सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के तिरी पंचायत अंतर्गत बराही गाँव में कार्तिक भगवान का है विशेष महत्व आज हम आपको एक ऐसे देवता के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे देवताओं के सेनापति एवं ज्ञान और तप के देवता भी कहे जाते हैं। दक्षिण भारत में इन्हें ज्ञान का स्वामी मानते हैं जो अपने पिता को भी मंत्र ॐ का अर्थ समझाया था। युद्ध से पहले इनकी पूजा से विजय का आशीर्वाद मिलता है। भला ऐसे में आप भी सोच रहे होंगे ऐसे देवता के बारे में। ये भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े पुत्र और गणेश जी के बड़े भाई कार्तिक भगवान है। इनका वाहन मोड़ है जो अहंकार को नष्ट करने का प्रतीक है।6 मुख होने से इन्हें शडानन भी कहते हैं जो 6 दिशाओं में दृष्टि रखने का संकेत है। इसकी पूजा तो वैसे प्रतिदिन करने से फलदायक माना जाता है वैसे हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी एवं कार्तिक मास के पूरे महीने में इनका विशेष महत्व है। दक्षिण भारत में भी जनवरी और फरबरी महीने के बड़ा त्यौहार माना जाता है। कार्तिक भगवान का मेला सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के तीरी पंचायत अन्तर्गत बराही गांव में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ग्रामीणों के सहयोग से बहुत ही भव्य रूप से आयोजित किया जाता है जिसमें शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं साथ साथ सभी प्रकार की दुकानें भी लगाई जाती है। इस मेले को देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांव के लोग आते हैं और एक दूसरे से मिलकर बहुत ही उत्साहित होते हैं। वैसे मेला समापन के बाद स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिदिन पूरे वर्ष पूजा की जाती है जिससे आम लोगों का भी श्रद्धा और विश्वास बना रहता है। इस प्रकार के खबर देखने के लिए आप मेरे साथ बने रहने के लिए फेस बुक पर देख रहे हैं तो फोलो कर दीजिए और अगर यूट्यूब पर देख रहे हैं तो सब्सक्राइब जरूर कर दीजिए क्योंकि हो सकता है अगला खबर आपके आसपास का हो जिसे देखने में आपको आसानी हो सके। धन्यवाद
सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के तिरी पंचायत अंतर्गत बराही गाँव में कार्तिक भगवान का है विशेष महत्व आज हम आपको एक ऐसे देवता के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे देवताओं के सेनापति एवं ज्ञान और तप के देवता भी कहे जाते हैं। दक्षिण भारत में इन्हें ज्ञान का स्वामी मानते हैं जो अपने पिता को भी मंत्र ॐ का अर्थ समझाया था। युद्ध से पहले इनकी पूजा से विजय का आशीर्वाद मिलता है। भला ऐसे में आप भी सोच रहे होंगे ऐसे देवता के बारे में। ये भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े पुत्र और गणेश जी के बड़े भाई कार्तिक भगवान है। इनका वाहन मोड़ है जो अहंकार को नष्ट करने का प्रतीक है।6 मुख होने से इन्हें शडानन भी कहते हैं जो 6 दिशाओं में दृष्टि रखने का संकेत है। इसकी पूजा तो वैसे प्रतिदिन करने से फलदायक माना जाता है वैसे हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी एवं कार्तिक मास के पूरे महीने में इनका विशेष महत्व है। दक्षिण भारत में भी जनवरी और फरबरी महीने के बड़ा त्यौहार माना जाता है। कार्तिक भगवान का मेला सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के तीरी पंचायत अन्तर्गत बराही गांव में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ग्रामीणों के सहयोग से बहुत ही भव्य रूप से आयोजित किया जाता है जिसमें शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं साथ साथ सभी प्रकार की दुकानें भी लगाई जाती है। इस मेले को देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांव के लोग आते हैं और एक दूसरे से मिलकर बहुत ही उत्साहित होते हैं। वैसे मेला समापन के बाद स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिदिन पूरे वर्ष पूजा की जाती है जिससे आम लोगों का भी श्रद्धा और विश्वास बना रहता है। इस प्रकार के खबर देखने के लिए आप मेरे साथ बने रहने के लिए फेस बुक पर देख रहे हैं तो फोलो कर दीजिए और अगर यूट्यूब पर देख रहे हैं तो सब्सक्राइब जरूर कर दीजिए क्योंकि हो सकता है अगला खबर आपके आसपास का हो जिसे देखने में आपको आसानी हो सके। धन्यवाद
