सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल, वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ उन्नाव। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के लिए पहुंची गर्भवती महिला से बाहर से दवाएं और जरूरी सामान खरीदने को कहा गया। बताया जा रहा है कि उन्नाव की एक आशा बहू गर्भवती महिला को प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल लेकर पहुंची थी, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध कराने के बजाय बाहर से करीब 1100 रुपये की दवाएं, ग्लव्स व अन्य सामग्री लिख दीं। इससे गरीब प्रसूता और उसके परिजनों पर शुरुआत में ही आर्थिक बोझ पड़ गया। वीडियो में इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी भी जताई जा रही है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की तारीख और प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि वीडियो में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी योजनाओं और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल, वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ उन्नाव। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के लिए पहुंची गर्भवती महिला से बाहर से दवाएं और जरूरी सामान खरीदने को कहा गया। बताया जा रहा है कि उन्नाव की एक आशा बहू गर्भवती महिला को प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल लेकर पहुंची थी, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध कराने के बजाय बाहर से करीब 1100 रुपये की दवाएं, ग्लव्स व अन्य सामग्री लिख दीं। इससे गरीब प्रसूता और उसके परिजनों पर शुरुआत में ही आर्थिक बोझ पड़ गया। वीडियो में इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी भी जताई जा रही है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की तारीख और प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि वीडियो में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी योजनाओं और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- Post by P D tiwari Journalist1
- Post by JAINUl1
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ राजधानी दिल्ली में बाइक सवार युवकों की लापरवाही और दबंगई का एक वीडियो सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक “दिल्ली पुलिस” लिखी गाड़ी को ओवरटेक करने के बाद उसके सामने ही खतरनाक स्टंट करने लगते हैं। हैरानी की बात यह है कि ये युवक पुलिस की मौजूदगी में ही नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आए। जिस तरह से वे स्टंट कर रहे थे, उससे न सिर्फ उनकी जान को खतरा था बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई। इस घटना को देखकर ऐसा लग रहा है मानो बाइक सवार पुलिस को ही खुला चैलेंज दे रहे हों। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना कब और कहां की है, लेकिन इस तरह की हरकतें ट्रैफिक नियमों और कानून के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और ऐसे मनबढ़ युवकों पर किस तरह लगाम लगाई जाती है।1
- कमलापुर,,किसानों के आक्रोश के आगे झुका प्रशासन: कमलापुर थाने का घेराव स्थगित, अभद्र पुलिसकर्मी लाइन हाजिर संवाददाता ,,नरेश गुप्ता सीतापुर/कमलापुर। कमलापुर थाने में किसानों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस प्रशासन को आखिरकार पीछे हटना पड़ा है। संगठन की एकजुटता और कड़े रुख को देखते हुए विभाग ने दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिराते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। प्रशासन के इस कदम के बाद संगठन ने कल होने वाले प्रस्तावित घेराव को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। जांच के घेरे में पुलिसकर्मी, क्षेत्राधिकारी करेंगे पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने न केवल कार्रवाई की है, बल्कि क्षेत्राधिकारी (CO) सिधौली को इस पूरे प्रकरण की आधिकारिक जांच भी सौंप दी है। संगठन के पदाधिकारियों को पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से सूचित किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच लंबित है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। शीर्ष नेतृत्व के मंथन के बाद लिया गया निर्णय पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद संगठन में हलचल तेज हो गई। प्रदेश सचिव उमेश पांडे जी और जिले के अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के बीच लंबी वार्ता चली। काफी विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि चूंकि विभाग ने प्राथमिक कार्रवाई शुरू कर दी है, इसलिए जनहित और शांति व्यवस्था को देखते हुए कल होने वाला थाना घेराव स्थगित किया जाता है। "सम्मान से समझौता नहीं" - संगठन की चेतावनी संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल विराम है, पूर्ण विराम नहीं। पदाधिकारियों ने हुंकार भरते हुए कहा: "संगठन पुलिस की आगामी कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर पैनी नजर रखेगा। यदि भविष्य में किसी भी कार्यकर्ता या किसान के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई गई या अभद्रता हुई, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।" मुख्य बिंदु: कार्रवाई: अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मी लाइन हाजिर। जांच: सीओ सिधौली करेंगे मामले की ऑफिशियल जांच। फैसला: कल का प्रस्तावित घेराव सर्वसम्मति से स्थगित। चेतावनी: कार्यकर्ताओं के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।2
- आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रॉग साइड से आ रही कार से टक्कर,दो महिला समेत तीन घायल उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे किलोमीटर संख्या 237 स्थित रघुरामपुर गांव के सामने आज रविवार दोपहर साढ़े बारह बजे तेज रफ़्तार का कहर देखने को मिला है।जहां दिल्ली से लखनऊ की ओर जा रहे कार सवारों की टक्कर गलत दिशा से आ रही कार से हो गई.टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के एयरबैग खुल गए और परखच्चे उड़ गए.हादसे के बाद गलत दिशा से आ रहे कार सवार मौके से कार से छोड़कर फरार हो गए. मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ मालरोड निवासी पंकज पुत्र देशराज उम्र 58 वर्ष अपनी पत्नी बेला उम्र 55 वर्ष को लेकर अपनी साली के घर दिल्ली सराय बिहार शुक्रवार को गए थे.जहां से वह आज अपनी साली निशि माकर पत्नी लेटचंद्र माकर उम्र 38 वर्ष को लेकर वापस लखनऊ लौट रहे थे.इसी दौरान बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा से आ रही कार से टक्कर हो गई.टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी आवाज सुनकर रघुरामपुर गांव के रहने वाले मौके पर पहुंचे.तब तक यूपीडा टीम और पुलिस बल भी पहुंच गया.कार में फंसे तीनों घायलों का रेस्क्यू कर नजदीकी सीएचसी बांगरमऊ भिजवाया.जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। कार पंकज चला रहा था.अचानक सामने से आई कार को बचाने का प्रयास किया किंतु अनियंत्रित हुई कार सामने से जा टकराई. पुलिस मौके पर पहुंचकर फरार कार चालक की तलाश में जुट गई है।2
- Post by Ajad Malik1
- लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाना क्षेत्र में पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाकर नियम तोड़ने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा। शराब पीकर वाहन चलाने वाले और तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर हुड़दंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई गाड़ियां सीज की गईं। इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने साफ चेतावनी दी कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।1
- मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा बिजली का टावर गिराए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न होने के कारण यह कदम उठाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क बनाने के लिए टावर को हटाना जरूरी बताया गया, जिसके चलते उसे गिरा दिया गया। टावर गिराने की घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस तरह की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों से अनुमति ली गई थी या नहीं। टावर गिराने के बाद बिजली आपूर्ति पर असर पड़ेगा या नही? कई सारे सवाल लोग कमेंट कर पूछ रहे है।1