ब्यावर में सदर थाना पुलिस के अनुरोध पर वीर हिन्दू आर्मी ने एक अज्ञात व्यक्ति का सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया, जो एक बार फिर से संगठन द्वारा मानवता और सामाजिक दायित्व के निर्वहन का परिचय देता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 1 जुलाई 2026 को सदर थाना पुलिस को खरवा स्थित जोगनिया होटल के समीप लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुँचने पर पुलिस ने पाया कि शव कई दिन पुराना होने के कारण भीषण गर्मी से क्षत-विक्षत हो चुका था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि मृतक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और खरवा, लामाना, राणीसागर तथा पीपलाज क्षेत्र में घूमता रहता था। पुलिस प्रशासन ने शव को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया और मृतक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रयास किए। जब मृतक की पहचान नहीं हो सकी, तब प्रशासन ने वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वीर हिन्दू आर्मी की टीम अस्पताल पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के उपरांत, मृतक के पार्थिव शरीर को ब्यावर स्थित हिन्दू सेवा मंडल द्वारा संचालित मुक्तिधाम ले जाया गया, जहाँ सत्य सनातन धर्म की परंपराओं एवं विधि-विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस सेवा कार्य में वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा के साथ बंटी रल, पंकज राणा, चंद्रप्रकाश जैन और अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग प्रदान किया। वीर हिन्दू आर्मी पिछले 25 वर्षों से अज्ञात, लावारिस और असहाय लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार सहित विभिन्न मानव सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय है। संस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस व्यक्ति का इस संसार में कोई अपना नहीं होता, उसकी अंतिम यात्रा भी पूर्ण सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हो।
ब्यावर में सदर थाना पुलिस के अनुरोध पर वीर हिन्दू आर्मी ने एक अज्ञात व्यक्ति का सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया, जो एक बार फिर से संगठन द्वारा मानवता और सामाजिक दायित्व के निर्वहन का परिचय देता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 1 जुलाई 2026 को सदर थाना पुलिस को खरवा स्थित जोगनिया होटल के समीप लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुँचने पर पुलिस ने पाया कि शव कई दिन पुराना होने के कारण भीषण गर्मी से क्षत-विक्षत हो चुका था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि मृतक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और खरवा, लामाना, राणीसागर तथा पीपलाज क्षेत्र में घूमता रहता था। पुलिस प्रशासन ने शव को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया और मृतक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रयास किए। जब मृतक की पहचान नहीं हो सकी, तब प्रशासन ने वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वीर हिन्दू आर्मी की टीम अस्पताल पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के उपरांत, मृतक के पार्थिव शरीर को ब्यावर स्थित हिन्दू सेवा मंडल द्वारा संचालित मुक्तिधाम ले जाया गया, जहाँ सत्य सनातन धर्म की परंपराओं एवं विधि-विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस सेवा कार्य में वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा के साथ बंटी रल, पंकज राणा, चंद्रप्रकाश जैन और अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग प्रदान किया। वीर हिन्दू आर्मी पिछले 25 वर्षों से अज्ञात, लावारिस और असहाय लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार सहित विभिन्न मानव सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय है। संस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस व्यक्ति का इस संसार में कोई अपना नहीं होता, उसकी अंतिम यात्रा भी पूर्ण सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हो।