- आंख रोग की विशेष जानकारी के लिए आप अगर अभी तक अनभिज्ञ हैं तो ये खबर आपके लिए खास उपयोगी है क्योंकि सौर बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विगत कई महीनों से आंख रोग विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा आंख संबंधित सभी प्रकार के रोग का ईलाज किया जा रहा है जिसमें जरूरत पड़ने पर सरकार द्वारा निःशुल्क चश्मा भी दिया जाता है। इसको लेकर प्रभारी डॉक्टर अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया की जिस किसी मरीज को अगर आंख के ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती है तो सरकारी खर्च पर निःशुल्क वाहन सुविधा द्वारा दरभंगा भेजा जाता है जहां आंख रोग विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा आंख का सफल ऑपरेशन किया जाता है फिर उस मरीज को सरकारी वाहन द्वारा सौर बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाया जाता है। अब तक सैकड़ों मरीज के आंख का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है।1
- जल जमा रोड पर पानी लगने1
- Post by User47232
- बिहार के मधेपुरा से बड़ी खबर सामने आई है। जहां मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर थाना पुलिस ने एक युवक को भारी मात्रा में नकदी और स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। कार की तलाशी में लाखों रुपए बरामद हुए हैं, जबकि आरोपी ने पूछताछ में नशे के कारोबार और चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात कबूल की है। दरअसल मामला मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने संदेह के आधार पर भवानीपुर वार्ड-3 निवासी 22 वर्षीय शिवम कुमार को पकड़ा। शुरुआती तलाशी में उसके पास से 56 हजार 850 रुपए नगद बरामद किए गए। बता दें कि पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी की टाटा टियागो कार में और भी बड़ी रकम तथा मादक पदार्थ छिपाकर रखा गया है। दंडाधिकारी की मौजूदगी में कार की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार की बीच वाली सीट के नीचे रखे बैग से 13 बंडलों में कुल 8 लाख 82 हजार 350 रुपए बरामद हुए। आरोपी के पास मिले कैश को मिलाकर कुल रकम 9 लाख 39 हजार 200 रुपए जब्त किए गए। इतना ही नहीं, ड्राइवर सीट के पीछे सीट कवर में छिपाकर रखा गया एक हरे रंग का पैकेट भी मिला, जिसमें दो पॉलिथीन में बंधा 10 दशमलव 660 ग्राम स्मैक बरामद हुआ। मौके से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी कैश का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। वहीं उसने बताया कि स्मैक उसने झिटकिया निवासी मो. अफताब से लिया था, जो मौके से फरार हो गया। बाइट ---प्रवेन्द्र भारती , एएसपी मधेपुरा वहीं मधेपुरा एसपी प्रवेंद्र भारती ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि भारी मात्रा में नाग और नगद रुपया बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने यह भी कबूला है कि वह स्मैक की खरीद-बिक्री के साथ-साथ चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है। शिवम कुमार के खिलाफ पहले से भी चोरी का केस दर्ज है। फिलहाल पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश में जुटी है, साथ ही जब्त नकदी के स्रोत की भी जांच की जा रही है।4
- सहरसा से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है… जहां एक मां ने अपने ही पांच बच्चों के साथ जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की है। मामला बनमा थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव का है… बताया जा रहा है कि घरेलू विवाद से आहत सोनी देवी ने यह खौफनाक कदम उठाया। जानकारी के मुताबिक, सास के साथ हुए विवाद के बाद गुस्से और मानसिक तनाव में आकर सोनी देवी ने अपने पांचों बच्चों—प्रीति, लखन, रचना, सपना और राम कुमार—के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई… स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से सभी को तुरंत सहरसा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सोनी देवी और उनकी तीन बेटियों को होश आ गया है… लेकिन पांच वर्षीय राम कुमार और सात वर्षीय लखन कुमार की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है… पारिवारिक विवाद के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।1
