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Rinku Rinku
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Rinku Rinku1
- बसंत उत्सव में गैर-जिम्मेदाराना हरकतें -- मुंह से पेट्रोल निकालकर आग का खेल। एक आदमी को मुंह से पेट्रोल निकालकर आग दिखाने का प्रदर्शन महंगा पड़ा, उसके चेहरे पर आग लग गई, देखिए आगे क्या हुआ1
- मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल अंतर्गत परड़िया व हथिऔंधा पंचायत में आयोजित पैक्स चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया, लेकिन शाम में हुई मतगणना काफी रोमांचक और हंगामेदार रही। हथिऔंधा पैक्स चुनाव में शिवकुमार भगत को 386 मत प्राप्त हुए और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मो. शमीम (196 मत) को हराकर जीत दर्ज की। वहीं परड़िया पैक्स की मतगणना रात करीब साढ़े नौ बजे उस समय बेहद रोमांचक हो गई जब प्रारंभिक परिणाम में सुरेन्द्र झा को 296, अमोद मेहता को 294, अशोक ठाकुर को 263 तथा दिलीप चौधरी को 101 मत मिलने की घोषणा की गई। इस घोषणा के अनुसार सुरेन्द्र झा को 2 मतों से विजयी बताया गया। हालांकि, अमोद मेहता ने परिणाम को अस्वीकार करते हुए पुनः मतगणना के लिए आवेदन दिया। इसके बाद हुई री-काउंटिंग का अंतिम फैसला रात करीब 11 बजे आया, जिसमें अमोद मेहता को 1 मत से विजयी घोषित कर दिया गया। मतगणना से असंतुष्ट प्रत्याशी ने बीडीओ पर लगाया धांधली का आरोप री-काउंटिंग का परिणाम आते ही सुरेन्द्र झा के समर्थकों ने जोरदार विरोध व हंगामा शुरू कर दिया। समर्थकों का कहना था कि पहले सुरेन्द्र झा को 2 मतों से विजयी बताया गया, फिर री-काउंटिंग में उन्हें 1 मत से पराजित कैसे कर दिया गया। या तो पहले गिनती गलत हुई या बाद में गड़बड़ी की गई। समर्थकों ने री-काउंटिंग के दौरान बीडीओ पर रिश्वत लेकर पक्षपातपूर्ण तरीके से हराने का आरोप लगाया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक प्रखंड कार्यालय के समीप सड़क जाम कर विरोध जताया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला व पुरुष समर्थक मौजूद रहे। बाद में प्रत्याशी सुरेन्द्र झा एवं थाना अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह के समझाने-बुझाने पर रात करीब 12 बजे जाम समाप्त कराया गया। इस संबंध में बीडीओ अमित कुमार ने बताया कि मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से, दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराई गई है तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया।4
- “बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन का 52वां वार्षिक सम्मेलन बोआकॉन 2026 आगामी 13 से 15 फरवरी को सहरसा के प्रेक्षा गृह में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, शोध और अनुभवों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच होगा,” यह बातें शनिवार को कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने राइस मिल कैंपस स्थित होटल परदेसी कार्डो में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। उन्होंने बताया कि बोआकॉन बिहार का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक सम्मेलन है, जो प्रत्येक वर्ष देशभर के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों, युवा चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को एक मंच पर लाता है। इस सम्मेलन के माध्यम से चिकित्सक अपने अनुभव साझा करते हैं और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, उपचार पद्धतियों एवं शोध पर विस्तृत चर्चा करते हैं। कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि इस वर्ष बोआकॉन 2026 का आयोजन कोशी ऑर्थोपेडिक क्लब द्वारा किया जा रहा है और अब तक 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने पंजीकरण करा लिया है। सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चा, शोध पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ, लाइव डेमोंस्ट्रेशन तथा आर्थ्रोस्कोपी, आर्थ्रोप्लास्टी और ट्रॉमा मैनेजमेंट पर हैंड्स-ऑन वर्कशॉप शामिल होंगी। इस दौरान ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया है, जिससे सहभागियों को आपसी संवाद और सहयोग का अवसर मिलेगा। उन्होंने जिला प्रशासन, सहयोगी संस्थाओं और मीडिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बोआकॉन 2026 को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।वही डॉ भुवन सिंह ने भी कहा कि इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों की टीम पहुंचेगी जो अपने अनुभव को साझा कर आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, उपचार पद्धतियों एवं शोध के संदर्भ विस्तार से चर्चा करेंगे जिसका लाभ खासकर युवा चिकित्सको को मिलेगा।मौके पर ट्रेजरर मनोज कुमार झा सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।2
- मधेपुरा से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सरकारी मिड डे मील योजना के तहत परोसी गई खिचड़ी खाने से 70 से अधिक मासूम बच्चे बीमार पड़ गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मिड डे मील में छिपकली गिरने की आशंका जताई जा रही है। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद मधेपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। 👉 सवाल साफ है — क्या बच्चों की थाली की कोई निगरानी नहीं? क्या मिड डे मील में गुणवत्ता जांच सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? और अगर किसी बच्चे की जान चली जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? सरकार और प्रशासन को अब सिर्फ बयान नहीं, जवाब और कार्रवाई देनी होगी। #MadhepuraNews #MidDayMealScam #BiharBreaking #GovernmentFailure #SchoolFoodSafety #ChildrenInDanger #BiharNewsHindi #SystemFailure #BreakingNews #MidDayMeal #PublicIssue1
