UPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने दिखाई मानवता, बचा हुआ पार्टी का खाना कुत्तों और गायों को खिलाया ! दिल्ली के Mukherjee Nagar में, जहां हजारों छात्र Union Public Service Commission (UPSC) की तैयारी करते हैं, एक अभ्यर्थी ने अपनी सोच से सभी का दिल जीत लिया. एक पार्टी के बाद बचा हुआ खाना फेंकने के बजाय उसने उसे इकट्ठा किया और आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों और गायों को खिला दिया. उसका यह छोटा सा कदम एक बड़ा संदेश बन गया. उसने दिखाया कि सच्ची शिक्षा सिर्फ किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और जीवों के प्रति संवेदनशीलता में भी झलकती है. इस पहल ने लोगों को याद दिलाया कि जिम्मेदार नागरिक वही है, जो अपने आसपास की जरूरतों को समझे और जहां संभव हो, मदद का हाथ बढ़ाए. यह घटना बताती है कि भविष्य के अफसर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं में न केवल ज्ञान, बल्कि दया और सामाजिक जिम्मेदारी भी मौजूद है.
UPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने दिखाई मानवता, बचा हुआ पार्टी का खाना कुत्तों और गायों को खिलाया ! दिल्ली के Mukherjee Nagar में, जहां हजारों छात्र Union Public Service Commission (UPSC) की तैयारी करते हैं, एक अभ्यर्थी ने अपनी सोच से सभी का दिल जीत लिया. एक पार्टी के बाद बचा हुआ खाना फेंकने के बजाय उसने उसे इकट्ठा किया और आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों और गायों को खिला दिया. उसका यह छोटा सा कदम एक बड़ा संदेश बन गया. उसने दिखाया कि सच्ची शिक्षा सिर्फ किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और जीवों के प्रति संवेदनशीलता में भी झलकती है. इस पहल ने लोगों को याद दिलाया कि जिम्मेदार नागरिक वही है, जो अपने आसपास की जरूरतों को समझे और जहां संभव हो, मदद का हाथ बढ़ाए. यह घटना बताती है कि भविष्य के अफसर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं में न केवल ज्ञान, बल्कि दया और सामाजिक जिम्मेदारी भी मौजूद है.
- Post by Hari Singh Goutam1
- मध्य प्रदेश के अशोक नगर में ऐतिहासिक ट्रैक्टर मार्च मध्य प्रदेश के अशोक नगर में आज MSP गारंटी कानून के समर्थन और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला। कन्याकुमारी से कश्मीर तक चल रही किसान जागृति यात्रा आज अशोक नगर पहुँची, जिसमें हजारों की संख्या में ट्रैक्टर और किसान शामिल हुए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में भाई जसदेव सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में पूरी टीम ने दिन-रात मेहनत की और सभी साथियों के सामूहिक प्रयास से यह बड़ा आंदोलन सफल हुआ। देशभर के लोगों को यह बताना जरूरी है कि यह वीडियो पंजाब या हरियाणा का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के किसानों का है, जो अपनी फसलों के उचित दाम के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश में मक्का लगभग 1200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रहा है, जबकि इसका MSP 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय है। किसान अब MSP गारंटी कानून के लिए पूरे देश में एकजुट हो रहे हैं। साथ ही भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भी किसानों में चिंता है, क्योंकि उनका मानना है कि ऐसे समझौते से देश के किसानों और कृषि व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसलिए किसान अपनी आजीविका और देश की खेती बचाने के लिए संगठित होकर आवाज उठा रहे हैं।1
