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नैमिषारण्य मार्ग पर गिरा विशाल पीपल का पेड़, 12 घंटे बाद भी नहीं हटा दहिलरा गांव से विश्व विख्यात नैमिषारण्य जाने वाले मुख्य मार्ग पर रविवार को पुराना विशाल पीपल का पेड़ गिर गया। पेड़ के सड़क पर गिरने से आवागमन प्रभावित हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, पेड़ गिरे हुए 12 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से उसे हटाने की पहल नहीं की गई। मुख्य मार्ग पर पेड़ पड़ा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग नैमिषारण्य आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क पर पेड़ पड़े रहने से कभी भी हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र पेड़ हटवाकर मार्ग को सुचारु कराने की मांग की है।

13 hrs ago
user_Mohammad Asim
Mohammad Asim
मिस्रिख, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

नैमिषारण्य मार्ग पर गिरा विशाल पीपल का पेड़, 12 घंटे बाद भी नहीं हटा दहिलरा गांव से विश्व विख्यात नैमिषारण्य जाने वाले मुख्य मार्ग पर रविवार को पुराना विशाल पीपल का पेड़ गिर गया। पेड़ के सड़क पर गिरने से आवागमन प्रभावित हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, पेड़ गिरे हुए 12 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से उसे हटाने की पहल नहीं की गई। मुख्य मार्ग पर पेड़ पड़ा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग नैमिषारण्य आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क पर पेड़ पड़े रहने से कभी भी हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र पेड़ हटवाकर मार्ग को सुचारु कराने की मांग की है।

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  • नैमिषारण्य मार्ग पर गिरा विशाल पीपल का पेड़, 12 घंटे बाद भी नहीं हटा दहिलरा गांव से विश्व विख्यात नैमिषारण्य जाने वाले मुख्य मार्ग पर रविवार को पुराना विशाल पीपल का पेड़ गिर गया। पेड़ के सड़क पर गिरने से आवागमन प्रभावित हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, पेड़ गिरे हुए 12 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से उसे हटाने की पहल नहीं की गई। मुख्य मार्ग पर पेड़ पड़ा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग नैमिषारण्य आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क पर पेड़ पड़े रहने से कभी भी हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र पेड़ हटवाकर मार्ग को सुचारु कराने की मांग की है।
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    नैमिषारण्य मार्ग पर गिरा विशाल पीपल का पेड़, 12 घंटे बाद भी नहीं हटा
दहिलरा गांव से विश्व विख्यात नैमिषारण्य जाने वाले मुख्य मार्ग पर रविवार को पुराना विशाल पीपल का पेड़ गिर गया। पेड़ के सड़क पर गिरने से आवागमन प्रभावित हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, पेड़ गिरे हुए 12 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से उसे हटाने की पहल नहीं की गई।
मुख्य मार्ग पर पेड़ पड़ा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग नैमिषारण्य आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क पर पेड़ पड़े रहने से कभी भी हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र पेड़ हटवाकर मार्ग को सुचारु कराने की मांग की है।
    user_Mohammad Asim
    Mohammad Asim
    मिस्रिख, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • दिल्ली के भाजपा मंत्री ने युवक को मारा थप्पड़ तो BJP मंत्री पर भड़के अरविंद केजरीवाल कहा मैं खुद जाऊंगा मुआइना करने
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    दिल्ली के भाजपा मंत्री ने युवक को मारा थप्पड़ तो BJP मंत्री पर भड़के अरविंद केजरीवाल कहा मैं खुद जाऊंगा मुआइना करने
    user_Mohd Javed
    Mohd Javed
    News Anchor सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • विश्व हिंदू परिषद के नेता विकास आज 27 सितंबर दिन रविवार को शाम 4:30 बजे बाढ़ की स्थिति लेने जायजा लेने के लिए पूर्णागिरि नगर आए हुए सीतापुर सिटी के पूर्णागिरि नगर में आई हुई बाढ़ की स्थिति की जज लेने विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास जी 27 सितंबर दिन रविवार को शाम 4:00 बजे स्थानीय लोगों से मुलाकातें की सभी के घरों का जायजा लिया खाना बट वाने की एवं पानी निकासी की बात कही
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    विश्व हिंदू परिषद के नेता विकास आज 27 सितंबर दिन रविवार को शाम 4:30 बजे बाढ़ की स्थिति लेने जायजा लेने के लिए पूर्णागिरि नगर आए हुए
सीतापुर सिटी के पूर्णागिरि नगर में आई हुई बाढ़ की स्थिति की जज लेने विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास जी 27 सितंबर दिन रविवार को शाम 4:00 बजे स्थानीय लोगों से मुलाकातें की सभी के घरों का जायजा लिया खाना बट वाने की एवं पानी निकासी की बात कही
    user_हिंदुस्तान सच का आईना
    हिंदुस्तान सच का आईना
