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झरिया विधानसभा क्षेत्र में पानी और बिजली की भीषण किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बेहद परेशान हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
JH Media Dhn Zahir Khan Kcn Tv
झरिया विधानसभा क्षेत्र में पानी और बिजली की भीषण किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बेहद परेशान हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
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- धनबाद के चिटाही में अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, जहां रिहायशी इलाकों के नीचे लगातार खनन हो रहा है। जमीन धंसने के खतरे को देखते हुए आक्रोशित महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सभी अवैध मुहानों को बंद करने की अपील की है।1
- बोकारो जिले के जरूवा मोड़ के आगे सड़क पर दो मोटरसाइकिलों के बीच एक जबरदस्त टक्कर हो गई। इस हादसे में कुल चार लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।4
- दैनिक भास्कर के पत्रकार सुभाष बर्णवाल की दिवंगत पत्नी नीलम बर्णवाल का बीते 17 मई को विद्युत स्पर्शघात से निधन हो गया था। मृतका नीलम बर्णवाल पतंजलि योग समिति चंद्रपुरा की योगा शिक्षक थीं और गायत्री परिवार से भी जुड़ी हुई थीं। चंद्रपुरा के पत्रकारों ने चंद्रपुरा हिंदी साहित्य परिषद में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता दैनिक जागरण के पत्रकार महावीर महतो ने की, जबकि हिंदुस्तान के पत्रकार शैलेश सुमन ने इसका संचालन किया। उपस्थित पत्रकारों ने स्व. नीलम बर्णवाल के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर एक मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर पत्रकार अरविंद शर्मा, राकेश कुमार सिंह, मनोज कुमार, राजू सिंह, भाष्कर कुमार, मनमीत कुमार, सतेन्द्र गिरी, चुरामन ठाकुर सहित कई अन्य पत्रकार शामिल हुए।1
- धनबाद जिले के मैथन-शंकर टॉकिज मार्ग पर झिलिया के पास निर्माणाधीन पुल का काम अचानक रोक दिया गया है। शिवलीबाड़ी उत्तर पंचायत की मुखिया मलका मेहर निगार ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कार्यस्थल पर मोर्चा खोल दिया, जिसके बाद मैथन मोड से मैथन जाने वाले मुख्य मार्ग पर चल रहा यह निर्माण कार्य ठप हो गया। मुखिया और ग्रामीण एप्रोच सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह कदम इलाके में व्याप्त गंभीर जल संकट की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए उठाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पंचायत लंबे समय से भीषण पेयजल समस्या से जूझ रही है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि जब तक उनकी पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक न तो निर्माण कार्य को फिर से शुरू होने दिया जाएगा और न ही एप्रोच सड़क को आवागमन के लिए खोला जाएगा।6
- धनबाद के निरसा स्थित कुमारधुबी में एक गाड़ी के दुकान के चूल्हे से टकराने के बाद दो गुटों में तीखी झड़प हो गई। इस हिंसक भिड़ंत में कम से कम 4 लोग घायल हुए हैं।1
- rahulkumar1
- धनबाद में खाद्य सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन अब सख्त हो गया है, जिसके तहत उपायुक्त के निर्देश पर रविवार से दो दिवसीय विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील' के माध्यम से जिले भर में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, मिठाई की दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट के खाद्य पदार्थों की गहन जांच की जा रही है। यह अभियान धनबाद के सरायढेला मार्केट से शुरू हुआ, जहाँ रांची से आई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के विश्लेषकों ने मौके पर ही सैंपल की जांच की। इस दौरान कई खाद्य पदार्थों में खामियाँ मिलने पर उन्हें तुरंत नष्ट करवा दिया गया और संबंधित दुकानदारों को चेतावनी दी गई। डॉ. राजा कुमार ने बताया कि हाल के दिनों में झारखंड में स्ट्रीट फूड खाने से कई लोगों और बच्चों के बीमार पड़ने की घटनाओं को देखते हुए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को केवल चेतावनी दी जा रही है, लेकिन दोबारा गड़बड़ी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, होटल और रेस्टोरेंट में जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का मौके पर मौजूद ग्राहकों और दुकानदारों ने भी स्वागत किया। ग्राहकों ने मांग की कि यह जांच सिर्फ छोटे स्ट्रीट फूड विक्रेताओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में भी नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जाना चाहिए। जिला प्रशासन का यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना है।2
- बोकारो के चंद्रापुरा में हिंदी साहित्य परिषद में पत्रकार सुभाष बर्णवाल की पत्नी को प्रखंड के पत्रकारों ने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान की कामना की।4
- गिरिडीह के डुमरी प्रखंड अंतर्गत आदिवासी बहुल झरना गांव आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी पेयजल सुविधा से वंचित है। गांव में न तो कोई चापाकल चालू है और न ही नल-जल योजना का लाभ पहुँचा है, जिसके कारण ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए रोज तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्ते से जंगल के बीच स्थित लगभग 10 फीट गहरी डांडी से पानी लाना पड़ता है। सिर पर पानी ढोकर घर पहुँचना उनकी रोज़ की मजबूरी बन गई है, और यदि रात में पानी खत्म हो जाए, तो जंगल के डर से डांडी जाना और भी मुश्किल हो जाता है। इस भीषण जल संकट का असर ग्रामीणों के सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है; शादी-विवाह के मौकों पर टैंकर मंगवाने पड़ते हैं, और टैंकर न मिलने पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी की किल्लत के कारण गांव में रिश्ते तक नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि लोग रिश्तेदारी देखने आते हैं, लेकिन हालात देखकर वापस लौट जाते हैं। ग्रामीण अर्जुन मांझी ने बताया कि महिलाओं को नहाने और पानी भरने के लिए जंगल जाना पड़ता है, जिससे उन्हें डर लगता है। पंचायत समिति सदस्य सत्यनारायण महतो ने इस समस्या के समाधान के लिए विभाग को कई बार सूचित करने का दावा किया है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। उन्होंने सुझाव दिया है कि डांडी से ही पानी की आपूर्ति कर ग्रामीणों को राहत दी जा सकती है। वहीं, ग्रामीण रामु मुर्मू ने सरकार से जल्द से जल्द पानी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHD) के जेई जयप्रकाश यादव के अनुसार, पाँच साल पहले गांव में बोरिंग कराई गई थी, लेकिन 300 फीट पर भी पानी नहीं निकला, जिसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। हालांकि, गांव को मैया सम्मान योजना, आवास और पेंशन जैसी अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन पेयजल की समस्या अभी भी सबसे बड़ी बनी हुई है।4