logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गाज़ियाबाद की आग: हादसा या सुनियोजित साज़िश,आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हालिया गिरफ्तारियों के साथ किसी संभावित कनेक्शन को भी परखा जा रहा है। कबाड़ियों के गोदाम एवं झुग्गी-झोपड़ियों में विशेष रिपोर्ट: पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनावनी गांव के पास स्थित कबाड़े के गोदाम झुग्गी-झोपड़ियों में लगी हालिया भीषण आग ने एक बार फिर OGW नेटवर्क और झुग्गी क्लस्टर पर उठते गंभीर सवाल,उन सवालों को जिंदा कर दिया है, जो पिछले कई वर्षों से दबे हुए थे, लेकिन हर नई घटना के साथ फिर सतह पर आ जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि एक ऐसा सिलसिला है जो समय-समय पर दोहराया जाता रहा है और हर बार कारण अलग-अलग बताकर मामला ठंडा कर दिया जाता है। कभी इसे शॉर्ट सर्किट कहा जाता है, कभी सिलेंडर ब्लास्ट, तो कभी गर्मी का असर, लेकिन लगातार दोहराती घटनाएं अब संयोग से ज्यादा कुछ प्रतीत होने लगी हैं। कनावनी, इंदिरापुरम, कौशांबी से लेकर गाजीपुर मंडी और आसपास के डेरी क्षेत्रों तक फैले झुग्गी क्लस्टर्स को अगर एक साथ जोड़कर देखा जाए, तो एक ऐसा भूगोल सामने आता है जहां आबादी घनी है, निगरानी सीमित है और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया कमजोर मानी जाती है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के लिए लंबे समय तक बिना ध्यान आकर्षित किए रहना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। यही वह बिंदु है जहां से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता शुरू होती है, खासकर तब जब हाल के दिनों में कौशांबी क्षेत्र से कुछ संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई हों और “ओवर ग्राउंड वर्कर” यानी OGW नेटवर्क की चर्चा तेज हुई हो। OGW शब्द आमतौर पर उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो किसी बड़े नेटवर्क के लिए जमीन पर रहकर सहायता प्रदान करते हैं—चाहे वह लॉजिस्टिक सपोर्ट हो, सूचना जुटाना हो या अस्थायी ठिकाने उपलब्ध कराना। हालांकि गाज़ियाबाद की इन घटनाओं को सीधे किसी ऐसे नेटवर्क से जोड़ना अभी जांच का विषय है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। खासतौर पर तब, जब इन कबाड़ा के गोदाम एवं झुग्गी क्लस्टर्स के आसपास CRPF और PAC जैसे सुरक्षा बलों के कैंप मौजूद हों, जो इन इलाकों को रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बनाते हैं। स्थानीय चर्चाओं में एक और पहलू सामने आता है—तकनीक का उपयोग। कुछ लोगों का दावा है कि संदिग्ध तत्व छोटे सोलर उपकरणों या कैमरों का इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, आधुनिक दौर में निगरानी के साधनों के छोटे और सस्ते हो जाने के कारण इस संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया जा सकता। यदि इस दिशा में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो यह मामला केवल स्थानीय अपराध की सीमा से बाहर निकलकर एक बड़े सुरक्षा आयाम में प्रवेश कर सकता है। इन सभी सवालों के बीच सबसे महत्वपूर्ण और चिंताजनक पहलू बार-बार लगने वाली आग है। हर घटना के बाद झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो जाती हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों के दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य साक्ष्य भी नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह केवल दुर्घटना है, या फिर अनजाने में या जानबूझकर ऐसी स्थिति बन रही है जहां हर बार सब कुछ “रीसेट” हो जाता है। यह केवल एक संदेह है, लेकिन जांच के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा जरूर हो सकती है। हाल ही में लखनऊ में सामने आए एक जासूसी से जुड़े मामले के बाद वहां भी झुग्गी क्षेत्र में आग लगने की घटना ने कई लोगों को चौंकाया था। अब गाज़ियाबाद में इसी तरह की घटना के बाद कुछ लोग इन दोनों को जोड़कर देखने लगे हैं, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ठोस