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उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में कृषि उत्पादन मंडी समिति ने बकाया मंडी शुल्क की वसूली के संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। समिति ने एक व्यापारी को लगभग छियालीस लाख सात हजार नौ सौ चालीस रुपये (₹46,07,940) का मंडी शुल्क बकाया होने पर नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में व्यापारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी धनराशि जमा करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। मंडी समिति ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो राजस्व वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद फर्रुखाबाद के व्यापारियों के बीच इस विषय पर चर्चा का माहौल है। हालांकि, मंडी समिति ने साफ किया है कि बकाया शुल्क की वसूली नियमानुसार जारी रहेगी।
Rahul katheriya
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में कृषि उत्पादन मंडी समिति ने बकाया मंडी शुल्क की वसूली के संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। समिति ने एक व्यापारी को लगभग छियालीस लाख सात हजार नौ सौ चालीस रुपये (₹46,07,940) का मंडी शुल्क बकाया होने पर नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में व्यापारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी धनराशि जमा करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। मंडी समिति ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो राजस्व वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद फर्रुखाबाद के व्यापारियों के बीच इस विषय पर चर्चा का माहौल है। हालांकि, मंडी समिति ने साफ किया है कि बकाया शुल्क की वसूली नियमानुसार जारी रहेगी।
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- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में कृषि उत्पादन मंडी समिति ने बकाया मंडी शुल्क की वसूली के संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। समिति ने एक व्यापारी को लगभग छियालीस लाख सात हजार नौ सौ चालीस रुपये (₹46,07,940) का मंडी शुल्क बकाया होने पर नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में व्यापारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी धनराशि जमा करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। मंडी समिति ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो राजस्व वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद फर्रुखाबाद के व्यापारियों के बीच इस विषय पर चर्चा का माहौल है। हालांकि, मंडी समिति ने साफ किया है कि बकाया शुल्क की वसूली नियमानुसार जारी रहेगी।1
- फर्रुखाबाद जनपद के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थानों के संचालकों ने मंगलवार को फतेहगढ़ स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। संचालकों ने अपनी संस्थाओं को अग्निशमन (फायर) एनओसी और अन्य आवश्यक मानकों को पूरा करने के लिए 90 दिन की मोहलत देने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का वर्गीकरण कर उन्हें राहत प्रदान करने की अपील भी की। कोचिंग संचालक निशांत के नेतृत्व में पहुंचे इन संचालकों ने एडीएम को बताया कि हाल ही में हुए प्रशासनिक निरीक्षणों और कार्यवाही के कारण जनपद के अधिकांश कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थान बंद पड़े हैं। इससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। उनकी मुख्य मांगों में सभी संस्थानों को कम से कम 90 दिनों का समय देना शामिल है ताकि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों, विशेष रूप से फायर एनओसी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर सकें। उन्होंने यह भी मांग की है कि छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का श्रेणीकरण किया जाए, जिससे छोटे और बड़े संस्थानों के लिए अलग-अलग मानकों के अनुरूप राहत दी जा सके। आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET, JEE, SSC, UPTET, Agniveer और UP Police भर्ती आदि को देखते हुए संस्थानों को तुरंत संचालन की अनुमति देने की भी मांग की गई। संचालकों ने तर्क दिया कि ये संस्थान विद्यार्थियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जीवन रेखा हैं और इनके अचानक बंद होने से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह ने संचालकों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों की जांच कराई जाएगी और नियमों के अनुसार उचित निर्णय लेकर आवश्यक मोहलत देने पर विचार किया जाएगा। फर्रुखाबाद के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए यह मुद्दा वर्तमान में बेहद महत्वपूर्ण है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे शिक्षा संस्थानों का संचालन नियमित हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।2
- ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। वकील इस नई प्रणाली का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।1
- केंद्रीय प्रभारी अधिकारी सर्वदानंद बरनवाल ने फर्रुखाबाद स्थित एनआरसी वार्ड का निरीक्षण किया। यह जानकारी फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट में सामने आई है।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन दहन' अभियान के तहत हरदोई पुलिस ने मंगलवार को अवैध मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण किया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (डीडीसी) ने 15 अभियोगों से संबंधित लगभग 21,69,600 रुपये मूल्य के कुल 14.802 किलोग्राम मादक पदार्थों का निस्तारण कराया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई थाना संडीला क्षेत्र स्थित एवीओ बायो मेडिकल वेस्ट सर्विसेज, ग्राम मलेवा के इंसिनरेटर के माध्यम से वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से की गई। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 0.045 किलोग्राम हेरोइन, 12.63 किलोग्राम गांजा और 2.127 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ शामिल थे। इस प्रक्रिया के दौरान माल निस्तारण समिति के सदस्य क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार यादव, प्रभारी नारकोटिक्स सेल राजकुमार यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित एवं वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संपन्न हुई। अभियान का मुख्य उद्देश्य जब्त मादक पदार्थों का विधिक प्रक्रिया के तहत विनिष्टीकरण कर उनके दुरुपयोग की संभावनाओं को समाप्त करना और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस प्रशासन ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।3
- सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बेहटी में देर शाम एक घर में जहरीले सांप होने की सूचना रेंजर शाहाबाद को प्राप्त हुई। रेंजर शाहाबाद ने तुरंत इसकी जानकारी फॉरेस्टर शशिकांत बाजपेयी को दी, जिसके बाद शशिकांत बाजपेयी अपनी टीम के साथ देर रात गाँव पहुँचे। वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक उस जहरीले नाग का रेस्क्यू किया और उसे बाद में एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।1
- यह जानकारी कन्नौज जिले के मुर्रा पोस्ट में स्थित ग्राम पंचायत बेगम से संबंधित है।1
- नदी की ओर मिट्टी के लगातार बहने का एक दृश्य सामने आया है, जहाँ अचानक ज़मीन धँसने लगी। इस घटना के दौरान एक व्यक्ति बाइक पर वहाँ से गुज़र रहा था। मिट्टी के अचानक ढहने से वह व्यक्ति बाल-बाल बचा और सुरक्षित रहा।1