।। बस्ती: वर्दी और विभाग की नाक के नीचे 'लाल' हो रही है माफियाओं की तिजोरी ।। अजीत मिश्रा (खोजी) लालगंज में बेखौफ खनन माफिया; नगर पंचायत शंकरपुर में दिन-दहाड़े गरज रही हैं प्रतिबंधित मशीनें बस्ती। जिले में खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें न तो कानून का खौफ है और न ही प्रशासन का डर। ताजा मामला लालगंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत स्थित शंकरपुर का है, जहाँ 'खाकी' की नाक के नीचे और खनन विभाग की 'रहमत' से अवैध मिट्टी का काला कारोबार जोरों पर फल-फूल रहा है। थाने से चंद कदमों की दूरी, फिर भी पुलिस 'अंजान' हैरानी की बात यह है कि जहाँ यह अवैध खुदाई हो रही है, वहाँ से थाने की दूरी महज कुछ ही मीटर है। दिन के उजाले में प्रतिबंधित मशीनें (JCB) दहाड़ रही हैं और मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है। या यूँ कहें कि "सहमति" का चश्मा पहनकर पुलिस ने अपनी आँखें मूंद ली हैं। खनन अधिकारी की चुप्पी पर उठ रहे सवाल नियमों को ताक पर रखकर हो रही इस खुदाई ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्रतिबंधित मशीनों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी के बावजूद माफिया बेखौफ होकर धरती का सीना छलनी कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि यह खेल बिना "ऊपर" के संरक्षण के मुमकिन नहीं है। अवैध कारोबार का 'सिंडिकेट' स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो यह पूरा खेल एक संगठित सिंडिकेट के जरिए चल रहा है। रसूखदार माफियाओं और कुछ भ्रष्ट कारिंदों की जुगलबंदी ने सरकार के राजस्व को चूना लगाने और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने की खुली छूट ले रखी है। बड़ा सवाल: क्या जिला प्रशासन इन बेखौफ माफियाओं पर नकेल कसेगा, या फिर "साहबों" की चुप्पी की आड़ में शंकरपुर की जमीन ऐसे ही लुटती रहेगी?
।। बस्ती: वर्दी और विभाग की नाक के नीचे 'लाल' हो रही है माफियाओं की तिजोरी ।। अजीत मिश्रा (खोजी) लालगंज में बेखौफ खनन माफिया; नगर पंचायत शंकरपुर में दिन-दहाड़े गरज रही हैं प्रतिबंधित मशीनें बस्ती। जिले में खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें न तो कानून का खौफ है और न ही प्रशासन का डर। ताजा मामला लालगंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत स्थित शंकरपुर का है, जहाँ 'खाकी' की नाक के नीचे और खनन विभाग की 'रहमत' से अवैध मिट्टी का काला कारोबार जोरों पर फल-फूल रहा है। थाने से चंद कदमों की दूरी, फिर भी पुलिस 'अंजान' हैरानी की बात यह है कि जहाँ यह अवैध खुदाई हो रही है, वहाँ से थाने की दूरी महज कुछ ही मीटर है। दिन के उजाले में प्रतिबंधित मशीनें (JCB) दहाड़ रही हैं और मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है। या यूँ कहें कि "सहमति" का चश्मा पहनकर पुलिस ने अपनी आँखें मूंद ली हैं। खनन अधिकारी की चुप्पी पर उठ रहे सवाल नियमों को ताक पर रखकर हो रही इस खुदाई ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्रतिबंधित मशीनों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी के बावजूद माफिया बेखौफ होकर धरती का सीना छलनी कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि यह खेल बिना "ऊपर" के संरक्षण के मुमकिन नहीं है। अवैध कारोबार का 'सिंडिकेट' स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो यह पूरा खेल एक संगठित सिंडिकेट के जरिए चल रहा है। रसूखदार माफियाओं और कुछ भ्रष्ट कारिंदों की जुगलबंदी ने सरकार के राजस्व को चूना लगाने और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने की खुली छूट ले रखी है। बड़ा सवाल: क्या जिला प्रशासन इन बेखौफ माफियाओं पर नकेल कसेगा, या फिर "साहबों" की चुप्पी की आड़ में शंकरपुर की जमीन ऐसे ही लुटती रहेगी?