    Newspaper publisher सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:* SIR में नाम कटा, घर आकर दस्तावेज लेंगे अफसर; कोहली का 2027 में आखिरी वर्ल्डकप; यूपी में BJP विधायक की कार 200 मीटर फिसली उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में शनिवार दोपहर को भारी बारिश के बीच दिबाई विधानसभा सीट से भाजपा विधायक चंद्रपाल सिंह की फॉर्च्यूनर कार का टायर फट गया, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 100 से 200 मीटर तक फिसलती चली गई और एक पोल से जा टकराई.इस भीषण हादसे में 62 वर्षीय विधायक चंद्रपाल सिंह घायल हो गए हैं. दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए एम्स (AIIMS) दिल्ली में भर्ती कराया गया है.इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें कार को एक्सप्रेसवे पर कई बार घूमते और फिसलते हुए देखा जा सकता है. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
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    *मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:* SIR में नाम कटा, घर आकर दस्तावेज लेंगे अफसर; कोहली का 2027 में आखिरी वर्ल्डकप; यूपी में BJP विधायक की कार 200 मीटर फिसली उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में शनिवार दोपहर को भारी बारिश के बीच दिबाई विधानसभा सीट से भाजपा विधायक चंद्रपाल सिंह की फॉर्च्यूनर कार का टायर फट गया, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 100 से 200 मीटर तक फिसलती चली गई और एक पोल से जा टकराई.इस भीषण हादसे में 62 वर्षीय विधायक चंद्रपाल सिंह घायल हो गए हैं. दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए एम्स (AIIMS) दिल्ली में भर्ती कराया गया है.इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें कार को एक्सप्रेसवे पर कई बार घूमते और फिसलते हुए देखा जा सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
    user_आशीष मिश्रा
    आशीष मिश्रा
    Local News Reporter Sitapur, Uttar Pradesh•
    16 hrs ago
  • अटरिया त्रिलोकपुर में बारिश के बीच भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में तब्दील हुआ आशियाना अटरिया त्रिलोकपुर में बारिश के बीच भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में तब्दील हुआ आशियाना तेज आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीण, बाल-बाल बचा परिवार; प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सिधौली, सीतापुर। थाना अटरिया क्षेत्र के ग्राम त्रिलोकपुर में रविवार रात करीब नौ बजे लगातार हो रही बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि मकान गिरने के समय उसके नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। बताया गया कि अशोक पुत्र दौलत का कच्चा मकान लगातार बारिश के चलते पहले से ही कमजोर हो गया था। रविवार रात करीब नौ बजे अचानक मकान का एक हिस्सा गिरने लगा और देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान मलबे में तब्दील हो गया। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मकान गिरने के बाद परिवार में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने परिवार के लोगों को संभाला और मलबा हटाने में मदद की। हादसे में किसी के घायल होने अथवा जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि मकान के अंदर रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दबने से नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। जर्जर कच्चे मकानों को लेकर बढ़ी चिंता लगातार बारिश के बीच ग्रामीण क्षेत्र में जर्जर कच्चे मकानों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी की दीवारों में नमी बढ़ने के कारण उनकी मजबूती लगातार कम हो रही है। ऐसे में बारिश के दौरान अचानक मकान गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने तथा प्रभावित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में जर्जर कच्चे मकानों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग भी उठाई है।
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    अटरिया त्रिलोकपुर में बारिश के बीच भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में तब्दील हुआ आशियाना

अटरिया त्रिलोकपुर में बारिश के बीच भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में तब्दील हुआ आशियाना
तेज आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीण, बाल-बाल बचा परिवार; प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग
संवाददाता,, नरेश गुप्ता 
अटरिया/सिधौली, सीतापुर। थाना अटरिया क्षेत्र के ग्राम त्रिलोकपुर में रविवार रात करीब नौ बजे लगातार हो रही बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि मकान गिरने के समय उसके नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
बताया गया कि अशोक पुत्र दौलत का कच्चा मकान लगातार बारिश के चलते पहले से ही कमजोर हो गया था। रविवार रात करीब नौ बजे अचानक मकान का एक हिस्सा गिरने लगा और देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान मलबे में तब्दील हो गया। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
मकान गिरने के बाद परिवार में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने परिवार के लोगों को संभाला और मलबा हटाने में मदद की। हादसे में किसी के घायल होने अथवा जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि मकान के अंदर रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दबने से नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