- सोनवर्षा PACS चुनाव: मतगणना में अनिल यादव की बड़ी बढ़त, चतुष्कोणीय मुकाबले में पिछड़ रहे प्रतिद्वंदी मधेपुरा (शंकरपुर) | प्रखंड के सोनवर्षा पंचायत में पैक्स (PACS) चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर सस्पेंस अब खत्म होने की ओर है। शनिवार सुबह 9 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई मतगणना में शुरुआती राउंड से ही अनिल यादव ने अपने प्रतिद्वंदियों पर बढ़त बना ली है। कुल तीन चक्रों (Rounds) में हुई गिनती के आंकड़ों के अनुसार, अनिल यादव अन्य उम्मीदवारों से काफी आगे चल रहे हैं। बीडीओ तेज प्रताप त्यागी की देखरेख में मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है। लाइव स्कोरकार्ड: किस उम्मीदवार को कितने मिले वोट मतगणना के तीनों चक्रों (1A, 1B, 1C) के बाद की स्थिति नीचे टेबल में दी गई है:प्रत्याशी का नाम प्रथम चक्र (1A) द्वितीय चक्र (1B) तृतीय चक्र (1C) कुल प्राप्त मत अनिल यादव 97 158 290 545 बबलू यादव 70 81 54 205 विवेक कुमार 94 79 42 215 अशोक कुमार यादव 31 74 42 147 रद्द (Invalid) 19 28 54 101 कुल योग 311 420 482 चुनावी विश्लेषण: अनिल यादव की 'हैट्रिक' बढ़त शुरुआती रुझानों में विवेक कुमार और बबलू यादव के बीच दूसरे नंबर के लिए कड़ी टक्कर देखी गई, लेकिन तीसरे चक्र की गिनती तक अनिल यादव ने 545 वोट पाकर अपनी जीत लगभग सुनिश्चित कर ली है। आंकड़ों के मुताबिक, 101 वोट रद्द भी हुए हैं, जो हार-जीत के अंतर में बड़ी भूमिका निभा सकते थे। प्रशासनिक मुस्तैदी: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बीडीओ तेज प्रताप त्यागी ने बताया कि मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी निगरानी: पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। दंडाधिकारी तैनात: हर टेबल पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है ताकि गणना में कोई त्रुटि न हो। धारा 144: केंद्र के बाहर भीड़ जमा होने और नारेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। मतगणना संपन्न होने के बाद जीते हुए प्रत्याशी अनिल यादव और मौरा कवियाही पंचायत के निर्विरोध चुने पैक्स अध्यक्ष सुमन कुमार को जिला कल्याण पदाधिकारी रामकृपाल प्रसाद और बीडीओ तेज प्रताप त्यागी ने जीत का सर्टिफिकेट दिया।1
- सीएचसी सौर बाजार में गुरुवार के देर रात एक प्रसव महिला के परिजन से रुपए लेने का मामला प्रकाश में आया है जबकि महिला वार्ड में कुछ न कुछ मामला प्रकाश में आता रहा है कभी मरीज के ईलाज में लापरवाही को लेकर तो कभी मरीज के परिजन से रुपए लेने को लेकर मगर अब तक वरीय पदाधिकारी द्वारा जांच कर कार्रवाई करने का मामला सामने नहीं आया है जिससे सीएचसी सौर बाजार में कार्यरत जी एन एम का मनोबल बढ़ा रहता है। हालांकि महिला मरीज के परिजन से जब पूछा गया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा की किसी जी एन एम ने उससे रुपए की मांग किया है जिसे किसी और के मदद से व्यवस्था कर रुपए देने की बात कही है। अब देखना है की इस बार सीएचसी सौर बाजार के वरीय पदाधिकारी द्वारा किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है या पहले की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।1
- मधेपुरा में चोर और झपटमार गिरोह का बोलबाला है। आए दिन हो रही चोरी और छिनतई की घटनाओं के बावजूद पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। ताजा मामला शुक्रवार का है, जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मेन ब्रांच से रुपये निकालकर घर लौट रहे मां-बेटे को झपटमारों ने निशाना बना लिया और दिनदहाड़े बाइक की डिक्की तोड़कर एक लाख 90 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के संबंध में गम्हरिया थाना क्षेत्र के चिकनी फुलकाहा निवासी प्रवीण प्रभाकर ने सदर थाना में आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि वह दोपहर करीब 3.15 बजे एसबीआई मेन ब्रांच से 1.90 लाख रुपये निकालकर बाइक की डिक्की में रखकर गौशाला वार्ड चार स्थित किराए के मकान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान झपटमारों ने उनकी बाइक की डिक्की तोड़ी और रुपये लेकर आराम से भाग निकले। पीड़ित ने थाना अध्यक्ष से रुपये की बरामदगी और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। दरअसल, मधेपुरा इन दिनों अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। चोरी और छिनतई की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस एक भी बड़ी वारदात का उद्भेदन करने में विफल साबित हो रही है। गुरुवार की रात भर्राही थाना क्षेत्र के बुधमा गांव में चोरों ने दरवाजे पर खड़े तीन ट्रैक्टर की बैटरी चोरी कर ली, जबकि इससे पहले प्रोफेसर कॉलोनी में एक रिटायर अधिकारी के घर 20 लाख रुपये से अधिक की चोरी हुई थी, लेकिन आज तक पुलिस एक भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई। इसी तरह जनवरी माह में वार्ड तीन के एक बंद घर से 10 लाख रुपये से अधिक के सामान की चोरी हुई, न तो सामान बरामद हुआ और न ही चोरों का कोई सुराग मिला। लगातार हो रही इन घटनाओं से आम लोग दहशत में हैं और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस केवल कागजी कार्रवाई और आश्वासन तक सीमित नजर आ रही है।4