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सरकार ने NEET में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए वायु सेना के जहाजों का इस्तेमाल करने की घोषणा की है। इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या इस तरीके से पेपर लीक वाकई रुक पाएगा। सरकार के इस कदम को 'अनपढ़ों जैसी बात' कहकर आलोचना की गई है, जो उसकी गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। आरोप है कि सरकार की नीयत ही पेपर लीक रोकने की नहीं है, और देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से माफ़िया के चंगुल में आ चुकी है। इस गंभीर स्थिति को ठीक करने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है, क्योंकि यह भी कहा गया है कि अकेले किसी के कुछ करने से यह समस्या हल नहीं होगी।
Seemanchal Bytes
सरकार ने NEET में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए वायु सेना के जहाजों का इस्तेमाल करने की घोषणा की है। इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या इस तरीके से पेपर लीक वाकई रुक पाएगा। सरकार के इस कदम को 'अनपढ़ों जैसी बात' कहकर आलोचना की गई है, जो उसकी गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। आरोप है कि सरकार की नीयत ही पेपर लीक रोकने की नहीं है, और देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से माफ़िया के चंगुल में आ चुकी है। इस गंभीर स्थिति को ठीक करने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है, क्योंकि यह भी कहा गया है कि अकेले किसी के कुछ करने से यह समस्या हल नहीं होगी।
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- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कागजी नोटों की जगह प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट लाने पर विचार कर रहा है। इस कदम के साथ ही, यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या देश में एक बार फिर नोटबंदी होगी और लोगों को बैंकों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा। RBI इस दिशा में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है।1
- अखिल भारत हिन्दू महासभा ने वीर सावरकर जयंती के अवसर पर यह घोषणा की है कि वीर सावरकर और अखिल भारत हिन्दू महासभा के बिना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अधूरा है। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने वीर सावरकर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिन्दू नवयुवकों को शस्त्र प्रशिक्षण लेकर ब्रिटिश भारतीय सेना में भर्ती होने का आह्वान किया था। उनकी प्रेरणा से ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस जापान जाकर जापान हिन्दू महासभा अध्यक्ष रास बिहारी बोस से आजाद हिंद फौज की कमान अपने हाथों में लेकर 'दिल्ली चलो' का नारा देने के लिए प्रेरित हुए। द्विवेदी के अनुसार, वीर सावरकर की प्रेरणा से ब्रिटिश भारतीय फौज में हिन्दू नवयुवकों की संख्या मुस्लिमों से अधिक हुई और इन हिन्दू सैनिकों ने ही नेताजी के 'दिल्ली चलो' के नारे के बाद ब्रिटिश हुकूमत का सहयोग करने से इनकार कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप देश को स्वतंत्रता मिली और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागना पड़ा। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि वीर सावरकर की जयंती पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित कर उनके 'अधूरे मिशन' को पूरा करने और 'अखंड भारत हिन्दू राष्ट्र' के निर्माण का संकल्प लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने नई दिल्ली में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश आक्रांताओं से सत्ता लेने के बाद स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास लेखन में वीर सावरकर और हिन्दू महासभा के योगदान की उपेक्षा की। उन्होंने इसे एक षड्यंत्र बताते हुए कांग्रेस, मुस्लिमों और वामपंथियों को महिमामंडित करने का आरोप लगाया। महासभा ने भारत सरकार से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का पुनर्लेखन करवाते हुए कांग्रेस और वामपंथियों के 'विकृत इतिहास' को हटाने तथा वीर सावरकर, हिन्दू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संपूर्ण योगदान को इतिहास में शामिल करने की मांग की है। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने कहा कि वीर सावरकर ने स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान देने के साथ-साथ साहित्य सृजन के माध्यम से भी राष्ट्रसेवा का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने काला पानी की सजा के दौरान 'हिंदुत्व' नामक पुस्तक की रचना की, जिसमें हिन्दू समाज और सनातन धर्म को भारतीय हिन्दू जनमानस के समक्ष सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया, और उनकी हिंदुत्व की परिभाषा को भारतीय न्याय प्रणाली भी स्वीकार करती है। प्रोफेसर यशपाल सिंह ने यह भी बताया कि '1857 का स्वातंत्र्य समर' नामक पुस्तक लिखकर वीर सावरकर ने पहली बार प्रमाणित किया कि 1857 का युद्ध सैनिक विद्रोह न होकर भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था। उन्होंने वीर सावरकर के सशस्त्र क्रांति के आह्वान को भारत की स्वतंत्रता का वास्तविक मार्ग बताया और कहा कि ऐसे महामानव के अधूरे मिशन को पूरा कर अखंड भारत का निर्माण और हिन्दू राष्ट्र की स्थापना भारत के समस्त हिन्दू नागरिकों का कर्तव्य है। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के शासनकाल में वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान न दिए जाने पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान देकर दशकों से उनकी उपेक्षा के अध्याय को समाप्त करने की मांग की। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय धर्माचार्य प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी मंगलानंद जी महाराज, राष्ट्रीय मंत्री सत्येंद्र झा, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय भदौरिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल गुप्ता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राजू पार्चा सहित अनेक पदाधिकारियों ने वीर सावरकर को नमन किया और उनकी शिक्षाओं तथा नीतियों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।1