साक्ष्य जरूरी हैं और केवल समानता के आधार पर पैटर्न तय करना जल्दबाजी होगी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के सामने है, जिसे एक साथ दो मोर्चों पर काम करना होता है—एक ओर मानवीय संकट है, जहां झुग्गियों में रहने वाले लोग हर बार आग में अपना सब कुछ खो देते हैं और पुनर्वास की मांग करते हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा का प्रश्न है, जहां इन अनियंत्रित बस्तियों के कारण संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय निवासी भी इसी द्वंद्व में हैं—वे न तो किसी निर्दोष को नुकसान पहुंचते देखना चाहते हैं और न ही अपने आसपास किसी संभावित खतरे को अनदेखा करना चाहते हैं। प्रशासन ने इस बार घटना के बाद जांच तेज करने की बात कही है। फॉरेंसिक टीमों को लगाया गया है, आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हालिया गिरफ्तारियों के साथ किसी संभावित कनेक्शन को भी परखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जाएगी और बिना साक्ष्य के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। फिलहाल, गाज़ियाबाद की यह आग एक बार फिर कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है। क्या यह केवल एक और दुर्घटना है, जिसे समय के साथ भुला दिया जाएगा, या फिर यह किसी गहरे और लंबे समय से चल रहे तंत्र की एक झलक है? सच्चाई जो भी हो, वह जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि इस तरह की लगातार घटनाएं अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गई हैं, बल्कि शहरी सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक संतुलन—तीनों पर एक साथ सवाल खड़े कर रही हैं।

4 hrs ago
user_Rohit Kumar
Rohit Kumar
इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

गाज़ियाबाद की आग: हादसा या सुनियोजित साज़िश,आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हालिया गिरफ्तारियों के साथ किसी संभावित कनेक्शन को भी परखा जा रहा है। कबाड़ियों के गोदाम एवं झुग्गी-झोपड़ियों में विशेष रिपोर्ट: पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनावनी गांव के पास स्थित कबाड़े के गोदाम झुग्गी-झोपड़ियों में लगी हालिया भीषण आग ने एक बार फिर OGW नेटवर्क और झुग्गी क्लस्टर पर उठते गंभीर सवाल,उन सवालों को जिंदा कर दिया है, जो पिछले कई वर्षों से दबे हुए थे, लेकिन हर नई घटना के साथ फिर सतह पर आ जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि एक ऐसा सिलसिला है जो समय-समय पर दोहराया जाता रहा है और हर बार कारण अलग-अलग बताकर मामला ठंडा कर दिया जाता है। कभी इसे शॉर्ट सर्किट कहा जाता है, कभी सिलेंडर ब्लास्ट, तो कभी गर्मी का असर, लेकिन लगातार दोहराती घटनाएं अब संयोग से ज्यादा कुछ प्रतीत होने लगी हैं। कनावनी, इंदिरापुरम, कौशांबी से लेकर गाजीपुर मंडी और आसपास के डेरी क्षेत्रों तक फैले झुग्गी क्लस्टर्स को अगर एक साथ जोड़कर देखा जाए, तो एक ऐसा भूगोल सामने आता है जहां आबादी घनी है, निगरानी सीमित है और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया कमजोर मानी जाती है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के लिए लंबे समय तक बिना ध्यान आकर्षित किए रहना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। यही वह बिंदु है जहां से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता शुरू होती है, खासकर तब जब हाल के दिनों में कौशांबी क्षेत्र से कुछ संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई हों और “ओवर ग्राउंड वर्कर” यानी OGW नेटवर्क की चर्चा तेज हुई हो। OGW शब्द आमतौर पर उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो किसी बड़े नेटवर्क के लिए जमीन पर रहकर सहायता प्रदान करते हैं—चाहे वह लॉजिस्टिक सपोर्ट हो, सूचना जुटाना हो या अस्थायी ठिकाने उपलब्ध कराना। हालांकि गाज़ियाबाद की इन घटनाओं को सीधे किसी ऐसे नेटवर्क से जोड़ना अभी जांच का विषय है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। खासतौर