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नागौर पुलिस ने मिर्ची की थैली में छिपाकर ले जाई जा रही ₹1 करोड़ की ड्रग्स बरामद की है। एसपी रोशन मीना के इस बड़े खुलासे ने राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।

9 hrs ago
user_Ig.ap007
Ig.ap007
Farmer जायल, नागौर, राजस्थान•
9 hrs ago

नागौर पुलिस ने मिर्ची की थैली में छिपाकर ले जाई जा रही ₹1 करोड़ की ड्रग्स बरामद की है। एसपी रोशन मीना के इस बड़े खुलासे ने राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • *झींगा-पालन से बदली तकदीर, खारे पानी के उपयोग से झींगा पालन को अपनाया, शहर छोड़ फिर गांव लौटे राजियासर के नरेन्द्र सिंह राठौड़* छापर, 09 मई। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में भूगर्भीय खारे पानी की समस्या लंबे समय से किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी चुनौती रही है। खेती की घटती संभावनाएं, सीमित रोजगार और आर्थिक संकट के कारण हजारों लोगों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करना पड़ा। लेकिन अब बदलते समय, नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं ने इसी खारे पानी को रोजगार और समृद्धि का माध्यम बना दिया है। ऐसे ही चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील के राजियासर गांव निवासी नरेन्द्र सिंह राठौड़ इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। कभी खारे पानी की समस्या से परेशान होकर बीकानेर शहर में जीवन बिताने को मजबूर नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने आज झींगा-पालन के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि गांव लौटकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रहे हैं। नरेन्द्र सिंह बताते हैं कि अंर्तस्थलीय भूगर्भीय खारे पानी के कारण खेती व अन्य रोजगार के कम होते अवसर व समस्याओं के कारण वे दोहरी जिंदगी जी रहे थे। ग्रामीण परिवेश में पले — बढ़े होकर भी स्थानीय परिस्थितियों के कारण यहां से पलायन कर बीकानेर शहर में निवास करने के लिए मजबूर हो गए थे। खारा पानी अभिशाप बन कर उनके और उनके परिवार के जीवन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा था। वह बताते हैं कि उन्होंने गांव में खारे पानी की उपलब्धता के कारण झींगा पालन संभावनाओं के प्रयास किए और झींगा-पालन के लिए अनुदान हेतु आवेदन किया। ​मत्स्य विभाग विभाग की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत पौण्ड निर्माण व आवर्ती लागत पर अनुदान प्राप्त होने से वह सफलतापूर्वक झींगा-पालन किया एवं खारा पानी के अभिशाप को वरदान के रूप में परिवर्तित किया। इसी क्रम में जिले के रतनगढ़ के बुधवाली में आयोजित ग्राम रथ अभियान अंतर्गत कार्यक्रम में उन्हें अनुदान भुगतान की वित्तीय स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। अनुदान स्वीकृति मिलने पर नरेन्द्र सिंह ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शिविरों में लोक कल्याणकारी कार्य कर आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है।
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    *झींगा-पालन से बदली तकदीर, खारे पानी के उपयोग से झींगा पालन को अपनाया, शहर छोड़ फिर गांव लौटे राजियासर के नरेन्द्र सिंह राठौड़*


छापर, 09 मई। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में भूगर्भीय खारे पानी की समस्या लंबे समय से किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी चुनौती रही है। खेती की घटती संभावनाएं, सीमित रोजगार और आर्थिक संकट के कारण हजारों लोगों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करना पड़ा। लेकिन अब बदलते समय, नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं ने इसी खारे पानी को रोजगार और समृद्धि का माध्यम बना दिया है। ऐसे ही चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील के राजियासर गांव निवासी नरेन्द्र सिंह राठौड़ इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। कभी खारे पानी की समस्या से परेशान होकर बीकानेर शहर में जीवन बिताने को मजबूर नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने आज झींगा-पालन के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि गांव लौटकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रहे हैं। 
