बाड़ी में बंदरों का आतंक, महिला छत पर जाने से भयभीत धौलपुर बाड़ी शहर के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपने घरों की छतों पर जाने से भी डरने लगे हैं। ताजा मामला बाड़ी क्षेत्र का है, जहां एक महिला ने बंदरों के डर से खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदरों के झुंड सुबह और शाम घरों की छतों पर कब्जा जमा लेते हैं। कई बार वे कपड़े फाड़ देते हैं, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और लोगों पर हमला करने की कोशिश भी करते हैं। महिलाओं और बच्चों में खासा डर बना हुआ है। पीड़ित महिला का कहना है कि बंदरों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि छत पर जाना भी मुश्किल हो गया है। हर समय हमला होने का भय बना रहता है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका और वन विभाग से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
बाड़ी में बंदरों का आतंक, महिला छत पर जाने से भयभीत धौलपुर बाड़ी शहर के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपने घरों की छतों पर जाने से भी डरने लगे हैं। ताजा मामला बाड़ी क्षेत्र का है, जहां एक महिला ने बंदरों के डर से खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदरों के झुंड सुबह और शाम घरों की छतों पर कब्जा जमा लेते हैं। कई बार वे कपड़े फाड़ देते हैं, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और लोगों पर हमला करने की कोशिश भी करते हैं। महिलाओं और बच्चों में खासा डर बना हुआ है। पीड़ित महिला का कहना है कि बंदरों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि छत पर जाना भी मुश्किल हो गया है। हर समय हमला होने का भय बना रहता है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका और वन विभाग से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- यूपी के बाहरी गिरोह पर शक, CCTV में कैद हुए पल्सर सवार बदमाश धौलपुर। ग्वालियर शहर में आधी रात को महज 17 मिनट के अंतराल में दो बरातों में हुई फिल्मी अंदाज की लूट ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। नकदी और गहनों से भरे बैग झपटकर फरार हुए पल्सर सवार बदमाशों की तलाश में अब क्राइम ब्रांच की टीम राजस्थान के धौलपुर से आगे तक पहुंच गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि वारदात को किसी बाहरी, संभवतः यूपी के संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं बदमाशों ने धौलपुर की ओर भागकर पुलिस को भ्रमित करने की रणनीति तो नहीं अपनाई, ताकि जांच दूसरी दिशा में उलझी रहे। बहोड़ापुर और ग्वालियर थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम लगातार फुटेज और सुराग खंगाल रही है। पहली वारदात: बारात में घुसे और झपट लिया बैग रविवार रात को बहोड़ापुर स्थित रजवाड़ा मैरिज गार्डन में कामता प्रसाद श्रीवास के भतीजे की शादी समारोह चल रहा था। बारात सड़क पर नाच-गाने में मशगूल थी। इसी दौरान कामता प्रसाद कुछ आगे निकल आए। तभी बाइक पर आए दो बदमाशों ने मौका देखकर उनके हाथ से नकदी और गहनों से भरा बैग झपट लिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। दूसरी वारदात: 17 मिनट बाद फिर वही अंदाज पहली घटना के ठीक 17 मिनट बाद ग्वालियर थाना क्षेत्र स्थित पटेल बारात घर के बाहर फिर वही कहानी दोहराई गई। यहां बदमाशों ने दूल्हे के पिता और रिटायर्ड फौजी जोगेंद्र सिंह तोमर को निशाना बनाया। बाइक सवार बदमाश कैश से भरा बैग छीनकर भाग निकले। दोनों वारदातों में करीब डेढ़ लाख रुपए नकद और कीमती गहने लूटे जाने की जानकारी सामने आई है। सीसीटीवी ने खोला भागने का रूट पुलिस ने शहर भर के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए तो बदमाशों की मूवमेंट सामने आती चली गई। फुटेज में आरोपी पुरानी छावनी, बानमोर और मुरैना टोल होते हुए धौलपुर की तरफ जाते दिखाई दिए। धौलपुर में भी उनके फुटेज मिले हैं, जहां से यूपी की सीमा का रास्ता जुड़ता है। इसी आधार पर क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार पीछा कर रही हैं। मुरैना में भी दे चुके हैं वारदात जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि ग्वालियर से पहले मुरैना के सिविल लाइन और कोतवाली थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह की लूट की घटनाएं हुई थीं। वहां भी पल्सर बाइक पर सवार दो बदमाशों ने लोगों को निशाना बनाया था। पुलिस के अनुसार मुरैना और ग्वालियर की घटनाओं में बदमाशों का हुलिया और बाइक काफी मेल खा रहे हैं। इससे पुलिस का शक और गहरा गया है कि यह किसी बाहरी राज्य का सक्रिय गैंग हो सकता है। पुलिस बोली— जल्द होगा खुलासा सीएसपी ग्वालियर कृष्णपाल सिंह ने बताया कि दोनों वारदातों के खुलासे के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई अहम फुटेज और सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।4
