बीना नदी सिंचाई (हनौता) परियोजना के तहत बीना, खुरई और राहतगढ़ क्षेत्र के अनेक गांवों में किसानों की निजी कृषि भूमि पर बिना पूर्व सूचना, लिखित सहमति और उचित मुआवजे के भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का मामला जिला कलेक्टर तक पहुंच गया है। एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया (सह प्रभारी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-035 बीना, कांग्रेस) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिभा पाल को इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस मध्य प्रदेश के स्टेट कोऑर्डिनेटर देवेंद्र कुशवाहा और दीपक अहिरवार सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को बताया कि भारी मशीनों से की जा रही गहरी खुदाई के कारण किसानों की खड़ी फसल, उपजाऊ मिट्टी, खेतों की मेड़, वृक्ष और सिंचाई व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आपत्ति जताई कि खुदाई के बाद केवल मिट्टी भर देने से किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, क्योंकि जमीन के नीचे स्थायी सरकारी पाइपलाइन बिछने से भविष्य में भवन निर्माण, बोरवेल, सिंचाई विस्तार और कृषि भूमि के स्वतंत्र उपयोग पर गंभीर असर पड़ेगा। एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया ने जोर देकर कहा कि किसी भी सार्वजनिक परियोजना का संचालन किसानों के अधिकारों की अनदेखी कर नहीं किया जा सकता और विकास के साथ-साथ किसानों के अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं, जिनमें यह पूछा गया है कि यह परियोजना किस कानूनी प्रावधान के तहत चलाई जा रही है, निजी भूमि में पाइपलाइन बिछाने का अधिकार किस नियम से मिला, क्या प्रभावित किसानों से लिखित सहमति ली गई और नुकसान का सर्वे किस अधिकारी ने किया। उन्होंने मांग की है कि हर प्रभावित किसान के नुकसान का अलग से मूल्यांकन कर मुआवजा दिया जाए, प्रभावितों की सूची सार्वजनिक हो, किसानों के साथ जनसुनवाई की जाए और शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिभा पाल ने संबंधित विभागों से जानकारी लेकर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, एडवोकेट नवैया ने स्पष्ट किया है कि 'पहले अधिकार, फिर विकास' के सिद्धांत के तहत किसानों के हक के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बीना नदी सिंचाई (हनौता) परियोजना के तहत बीना, खुरई और राहतगढ़ क्षेत्र के अनेक गांवों में किसानों की निजी कृषि भूमि पर बिना पूर्व सूचना, लिखित सहमति और उचित मुआवजे के भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का मामला जिला कलेक्टर तक पहुंच गया है। एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया (सह प्रभारी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-035 बीना, कांग्रेस) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिभा पाल को इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस मध्य प्रदेश के स्टेट कोऑर्डिनेटर देवेंद्र कुशवाहा और दीपक अहिरवार सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को बताया कि भारी मशीनों से की जा रही गहरी खुदाई के कारण किसानों की खड़ी फसल, उपजाऊ मिट्टी, खेतों की मेड़, वृक्ष और सिंचाई व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आपत्ति जताई कि खुदाई के बाद केवल मिट्टी भर देने से किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, क्योंकि जमीन के नीचे स्थायी सरकारी पाइपलाइन बिछने से भविष्य में भवन निर्माण, बोरवेल, सिंचाई विस्तार और कृषि भूमि के स्वतंत्र उपयोग पर गंभीर असर पड़ेगा। एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया ने जोर देकर कहा कि किसी भी सार्वजनिक परियोजना का संचालन किसानों के अधिकारों की अनदेखी कर नहीं किया जा सकता और विकास के साथ-साथ किसानों के अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं, जिनमें यह पूछा गया है कि यह परियोजना किस कानूनी प्रावधान के तहत चलाई जा रही है, निजी भूमि में पाइपलाइन बिछाने का अधिकार किस नियम से मिला, क्या प्रभावित किसानों से लिखित सहमति ली गई और नुकसान का सर्वे किस अधिकारी ने किया। उन्होंने मांग की है कि हर प्रभावित किसान के नुकसान का अलग से मूल्यांकन कर मुआवजा दिया जाए, प्रभावितों की सूची सार्वजनिक हो, किसानों के साथ जनसुनवाई की जाए और शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिभा पाल ने संबंधित विभागों से जानकारी लेकर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, एडवोकेट नवैया ने स्पष्ट किया है कि 'पहले अधिकार, फिर विकास' के सिद्धांत के तहत किसानों के हक के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
- सागर जिला अधिवक्ता संघ सागर के आगामी द्विवार्षिक चुनाव में मातृ शक्ति के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण तय होने पर आज जिला न्यायालय परिक्षेत्र में खुशी का माहौल रहा। इस निर्णय से प्रसन्न होकर अधिवक्ता मातृ शक्ति द्वारा जिला अधिवक्ता संघ सागर के अध्यक्ष, सचिव सहित समस्त पदाधिकारियों, सीनियर अधिवक्ताओं और साथी अधिवक्तागणों का सम्मान किया गया। महिला अधिवक्ताओं ने सभी को पुष्पगुच्छ भेंट किए और मीठा खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। इस उत्सव के दौरान कोर्ट परिसर में भव्य आतिशबाजी भी की गई। इसके साथ ही, वहां मौजूद समस्त अधिवक्तागणों ने भी मातृ शक्ति का सम्मान किया।1
- सागर जिले के जैसीनगर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एक वरिष्ठ भाजपा नेता के संबंध में अपनी बात रखी है। उन्होंने इस वरिष्ठ नेता को लेकर क्या कहा है, उसे विस्तार से सुनने की अपील की गई है।1