नरेन्द्र सिंह बताते हैं कि अंर्तस्थलीय भूगर्भीय खारे पानी के कारण खेती व अन्य रोजगार के कम होते अवसर व समस्याओं के कारण वे दोहरी जिंदगी जी रहे थे। ग्रामीण परिवेश में पले — बढ़े होकर भी स्थानीय परिस्थितियों के कारण यहां से पलायन कर बीकानेर शहर में निवास करने के लिए मजबूर हो गए थे। खारा पानी अभिशाप बन कर उनके और उनके परिवार के जीवन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा था।
वह बताते हैं कि उन्होंने गांव में खारे पानी की उपलब्धता के कारण झींगा पालन संभावनाओं के प्रयास किए और झींगा-पालन के लिए अनुदान हेतु आवेदन किया। ​मत्स्य विभाग विभाग की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत पौण्ड निर्माण व आवर्ती लागत पर अनुदान प्राप्त होने से वह सफलतापूर्वक झींगा-पालन किया एवं खारा पानी के अभिशाप को वरदान के रूप में परिवर्तित किया।
इसी क्रम में जिले के रतनगढ़ के बुधवाली में आयोजित ग्राम रथ अभियान अंतर्गत कार्यक्रम में उन्हें अनुदान भुगतान की वित्तीय स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। अनुदान स्वीकृति मिलने पर नरेन्द्र सिंह ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शिविरों में लोक कल्याणकारी कार्य कर आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है।
    user_Bhagirath Suthar
    Bhagirath Suthar
    पत्रकार सुजानगढ़, चूरू, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • कचरे के कार्य में HIMMATSAR GAAV ME NAKHAT BANNA KE MANDIR KE PASS
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    कचरे के कार्य में
HIMMATSAR GAAV ME NAKHAT BANNA KE MANDIR KE PASS
    user_Dipak
    Dipak
    नोखा, बीकानेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • रियान बड़ी में बारिश के दौरान नाले में फंसी पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, सड़क पर खड़े बिजली पोल से टकराने से टला बड़ा हादसा, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। रियान बड़ी के दासावास रोड पर बारिश के कारण एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में फंस गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पत्थरों से भरी यह ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी से भरे नाले में उतर गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते नाले में मिट्टी भर गई थी, जिससे वह दिखाई नहीं दे रहा था। चालक को रास्ते का अंदाजा नहीं लगा और ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में जा फंसी। गनीमत रही कि ट्रैक्टर की गति धीमी थी। यदि गति तेज होती तो यह नाले से लगभग 10 फीट आगे सड़क पर खड़े बिजली के पोल से टकरा सकती थी, जिससे एक गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। ग्रामीणों ने सड़क विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, नई बनी सड़कों के बीचों-बीच कई बिजली के पोल आज भी खड़े हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन, सड़क विभाग और विद्युत विभाग को कई बार लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि सड़क और बिजली विभाग के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नालों की सफाई करवाने और सड़क पर खड़े बिजली के पोल हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
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    रियान बड़ी में बारिश के दौरान नाले में फंसी पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, सड़क पर खड़े बिजली पोल से टकराने से टला बड़ा हादसा, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
रियान बड़ी के दासावास रोड पर बारिश के कारण एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में फंस गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पत्थरों से भरी यह ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी से भरे नाले में उतर गई थी।
ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते नाले में मिट्टी भर गई थी, जिससे वह दिखाई नहीं दे रहा था। चालक को रास्ते का अंदाजा नहीं लगा और ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में जा फंसी।
गनीमत रही कि ट्रैक्टर की गति धीमी थी। यदि गति तेज होती तो यह नाले से लगभग 10 फीट आगे सड़क पर खड़े बिजली के पोल से टकरा सकती थी, जिससे एक गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