- धौलपुर बाड़ी शहर के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपने घरों की छतों पर जाने से भी डरने लगे हैं। ताजा मामला बाड़ी क्षेत्र का है, जहां एक महिला ने बंदरों के डर से खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदरों के झुंड सुबह और शाम घरों की छतों पर कब्जा जमा लेते हैं। कई बार वे कपड़े फाड़ देते हैं, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और लोगों पर हमला करने की कोशिश भी करते हैं। महिलाओं और बच्चों में खासा डर बना हुआ है। पीड़ित महिला का कहना है कि बंदरों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि छत पर जाना भी मुश्किल हो गया है। हर समय हमला होने का भय बना रहता है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका और वन विभाग से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- धौलपुर के बाड़ी शहर के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपने घरों की छतों पर जाने से भी डरने लगे हैं। ताजा मामला बाड़ी क्षेत्र का है, जहां एक महिला ने बंदरों के डर से खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदरों के झुंड सुबह और शाम घरों की छतों पर कब्जा जमा लेते हैं। कई बार वे कपड़े फाड़ देते हैं, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और लोगों पर हमला करने की कोशिश भी करते हैं। महिलाओं और बच्चों में खासा डर बना हुआ है। पीड़ित महिला का कहना है कि बंदरों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि छत पर जाना भी मुश्किल हो गया है। हर समय हमला होने का भय बना रहता है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका और वन विभाग से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- सदर थाना पुलिस ने थाना पर दर्ज लूट के मामले मे फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी महेश मीणा ने बताया कि एसपी के निर्देशन मे जघन्य मामलों वांछित अपराधियों (स्थाई वारंटी, मफरूरू, भगोडे) के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। 14 सितम्बर 2020 को एक अनिल कुमार पुत्र विजेंद्र सिंह मीणा निवासी भवनपुरा (आंगई) थाना सरमथुरा के द्वारा 14 सितम्बर 2020 एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी।1
- धौलपुर 2 साल से फरार ₹20 हजार का इनामी धौलपुर पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो अत्यंत वायरल हो रहा है जिसमें नदी में नहाने गए एक व्यक्ति पर मगरमच्छ ने हमला बोल दिया जिससे वह घायल हुआ है1
- कलेक्टर के आदेश की उड़ाई धज्जियां! कृष्णा पब्लिक स्कूल खुला, पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप मुरैना जिले में कलेक्टर के आदेशानुसार 30 अप्रैल तक कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद संजय कॉलोनी चौराहा स्थित भदोरिया गार्डन के पास संचालित कृष्णा पब्लिक स्कूल खुला मिला। मौके पर बच्चों की कक्षाएं संचालित होती पाई गईं, जिससे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जब पत्रकार स्कूल की स्थिति कवरेज करने पहुंचे तो स्कूल प्रबंधन का रवैया विवादित नजर आया। आरोप है कि स्कूल के प्रिंसिपल, जिन्होंने अपना नाम संदीप सिंह सिकरवार बताया, ने पत्रकारों के साथ बदतमीजी की। इतना ही नहीं, पत्रकारों का मोबाइल छीनने की कोशिश करने और धमकी देने के भी आरोप लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रिंसिपल ने पत्रकारों से कहा — “जो करना है कर लो,” जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिला प्रशासन ने गर्मी को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए अवकाश घोषित किया है, तब इस तरह स्कूल खोलना बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- अल्पसंख्यक विभाग तथा राज्य सरकार द्वारा सत्र 2026-27 में संचालित राजकीय अल्पसंख्यक बालक-बालिका छात्रावास के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के 50-50 सीटों के लिए पृथक-पृथक है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राखी शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा 1 अप्रैल से शिक्षा सत्र 2026-27 प्रारंभ किया गया है। इस संबंध में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी के लिए आवेदन पत्र 30 अप्रैल तक आमंत्रित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि आमंत्रित आवेदन पत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के1