लखनऊ के अलीगंज स्थित बिल्डिंग में हुए अग्निकांड के बाद इमारत के मानचित्र और उसके उपयोग को लेकर नए तथ्य सामने आए हैं। यह इमारत रामेश्वरम ग्रुप के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, भवन का मूल मानचित्र सुरेंद्र प्रताप और धीरेन्द्र प्रताप के नाम से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत हुआ था। हालांकि, बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में नगर निगम ने इस भवन को व्यावसायिक श्रेणी में दर्ज कर लिया था। इतना ही नहीं, नगर निगम द्वारा कॉमर्शियल श्रेणी के अनुसार कर और अन्य शुल्क की वसूली भी की गई। अग्निकांड के बाद अब भवन की स्वीकृति, उपयोग परिवर्तन और सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर दी गई है। प्रशासन भवन निर्माण नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन की पड़ताल कर रहा है। घटना के बाद मानचित्र स्वीकृति, उपयोग परिवर्तन और संबंधित विभागों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। इस अग्निकांड मामले में जिम्मेदारी तय करने को लेकर शासन स्तर पर लगातार समीक्षा जारी है।
लखनऊ के अलीगंज स्थित बिल्डिंग में हुए अग्निकांड के बाद इमारत के मानचित्र और उसके उपयोग को लेकर नए तथ्य सामने आए हैं। यह इमारत रामेश्वरम ग्रुप के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, भवन का मूल मानचित्र सुरेंद्र प्रताप और धीरेन्द्र प्रताप के नाम से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत हुआ था। हालांकि, बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में नगर निगम ने इस भवन को व्यावसायिक श्रेणी में दर्ज कर लिया था। इतना ही नहीं, नगर निगम द्वारा कॉमर्शियल श्रेणी के अनुसार कर और अन्य शुल्क की वसूली भी की गई। अग्निकांड के बाद अब भवन की स्वीकृति, उपयोग परिवर्तन और सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर दी गई है। प्रशासन भवन निर्माण नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन की पड़ताल कर रहा है। घटना के बाद मानचित्र स्वीकृति, उपयोग परिवर्तन और संबंधित विभागों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। इस अग्निकांड मामले में जिम्मेदारी तय करने को लेकर शासन स्तर पर लगातार समीक्षा जारी है।
- केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने बदायूं में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर न बख्शने की कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की गहन जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी को भी राहत नहीं मिलेगी। अपने बयान में, मंत्री वर्मा ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि अखिलेश यादव को राम मंदिर पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार के दौरान कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं और राम मंदिर का विरोध किया गया था। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जोर दिया कि योगी सरकार में अपराधियों को कोई माफी नहीं मिलती है, और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भाजपा सरकारें पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने बिहार के चर्चित एनकाउंटर मामले की जांच जारी होने का भी जिक्र किया। बीएल वर्मा ने आखिर में यह भी कहा कि ब्राह्मण समाज का आशीर्वाद हमेशा ही भाजपा के साथ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली नगर स्थित इमामबाड़ा कदीम हवेली सादात में अलम ए मुबारक का जुलूस बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी तादाद में अज़ादारों ने शिरकत की, जिन्होंने नौहाख्वानी और मातम के ज़रिए हज़रत इमाम हुसैन अ.स. और उनके वफादार साथियों को खिराज ए अकीदत पेश की। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना फिरोज अब्बास नकवी लखनवी ने बताया कि इमाम हुसैन अ.स. की कुर्बानी इंसानियत, इंसाफ, सच्चाई और हक की सरबलंदी का सबसे बड़ा पैगाम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्बला का संदेश हर दौर में जुल्म, अत्याचार और नाइंसाफी के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। मौलाना के दर्द भरे बयान को सुनकर अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल गम और अकीदत से भर गया। इस मजलिस में अंजुमन फरोगे अजा के सदर मो. रज़ा, मुतावल्ली अब्बास रजा, मुस्तफा हैदर, तनज़ीम हैदर, अकील अब्बास, साजिद अब्बास, आलिम अली, सलीम अली, शाहिद रज़ा, सय्यद रज़ा, अफरोज अब्बास, गुलरैज़ अब्बास, महमूद अली, इज्ज़त अली, मो. वसीम, मोहम्मद सलीम, ज़िया अब्बास, फैसल अली, तैयब अली, औन अब्बास, माजिद अली, शब्बर खान, अता हुसैन, दिलशाद हुसैन, शहबाज हुसैन, इमरान अली, मुन्तजिर, तनवीर इकबाल, जमाल इकबाल, हैदर रज़ा, हसन इकबाल, हुसैन इकबाल, शावेज़ अब्बास, मोहम्मद ज़की, कमर अब्बास, अज़हर अब्बास और इमरान रिज़वी सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- शिव मंदिर में कल एक भंडारे का आयोजन किया गया है। सभी भक्तों को इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।2
- अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए। 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' और 'समाजवादी पार्टी जिंदाबाद' जैसे उद्घोषों के माध्यम से नेताओं और पार्टी के प्रति उत्साह व्यक्त किया गया। पवन यादव ने भी इस समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- कानपुर में एक बड़ा हादसा टल गया जब चलती ट्रेन से उतरने के दौरान एक यात्री लड़खड़ा गया। आरपीएफ उप निरीक्षक अनिल कुमार गौतम ने अदम्य साहस और फुर्ती का परिचय देते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने समय रहते यात्री को ट्रेन के नीचे आने से खींचकर बचाया, जिससे उसकी जान बच गई।1
- आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।1
- लखनऊ में हुई एक दर्दनाक अग्नि दुर्घटना के बाद, मुख्यमंत्री ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके उपरांत, उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) पहुंचकर हादसे में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के इलाज के संबंध में जानकारी प्राप्त की और प्राथमिकता के आधार पर सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। सरकार ने इस हृदयविदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इसी कड़ी में, मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो और घायल व्यक्ति शीघ्र स्वस्थ हों।1