- सागर के गढ़ाकोटा में भक्त के लिए खुद भगवान के बीमार होने का श्रद्धा से भरा मामला सामने आया है। भगवान के बीमार पड़ने के बाद उनकी स्थिति जानने के लिए वैद्य पहुंचे, जिन्होंने भगवान की नब्ज टटोली। अब भगवान को ठीक करने के लिए उन्हें काढ़े और खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद वे अपनी यात्रा पर निकलेंगे।1
- इंदौर और धार जिले की सीमा पर स्थित सागौर कुटी मयलन चौराहा भीषण ट्रैफिक जाम का अड्डा बन चुका है, जिससे रोजाना हजारों लोग घंटों तक फंसने को मजबूर हैं। विशेष रूप से शाम के समय स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों के कारण पूरी यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। इस जाम की वजह से आम नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों के साथ-साथ ठेलों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं, लेकिन ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए मौके पर न तो पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और न ही कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई देती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या रोजाना की हो चुकी है और बाजार क्षेत्र होने के कारण शाम को यहां खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। परेशान जनता ने प्रशासन से चौराहे पर नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करने, सड़क से अतिक्रमण हटाने और यातायात को सुचारू करने के लिए एक ठोस योजना लागू करने की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा या राहगीर इसी तरह रोजाना जाम की मार झेलने को मजबूर रहेंगे।1
- सागर जिले के बीना में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं पर एक साल बाद भी अमल न होने के विरोध में एक बेहद अनोखा और तीखा प्रदर्शन किया गया। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर को शहरी और ग्रामीण विकास के दम तोड़ते दावों को दर्शाते हुए दो प्रतीकात्मक शव तैयार किए गए। यह अनोखी शव यात्रा आंबेडकर तिराहा से शुरू होकर सर्वोदय चौराहा तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान लोग हाथों में सीएम की घोषणाओं की तख्तियां थामे हुए थे और एक व्यक्ति सबसे आगे हांडी लेकर चल रहा था। एक साथ दो अर्थियां निकलते देख पूरा शहर हैरान रह गया। सर्वोदय चौराहा पर दोनों अर्थियों को रखकर महिलाओं और पुरुषों ने रो-रोकर जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामेदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अंबर पंथी को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, अशोक परिहार, प्रमोद राय, अमित ठाकुर, रितिक ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार, कल्लू ठाकुर, कल्याण सिंह और जगमोहन सिंह ठाकुर सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा द्वारा किए गए सभी वादे अब 'स्वर्गीय' हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर 2025 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कृषि मंडी में सभा के दौरान बीना नदी परियोजना से सभी गांवों को जोड़ने, ₹5 करोड़ की लागत से नगरपालिका का नया भवन बनाने, ₹1.27 करोड़ की लागत से जनपद भवन, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, नगरपालिका का सीमा विस्तार, 40 किमी लंबा बायपास रोड, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नई आईटीआई, ₹30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने और खिमलासा को तहसील व मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने जैसी कई बड़ी घोषणाएं की थीं, जो आज तक अधूरी हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने बीना में बन रहे ओवरब्रिज और सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण बनाए गए डायवर्जन रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसके चलते लोगों को 3 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों का डीजल-पेट्रोल का खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने खिमलासा-कंजिया मार्ग पर हुए भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरने और भ्रष्टाचार के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के जैसीनगर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ₹80 करोड़ से अधिक के कार्यों का लोकार्पण किया है।1
- ललितपुर के मड़ावरा थाना क्षेत्र के ग्राम गिदवाहा में रविवार दोपहर एक 27 वर्षीय विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गिदवाहा निवासी नंदलाल की पत्नी प्रीति रविवार दोपहर घर पर अकेली थी, तभी उसने घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली। कुछ देर बाद जब परिजन घर पहुंचे तो वह बेसुध हालत में पाई गई। अस्पताल पहुंचे महिला का पति नंदलाल अपने साथ कीटनाशक की खाली बोतल भी लेकर आया था और उसने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को बोतल दिखाकर बताया कि उसकी पत्नी ने इसी का सेवन किया है। इसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर महिला की हालत पर निगरानी रखना शुरू कर दिया। विवाहिता द्वारा कीटनाशक का सेवन करने के पीछे के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पारिवारिक कलह इस घटना का कारण हो सकता है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना मड़ावरा पुलिस को दे दी गई है। इस बावत चिकित्सा अधीक्षक डॉ अविनाश ने बताया कि आत्महत्या के प्रयास से जुड़े मामलों की सूचना नियमानुसार पुलिस को भेजी जाती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई के अभाव में ऐसे मामलों को लगातार बढ़ावा मिल रहा है, जिसपर अंकुश लगाया जाना चाहिए।3