी सब्जियां उपलब्ध होती हैं। खेती-बाड़ी के इस कार्य में उनकी धर्मपत्नी भी पूरा सहयोग करती हैं। जब तस्लीम खान पत्रकारिता के सिलसिले में बाहर जाते हैं, तब उनकी पत्नी खेत की निगरानी और देखरेख संभालती हैं। आम बागवानी के साथ-साथ मौसम के अनुसार दूसरी जमीन पर धान, मक्का, गेहूं, सरसों और अरहर की भी खेती की जाती है। जरूरत से अधिक उत्पादन होने पर उसे बाजार या स्थानीय साहुकारों को बेच दिया जाता है। तस्लीम खान का कहना है कि खेती उनके परिवार की पुरानी परंपरा है। उनके पिता भी खेती करते थे और आज वे स्वयं इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहां कि खेती करने से न केवल परिवार की जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि शरीर भी स्वस्थ रहता है। उन्होंने आगे भी खेती को इसी तरह जारी रखने की बात कही। पत्रकारिता और कृषि दोनों क्षेत्रों में उनका यह संतुलन क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणादायक बन गया है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    12 hrs ago
  • Srishti classes Jond Daltonganj
    2
    Srishti classes Jond  Daltonganj
    user_Math Khajana
    Math Khajana
    Teacher Medininagar(Daltonganj), Palamu•
    22 hrs ago
  • Post by MUKESH NATH
    1
    Post by MUKESH NATH
    user_MUKESH NATH
    MUKESH NATH
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    12 hrs ago
  • Post by Shamsher Alam
    1
    Post by Shamsher Alam
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.