- जनपद स्तरीय जूनियर बालक-बालिका एथलेटिक्स प्रतियोगिता सम्पन्न एथलेटिक्स एसोसिएशन अध्यक्ष / नगर पालिका अध्यक्ष जगत जयसवाल ने विजेताओं को किया सम्मानित, विभिन्न प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम संतकबीरनगर । जनपद स्तरीय जूनियर बालक एवं बालिका एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन जनपद के काशीराम स्टेडियम में किया गया । जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों व क्षेत्रों से आए छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जगत जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और भविष्य में वे जनपद व प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न आयु वर्गों में दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक सहित कई एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बालक वर्ग की 100 मीटर दौड़ में राजन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी वर्ग में अन्य प्रतिभागियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। वहीं 200 मीटर बालक वर्ग में विनय ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अन्य खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बालिका वर्ग में भी प्रतियोगिता कड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ सम्पन्न हुई। 100 मीटर दौड़ में रितिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द्वितीय नेहापाल ने प्राप्त किया अन्य प्रतिभागियों ने द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया। इसी प्रकार 200 मीटर बालिका वर्ग में भी प्रतिभागियों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। प्रतियोगिता के समापन पर विजेता खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा मेडल, प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में एथलेटिक्स एसोसिएशन सचिव रमेश प्रसाद, जिला खेल कार्यालय के अधिकारी अभिज्ञान मालवीय खेलो इंडिया एथलीट्स कोच मनोज यादव कुश्ती कोच यादवेंद्र यादव बास्केटबॉल कोच सुरेंद्र गुप्ता हॉकी कोच स्मिता दुबे वॉलीबॉल कोच सृजन त्रिपाठी , शिक्षक गण, खेल प्रेमी एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं सहयोगियों की सराहना की गई। प्रतियोगिता के माध्यम से जनपद के उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला तथा खेल के प्रति युवाओं में उत्साह देखने को मिला।3
- आकाशवाणी, 16 3 2026 ई0 ❤ लव जिहाद ⬅️➡️LOVE ZIHAD! 👉🏾 हिंदू लड़कियों के लिए विशेष सूचना❗ ➡️ हिंदू परिवार अवशय पढ़ें , ➡️ शेयर करें, हर हिंदू के घर तक पहुंचाने का प्रयास करें! 🙏✍️लव जिहाद से बचने के लिए, लव जिहाद का शिकार होने से बचने के लिए, मैं यह पोस्ट अपने हिंदू बहनों / बेटियों/ बच्चीयों के लिए लिख रहा हूं ! ➡️ कृपया ध्यान दें:- 1-एक लव जिहाद वाले ,आपको अपने स्कूल, कॉलेज, ऑफिस ,आसपास रहने वाला पड़ोसी सबसे शरीफ इंसान लगेगा । 2- लवजिहादी,आपको कभी भी नजर उठाकर नहीं देखेगा । यादी आप उसकी तरफ देखेंगी तो भी वह अपनी नजरे झुका लेगा। 3- पूरा का पूरा सेकुलर (धर्मनीरपेक्ष) दिखेगा। 4- हिंदू धर्म के प्रति अपना सम्मान दिखाएगा । 5- आपको बोलेगा की वह पूर्ण शाकाहारी है। 6- जब आप उसके हाथ से खाना पीना , चाय,काफी पीना शुरू कर देंगी, तो दवाओं का प्रयोग होता है । 7- इसी दवाओं के नशे में आपका ब्रेन वॉश किया जता है और आपको उन दवाओं की लत (आदत ) लग जाती है। 8-अब आप पुरी तरह से फंस चुकी होती हैं। आपके चारों तरफ लव जिहाद ही दिखाई पडेंगे! ➡️ तब तक बहुत डर हो चुकी होती है। कृपया आप अपनी राय कमेंट में लिख सकते हैं!1
- आज दिनांक 16/03/26 को मारपीट के प्रकरण में गिरफ्तार अभियुक्तगण, जो हवालात पुरुष में निरुद्ध थे, को बाहर निकालकर अन्तर्गत धारा 170/126/135 बीएनएसएस में शांति भंग की आशंका के दृष्टिगत चालान कर माननीय न्यायालय भेजा गया। अभियुक्तगण का विवरण निम्नवत है– 1.दुर्विजय पुत्र विदेशी, निवासी ग्राम पिडारी पूर्वी, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर 2.उदयभान पुत्र विदेशी, निवासी ग्राम पिडारी पूर्वी, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर 3.विकास चौहान पुत्र विदेशी, निवासी ग्राम पिडारी पूर्वी, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर 4.रामविलास पुत्र भगौती, निवासी ग्राम ठाठर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर 5.राजकुमार यादव पुत्र भगौती, निवासी ग्राम ठाठर पूर्वी, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर 6.सूरज यादव पुत्र राजकुमार, निवासी ग्राम ठाठर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर 7.मनीष यादव पुत्र राजकुमार, निवासी ग्राम ठाठर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर 8.मुन्ना यादव उर्फ रामाज्ञा पुत्र रामभरोस, निवासी ग्राम भगता, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर उक्त सभी अभियुक्तगणों को आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय प्रेषित किया गया।2