- *एटा में तिरपाल पर बिछा लाखों के जुआ का महासंग्राम वायरल वीडियो ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️* एटा, उत्तर प्रदेश-जनपद एटा में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्रशासनिक सतर्कता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। वीडियो में दर्जनों लोग खुलेआम बड़े तिरपालों पर बैठकर जुआ खेलते नजर आ रहे हैं—पत्तों की गड्डियाँ बंट रही हैं, दाँव लगाए जा रहे हैं और खुलेआम नोटों की गिनती हो रही है। दृश्य यह संकेत देता है कि यह कोई छोटा-मोटा गुपचुप खेल नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर संचालित एक संगठित जुआ अड्डा हो सकता है। वीडियो में शामिल लोगों के हाव-भाव से स्पष्ट है कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही का भय नजर नहीं आ रहा। *संरक्षण की आशंका?* सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे पोस्टों में यह दावा भी किया जा रहा है कि इस गतिविधि को कथित तौर पर प्रभावशाली संरक्षण प्राप्त है। हालांकि संबंधित थाना क्षेत्र का नाम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग खुलकर बयान देने से बच रहे हैं। *प्रशासनिक निगरानी पर सवाल* यदि यह वीडियो हालिया और वास्तविक है, तो यह स्थानीय निगरानी तंत्र की कमजोरी या लापरवाही को उजागर करता है। खुले स्थान पर इस प्रकार की अवैध गतिविधि का संचालन प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। *अहम सवाल* क्या जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच शुरू करेगा? क्या संबंधित क्षेत्र की पहचान कर दोषियों पर कार्यवाही होगी? क्या संरक्षण की आशंका की निष्पक्ष जांच पड़ताल की जाएगी? *कार्यवाही की मांग* जनता की नजरें अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाकर कार्यवाही पर टिकी हैं। उत्तर प्रदेश के इस जनपद में कानून का शासन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अपेक्षा की जा रही है कि वायरल वीडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएँ। कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही अत्यंत आवश्यक है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चुनौती का सामना किस प्रकार करता है। *एटा पुलिस और DM साहब—अब तो वीडियो आपके सामने है। कार्यवाही करिए, या फिर यह भी कह दीजिएगा कि "यह तो पुराना खेल है, चलने दीजिए"।*1
- ताले और तालीम के शहर अलीगढ़ से मोहब्बत की एक अनूठी तस्वीर! 🌙✨🎨 इस बार हवाओं में गुलाल भी होगा और सेवइयों की मिठास भी। जब दुआ में वतन की सलामती मांगी जाती है, तो ईद और होली के रंग मिलकर एक नया इतिहास लिखते हैं। इबादत वही, जो नफरत मिटा दे। आइए, अलीगढ़ की इस साझी विरासत का जश्न मनाएं। Hashtags: #Aligarh #GangaJamuniTehzeeb #EidMeetsHoli #Brotherhood #PeaceAndHarmony #AligarhDiaries #UnityInDiversity Tags: @aligarh_smart_city @uppolice @dmaligarh @anwar_alig_1
- Post by Mohit kumar1
- ग्राम पंचायत दुबई माजरा शीतलवाड़ा बढ़ती समस्या को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन तहसीलदार और विकासखंड अधिकारी को दिया एक प्रार्थना पत्र उसमें अपनी समस्याएं बताईं और सभी ग्राम वासियों को बहुत ही परेशानी उठानी पड़ रही है सड़क को लेकर महिलाएं और बुजुर्ग लोग बड़े हदाशे से गुजर रहे लोग मे आप सभी पद आला अधिकारीयों से निवेदन करता हु इस मामले को जल्दी से आपने , संज्ञान में ले1
- हाथरस के कोतवाली सदर क्षेत्र स्थित घंटाघर के समीप ई-रिक्शा में चेन चोरी करते एक महिला को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। बताया गया है कि महिला ने ई-रिक्शा में सफर के दौरान दूसरी महिला के गले से चेन चोरी करने की कोशिश की। शक होने पर पीड़ित और अन्य यात्रियों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस महिला को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।1
- कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अवैध वसूली का आरोप कानपुर के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन कानपुर सेंट्रल पर ऑटो चालकों से कथित जबरन वसूली का मामला सामने आया है। चालकों का आरोप है कि “अन्ना” नाम से पहचाना जाने वाला एक व्यक्ति बिना किसी आधिकारिक पहचान पत्र के रोजाना पैसे वसूल रहा है। आरोप यह भी है, कि विरोध करने पर वह कथित तौर पर कहता है कि रकम रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस तक पहुंचती है। अब बड़ा सवाल यह है। क्या स्टेशन परिसर में समानांतर “उगाही सिस्टम” चल रहा है। क्या प्रशासन की मौन सहमति है, या फिर कोई बाहरी गिरोह सुरक्षा एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग कर रहा है। ऑटो चालकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।1