लगातार धरना आमरण अनसन जारी लगातार सो रहा प्रशासन क्या अंबेडकरनगर में अब न्याय कानून व्यवस्था नहीं बची है क्या मानवता अब नहीं बची है उत्तर प्रदेश में लगातार धरना आमरण अनसन जारी लगातार सो रहा प्रशासन क्या अंबेडकरनगर में अब न्याय कानून व्यवस्था नहीं बची है क्या मानवता अब नहीं बची है उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी इस मामले को गंभीरता से संज्ञान लीजिए आपके छवि को अधिकारी लोग दूषित कर रहे हैं यह जनता भी आपकी है और आप इनके भी मुख्यमंत्री हैं आप राजा हैं आप् जैसे राजा के रहते हुए प्रजा कैसे दुखी रह सकती है कृपया संज्ञान लीजिए *प्रशासन के लापरवाही के कारण ग्रामवासी बैठे धरने पर* खबर चलने के बावजूद भी गहरी निद्रा में सो रहे हैं जिलाधिकारी लोग मजदूर हो रहे हैं आमरण अनसन्न पर *सैकड़ो वर्ष से अधिक पुराने रास्ते पर दबंगों ने दीवाल खड़ी कर किया* 20 साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल होने पर उसे रास्ता घोषित कर दिया जाता है ऐसा कोर्ट ने एक मामले मे कहा चुका है *पहले चल चुकी थी यह खबर* तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश *न्यायालय को गुमराह करके किसी सार्वजनिक रास्ते को रोकने का आदेश प्राप्त करना* कानूनन अवैध और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) है। अम्बेडकर नगर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गूपुर मेजर ( जमालपुर) *सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के आने-जाने का रास्ता नहीं रोका जा सकता है।* झूठे तथ्यों के आधार पर लिया गया आदेश, यदि साबित हो जाए, तो रद्द कर दिया जाता है और दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है। *महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:* रास्ता रोकना अवैध: सर्वोच्च न्यायालय ने रांची के एक मामले में कहा कि किसी भी नागरिक के आने-जाने के रास्ते (Public Passage) को बाउंड्री बनाकर या अन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता, भले ही वह जगह निजी जमीन के करीब हो। *न्यायालय को गुमराह करना:* यदि अदालत को गलत तथ्य या फर्जी दस्तावेज देकर आदेश प्राप्त किया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है और यह न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। *अवैध आदेश पर कार्रवाई:* यदि गलत जानकारी देकर रास्ता रोका गया है, तो प्रभावित पक्ष संबंधित उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या अवमानना याचिका दाखिल कर सकता है। *निष्कर्ष:* सार्वजनिक रास्ते को रोकना एक अपराध है। यदि न्यायालय ने गुमराह होकर ऐसा आदेश दिया है, तो उसे उचित कानूनी कार्यवाही के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। *दैनिक जागरण खबर के अनुसार* 👇 *नहीं रोक सकते किसी के आने-जाने का रास्ता', Supreme Court की बड़ी टिप्पणी* *सुप्रीम कोर्ट ने रांची के हिनू में रास्ता विवाद मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी के आने जाने का रास्ता नहीं बंद किया जा सकता है। हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने एसएलपी खारिज कर दी। *गीता देवी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।* झारखंड हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2022 को गीता देवी के घर के सामने बनी बॉउंड्री को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते आने-जाने का रास्ते पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया था। इसके खिलाफ अंजू मिंज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। *क्या है पूरा मामला* बता दें कि गीता देवी हिनू में रहती हैं। कुछ दिनों पहले पाहन की जमीन बताते हुए बॉउंड्री बना दिया गया। कहा गया कि इस पर गांव वाले पूजा करते हैं। निजी जमीन से रास्ता नहीं दिया जा सकता है। तब अदालत ने कहा था कि मामले में पहले दिन से कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जमीन का मालिकाना हक (टाइटल सूट) तय नहीं कर रहा है। इसके लिए सभी पक्षों को सक्षम अदालत में जाना चाहिए। *रास्ता को लेकर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है और यह प्रार्थी का मौलिक अधिकार है।