जर्जर कच्चे मकानों को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के बीच ग्रामीण क्षेत्र में जर्जर कच्चे मकानों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी की दीवारों में नमी बढ़ने के कारण उनकी मजबूती लगातार कम हो रही है। ऐसे में बारिश के दौरान अचानक मकान गिरने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने तथा प्रभावित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में जर्जर कच्चे मकानों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग भी उठाई है।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • भारी बारिश से बिजली व्यवस्था प्रभावित, लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत में जुटे बिजलीकर्मी हरदोई। प्रदेशभर में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके चलते उपभोक्ताओं को सुचारु एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए यूपीपीसीएल की फील्ड टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं। यूपीपीसीएल की ओर से जारी वीडियो के माध्यम से बताया गया कि हरदोई, बाराबंकी, बलिया और गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आंधी और भारी बारिश से प्रभावित बिजली लाइनों एवं ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद बिजलीकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने में लगे हैं। यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान धैर्य बनाए रखें और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटे कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
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    भारी बारिश से बिजली व्यवस्था प्रभावित, लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत में जुटे बिजलीकर्मी
हरदोई। प्रदेशभर में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके चलते उपभोक्ताओं को सुचारु एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए यूपीपीसीएल की फील्ड टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं।
यूपीपीसीएल की ओर से जारी वीडियो के माध्यम से बताया गया कि हरदोई, बाराबंकी, बलिया और गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आंधी और भारी बारिश से प्रभावित बिजली लाइनों एवं ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद बिजलीकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने में लगे हैं।
यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान धैर्य बनाए रखें और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटे कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
    user_शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    Journalist Sandila, Hardoi•
    12 hrs ago
  • चुनाव आयोग से सवाल, सरकार पर क्यों उठे सवाल? दानिश अली ने घेरा
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    चुनाव आयोग से सवाल, सरकार पर क्यों उठे सवाल? दानिश अली ने घेरा
    user_Mohd Javed
    Mohd Javed
    News Anchor सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • हरदोई में कुदरत का कहर 48 घंटे की आफत की बारिश,7 लोगों की मौतें 30 मवेशियों की भी मौत,330 मकान जमींदोज,त्राहि-त्राहि कर उठा हरदोई कहीं ढहे मकान तो कहीं मवेशी भी दबे कई स्थानों पर फसलें भी डूबी, प्रशासन अलर्ट, रेस्क्यू जारी........ हरदोई में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है जनपद की विभिन्न तहसीलों में मकान गिरने और सर्पदंश से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 7 लोग घायल हैं।330 मकान ढहकर मलबे में तब्दील 30 बेजुबान पशुओं की भी दर्दनाक मौत हजारों बीघा धान, उड़द, मक्का और तिल की फसलें पूरी तरह बर्बाद।सबसे ज्यादा नुकसान सण्डीला तहसील में हुआ है, जहाँ 2 लोगों की मौत और 87 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों से करीब 80 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर राहत शिविरों और स्कूलों में शिफ्ट किया गया है।पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं। कुदरत के इस कहर से जल्द उबरें हरदोई वासी! हरदोई में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि पूरा जिला त्राहि-त्राहि कर उठा है। लगातार 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही का ऐसा मंजर पैदा किया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। आसमान से बरस रही आफत की वजह से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशुओं पर भी काल मंडराया है—30 मवेशियों की जान जा चुकी है और पूरे जिले में 330 से ज्यादा मकान जमींदोज हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। आसमान से बरसती मौत... पानी-पानी हुआ हरदोई! जी हां हरदोई जिले में पिछले 48 घंटों से आफत की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। हर तरफ सिर्फ और सिर्फ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। जिले की अलग-अलग तहसीलों से आ रही तस्वीरें रूह कँपा देने वाली हैं। कहीं मकान ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं, तो कहीं बेजुबान मवेशी मलबे में दबकर दम तोड़ रहे हैं। अब तक इस आसमानी आफत ने 7 मासूम जिंदगियों को लील लिया है, वहीं 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।