- लखनऊ में आयोजित हिन्दी पत्रकार एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक व सम्मान समारोह में शामिल होकर कुशीनगर लौट रहे पत्रकारों की कार मगर हाईवे पर हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो पत्रकारों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया। पुलिस की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। इस दुखद हादसे के बाद पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 🙏 ईश्वर दिवंगत पत्रकार साथियों की आत्मा को शांति दें और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की शक्ति प्रदान करें।4
- Post by Vipin Times Khlilabad4
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- अजीत मिश्रा (खोजी) लखनऊ: जनेश्वर मिश्र पार्क के पास हुआ वह भीषण हादसा, जिसमें नैतिक नामक युवक ने अपनी जान गंवा दी, सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं है। यह उस 'डिजिटल दिखावे' की बलि है, जिसका शिकार आज का युवा हर दिन हो रहा है। सोशल मीडिया पर 'बाइकर्स ग्रुप' और 'राइडिंग कंटेंट' के नाम पर जो रफ़्तार का जुनून परोसा जा रहा है, उसने सड़कों को रेसिंग ट्रैक और युवाओं को 'कंटेंट' का मोहरा बना दिया है। कैमरा, एक्शन... और मौत आजकल बाइकर्स ग्रुप के साथ राइडिंग का मतलब केवल सवारी करना नहीं रह गया है। इसके पीछे एक अदृश्य दबाव होता है—बेहतर शॉट लेने का, हाई-स्पीड का वीडियो बनाकर फॉलोअर्स बढ़ाने का। क्या नैतिक का ग्रुप भी उसी 'परफेक्ट रील' की तलाश में था? जब नजरें सड़क पर होने के बजाय कैमरे के एंगल पर होती हैं, तो मौत की संभावना सौ गुना बढ़ जाती है। सोशल मीडिया का 'ग्लेमर' बनाम जमीनी हकीकत सोशल मीडिया हमें राइडिंग का जो ग्लैमराइज्ड (Glamorized) चेहरा दिखाता है, उसमें हेलमेट के पीछे की घबराहट या अनियंत्रित बाइक का डर नहीं दिखता। दिखावे की संस्कृति: इंस्टाग्राम और फेसबुक पर रफ़्तार का महिमामंडन करने वाले इन्फ्लुएंसरों ने युवाओं के दिमाग में यह गलत संदेश भर दिया है कि 'स्पीड ही पहचान है।' ग्रुप प्रेशर: किसी ग्रुप का हिस्सा होने पर 'सबसे आगे रहने' या 'स्टंट करने' का जो दबाव होता है, वह अक्सर अनुभवहीन युवाओं को मौत के मुहाने पर ले आता है। अब और कितने 'नैतिक' चाहिए? सोशल मीडिया की चमक-धमक में हम यह भूल गए हैं कि सड़क पर रफ़्तार का मतलब केवल एक गलती और अंत। एक बिजली विभाग के AE के बेटे की मृत्यु ने एक हँसता-खेलता घर उजाड़ दिया है। क्या कुछ लाइक्स, कमेंट्स या चंद मिनटों के वीडियो की खातिर जान गंवाना सौदा घाटे का नहीं है? समाज और अभिभावकों से सवाल हम बच्चों को महंगी बाइक तो दिला देते हैं, लेकिन क्या हम उन्हें यह सिखा पा रहे हैं कि सड़क किसी के 'कंटेंट' का स्टूडियो नहीं है? डिजिटल अनुशासन: क्या अभिभावक अपने बच्चों के सोशल मीडिया व्यवहार पर नजर रख रहे हैं? जिम्मेदार राइडिंग: बाइकर्स ग्रुप्स को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। क्या वे राइडिंग के दौरान सुरक्षा के बजाय वीडियो क्वालिटी को ज्यादा अहमियत तो नहीं दे रहे? निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर रफ़्तार की रील डालना आसान है, लेकिन उस दर्द को वापस लाना असंभव है जो एक परिवार ने नैतिक को खोकर सहा है। समय आ गया है कि हम 'स्पीड' के इस डिजिटल पागलपन को रोकें, इससे पहले कि अगली रील किसी की अंतिम विदाई का वीडियो बन जाए। सड़क पर रफ़्तार का खेल बंद होना चाहिए, क्योंकि मौत का कोई 'रीटेक' नहीं होता।1
- आकाशवाणी, 16 3 2026 ई0 मित्रों! सोकर उठ गए हो तो आइए, हर हर महादेव के उच्चारण के साथ आज के दिन चर्या का प्रारंभ करते हैं। हर हर महादेव 🚩 ॐ नमः शिवाय! ✍️ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏1