* अदालत ने कहा था कि प्रार्थी 1953 से उक्त रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। एसएआर कोर्ट के तहत बीस साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल करने पर नगर निगम उसे स्ट्रीट (रास्ता) का दर्जा प्रदान कर देता है। *प्रार्थी की ओर से इस पर 2008 में हाई कोर्ट के खंडपीठ के आदेश का हवाला दिया।* इस दौरान हस्तक्षेप कर्ता की ओर से बार- बार आदेश वापस लेने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही वकील के आचरण को अनुकूल नहीं पाते हुए अदालत ने यह मामला बार काउंसिल को भेज दिया था। Suyash Kumar Mishra 8755777000. 9506000647 MYogiAdityanath DM Ambedkarnagar Narendra Modi Ambedkarnagar Police UP Police #india #UttarPradesh #viral #video #reels #dmambedkarnagar #MYogiAdityanath #YogiAdityanath #UPGovt #UPGovernment #suyash #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #अम्बेडकरनगर #जलालपुर #akbarpur #AmbedkarNagar
लगातार धरना आमरण अनसन जारी लगातार सो रहा प्रशासन क्या अंबेडकरनगर में अब न्याय कानून व्यवस्था नहीं बची है क्या मानवता अब नहीं बची है उत्तर प्रदेश में लगातार धरना आमरण अनसन जारी लगातार सो रहा प्रशासन क्या अंबेडकरनगर में अब न्याय कानून व्यवस्था नहीं बची है क्या मानवता अब नहीं बची है उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी इस मामले को गंभीरता से संज्ञान लीजिए आपके छवि को अधिकारी लोग दूषित कर रहे हैं यह जनता भी आपकी है और आप इनके भी मुख्यमंत्री हैं आप राजा हैं आप् जैसे राजा के रहते हुए प्रजा कैसे दुखी रह सकती है कृपया संज्ञान लीजिए *प्रशासन के लापरवाही के कारण ग्रामवासी बैठे धरने पर* खबर चलने के बावजूद भी गहरी निद्रा में सो रहे हैं जिलाधिकारी लोग मजदूर हो रहे हैं आमरण अनसन्न पर *सैकड़ो वर्ष से अधिक पुराने रास्ते पर दबंगों ने दीवाल खड़ी कर किया* 20 साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल होने पर उसे रास्ता घोषित कर दिया जाता है ऐसा कोर्ट ने एक मामले मे कहा चुका है *पहले चल चुकी थी यह खबर* तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश *न्यायालय को गुमराह करके किसी सार्वजनिक रास्ते को रोकने का आदेश प्राप्त करना* कानूनन अवैध और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) है। अम्बेडकर नगर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गूपुर मेजर ( जमालपुर) *सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के आने-जाने का रास्ता नहीं रोका जा सकता है।* झूठे तथ्यों के आधार पर लिया गया आदेश, यदि साबित हो जाए, तो रद्द कर दिया जाता है और दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है। *महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:* रास्ता रोकना अवैध: सर्वोच्च न्यायालय ने रांची के एक मामले में कहा कि किसी भी नागरिक के आने-जाने के रास्ते (Public Passage) को बाउंड्री बनाकर या अन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता, भले ही वह जगह निजी जमीन के करीब हो। *न्यायालय को गुमराह करना:* यदि अदालत को गलत तथ्य या फर्जी दस्तावेज देकर आदेश प्राप्त किया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है और यह न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। *अवैध आदेश पर कार्रवाई:* यदि गलत जानकारी देकर रास्ता रोका गया है, तो प्रभावित पक्ष संबंधित उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या अवमानना याचिका दाखिल कर सकता