ग्रामीणों ने सड़क विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, नई बनी सड़कों के बीचों-बीच कई बिजली के पोल आज भी खड़े हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन, सड़क विभाग और विद्युत विभाग को कई बार लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि सड़क और बिजली विभाग के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नालों की सफाई करवाने और सड़क पर खड़े बिजली के पोल हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • नागौर पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 वाहनों को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट और काले शीशे वाले ये वाहन विशेष अभियान के तहत पकड़े गए। इस अभियान का उद्देश्य शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
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    नागौर पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 वाहनों को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट और काले शीशे वाले ये वाहन विशेष अभियान के तहत पकड़े गए। इस अभियान का उद्देश्य शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
    user_Er Sunil Dagdi
    Er Sunil Dagdi
    Newspaper advertising department रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    1 day ago
  • आये दिन जाम से वाहन चालक व ग्रामीण परेशान, ग्राम पंचायत व प्रशासन मौन मीठड़ी कस्बे के व्यस्ततम चौराहा गणगौरी चौक में आये दिन जाम लगता रहता है। विशेषकर शाम के समय ज्यादा लगता है। गणगौरी चौक में मुख्यत जाम का कारण मुख्य मार्ग के किनारे सब्जियों दुकाने व चाट,पकोड़ी पानी पतासी के थैले खड़े रहते है। जिससे यहां पर मुख्य सड़क मार्ग सकड़ा सा लगने लगता है। शाम के समय यातायात का भार ज्यादा रहता है। चौहाहे से एक मार्ग गणगौरी चौक से लिचाणा,पदमपुरा,कुचामन को जाता है। दूसरा नारायणपुरा,कुचामन,तीसरा नावा को,चौथा रास्ता कस्बे अंदर लौहारो का मौहल्ला व मुख्य बाजार को जाता है। साथ ही धार्मिक स्थल गोपेश्वर महादेव,जाल का बालाजी,भादीपीठ मंदिर,बाबा रामदेव मंदिर,चारभुजा मंदिर,जैन मंदिर आदि मंदिरो में सुबह शाम श्रद्धालुओ का आना जाना लगा रहता है। सुबह के समय सरकारी व निजी विधालयो में जाने वाले विधार्थियो व वाहनो की भीड़ देखकर लगता है मैला लगा हो।जिससे पैदल व वाहनो का निकलना दुश्वार हो रहा है। शाम के समय ट्राफिक ज्यादा होने से आमजन को दुर्घटना की आशंका सताती रहती है।शादी-ब्याह की सीजन में बारात के आनेपर तो भयंकर जाम लग जाता है। उस तेज आवाज में डीजे के स्वर ओर कोलाहल की स्थिती बना देता है। जिससे आसपास के दुकानदार भी परेशान हो जाते है। आमजन ने ग्राम पंचायत से गुजारिश है कि सब्जियो व चाट पकोड़ी के थेलो को सीमाकंन कर पाबंद करे व पुलिस प्रशासन यातायात कंट्रोल के लिए एक कांस्टेबल नियुक्त करे। आमजन को राहत मिल सके।
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    आये दिन जाम से वाहन चालक व ग्रामीण परेशान, ग्राम पंचायत व प्रशासन मौन
मीठड़ी कस्बे के व्यस्ततम चौराहा गणगौरी चौक में आये दिन जाम लगता रहता है। विशेषकर शाम के समय ज्यादा लगता है। गणगौरी चौक में मुख्यत जाम का कारण मुख्य मार्ग के किनारे सब्जियों दुकाने व चाट,पकोड़ी पानी पतासी के थैले खड़े रहते है। जिससे यहां पर मुख्य सड़क मार्ग सकड़ा सा लगने लगता है। शाम के समय यातायात का भार ज्यादा रहता है। चौहाहे से एक मार्ग गणगौरी चौक से लिचाणा,पदमपुरा,कुचामन को जाता है। दूसरा नारायणपुरा,कुचामन,तीसरा नावा को,चौथा रास्ता कस्बे अंदर लौहारो का मौहल्ला व मुख्य बाजार को जाता है। साथ ही धार्मिक स्थल गोपेश्वर महादेव,जाल का बालाजी,भादीपीठ मंदिर,बाबा रामदेव मंदिर,चारभुजा मंदिर,जैन मंदिर आदि मंदिरो में सुबह शाम श्रद्धालुओ का आना जाना लगा रहता है। सुबह के समय सरकारी व  निजी विधालयो में जाने वाले विधार्थियो व वाहनो की भीड़ देखकर लगता है मैला लगा हो।जिससे पैदल व वाहनो का निकलना दुश्वार हो रहा है।  शाम के समय ट्राफिक ज्यादा होने से आमजन को दुर्घटना की आशंका सताती रहती है।शादी-ब्याह की सीजन  में बारात के आनेपर तो भयंकर जाम लग जाता  है। उस तेज आवाज में डीजे के स्वर ओर कोलाहल की स्थिती बना देता है। जिससे आसपास के दुकानदार भी परेशान हो जाते है। आमजन ने ग्राम पंचायत से गुजारिश है कि सब्जियो व चाट पकोड़ी के थेलो को सीमाकंन कर पाबंद करे व पुलिस प्रशासन यातायात कंट्रोल के लिए एक कांस्टेबल नियुक्त करे। आमजन को राहत मिल सके।
