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शामली में संत कबीर दास जी का 629वां प्रकट दिवस बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह विशेष अवसर सतलोक आश्रम में आयोजित किया गया है, जहाँ कार्यक्रम की सुंदर झलक देखने को मिल रही है।
SAGAR HINDUSTANI
शामली में संत कबीर दास जी का 629वां प्रकट दिवस बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह विशेष अवसर सतलोक आश्रम में आयोजित किया गया है, जहाँ कार्यक्रम की सुंदर झलक देखने को मिल रही है।
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- शामली के झिंझाना में स्थित टोल प्लाजा पर टोल टैक्स मांगने को लेकर भारी बवाल हो गया। दबंगों ने टोल कर्मी अजय राठौर पर ईंट-पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया, साथ ही टोल बूथ में भी तोड़फोड़ की। पीड़ित संदीप की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- शामली जिले में स्थित सतलोक आश्रम में एक आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े, जिससे वहां काफी भीड़भाड़ देखी गई।1
- शामली जिले के थानाभवन पुलिस ने दभेड़ी टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट और फायरिंग के चर्चित मामले में एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 6 मई 2026 को हुई थी, जब हरियाणा के यमुनानगर निवासी रोकी और उसके चार साथियों ने दभेड़ी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों से मारपीट की और फायरिंग की थी। इस संबंध में, टोल कर्मचारी मोहित राणा की तहरीर पर थानाभवन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे एक अभियान के तहत, थानाभवन पुलिस ने शुक्रवार रात सागर पुत्र दिनेश उर्फ लल्ला सोलंकी को, जो ग्राम चंदेनामाल, थाना थानाभवन का निवासी है, मिलन होटल के पास दभेड़ी मोड़ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- शामली जिले के थाना भवन स्थित एसबीआई बैंक में नकाबपोश व्यक्तियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया, लेकिन उनका यह प्रयास नाकाम रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद, बैंक कर्मचारी और पुलिस विभाग मिलकर इस पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। वर्तमान में, बैंक में हुए किसी भी संभावित नुकसान का आकलन करने का काम भी चल रहा है।1
- शामली जनपद में सोशल मीडिया पर संत गोरधन दास की पोस्ट पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। शिकायत मिलने के बाद थाना झिंझाना पुलिस ने जांच करते हुए त्वरित कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान ऊन कस्बे के मोहल्ला रविदासपुरी निवासी दीपक पुत्र ओमवीर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शिकायत मिलने पर गंभीरता से जांच की गई। शामली के पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई है। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- करनाल में एक मानसिक तौर पर परेशान महिला की जलने से दुखद मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुँच गईं।1
- हरियाणा के करनाल जिले के इंद्री उपमंडल स्थित सैयद छपरा गांव में 17 जून से लगातार मजलिसों का आयोजन किया जा रहा था, जिसका आज मोहर्रम की 10 तारीख को अंतिम दिन रहा। इस बेहद अहम दिन को योमे-ए आशुरा कहा जाता है, जब इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ के लिए अपनी व अपने साथियों की जान कुर्बान कर दी थी। यह कुर्बानी आज भी इंसानियत, सब्र और ईमानदारी की मिसाल मानी जाती है। मौलाना अली मेहंदी ने अपनी तकरीर में बताया कि इस दिन शिया समुदाय के लोग इमाम हुसैन की याद में मातम करते हैं और काले कपड़े पहनकर जुलूस निकालते हैं। यह पूरा महीना शोक का महीना माना जाता है। उन्होंने कर्बला के मैदान में हुई जंग का जिक्र किया, जहाँ यजीद (उस समय का बादशाह) के सैनिकों और पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन के बीच लड़ाई हुई थी, और मोहर्रम की 10 तारीख को इमाम हुसैन सहित उनके 72 साथी शहीद हो गए थे। मौलाना ने इस्लाम में इंसानियत के महत्व पर जोर देते हुए भारत की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी मेल मिलाप और भाईचारे को पूरी दुनिया में एक मिसाल बताया। गांव में मजलिस के तुरंत बाद इमाम हुसैन का जूल्जना (घोड़ा) और ताबूत बरामद हुआ, जिसके बाद जंजीर का मातम भी किया गया। रजा अब्बास के अनुसार, शिया समुदाय मोहर्रम का चांद देखते ही कई दिनों तक मजलिसों का आयोजन करता है, जिसमें मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया जाता है। सभी गांव वाले इस मौके पर मौजूद रहे, और मोहर्रम के अवसर पर ताजिया भी निकाला गया।1
- शामली में संत कबीर दास जी का 629वां प्रकट दिवस बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह विशेष अवसर सतलोक आश्रम में आयोजित किया गया है, जहाँ कार्यक्रम की सुंदर झलक देखने को मिल रही है।1