है। *निष्कर्ष:* सार्वजनिक रास्ते को रोकना एक अपराध है। यदि न्यायालय ने गुमराह होकर ऐसा आदेश दिया है, तो उसे उचित कानूनी कार्यवाही के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। *दैनिक जागरण खबर के अनुसार* 👇 *नहीं रोक सकते किसी के आने-जाने का रास्ता', Supreme Court की बड़ी टिप्पणी* *सुप्रीम कोर्ट ने रांची के हिनू में रास्ता विवाद मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी के आने जाने का रास्ता नहीं बंद किया जा सकता है। हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने एसएलपी खारिज कर दी। *गीता देवी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।* झारखंड हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2022 को गीता देवी के घर के सामने बनी बॉउंड्री को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते आने-जाने का रास्ते पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया था। इसके खिलाफ अंजू मिंज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। *क्या है पूरा मामला* बता दें कि गीता देवी हिनू में रहती हैं। कुछ दिनों पहले पाहन की जमीन बताते हुए बॉउंड्री बना दिया गया। कहा गया कि इस पर गांव वाले पूजा करते हैं। निजी जमीन से रास्ता नहीं दिया जा सकता है। तब अदालत ने कहा था कि मामले में पहले दिन से कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जमीन का मालिकाना हक (टाइटल सूट) तय नहीं कर रहा है। इसके लिए सभी पक्षों को सक्षम अदालत में जाना चाहिए। *रास्ता को लेकर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है और यह प्रार्थी का मौलिक अधिकार है।* अदालत ने कहा था कि प्रार्थी 1953 से उक्त रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। एसएआर कोर्ट के तहत बीस साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल करने पर नगर निगम उसे स्ट्रीट (रास्ता) का दर्जा प्रदान कर देता है। *प्रार्थी की ओर से इस पर 2008 में हाई कोर्ट के खंडपीठ के आदेश का हवाला दिया।* इस दौरान हस्तक्षेप कर्ता की ओर से बार- बार आदेश वापस लेने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही वकील के आचरण को अनुकूल नहीं पाते हुए अदालत ने यह मामला बार काउंसिल को भेज दिया था। Suyash Kumar Mishra 8755777000. 9506000647 MYogiAdityanath DM Ambedkarnagar Narendra Modi Ambedkarnagar Police UP Police #india #UttarPradesh #viral #video #reels #dmambedkarnagar #MYogiAdityanath #YogiAdityanath #UPGovt #UPGovernment #suyash #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #अम्बेडकरनगर #जलालपुर #akbarpur #AmbedkarNagar
- लगातार धरना आमरण अनसन जारी लगातार सो रहा प्रशासन क्या अंबेडकरनगर में अब न्याय कानून व्यवस्था नहीं बची है क्या मानवता अब नहीं बची है उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी इस मामले को गंभीरता से संज्ञान लीजिए आपके छवि को अधिकारी लोग दूषित कर रहे हैं यह जनता भी आपकी है और आप इनके भी मुख्यमंत्री हैं आप राजा हैं आप् जैसे राजा के रहते हुए प्रजा कैसे दुखी रह सकती है कृपया संज्ञान लीजिए *प्रशासन के लापरवाही के कारण ग्रामवासी बैठे धरने पर* खबर चलने के बावजूद भी गहरी निद्रा में सो रहे हैं जिलाधिकारी लोग मजदूर हो रहे हैं आमरण अनसन्न पर *सैकड़ो वर्ष से अधिक पुराने रास्ते पर दबंगों ने दीवाल खड़ी कर किया* 20 साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल होने पर उसे रास्ता घोषित कर दिया जाता है ऐसा कोर्ट ने एक मामले मे कहा चुका है *पहले चल चुकी थी यह खबर* तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश *न्यायालय को गुमराह करके किसी सार्वजनिक रास्ते को रोकने का आदेश प्राप्त करना* कानूनन अवैध और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) है। अम्बेडकर नगर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गूपुर मेजर ( जमालपुर) *सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के आने-जाने का रास्ता नहीं रोका जा सकता है।