पर तब, जब इन कबाड़ा के गोदाम एवं झुग्गी क्लस्टर्स के आसपास CRPF और PAC जैसे सुरक्षा बलों के कैंप मौजूद हों, जो इन इलाकों को रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बनाते हैं। स्थानीय चर्चाओं में एक और पहलू सामने आता है—तकनीक का उपयोग। कुछ लोगों का दावा है कि संदिग्ध तत्व छोटे सोलर उपकरणों या कैमरों का इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, आधुनिक दौर में निगरानी के साधनों के छोटे और सस्ते हो जाने के कारण इस संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया जा सकता। यदि

इस दिशा में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो यह मामला केवल स्थानीय अपराध की सीमा से बाहर निकलकर एक बड़े सुरक्षा आयाम में प्रवेश कर सकता है। इन सभी सवालों के बीच सबसे महत्वपूर्ण और चिंताजनक पहलू बार-बार लगने वाली आग है। हर घटना के बाद झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो जाती हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों के दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य साक्ष्य भी नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह केवल दुर्घटना है, या फिर अनजाने में या जानबूझकर ऐसी स्थिति बन रही है जहां हर बार सब कुछ “रीसेट” हो जाता है। यह केवल एक संदेह है, लेकिन जांच के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा जरूर हो सकती है। हाल ही में लखनऊ में सामने आए एक जासूसी से जुड़े मामले के बाद वहां भी झुग्गी क्षेत्र में आग लगने की घटना ने कई लोगों को चौंकाया था। अब गाज़ियाबाद में इसी तरह की घटना के बाद कुछ लोग इन दोनों को जोड़कर देखने लगे हैं, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ठोस साक्ष्य जरूरी हैं और केवल समानता के आधार पर पैटर्न तय करना जल्दबाजी होगी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के सामने है, जिसे एक साथ दो मोर्चों पर काम करना होता है—एक ओर मानवीय संकट है, जहां झुग्गियों में रहने वाले लोग हर बार आग में अपना सब कुछ खो देते हैं और पुनर्वास की मांग करते हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा का प्रश्न है, जहां इन अनियंत्रित बस्तियों के कारण संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय निवासी भी इसी द्वंद्व में हैं—वे न तो किसी निर्दोष को नुकसान पहुंचते देखना चाहते हैं और न ही अपने आसपास किसी संभावित खतरे को अनदेखा करना चाहते हैं। प्रशासन ने इस बार घटना के बाद जांच तेज करने की बात कही है। फॉरेंसिक टीमों को लगाया गया है, आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हालिया गिरफ्तारियों के साथ किसी संभावित कनेक्शन को भी परखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जाएगी और बिना साक्ष्य के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। फिलहाल, गाज़ियाबाद की यह आग एक बार फिर कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है। क्या यह केवल एक और दुर्घटना है, जिसे समय के साथ भुला दिया जाएगा, या फिर यह किसी गहरे और लंबे समय से चल रहे तंत्र की एक झलक है? सच्चाई जो भी हो, वह जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि इस तरह की लगातार घटनाएं अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गई हैं, बल्कि शहरी सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक संतुलन—तीनों पर एक साथ सवाल खड़े कर रही हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by PK Crime Story
    1
    Post by PK Crime Story
    user_PK Crime Story
    PK Crime Story
    Media company इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
  • देश की राजधानी दिल्ली में चोर बलेनो कार से आए और फॉर्च्यूनर चुरा ले गए !! 50 लाख रुपए की फॉर्च्यूनर का इतना घटिया सिक्योरिटी सिस्टम कि 5 मिनट में लॉक टूट गया।
    1
    देश की राजधानी दिल्ली में चोर बलेनो कार से आए और फॉर्च्यूनर चुरा ले गए !!