अगर तहसीलवार बात करें, तो सबसे ज्यादा तबाही सण्डीला में देखने को मिली है। यहाँ भारी बारिश और सर्पदंश के कारण दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। सण्डीला में अकेले 87 मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं और 16 पशुओं की मौत हुई है। वहीं सदर तहसील में भी दो लोगों की जान चली गई और 52 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा शाहाबाद और सवायजपुर में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। बिलग्राम में भी 83 मकान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।आपदा के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलभराव वाले निचले इलाकों से अब तक करीब 80 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सण्डीला और शाहाबाद में राहत शिविर एक्टिव कर दिए गए हैं, जहाँ लोगों को शरण दी जा रही है। लेकिन मुसीबत सिर्फ इंसानी बस्तियों तक सीमित नहीं है। हरदोई के अन्नदाता पर भी इस बारिश ने दोहरी मार की है। हजारों बीघा में लगी धान, उड़द, मक्का और तिल की फसलें समंदर में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे किसानों की कमर पूरी तरह टूट गई है।हरदोई की यह तस्वीरें वाकई डराने वाली हैं। बेघर हुए लोगों के सामने अब रोटी और छत का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है, लेकिन देखना यह होगा कि इन पीड़ितों को सरकार की तरफ से मुआवजा और राहत सामग्री कितनी जल्दी पहुंच पाती है। हरदोई की इस महा-तबाही पर हमारी नजर लगातार बनी हुई है।
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    हरदोई में कुदरत का कहर 48 घंटे की आफत की बारिश,7 लोगों की मौतें 30 मवेशियों की भी मौत,330 मकान जमींदोज,त्राहि-त्राहि कर उठा हरदोई कहीं ढहे मकान तो कहीं मवेशी भी दबे कई स्थानों पर फसलें भी डूबी, प्रशासन अलर्ट, रेस्क्यू जारी........

हरदोई में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है जनपद की विभिन्न तहसीलों में मकान गिरने और सर्पदंश से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 7 लोग घायल हैं।330 मकान ढहकर मलबे में तब्दील 30 बेजुबान पशुओं की भी दर्दनाक मौत हजारों बीघा धान, उड़द, मक्का और तिल की फसलें पूरी तरह बर्बाद।सबसे ज्यादा नुकसान सण्डीला तहसील में हुआ है, जहाँ 2 लोगों की मौत और 87 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों से करीब 80 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर राहत शिविरों और स्कूलों में शिफ्ट किया गया है।पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं। कुदरत के इस कहर से जल्द उबरें हरदोई वासी! 
हरदोई में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि पूरा जिला त्राहि-त्राहि कर उठा है। लगातार 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही का ऐसा मंजर पैदा किया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। आसमान से बरस रही आफत की वजह से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशुओं पर भी काल मंडराया है—30 मवेशियों की जान जा चुकी है और पूरे जिले में 330 से ज्यादा मकान जमींदोज हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। 
आसमान से बरसती मौत... पानी-पानी हुआ हरदोई! जी हां हरदोई जिले में पिछले 48 घंटों से आफत की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। हर तरफ सिर्फ और सिर्फ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। जिले की अलग-अलग तहसीलों से आ रही तस्वीरें रूह कँपा देने वाली हैं। कहीं मकान ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं, तो कहीं बेजुबान मवेशी मलबे में दबकर दम तोड़ रहे हैं। अब तक इस आसमानी आफत ने 7 मासूम जिंदगियों को लील लिया है, वहीं 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।अगर तहसीलवार बात करें, तो सबसे ज्यादा तबाही सण्डीला में देखने को मिली है। यहाँ भारी बारिश और सर्पदंश के कारण दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। सण्डीला में अकेले 87 मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं और 16 पशुओं की मौत हुई है। वहीं सदर तहसील में भी दो लोगों की जान चली गई और 52 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा शाहाबाद और सवायजपुर में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। बिलग्राम में भी 83 मकान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।आपदा के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलभराव वाले निचले इलाकों से अब तक करीब 80 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सण्डीला और शाहाबाद में राहत शिविर एक्टिव कर दिए गए हैं, जहाँ लोगों को शरण दी जा रही है। लेकिन मुसीबत सिर्फ इंसानी बस्तियों तक सीमित नहीं है। हरदोई के अन्नदाता पर भी इस बारिश ने दोहरी मार की है। हजारों बीघा में लगी धान, उड़द, मक्का और तिल की फसलें समंदर में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे किसानों की कमर पूरी तरह टूट गई है।हरदोई की यह तस्वीरें वाकई डराने वाली हैं। बेघर हुए लोगों के सामने अब रोटी और छत का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है, लेकिन देखना यह होगा कि इन पीड़ितों को सरकार की तरफ से मुआवजा और राहत सामग्री कितनी जल्दी पहुंच पाती है। हरदोई की इस महा-तबाही पर हमारी नजर लगातार बनी हुई है।
    user_मनोज तिवारी
    मनोज तिवारी
    संडीला, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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