- Post by My love ❤️❤️❤️❤️1
- सहरसा। बिहार सरकार की मुख्यमंत्री ग्राम सड़क उन्नयन योजना (RRSMP) के तहत सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखण्ड मे विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मोहनपुर मुख्य मार्ग से दिवरा जाने वाली सड़क पर उच्च स्तरीय RCC पुल का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है। इस पुल के बनने से स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर किसानों को अपने खेत-खलिहान तक आने-जाने में होने वाली पुरानी दिक्कतों से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। निर्माण कार्य 02 जुलाई 2025 से शुरू हो चुका है और इसे 01 जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मोहनपुर और दिवरा के बीच इस पुल का निर्माण स्थानीय लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक बरसात के मौसम में खेतों तक जाना चुनौतीपूर्ण होता था, लेकिन इस पक्के पुल के बन जाने से कृषि उत्पादों को बाजार तक ले जाना और रोजमर्रा के काम निपटाना बहुत आसान हो जाएगा। इस परियोजना का शिलान्यास महिषी विधानसभा के माननीय विधायक श्री गुंजेश्वर साह द्वारा किया गया था । वर्तमान में मौके पर क्रेन और अन्य मशीनें दिन-रात काम कर रही हैं, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि कार्य समय से पूर्व या निर्धारित समय पर पूर्ण कर लिया जाएगा। ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल सहरसा इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहा है।1
- आज हम आपको एक ऐसे देवता के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे देवताओं के सेनापति एवं ज्ञान और तप के देवता भी कहे जाते हैं। दक्षिण भारत में इन्हें ज्ञान का स्वामी मानते हैं जो अपने पिता को भी मंत्र ॐ का अर्थ समझाया था। युद्ध से पहले इनकी पूजा से विजय का आशीर्वाद मिलता है। भला ऐसे में आप भी सोच रहे होंगे ऐसे देवता के बारे में। ये भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े पुत्र और गणेश जी के बड़े भाई कार्तिक भगवान है। इनका वाहन मोड़ है जो अहंकार को नष्ट करने का प्रतीक है।6 मुख होने से इन्हें शडानन भी कहते हैं जो 6 दिशाओं में दृष्टि रखने का संकेत है। इसकी पूजा तो वैसे प्रतिदिन करने से फलदायक माना जाता है वैसे हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी एवं कार्तिक मास के पूरे महीने में इनका विशेष महत्व है। दक्षिण भारत में भी जनवरी और फरबरी महीने के बड़ा त्यौहार माना जाता है। कार्तिक भगवान का मेला सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के तीरी पंचायत अन्तर्गत बराही गांव में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ग्रामीणों के सहयोग से बहुत ही भव्य रूप से आयोजित किया जाता है जिसमें शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं साथ साथ सभी प्रकार की दुकानें भी लगाई जाती है। इस मेले को देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांव के लोग आते हैं और एक दूसरे से मिलकर बहुत ही उत्साहित होते हैं। वैसे मेला समापन के बाद स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिदिन पूरे वर्ष पूजा की जाती है जिससे आम लोगों का भी श्रद्धा और विश्वास बना रहता है। इस प्रकार के खबर देखने के लिए आप मेरे साथ बने रहने के लिए फेस बुक पर देख रहे हैं तो फोलो कर दीजिए और अगर यूट्यूब पर देख रहे हैं तो सब्सक्राइब जरूर कर दीजिए क्योंकि हो सकता है अगला खबर आपके आसपास का हो जिसे देखने में आपको आसानी हो सके। धन्यवाद1