* झूठे तथ्यों के आधार पर लिया गया आदेश, यदि साबित हो जाए, तो रद्द कर दिया जाता है और दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है। *महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:* रास्ता रोकना अवैध: सर्वोच्च न्यायालय ने रांची के एक मामले में कहा कि किसी भी नागरिक के आने-जाने के रास्ते (Public Passage) को बाउंड्री बनाकर या अन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता, भले ही वह जगह निजी जमीन के करीब हो। *न्यायालय को गुमराह करना:* यदि अदालत को गलत तथ्य या फर्जी दस्तावेज देकर आदेश प्राप्त किया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है और यह न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। *अवैध आदेश पर कार्रवाई:* यदि गलत जानकारी देकर रास्ता रोका गया है, तो प्रभावित पक्ष संबंधित उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या अवमानना याचिका दाखिल कर सकता है। *निष्कर्ष:* सार्वजनिक रास्ते को रोकना एक अपराध है। यदि न्यायालय ने गुमराह होकर ऐसा आदेश दिया है, तो उसे उचित कानूनी कार्यवाही के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। *दैनिक जागरण खबर के अनुसार* 👇 *नहीं रोक सकते किसी के आने-जाने का रास्ता', Supreme Court की बड़ी टिप्पणी* *सुप्रीम कोर्ट ने रांची के हिनू में रास्ता विवाद मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी के आने जाने का रास्ता नहीं बंद किया जा सकता है। हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने एसएलपी खारिज कर दी। *गीता देवी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।* झारखंड हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2022 को गीता देवी के घर के सामने बनी बॉउंड्री को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते आने-जाने का रास्ते पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया था। इसके खिलाफ अंजू मिंज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। *क्या है पूरा मामला* बता दें कि गीता देवी हिनू में रहती हैं। कुछ दिनों पहले पाहन की जमीन बताते हुए बॉउंड्री बना दिया गया। कहा गया कि इस पर गांव वाले पूजा करते हैं। निजी जमीन से रास्ता नहीं दिया जा सकता है। तब अदालत ने कहा था कि मामले में पहले दिन से कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जमीन का मालिकाना हक (टाइटल सूट) तय नहीं कर रहा है। इसके लिए सभी पक्षों को सक्षम अदालत में जाना चाहिए। *रास्ता को लेकर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है और यह प्रार्थी का मौलिक अधिकार है।* अदालत ने कहा था कि प्रार्थी 1953 से उक्त रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। एसएआर कोर्ट के तहत बीस साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल करने पर नगर निगम उसे स्ट्रीट (रास्ता) का दर्जा प्रदान कर देता है। *प्रार्थी की ओर से इस पर 2008 में हाई कोर्ट के खंडपीठ के आदेश का हवाला दिया।* इस दौरान हस्तक्षेप कर्ता की ओर से बार- बार आदेश वापस लेने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही वकील के आचरण को अनुकूल नहीं पाते हुए अदालत ने यह मामला बार काउंसिल को भेज दिया था। Suyash Kumar Mishra 8755777000. 9506000647 MYogiAdityanath DM Ambedkarnagar Narendra Modi Ambedkarnagar Police UP Police #india #UttarPradesh #viral #video #reels #dmambedkarnagar #MYogiAdityanath #YogiAdityanath #UPGovt #UPGovernment #suyash #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #अम्बेडकरनगर #जलालपुर #akbarpur #AmbedkarNagar1