- लगातार धरना आमरण अनसन जारी लगातार सो रहा प्रशासन क्या अंबेडकरनगर में अब न्याय कानून व्यवस्था नहीं बची है क्या मानवता अब नहीं बची है उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी इस मामले को गंभीरता से संज्ञान लीजिए आपके छवि को अधिकारी लोग दूषित कर रहे हैं यह जनता भी आपकी है और आप इनके भी मुख्यमंत्री हैं आप राजा हैं आप् जैसे राजा के रहते हुए प्रजा कैसे दुखी रह सकती है कृपया संज्ञान लीजिए *प्रशासन के लापरवाही के कारण ग्रामवासी बैठे धरने पर* खबर चलने के बावजूद भी गहरी निद्रा में सो रहे हैं जिलाधिकारी लोग मजदूर हो रहे हैं आमरण अनसन्न पर *सैकड़ो वर्ष से अधिक पुराने रास्ते पर दबंगों ने दीवाल खड़ी कर किया* 20 साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल होने पर उसे रास्ता घोषित कर दिया जाता है ऐसा कोर्ट ने एक मामले मे कहा चुका है *पहले चल चुकी थी यह खबर* तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश *न्यायालय को गुमराह करके किसी सार्वजनिक रास्ते को रोकने का आदेश प्राप्त करना* कानूनन अवैध और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) है। अम्बेडकर नगर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गूपुर मेजर ( जमालपुर) *सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के आने-जाने का रास्ता नहीं रोका जा सकता है।* झूठे तथ्यों के आधार पर लिया गया आदेश, यदि साबित हो जाए, तो रद्द कर दिया जाता है और दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है। *महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:* रास्ता रोकना अवैध: सर्वोच्च न्यायालय ने रांची के एक मामले में कहा कि किसी भी नागरिक के आने-जाने के रास्ते (Public Passage) को बाउंड्री बनाकर या अन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता, भले ही वह जगह निजी जमीन के करीब हो। *न्यायालय को गुमराह करना:* यदि अदालत को गलत तथ्य या फर्जी दस्तावेज देकर आदेश प्राप्त किया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है और यह न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। *अवैध आदेश पर कार्रवाई:* यदि गलत जानकारी देकर रास्ता रोका गया है, तो प्रभावित पक्ष संबंधित उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या अवमानना याचिका दाखिल कर सकता है। *निष्कर्ष:* सार्वजनिक रास्ते को रोकना एक अपराध है। यदि न्यायालय ने गुमराह होकर ऐसा आदेश दिया है, तो उसे उचित कानूनी कार्यवाही के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। *दैनिक जागरण खबर के अनुसार* 👇 *नहीं रोक सकते किसी के आने-जाने का रास्ता', Supreme Court की बड़ी टिप्पणी* *सुप्रीम कोर्ट ने रांची के हिनू में रास्ता विवाद मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी के आने जाने का रास्ता नहीं बंद किया जा सकता है। हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने एसएलपी खारिज कर दी। *गीता देवी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।* झारखंड हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2022 को गीता देवी के घर के सामने बनी बॉउंड्री को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते आने-जाने का रास्ते पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया था। इसके खिलाफ अंजू मिंज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। *क्या है पूरा मामला* बता दें कि गीता देवी हिनू में रहती हैं। कुछ दिनों पहले पाहन की जमीन बताते हुए बॉउंड्री बना दिया गया। कहा गया कि इस पर गांव वाले पूजा करते हैं। निजी जमीन से रास्ता नहीं दिया जा सकता है। तब अदालत ने कहा था कि मामले में पहले दिन से कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जमीन का मालिकाना हक (टाइटल सूट) तय नहीं कर रहा है। इसके लिए सभी पक्षों को सक्षम अदालत में जाना चाहिए। *रास्ता को लेकर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है और यह प्रार्थी का मौलिक अधिकार है।* अदालत ने कहा था कि प्रार्थी 1953 से उक्त रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। एसएआर कोर्ट के तहत बीस साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल करने पर नगर निगम उसे स्ट्रीट (रास्ता) का दर्जा प्रदान कर देता है। *प्रार्थी की ओर से इस पर 2008 में हाई कोर्ट के खंडपीठ के आदेश का हवाला दिया।* इस दौरान हस्तक्षेप कर्ता की ओर से बार- बार आदेश वापस लेने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही वकील के आचरण को अनुकूल नहीं पाते हुए अदालत ने यह मामला बार काउंसिल को भेज दिया था। Suyash Kumar Mishra 8755777000. 9506000647 MYogiAdityanath DM Ambedkarnagar Narendra Modi Ambedkarnagar Police UP Police #india #UttarPradesh #viral #video #reels #dmambedkarnagar #MYogiAdityanath #YogiAdityanath #UPGovt #UPGovernment #suyash #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #अम्बेडकरनगर #जलालपुर #akbarpur #AmbedkarNagar1