झारखंड के चतरा जिला अंतर्गत हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो गांव स्थित एक बंद पत्थर खदान से 26 जून को बरामद हुई दिव्या कुमारी के शव मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, न्यायालय में होने वाली गवाही से बचने के लिए मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर ₹2 लाख की सुपारी देकर युवती की हत्या करवा दी थी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बंद पड़ी पत्थर खदान में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस चर्चित ब्लाइंड मर्डर केस का 21 दिनों के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। चतरा के एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के गया जिले के बांकेबाजार थाना क्षेत्र के खरांटी गांव निवासी नेपाली गंझू के रूप में हुई है। मृतका दिव्या कुमारी गया के डोभी थाना क्षेत्र के अछमा गांव की रहने वाली थी। उसका शेरघाटी थाना क्षेत्र के कुबड़ी गांव निवासी राहुल यादव के साथ प्रेम संबंध था। दोनों के बीच हुए विवाद के बाद दिव्या ने राहुल के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन था। राहुल लगातार दिव्या पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था, लेकिन जब दिव्या ने समझौते से इनकार कर दिया, तो राहुल को कोर्ट में गवाही होने और सजा मिलने का डर सताने लगा। इसी आशंका के चलते उसने हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत राहुल यादव ने नेपाली गंझू को ₹2 लाख की सुपारी दी और दोनों ने मिलकर दिव्या की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को जजलो गांव की बंद पड़ी खदान में फेंक दिया। हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए नेपाली गंझू को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में पूरी घटना का खुलासा किया। मुख्य साजिशकर्ता राहुल यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इस छापेमारी अभियान में इंस्पेक्टर विपिन कुमार, थाना प्रभारी प्रभात कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
झारखंड के चतरा जिला अंतर्गत हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो गांव स्थित एक बंद पत्थर खदान से 26 जून को बरामद हुई दिव्या कुमारी के शव मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, न्यायालय में होने वाली गवाही से बचने के लिए मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर ₹2 लाख की सुपारी देकर युवती की हत्या करवा दी थी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बंद पड़ी पत्थर खदान में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस चर्चित ब्लाइंड मर्डर केस का 21 दिनों के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। चतरा के एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के गया जिले के बांकेबाजार थाना क्षेत्र के खरांटी गांव निवासी नेपाली गंझू के रूप में हुई है। मृतका दिव्या कुमारी गया के डोभी थाना क्षेत्र के अछमा गांव की रहने वाली थी। उसका शेरघाटी थाना क्षेत्र के कुबड़ी गांव निवासी राहुल यादव के साथ प्रेम संबंध था। दोनों के बीच हुए विवाद के बाद दिव्या ने राहुल के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन था। राहुल लगातार दिव्या पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था, लेकिन जब दिव्या ने समझौते से इनकार कर दिया, तो राहुल को कोर्ट में गवाही होने और सजा मिलने का डर सताने लगा। इसी आशंका के चलते उसने हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत राहुल यादव ने नेपाली गंझू को ₹2 लाख की सुपारी दी और दोनों ने मिलकर दिव्या की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को जजलो गांव की बंद पड़ी खदान में फेंक दिया। हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए नेपाली गंझू को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में पूरी घटना का खुलासा किया। मुख्य साजिशकर्ता राहुल यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इस छापेमारी अभियान में इंस्पेक्टर विपिन कुमार, थाना प्रभारी प्रभात कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- उत्तर प्रदेश के आगरा की एक पॉश कॉलोनी में सड़क की हालत इस कदर खराब है कि सपा नेता नितिन कोहली सीढ़ी लगाकर गड्ढे की गहराई बताने के लिए खुद नीचे उतरे हैं। इस स्थिति पर तीखा हमला करते हुए कहा गया है कि अगर किसी गड्ढे की गहराई बताने के लिए आदमी को खुद उसमें उतरना पड़े, तो समझिए सड़क नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम ही धंस चुका है।1
- औरंगाबाद के कुशल कारीगरों को अब काम की तलाश करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उनका काम खुद उनकी पहचान बनकर उन तक पहुंचेगा। इसके लिए प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, लेबर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक समेत सभी कुशल कामगारों को 'लेबर अड्डा' पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आमंत्रित किया गया है। 'मेरा काम — मेरी पहचान' के उद्देश्य के साथ शुरू की गई इस पहल के जरिए हर कारीगर को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, जिससे उन्हें सीधे घर बैठे ही काम के ऑर्डर मिल सकेंगे। इस मंच पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले कारीगरों को कई बेहतरीन सुविधाएं दी जा रही हैं। यहाँ सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसकी वैधता लाइफ टाइम यानी आजीवन रहेगी। इसके लिए कामगारों से किसी भी प्रकार का कोई कमीशन, मासिक शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही, कारीगरों को अपने काम की तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा भी मिलेगी ताकि उन्हें ग्राहकों से सीधे संपर्क करने का मौका मिल सके।1
- बिहार की फतेहपुर पुलिस को शराब तस्कर के खिलाफ कार्रवाई करने पर धन्यवाद दिया गया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शराब तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी लगातार जारी है।1
- औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत घूरा सागर गांव की होनहार छात्रा अंशु कुमारी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अंशु ने इस परीक्षा में 720 में से 569 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 24,259 हासिल की है। बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे परिवार के साथ-साथ गांव और प्रखंड में खुशी का माहौल है। अंशु सेवानिवृत्त शिक्षक सुदर्शन प्रसाद सिंह की पोती और मध्य विद्यालय मेहिया के शिक्षक आनंद कुमार सिंह की सुपुत्री हैं। बेहतर पारिवारिक और शैक्षणिक माहौल मिलने के कारण अंशु ने शुरू से ही मेडिकल की तैयारी का लक्ष्य तय कर लिया था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा DAV पब्लिक स्कूल, नवीनगर से प्राप्त की, जहां मैट्रिक परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया था। इसके बाद उन्होंने अनुग्रह नारायण स्मारक महाविद्यालय, नवीनगर से इंटरमीडिएट की परीक्षा 80 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। अंशु के परिवार में दो भाई अंकित कुमार और संचित कुमार हैं। अंशु की इस गौरवमयी उपलब्धि पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने खुशी जताई है। शिक्षक नेता धनंजय कुमार सिंह, संतोष कुमार, सुधीर कुमार सिंह, उमाशंकर सिंह, लाल मोहन पासवान, उपेंद्र यादव और बिनोद यादव सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने अंशु के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है।1
- औरंगाबाद के रफीगंज थाना क्षेत्र के बड़ागांव से एक महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। महिला की पहचान पायल कुमारी के रूप में हुई है, जो 16 जुलाई 2026 को घर से रफीगंज बाजार जाने की बात कहकर निकली थीं। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने अपने स्तर से रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। पत्नी का पता न चलने पर उनके पति अजीत मेहता ने रफीगंज थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है और पुलिस से उनकी जल्द से जल्द बरामदगी की मांग की है। इस मामले में रफीगंज थाना अध्यक्ष ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस लापता महिला की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर जांच-पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।1
- लखीमपुर खीरी के तहसील दिवस में कक्षा-8 के 13 वर्षीय छात्र अमिताभ ने अकेले ही डीएम के सामने पहुंचकर अपने घर पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। "साहब... देखना नहीं, इसे करवा दीजिए! न्याय करवा दीजिए!" अमिताभ की इस बेबाक गुहार और हाजिरजवाबी ने तहसील दिवस में मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 13 साल का यह बच्चा जिस निडरता के साथ सीधे डीएम साहब से बात कर रहा था, उसने हर किसी का ध्यान आकर्षित किया। छात्र की शिकायत सुनने के बाद डीएम ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए और साथ ही बच्चे को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी।1
- बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के निवासी दिनेश मांझी के 3 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार गत 17 जुलाई 2026 की देर रात गहरे बोरवेल में गिरकर संकट में फंस गए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एडीएम (आपदा प्रबंधन) कुमार पंकज, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फतेहपुर के बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष को मौके पर पहुंचकर जल्द से जल्द रेस्क्यू करने का निर्देश दिया। अधिकारियों और बचाव दलों की लगभग 6 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मासूम पीयूष कुमार को बोरवेल से जीवित और सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस सफल अभियान के बाद जिलाधिकारी द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में एक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, इस कठिन घड़ी में संयम बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने के लिए पीयूष और उनके माता-पिता दिनेश मांझी एवं प्रमिला देवी को उपहार प्रदान किए गए। इस सम्मान समारोह में एडीएम (आपदा प्रबंधन) कुमार पंकज, एडीएम (विधि व्यवस्था) मो शफीक, डीपीआरओ दीपक चंद्र देव और ओसीडी अंकुर कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि इस खुले बोरवेल के लिए जिम्मेदार दोषी इंजीनियर और ठेकेदार को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पीएचईडी विभाग के अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खुले पड़े सभी बोरवेल को 3 दिनों के भीतर बंद कराएं और इसका प्रमाण पत्र सौंपना सुनिश्चित करें।1
- औरंगाबाद के कुशल कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें घर बैठे रोजगार के अवसर देने के लिए 'लेबर अड्डा' (Labour Addaa) पर पंजीकरण की शुरुआत की गई है। प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, बढ़ई (कारपेंटर), लेबर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक सहित सभी प्रकार के कुशल कामगार इस प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। 'मेरा काम — मेरी पहचान' के उद्देश्य के साथ इस पहल का मुख्य लक्ष्य हर कारीगर को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि काम की तलाश करने के बजाय काम खुद उन तक आसानी से पहुंचे। इस प्लेटफॉर्म पर कामगारों को सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसकी वैधता लाइफटाइम यानी आजीवन रहेगी। खास बात यह है कि इस सेवा के लिए कामगारों से कोई कमीशन, मासिक शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा, कारीगर अपने काम की तस्वीरें भी इस पर अपलोड कर सकते हैं जिससे उन्हें सीधे ग्राहकों से संपर्क करने का मौका मिलेगा और वे घर बैठे ही काम के ऑर्डर हासिल कर सकेंगे।1
- बिहार के गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र और गुरपा थाना क्षेत्र के रास्तों से होकर प्रतिदिन हजारों लीटर शराब की ढुलाई की जा रही है। शायद पिछले एक सप्ताह में पुलिस का तंत्र सुस्त पड़ गया है, जिसके कारण शराब तस्कर पूरी तरह मस्त होकर दिन के उजाले में ही इस ढुलाई को जारी रख रहे हैं।1