- भारतीय मछुआ महासंघ के जनपद इकाई के तत्वावधान में मछुआ समुदाय का सम्मेलन। अम्बेडकरनगर भारतीय मछुआ महासंघ के जनपद इकाई अंबेडकर नगर के तत्वाधान में जनपदीय प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री व सांसद मछुआ महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंखलाल मांझी ने निषाद समाज के महापुरुष महाराज निषादराज गुह्यराज के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कार्यक्रम में आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा समाज आर्थिक सामाजिक शैक्षिक स्तर पर पिछड़ा है जिसका शानदार इतिहास रहा है। हमारा अतीत समृद्धशाली गौरवशाली रहा है । हमारे पूर्वज महर्षि द्वैपायन वेदव्यास ने श्रुति परंपरा को तोड़ते हुए चार वेद छः शास्त्र और 18 पुराण की रचना की। सृष्टि के रचयिता महर्षि कश्यप हमारे वंशज हैं । हमारे पूर्वज राजा नल राजा बलि राजा हिरण कश्यप हैं जिनसे हमें अनंत प्रेरणाएं मिलती है। हमारे ही पूर्वज सिंधु घाटी सभ्यता के आर्कीटेक्चर व संस्थापक रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों को डुबो डुबाकर मारा है जिससे कुपित होकर अंग्रेजी हुकूमत ने हमारे समुदाय को क्रिमिनल कास्ट घोषित कर दिया ।हमारा शासन जल जंगल जमीन पर रहा है लेकिन वही यूरेशिया आक्रांताओं ने हमारी संस्कृत और हमारे शानदार इतिहास को मिटाने काम किया । वर्तमान आजाद हिंदुस्तान के संविधान रचयिता हमारे ही पुरखे बाबा साहब ने ऐसे वंचित लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए आरक्षण की सुविधा प्रदान किया था जिसके तहत 1930 1950 से ही हमारे समुदाय के मझवार गोंड तुरैया बेलदार शिल्पकार आदि को अनुसूचित जाति की सूची में दर्ज कराया। लेकिन 1930 की जनगणना में परिभाषित ना होने से हमारे अधिकार से हमें वंचित होना पड़ा। आज हमारे समाज के साथ बीजेपी की योगी मोदी की सरकार भी न्याय नहीं कर रहा है। 22 दिसंबर 2016 के शासनादेश को अनुपालन करने के बजाय हमारे समाज को जानबूझकर धोखा दिया गया। उन्होंने बताया कि हमें जागना है उठना है और संगठित होकर लड़ाई लड़ना है तभी हम अपना अधिकार पा सकते हैं आरक्षण कोई भीख नहीं है यह हमारा संवैधानिक अधिकार है। हमको हमारा अधिकार और इतिहास सुरक्षित बचा पाए, इसके लिए हमें शिक्षित संगठित होना पड़ेगा। उपस्थित जनपद के कार्यकताओं की आम सहमति से अनिल निषाद को जिला अध्यक्ष और उमाशंकर निषाद को जिला महासचिव एवं अवधेश निषाद , राम उजागिर निषाद , मन्नू निषाद, अशोक निषाद ओमप्रकाश निषाद प्रधान को जिला उपाध्यक्ष तथा कमल नारायण कोषाध्यक्ष , मुकेश निषाद को आडीटर, चयनित किया गया और विवेक निषाद , ज्ञान प्रकाश निषाद राम जगत निषाद, श्यामलाल निषाद पन्नालाल निषाद कैलाश मांझी त्रिवेणी निषाद धर्मात्मा निषाद कमलेश निषाद अंगद निषाद बृजेश आदि को जिम्मेदारियां दी गई और 90 अन्य समाज के सक्रिय लोगों को सक्रिय सदस्य के रूप में नामित किया गया।1
- अम्बेडकर नगर। कमहरिया घाट में नीलगाय के बेरहमी से शिकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, आरोपी कुनमुन फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने वन विभाग की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर तीन टीमों का गठन किया है। वहीं एयर गन या राइफल को लेकर अब बड़ा विवाद और बहस छिड़ गई है।1
- #अंबेडकरनगर के #राजेसुल्तानपुर में सड़क हादसे में दो युवक की #मौत। परिजनों का आरोप पुलिस के डायल 112 वाहन की टक्कर से हुई मौत मृतक नितिन कन्नौजिया का कल था एसआई का पेपर ।वहीं मृतक अमित प्रजापति को अपने बहन का एसआई का पेपर दिलाने जाना था। #वीडियो_रात_कि_है_CHC_जहांगीर_गंज1
- Post by Atul Verma1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- अंबेडकर नगर में कल सवर्ण समाज के नेताओं का हो रहा है जमावड़ा... यूजीसी कानून के खिलाफ होने जा रहा है महासंग्राम1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1