Shuru
Apke Nagar Ki App…
धार्मिक आस्था के साथ लोहंडा पर्व मना रहीं पूर्व विधायक नीतू सिंह हिसुआ की पूर्व विधायक नीतू सिंह ने एक बार फिर अपनी धर्मपरायण छवि को कायम रखते हुए लोहंडा पर्व पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया। वे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूजा-पाठ और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए स्वयं प्रसाद तैयार कर रही हैं। ज्ञात हो कि नीतू सिंह अपने विधायक कार्यकाल के दौरान भी सभी पर्व-त्योहार पूरे उत्साह और धार्मिक नियमों के अनुसार मनाती रही हैं। राजनीति में सक्रिय रहते हुए भी उनकी धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण हमेशा देखने को मिलता रहा है। लोहंडा जैसे पवित्र अवसर पर स्वयं प्रसादी बनाकर उन्होंने समाज को संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने का संदेश दिया है।
Rakesh Bihari Dangi
धार्मिक आस्था के साथ लोहंडा पर्व मना रहीं पूर्व विधायक नीतू सिंह हिसुआ की पूर्व विधायक नीतू सिंह ने एक बार फिर अपनी धर्मपरायण छवि को कायम रखते हुए लोहंडा पर्व पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया। वे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूजा-पाठ और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए स्वयं प्रसाद तैयार कर रही हैं। ज्ञात हो कि नीतू सिंह अपने विधायक कार्यकाल के दौरान भी सभी पर्व-त्योहार पूरे उत्साह और धार्मिक नियमों के अनुसार मनाती रही हैं। राजनीति में सक्रिय रहते हुए भी उनकी धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण हमेशा देखने को मिलता रहा है। लोहंडा जैसे पवित्र अवसर पर स्वयं प्रसादी बनाकर उन्होंने समाज को संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने का संदेश दिया है।
More news from बिहार and nearby areas
- हिसुआ की पूर्व विधायक नीतू सिंह ने एक बार फिर अपनी धर्मपरायण छवि को कायम रखते हुए लोहंडा पर्व पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया। वे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूजा-पाठ और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए स्वयं प्रसाद तैयार कर रही हैं। ज्ञात हो कि नीतू सिंह अपने विधायक कार्यकाल के दौरान भी सभी पर्व-त्योहार पूरे उत्साह और धार्मिक नियमों के अनुसार मनाती रही हैं। राजनीति में सक्रिय रहते हुए भी उनकी धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण हमेशा देखने को मिलता रहा है। लोहंडा जैसे पवित्र अवसर पर स्वयं प्रसादी बनाकर उन्होंने समाज को संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने का संदेश दिया है।1
- गोविंदपुर पंचायत में भावी मुखिया प्रत्याशी मंटू कुमार उर्फ मंटू यादव द्वारा सोमवार को छठ पर्व के अवसर पर लगभग 120 छठ व्रतियों के बीच साड़ी, सूप, नारियल, फल एवं पूजा सामग्री का वितरण किया गया। यह वितरण कार्य मंटू कुमार उर्फ मंटू यादव एवं उनकी पत्नी चंदा देवी ने स्वयं अपने हाथों से किया, जिससे व्रतियों में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृष्णा चौधरी, संटू कुमार, आशिष कुमार, रीतेश कुमार, मिथुन कुमार, सतोष कुमार एवं चुन्नु यादव सहित अन्य लोगों का सराहनीय सहयोग रहा। पूजा सामग्री प्राप्त कर छठ व्रतियों के चेहरे पर खुशी झलक उठी। सभी व्रतियों ने मंटू कुमार उर्फ मंटू यादव को आशीर्वाद देते हुए उनके इस पहल की सराहना की।4
- गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय गोविंदपुर डीह पर सोमवार को भावी मुखिया प्रत्याशी मंटू यादव के द्वारा छठ व्रतियों के बीच पुजा सामाग्री का किया वितरण1
- मुरली से लगभग एक किलोमीटर आगे मोहना के पास छतरबांध मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार कांति मोड़ निवासी संतोष विश्वकर्मा की मोटरसाइकिल का संतुलन अचानक बिगड़ गया, जिससे वह सड़क किनारे स्थित गहरे आहर में जा गिरे। आहर पानी से भरा हुआ था। घटना को देख आसपास के लोगों ने तुरंत पानी में कूदकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका। बाद में संतोष विश्वकर्मा को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर परनदाबर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें सिड़दला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।1
- rings se nisan leke jate huy baba shyam khatu wale ke darbar me mandir me baba Shyam ka bhagat jatehu shyam Premi bolo jay shree shyam baba2
- मेसकौर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव #दो साल बाद भी निर्णय नहीं #सिस्टम पर सवाल तो उठेंगे...!3
- आप देख रहे हैं आज की सच्ची खबर ,यह वीडियो तेजी से वाईरल हो रहा है, जो कि आप विडियो से देख रहे हैं संजय वर्मा की खास रिपोर्ट गया जिला के टनकुप्पा प्रखंड अन्तर्गत मायापुर में शुक्रवार को सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित सभा उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब सभा में शामिल कुछ लोग अचानक सड़क किनारे स्थित एक किसान के चने के खेत में घुस गए और हरे भरे चने उखाड़ खाने लगे। सभा में दूर-दूर से आए महिला-पुरुषों की भीड़ जैसे ही सड़क किनारे हरे चने की फसल देखी, कई लोग खुद को रोक नहीं पाए और खेत में उतर गए। देखते ही देखते दर्जनों लोग खेत में फैल गए और चने तोड़-तोड़ कर खाने लगे। यह दृश्य इतना सामान्य सा बना दिया गया मानो किसी की महीनों की मेहनत की कोई कीमत ही न हो। सबसे हैरानी की बात यह रही कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी भी उसी खेत के चने खाते हुए नजर आ रहे हैं। जिस पुलिस पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वही अगर किसी गरीब किसान की फसल को इस तरह नुकसान पहुंचाते दिखे तो यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को अंदर तक झकझोर देता है। जरा सोचिए उस किसान पर क्या बीत रही होगी, जिसने दिन रात मेहनत करके, धूप बरसात सहकर अपनी फसल तैयार की होगी। खेत में लहलहाता चना उसके लिए सिर्फ फसल नहीं बल्कि उसके परिवार की उम्मीद, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च का सहारा होता है। लेकिन कुछ मिनटों की लापरवाही और भीड़ की मानसिकता ने उसकी मेहनत को यूं ही रौंद डाला। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन और पुलिस चाहती तो भीड़ को खेत में जाने से रोक सकती थी। लेकिन जब सुरक्षा में तैनात लोग ही तमाशबीन बन जाएं या खुद फसल तोड़ने लगें, तो फिर किसान किससे न्याय की उम्मीद करे! यह घटना सिर्फ एक खेत के नुकसान की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की उस सोच को भी दिखाती है जहां किसी गरीब किसान की मेहनत को मामूली समझ लिया जाता है। सवाल यह भी उठता है कि जिस समृद्धि यात्रा का उद्देश्य विकास और समृद्धि का संदेश देना है, उसी यात्रा के दौरान अगर एक किसान की फसल ही उजाड़ दिए जाए तो यह कैसी समृद्धि है! स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और जिस किसान की फसल को नुकसान हुआ है उसे उचित मुआवजा दिया जाए। क्योंकि किसान की मेहनत पर चोट सिर्फ उसकी जेब पर नहीं, बल्कि उसकी उम्मीदों पर भी लगती है।1
- गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय के गोविंदपुर डीह पर पहुंचे बेलागंज विधायिका मनोरमा देवी लोगों ने माला पहनाकर किया स्वागत1