- जापान ने 20 साल के अंतराल के बाद भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे जापान के लोग अब मुंह में घुल जाने वाले भारतीय आमों का स्वाद नहीं चख पाएंगे। इस प्रतिबंध का मुख्य कारण यह है कि इस साल की शुरुआत में किए गए निरीक्षण के दौरान जापान के क्वारंटाइन अधिकारियों ने भारतीय उपचार सुविधाओं में कीट नियंत्रण प्रक्रियाओं में कुछ खामियाँ पाई थीं। इस निर्णय से अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी भारतीय आमों की प्रीमियम किस्में प्रभावित हुई हैं। जापान द्वारा भारतीय आमों पर यह प्रतिबंध पिछले दो दशकों में पहली बार लगाया गया है। इससे पहले, जापान ने फल मक्खी के खतरे के कारण भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगाया था, जिसे भारत द्वारा अपने उपचार प्रोटोकॉल को मजबूत करने के बाद 2006 में हटा दिया गया था। अब, जापानी अधिकारियों ने एक बार फिर इस बात पर चिंता जताई है कि क्या भारतीय आमों की खेप देश के सख्त पौध स्वास्थ्य मानकों को पूरा कर रही है, क्योंकि जापान फल मक्खियों जैसे आक्रामक कीटों के लिए शून्य सहिष्णुता की नीति का पालन करता है, जिन्हें घरेलू कृषि के लिए एक बड़ा खतरा माना जाता है। निर्यात के हर सीजन से पहले, जापान आमों की जांच के लिए अपने क्वारंटाइन अधिकारियों को भारत के वाष्प ताप उपचार (वीएचटी) केंद्रों पर भेजता है। इन केंद्रों पर आमों को निर्यात से पहले कीटाणुरहित किया जाता है। वीएचटी एक गैर-रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें कीटों और फलों के कीड़ों के लार्वा को मारने के लिए आमों को नियंत्रित गर्म और आर्द्र हवा के संपर्क में रखा जाता है। यह भारत-जापान निर्यात समझौते के तहत एक बहुत ही ज़रूरी काम है।1
- भगवंत मान ने एक स्पष्ट संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने दृढ़ता से कहा है कि वे चुनौतियों से बिल्कुल नहीं रुकेंगे। उन्होंने अपनी बात को एक मुहावरे के साथ समझाया, यह ज़ोर देते हुए कि "कुछ तिनके टूटने से झाड़ू की ताकत कम नहीं होती"।1
- सुवेंदु अधिकारी ने अपना वादा 7 दिन के भीतर पूरा करके दिखाया है। इस उपलब्धि पर गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि सुवेंदु अधिकारी ने जो कहा था, उसे उन्होंने 7 दिन में करके दिखा दिया।1
- Post by Chandan,kumar1
- सरकार ने NEET में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए वायु सेना के जहाजों का इस्तेमाल करने की घोषणा की है। इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या इस तरीके से पेपर लीक वाकई रुक पाएगा। सरकार के इस कदम को 'अनपढ़ों जैसी बात' कहकर आलोचना की गई है, जो उसकी गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। आरोप है कि सरकार की नीयत ही पेपर लीक रोकने की नहीं है, और देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से माफ़िया के चंगुल में आ चुकी है। इस गंभीर स्थिति को ठीक करने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है, क्योंकि यह भी कहा गया है कि अकेले किसी के कुछ करने से यह समस्या हल नहीं होगी।1
- पहलवान विनेश फोगाट ने दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित किए जा रहे एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लिया है। यह ट्रायल्स एशियाई खेलों के लिए टीम का चयन करने के उद्देश्य से हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कल ही विनेश फोगाट को इन चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी थी, जिसके बाद अब वह ट्रायल्स के माध्यम से एशियन गेम्स की टीम में जगह बनाने का प्रयास करेंगी।1
- भदोही जिले से आई एक खबर के मुताबिक, पंचदेव पांडे ने अपने विपक्षी हर कुंवर पांडे और उनके पुत्रों रोहित पांडे, राहुल पांडे, तथा लवकुश पांडे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचदेव पांडे ने बताया कि इन लोगों ने एक 'नाजायज गोल' बनाकर खुद को 'बैंक समूह का मैनेजर' दर्शाया और ₹4,65,000 लोगों को दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब लोगों को उनका पैसा नहीं मिला, तो राहुल पांडे ने गाली-गलौज की और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हुए उनसे (पंचदेव पांडे से) ब्याज सहित ₹13,74,000 की अवैध वसूली की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अब आरोपी ₹3,00,000 की और मांग कर रहे हैं। जब पंचदेव पांडे ने यह पैसा देने से इनकार किया, तो हर कुंवर और राहुल पांडे ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। राहुल पांडे ने दावा किया कि वे थाने के मुखबिर हैं और उन्होंने कई लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाया है, और अब शिकायतकर्ता को भी फंसा देंगे। उन्होंने पंचदेव पांडे को कई फर्जी मुकदमों में गवाह बनाकर झूठी गवाही देने के लिए भी धमकाया, जिसके बारे में पंचदेव पांडे को कोई जानकारी नहीं है। पंचदेव पांडे ने बताया कि राहुल पांडे उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी देते रहते हैं, और आज भी उन्हें रोककर धमकी दी गई कि उनका हाथ हर जगह तक है और पुलिस या प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, पंचदेव पांडे ने पुलिस अधीक्षक महोदय से अनुरोध किया है कि ऐसे 'भ्रष्ट मुखबिर' की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जो मुखबिरी की आड़ में पुलिस और प्रशासन को बदनाम कर रहे हैं और जनता का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई और न्याय की मांग की है।1