बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के शेखूपुरा गांव में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे चुनावी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच भीषण खूनी संघर्ष हो गया। ओमसोम और रामौतार पक्ष के लोगों के बीच शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया। दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले, वहीं छतों से एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए। इस मारपीट और पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घायलों को तत्काल दहगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बदायूं रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के शेखूपुरा गांव में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे चुनावी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच भीषण खूनी संघर्ष हो गया। ओमसोम और रामौतार पक्ष के लोगों के बीच शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया। दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले, वहीं छतों से एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए। इस मारपीट और पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घायलों को तत्काल दहगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बदायूं रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
- हरदोई में पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दो अंतर्जनपदीय शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सर्विलांस, एसओजी, स्वाट टीम और थाना कोतवाली शहर की पुलिस टीम ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने इन बदमाशों के पास से घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी के साथ-साथ चोरी के आभूषण, अवैध शस्त्र और कारतूस भी बरामद किए हैं।2
- हरदोई में अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर मझिला पुलिस ने एक टूटते परिवार को जोड़कर अपने मानवीय चेहरे का परिचय दिया है। यह मामला तब सामने आया जब बलविंदर सिंह ने पुलिस से शिकायत की कि उन्होंने अपने बेटे कमलजीत सिंह को करोड़पति बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी थी और रिश्तेदारों से कर्ज भी लिया था, लेकिन अब बेटा उन्हें घर से बेघर कर रहा था। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। मझिला पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों को थाने बुलाया और कई घंटों तक उनसे बातचीत की। मझिला के पुलिसकर्मियों ने बलविंदर और कमलजीत के बीच सुलह कराने के लिए दिन भर प्रयास किए, जिसके बाद सिख समाज के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में एक समझौता हुआ। इस समझौते के तहत, कमलजीत ने अपने पिता को साथ रखने का वादा किया और उन्हें फैक्ट्री में पूरा मालिकाना हक देने का भरोसा दिलाया। पुलिस के इस मानवीय हस्तक्षेप से बाप-बेटे के बीच का यह पारिवारिक विवाद कोर्ट-कचहरी के झंझट में पड़े बिना ही सुलझ गया। इस समाधान से बलविंदर सिंह की आंखों में अब राहत की उम्मीद साफ देखी जा सकती है, और पुलिस की इस संवेदनशीलता की चारों ओर खूब तारीफ हो रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कमलजीत अपने पिता के प्रति इस समझौते के बाद कितना वफादार रहता है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद, हरदोई जनपद के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला फिर से सुर्खियों में है। रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई और उसका परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। दलेलनगर, जगदीशपुर, शिरोमणि नगर सहित आसपास के कई गांवों में यह अवैध गतिविधियां कई महीनों से लगातार जारी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह "मिट्टी का काला कारोबार" संगठित रूप से संचालित हो रहा है। शिकायतें मिलने के बावजूद खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खुलकर बोलने से डरते हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री की मंशा और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को दर्शाती है। अवैध खनन से गांवों की सड़कें जर्जर हो रही हैं, धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है, तथा खेती योग्य भूमि भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा असंतोष है, उनका कहना है कि भारी वाहनों के संचालन से संपर्क मार्ग खराब हो रहे हैं, लेकिन मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं है। लाखों रुपये के राजस्व नुकसान और पर्यावरणीय क्षति के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित दिख रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है। क्षेत्र के नागरिक पूछ रहे हैं कि यदि अवैध खनन प्रशासन की नजर में नहीं है, तो इतनी बड़ी संख्या में मशीनें और वाहन रातभर कैसे संचालित होते हैं? और यदि जानकारी है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? हरदोई की जनता अब इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रही है, क्योंकि वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम देखना चाहती है।2
- कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में निवासी किसान कालीशंकर निषाद की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना तब सामने आई जब रास्ते से गुजर रही एक महिला ने खून से लथपथ शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कालीशंकर निषाद देर रात अपने घर से करीब 60 मीटर दूर एक मंदिर में सो रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर गांव और परिवार के ही 6 लोगों पर हत्या का शक जताया गया है। पुलिस ने मामले में 4 संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है और दावा किया है कि इस हत्याकांड का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। इस क्रूर हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के जेल रोड स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम के केंद्रीय भंडारण (सेंट्रल स्टोर) में कुछ अराजक तत्वों द्वारा महत्वपूर्ण सरकारी सामग्री और दस्तावेजों को नष्ट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को 3 जून 2026 की सुबह लगभग 8:00 बजे सूचना मिली थी कि जल निगम के केंद्रीय भंडारण परिसर में कुछ व्यक्ति घुसकर वहां रखे जरूरी दस्तावेजों और सरकारी सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय कोतवाली पुलिस के साथ-साथ जनपद के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनसे फिलहाल पूछताछ जारी है। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय लेखपाल वीरेश कुमार की लिखित तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर में 6 नामजद व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत और गंभीर कानूनी धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर अंकित मिश्रा ने पुष्टि की है कि इस संबंध में आवश्यक वैधानिक और कानूनी कार्यवाही तेजी से की जा रही है तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह से बनी हुई है।1
- यह प्रार्थना व्यक्त की गई है कि यदि श्री राधे की कृपा बनी रहती है, तो हर जगह केवल श्री राधे-राधे का ही नाम होगा। इस दुआ पर सिर्फ़ भरोसा जताया गया है।2
- गत 3 जून 2026 को सुबह 8 बजे पुलिस को सूचना मिली कि थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के अंतर्गत जेल रोड पर स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम की केंद्रीय भंडारन में कुछ व्यक्तियों द्वारा महत्वपूर्ण सामग्री और दस्तावेज़ों को नष्ट किया जा रहा है। इस सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस और जनपद के उच्चाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस ने कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। क्षेत्रीय लेखपाल वीरेश कुमार की तहरीर के आधार पर, थाना कोतवाली शहर में 6 लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस प्रकरण में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है, जिसके संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अंकित मिश्रा ने भी बयान दिया है।1
- सीतापुर के महोली इलाके में नाली को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ दबंगों ने एक अकेले युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया गया है कि दबंगों ने युवक को लाठी-डंडों से जमकर पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के शेखूपुरा गांव में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे चुनावी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच भीषण खूनी संघर्ष हो गया। ओमसोम और रामौतार पक्ष के लोगों के बीच शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया। दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले, वहीं छतों से एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए। इस मारपीट और पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घायलों को तत्काल दहगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बदायूं रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।1