    user_Shyamsunder prajapat
    Shyamsunder prajapat
    नावा, नागौर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • अजमेर के रूपनगढ़ में एक स्कूल जीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद एक छात्र ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि ड्राइवर नशे में धुत था। इस घटना ने मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    अजमेर के रूपनगढ़ में एक स्कूल जीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद एक छात्र ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि ड्राइवर नशे में धुत था। इस घटना ने मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Rupangarh news
    Rupangarh news
    रूपनगढ़, अजमेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • नथावड़ा स्कूल में SDRF का बड़ा जागरूकता अभियान, बच्चों को सिखाए आपदा में जान बचाने के तरीके मॉक ड्रिल, CPR और फर्स्ट एड प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में दिखा उत्साह नागौर/पादूकलां,,निकटवर्ती ग्राम नथावड़ा स्थित वीर तेजा विद्या मंदिर संस्थान उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को SDRF अजमेर टीम द्वारा आपदा प्रबंधन एवं बचाव को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भूकंप, आग, बाढ़, गैस सिलेंडर हादसों सहित विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने और दूसरों की मदद करने के तरीके बताए गए।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय निदेशक रामरघुनाथ महिया द्वारा SDRF टीम के स्वागत से हुई। SDRF कमांडेंट जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में हेड कांस्टेबल सावित्री देवी मीणा के नेतृत्व में टीम ने विद्यार्थियों को आपदा के समय घबराने की बजाय संयम और सूझबूझ से काम लेने की सीख दी। टीम ने भूकंप के दौरान “ड्रॉप, कवर एंड होल्ड” तकनीक अपनाने, आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकास मार्ग का उपयोग करने तथा बाढ़ आने पर ऊंचे स्थानों पर जाने के उपाय समझाए।SDRF जवानों ने विद्यालय परिसर में मॉक ड्रिल कर विद्यार्थियों को आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से स्कूल खाली कराने (इवैक्यूएशन) का अभ्यास करवाया। इसके साथ ही CPR देने की प्रक्रिया, प्राथमिक उपचार, मामूली चोट, जलने और बेहोशी की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाने के तरीके भी सिखाए गए। गैस सिलेंडर में आग लगने पर बचाव के उपायों का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।टीम ने विद्यार्थियों को पानी में डूबते व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके बताए तथा खुले बोरवेल को तुरंत बंद कराने के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने कहा कि आसपास कहीं खुला बोरवेल दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि कोई हादसा न हो। साथ ही आपदा के समय अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे, जिनका SDRF टीम ने सरल भाषा में जवाब दिया। विद्यालय प्रधानाचार्य अमर सिंह यादव ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करते हैं। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से SDRF टीम का आभार व्यक्त किया गया।इस अवसर पर हेड कांस्टेबल सावित्री देवी मीणा, कांस्टेबलकैलाशकुमावत,किशनलाल, रमेश, अशोक भंवरिया, संतोष स्वामी, कैलाश राव, नरसीराम, विद्यालय निदेशक रामरघुनाथ महिया, प्रधानाचार्य अमर सिंह यादव, सेवानिवृत्त कैप्टन बक्साराम महिया सहित विद्यालय स्टाफ, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। बाईट कांस्टेबल सावित्री देवी मीणा
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    नथावड़ा स्कूल में SDRF का बड़ा जागरूकता अभियान, बच्चों को सिखाए आपदा में जान बचाने के तरीके मॉक ड्रिल, CPR और फर्स्ट एड प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
