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खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर रजौला बाईपास से पीली कोठी तक सड़क जिसमें पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है
खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर रजौला बाईपास से पीली कोठी तक सड़क जिसमें पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है
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- खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर रजौला बाईपास से पीली कोठी तक सड़क जिसमें पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है1
- थोड़ी बारिश में शासकीय हाई स्कूल तिलौरा बना तालाब, पानी से होकर गुजरने को मजबूर छात्र-छात्राएं मैहर - मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तिलौरा में थोड़ी सी बारिश ने शासकीय हाई स्कूल तिलौरा की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बारिश के बाद स्कूल परिसर में पानी भर जाने से छात्र-छात्राओं को मजबूरी में पानी से होकर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि स्कूल परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर कई बार तिलौरा सरपंच सूरज कोल को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय परिसर में लाखों रुपये खर्च कर पेवर ब्लॉक तो लगवाए गए, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए, जिसके कारण हर बारिश में यही स्थिति निर्मित हो जाती है। जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। परिजनों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को इस तरह पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जो गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाए और विद्यालय परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।2
- *थोड़ी बारिश में शासकीय हाई स्कूल तिलौरा बना तालाब, पानी से होकर गुजरने को मजबूर छात्र-छात्राएं* *थोड़ी बारिश में शासकीय हाई स्कूल तिलौरा बना तालाब, पानी से होकर गुजरने को मजबूर छात्र-छात्राएं* *जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश, जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग* मैहर - मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तिलौरा में थोड़ी सी बारिश ने शासकीय हाई स्कूल तिलौरा की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बारिश के बाद स्कूल परिसर में पानी भर जाने से छात्र-छात्राओं को मजबूरी में पानी से होकर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि स्कूल परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर कई बार तिलौरा सरपंच सूरज कोल को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय परिसर में लाखों रुपये खर्च कर पेवर ब्लॉक तो लगवाए गए, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए, जिसके कारण हर बारिश में यही स्थिति निर्मित हो जाती है। जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। परिजनों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को इस तरह पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जो गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाए और विद्यालय परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। *नव स्वदेश ब्यूरो चीफ मैहर - सत्य प्रकाश कुशवाहा*2
- मैहर 📍चपना धाम मैहर 📍चपना धाम मैहर 📍चपना धाम मैहर 📍चपना धाम1
- *ग्राम पंचायत विनैका के बारात घर पर वर्षों से कथित अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग मैहर। मैहर जिले की ग्राम पंचायत विनैका में शासन द्वारा ग्रामीणों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से निर्मित बारात घर पर वर्षों से कथित रूप से अवैध कब्जा होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस बारात घर का निर्माण शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया गया था, उसका उपयोग वर्तमान में एक सीमेंट एवं रेत व्यापारी द्वारा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कब्जे के कारण पंचायत को कोई आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा है और स्थानीय नागरिक सार्वजनिक भवन का उपयोग अपने शुभ कार्यों के लिए नहीं कर पा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिला बनने के बाद भी अब तक इस कथित अतिक्रमण को हटाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। कुछ ग्रामीणों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर दावा किया कि कब्जाधारी स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए अधिकारियों पर प्रभाव होने की बातें करता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की जानकारी के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और वे चाहते हैं कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कराए तथा यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो बारात घर को कब्जामुक्त कराकर पुनः ग्राम पंचायत को सौंपे, ताकि ग्रामीण इसका उपयोग सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कर सकें। प्रशासनिक पक्ष: इस संबंध में संबंधित पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला प्रशासन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।3