50 लाख रुपए की फॉर्च्यूनर का इतना घटिया सिक्योरिटी सिस्टम कि 5 मिनट में लॉक टूट गया।
    user_रजत यादव
    रजत यादव
    Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इटावा जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना बकेवर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस टीम ने एक अंतर्राज्यीय अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई स्विफ्ट कार, एक अवैध चाकू और मोबाइल फोन बरामद किया। घटना 15/16 अप्रैल 2026 की रात की है, जब पुलिस संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पूर्वी तिराहे पर एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया, जिसमें एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी पहचान आदित्य रावत (24) निवासी ग्वालियर के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी सौरभ तोमर के साथ भोपाल रेलवे स्टेशन से कार बुक कर चालक पर हमला कर वाहन लूट लिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
    2
    इटावा जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना बकेवर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस टीम ने एक अंतर्राज्यीय अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई स्विफ्ट कार, एक अवैध चाकू और मोबाइल फोन बरामद किया।
घटना 15/16 अप्रैल 2026 की रात की है, जब पुलिस संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पूर्वी तिराहे पर एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया, जिसमें एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी पहचान आदित्य रावत (24) निवासी ग्वालियर के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी सौरभ तोमर के साथ भोपाल रेलवे स्टेशन से कार बुक कर चालक पर हमला कर वाहन लूट लिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
    user_Ashraf Ansari
    Ashraf Ansari
    Journalist इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Rohit Kumar
    1
    Post by Rohit Kumar
    user_Rohit Kumar
    Rohit Kumar
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Urvashi singh
    1
    Post by Urvashi singh
    user_Urvashi singh
    Urvashi singh
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Kanhaiya lal
    1
    Post by Kanhaiya lal
    user_Kanhaiya lal
    Kanhaiya lal
    Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • जसवंतनगर/इटावा। एजुकेशन अरेना कोचिंग संस्थान ने एक बार फिर शानदार परिणाम देकर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा दिया है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में संस्थान के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। संस्थान की मेधावी छात्रा रिचा निषाद ने 94.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया और सभी की प्रशंसा हासिल की। वहीं शिवेंद्र और कृष्णा मिश्रा ने 88 प्रतिशत, शिवम कुमार ने 87.40 प्रतिशत, आयशा राजपूत ने 87.20 प्रतिशत तथा आयुष यादव ने 87 प्रतिशत अंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया। इसके अतिरिक्त भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर संस्थान की गुणवत्ता को सिद्ध किया। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह में संस्थान के संचालक शिवम यादव ने मेधावी छात्रों को माल्यार्पण कर एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्साह, गर्व और खुशी का माहौल देखने को मिला, वहीं अभिभावकों के चेहरों पर संतोष और गर्व स्पष्ट झलक रहा था। संचालक शिवम यादव ने बताया कि एजुकेशन अरेना पिछले तीन वर्षों से लगातार बेहतर परिणाम दे रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां अनुभवी शिक्षकों की टीम समर्पण के साथ छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान कर रही है, जिसका परिणाम आज सामने है। कार्यक्रम के अंत में सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। एजुकेशन अरेना की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और अनुशासन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
    2
    जसवंतनगर/इटावा। एजुकेशन अरेना कोचिंग संस्थान ने एक बार फिर शानदार परिणाम देकर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा दिया है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में संस्थान के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया।
संस्थान की मेधावी छात्रा रिचा निषाद ने 94.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया और सभी की प्रशंसा हासिल की। वहीं शिवेंद्र और कृष्णा मिश्रा ने 88 प्रतिशत, शिवम कुमार ने 87.40 प्रतिशत, आयशा राजपूत ने 87.20 प्रतिशत तथा आयुष यादव ने 87 प्रतिशत अंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया। इसके अतिरिक्त भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर संस्थान की गुणवत्ता को सिद्ध किया।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह में संस्थान के संचालक शिवम यादव ने मेधावी छात्रों को माल्यार्पण कर एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्साह, गर्व और खुशी का माहौल देखने को मिला, वहीं अभिभावकों के चेहरों पर संतोष और गर्व स्पष्ट झलक रहा था।
संचालक शिवम यादव ने बताया कि एजुकेशन अरेना पिछले तीन वर्षों से लगातार बेहतर परिणाम दे रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां अनुभवी शिक्षकों की टीम समर्पण के साथ छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान कर रही है, जिसका परिणाम आज सामने है।
कार्यक्रम के अंत में सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। एजुकेशन अरेना की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और अनुशासन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
    user_Rahul Yadav   jaswant Nagar
    Rahul Yadav jaswant Nagar
    जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Rohit Kumar
    2
    Post by Rohit Kumar
    user_Rohit Kumar
    Rohit Kumar
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.