नागौर/पादूकलां,,निकटवर्ती ग्राम नथावड़ा स्थित वीर तेजा विद्या मंदिर संस्थान उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को SDRF अजमेर टीम द्वारा आपदा प्रबंधन एवं बचाव को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भूकंप, आग, बाढ़, गैस सिलेंडर हादसों सहित विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने और दूसरों की मदद करने के तरीके बताए गए।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय निदेशक रामरघुनाथ महिया द्वारा SDRF टीम के स्वागत से हुई। SDRF कमांडेंट जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में हेड कांस्टेबल सावित्री देवी मीणा के नेतृत्व में टीम ने विद्यार्थियों को आपदा के समय घबराने की बजाय संयम और सूझबूझ से काम लेने की सीख दी। टीम ने भूकंप के दौरान “ड्रॉप, कवर एंड होल्ड” तकनीक अपनाने, आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकास मार्ग का उपयोग करने तथा बाढ़ आने पर ऊंचे स्थानों पर जाने के उपाय समझाए।SDRF जवानों ने विद्यालय परिसर में मॉक ड्रिल कर विद्यार्थियों को आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से स्कूल खाली कराने (इवैक्यूएशन) का अभ्यास करवाया। इसके साथ ही CPR देने की प्रक्रिया, प्राथमिक उपचार, मामूली चोट, जलने और बेहोशी की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाने के तरीके भी सिखाए गए। गैस सिलेंडर में आग लगने पर बचाव के उपायों का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।टीम ने विद्यार्थियों को पानी में डूबते व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके बताए तथा खुले बोरवेल को तुरंत बंद कराने के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने कहा कि आसपास कहीं खुला बोरवेल दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि कोई हादसा न हो। साथ ही आपदा के समय अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे, जिनका SDRF टीम ने सरल भाषा में जवाब दिया। विद्यालय प्रधानाचार्य अमर सिंह यादव ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करते हैं। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से SDRF टीम का आभार व्यक्त किया गया।इस अवसर पर हेड कांस्टेबल सावित्री देवी मीणा, कांस्टेबलकैलाशकुमावत,किशनलाल, रमेश, अशोक भंवरिया, संतोष स्वामी, कैलाश राव, नरसीराम, विद्यालय निदेशक रामरघुनाथ महिया, प्रधानाचार्य अमर सिंह यादव, सेवानिवृत्त कैप्टन बक्साराम महिया सहित विद्यालय स्टाफ, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।                    बाईट कांस्टेबल सावित्री देवी मीणा
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    नागौर, नागौर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के शीओ में लापता नाबालिग बच्ची की तलाश में 8 दिन से चल रहा धरना विधायक के हस्तक्षेप से खत्म हुआ। पुलिस ने अगले 10 दिनों में बच्ची को सुरक्षित बरामद करने का आश्वासन दिया है। अब सबको बच्ची की सकुशल वापसी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का इंतजार है।
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    राजस्थान के शीओ में लापता नाबालिग बच्ची की तलाश में 8 दिन से चल रहा धरना विधायक के हस्तक्षेप से खत्म हुआ। पुलिस ने अगले 10 दिनों में बच्ची को सुरक्षित बरामद करने का आश्वासन दिया है। अब सबको बच्ची की सकुशल वापसी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का इंतजार है।
    user_Er Sunil Dagdi
    Er Sunil Dagdi
    Newspaper advertising department रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    1 day ago
  • रूपनगढ़ के मल मोहल्ले में नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर गया है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों के कपड़े खराब हो रहे हैं और गंदगी से स्वास्थ्य का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द इस समस्या का समाधान करने की अपील कर रहे हैं।
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    रूपनगढ़ के मल मोहल्ले में नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर गया है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों के कपड़े खराब हो रहे हैं और गंदगी से स्वास्थ्य का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द इस समस्या का समाधान करने की अपील कर रहे हैं।
    user_Rupangarh news
    Rupangarh news
    रूपनगढ़, अजमेर, राजस्थान•
    21 hrs ago
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