- ब्यावर में सदर थाना पुलिस के अनुरोध पर वीर हिन्दू आर्मी ने एक अज्ञात व्यक्ति का सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया, जो एक बार फिर से संगठन द्वारा मानवता और सामाजिक दायित्व के निर्वहन का परिचय देता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 1 जुलाई 2026 को सदर थाना पुलिस को खरवा स्थित जोगनिया होटल के समीप लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुँचने पर पुलिस ने पाया कि शव कई दिन पुराना होने के कारण भीषण गर्मी से क्षत-विक्षत हो चुका था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि मृतक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और खरवा, लामाना, राणीसागर तथा पीपलाज क्षेत्र में घूमता रहता था। पुलिस प्रशासन ने शव को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया और मृतक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रयास किए। जब मृतक की पहचान नहीं हो सकी, तब प्रशासन ने वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वीर हिन्दू आर्मी की टीम अस्पताल पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के उपरांत, मृतक के पार्थिव शरीर को ब्यावर स्थित हिन्दू सेवा मंडल द्वारा संचालित मुक्तिधाम ले जाया गया, जहाँ सत्य सनातन धर्म की परंपराओं एवं विधि-विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस सेवा कार्य में वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा के साथ बंटी रल, पंकज राणा, चंद्रप्रकाश जैन और अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग प्रदान किया। वीर हिन्दू आर्मी पिछले 25 वर्षों से अज्ञात, लावारिस और असहाय लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार सहित विभिन्न मानव सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय है। संस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस व्यक्ति का इस संसार में कोई अपना नहीं होता, उसकी अंतिम यात्रा भी पूर्ण सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हो।1
- ब्यावर में वीर हिन्दू आर्मी ने एक बार फिर मानवता और सामाजिक दायित्व का परिचय देते हुए एक अज्ञात मृतक का सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया। यह सेवा कार्य सदर थाना पुलिस द्वारा अज्ञात मृतक के अंतिम संस्कार हेतु किए गए अनुरोध पर किया गया। जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई 2026 को सदर थाना पुलिस को खरवा स्थित जोगनिया होटल के पास लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर शव कई दिन पुराना होने के कारण भीषण गर्मी से क्षत-विक्षत हो चुका था और उसमें कीड़े पड़ गए थे। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि मृतक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और खरवा, लामाना, राणीसागर तथा पीपलाज क्षेत्रों में घूमता रहता था। पुलिस प्रशासन ने शव को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के मुर्दाघर में सुरक्षित रखवाया तथा मृतक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रयास किए। काफी प्रयासों के बावजूद जब मृतक की पहचान नहीं हो सकी, तब प्रशासन ने वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वीर हिन्दू आर्मी की टीम अस्पताल पहुंची, जहाँ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया एवं पोस्टमार्टम के उपरांत मृतक के पार्थिव शरीर को ब्यावर स्थित हिन्दू सेवा मंडल द्वारा संचालित मुक्तिधाम ले जाया गया। वहाँ सत्य सनातन धर्म की परंपराओं एवं विधि-विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार सम्पन्न कराया गया। इस सेवा कार्य में वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा, बंटी रल, पंकज राणा, चन्द्रप्रकाश जैन सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग प्रदान किया। वीर हिन्दू आर्मी पिछले 25 वर्षों से अज्ञात, लावारिस एवं असहाय लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार सहित विभिन्न मानव सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस व्यक्ति का इस संसार में कोई अपना नहीं होता, उसकी अंतिम यात्रा भी पूर्ण सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हो।4
- ब्यावर के सदर थाना क्षेत्र में वीर हिन्दू आर्मी ने एक बार फिर अपनी मानवता और सामाजिक दायित्व का परिचय देते हुए, एक अज्ञात मृतक का सनातन धर्म की परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया। यह सेवा कार्य सदर थाना पुलिस के विशेष अनुरोध पर किया गया। पुलिस को दिनांक 1 जुलाई 2026 को खरवा स्थित जोगनिया होटल के समीप लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। यह शव कई दिन पुराना होने के कारण भीषण गर्मी से क्षत-विक्षत हो चुका था और उस पर कीड़े पड़ चुके थे। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद ज्ञात हुआ कि मृतक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और खरवा, लामाना, राणीसागर तथा पीपलाज क्षेत्रों में घूमता रहता था। पुलिस प्रशासन ने शव को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया और मृतक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रयास किए। जब तमाम प्रयासों के बावजूद मृतक की पहचान नहीं हो सकी, तब प्रशासन ने वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही वीर हिन्दू आर्मी की टीम अस्पताल पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम के बाद, मृतक के पार्थिव शरीर को ब्यावर स्थित हिन्दू सेवा मंडल द्वारा संचालित मुक्तिधाम ले जाया गया, जहाँ सत्य सनातन धर्म की परंपराओं और विधि-विधान के अनुरूप उसका अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ। इस सेवा कार्य में वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा, बंटी रल, पंकज राणा, चंद्रप्रकाश जैन सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपना सहयोग प्रदान किया। वीर हिन्दू आर्मी विगत 25 वर्षों से अज्ञात, लावारिस और असहाय लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार सहित विभिन्न मानव सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय है। संस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस संसार में जिस व्यक्ति का कोई अपना नहीं होता, उसकी अंतिम यात्रा भी पूर्ण सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हो।4
- रियाँ बड़ी में लूणी नदी किनारे लुगिया के पास स्थित पेयजल ट्यूबवेलों तक जाने वाली विद्युत लाइन पिछले 14 माह से टूटी पड़ी है। मई 2023 में लूणी नदी में आए तेज बहाव के कारण यह लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके चलते क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटना के बाद से संबंधित विभाग ने इसकी मरम्मत नहीं कराई है। लंबे समय तक लाइन बंद रहने का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने सात से अधिक विद्युत पोलों से तार और उन पर लगा लोहे का सामान चोरी कर लिया है, जिससे सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। इसी क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन से संचालित होने वाले दो महत्वपूर्ण पेयजल ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। इसके परिणामस्वरूप नगर पालिका रियाँ बड़ी की पेयजल व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है और शहर के कई मोहल्लों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी सुनील माली ने बताया कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन विद्युत लाइन अभी भी टूटी हुई है और 14 महीनों में मरम्मत न होने से इस वर्ष भी सुधार की उम्मीद कम है। उन्होंने विद्युत विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से क्षतिग्रस्त लाइन की शीघ्र मरम्मत कराने, चोरी हुए तार व अन्य सामग्री की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा दोनों ट्यूबवेलों का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के मौसम में पेयजल संकट और गहरा सकता है।1
- राजस्थान के रियांबड़ी क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। भेरूंदा जीएसएस की फॉल्ट रिपेयर टीम (एफआरटी) में कार्यरत 38 वर्षीय ठेका कर्मचारी सदीक की बिजली लाइन पर फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिजनों ने विभागीय कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। मृतक के बड़े भाई जवरदीन पुत्र अब्दुल्ला खां निवासी बिखरनिया खुर्द (थाना पादूकलां) ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि सदीक सौदा एंड कंपनी, गुड़गांव के माध्यम से ठेका कर्मचारी के रूप में काम करता था। यह घटना 4 जुलाई की शाम करीब 6 बजे हुई, जब सदीक बनवाड़ा फीडर से जुड़े शहबाज सिपाहियों की ढाणी स्थित डीपी का फॉल्ट ठीक करने पहुंचा था। आरोप है कि हाईटेंशन लाइन का शटडाउन लेने के बाद जब वह खंभे पर चढ़कर काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में करंट प्रवाहित हो गया। करंट लगने से सदीक नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथी कर्मचारी उसे तत्काल थांवला के राजकीय अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि शटडाउन दिए जाने के बावजूद, विभागीय कर्मचारियों ने लापरवाही से लाइन दोबारा चालू कर दी, जिसके चलते सदीक की जान चली गई। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। धरने की सूचना मिलने पर विभाग के अधिकारी और रियांबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सहायता राशि देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। थांवला थानाधिकारी अशोक कुमार झाझडिया ने भी पुलिस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- ब्यावर की होनहार छात्रा सहज वर्मा ने AIIMS B.Sc. (Hons.) नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 2026 में अपने पहले प्रयास में 95.87% अंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता पाई है। उन्होंने NEET 2026 में भी पहली बार में 500 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जिससे उन्होंने ब्यावर और पूरे राजस्थान का मान बढ़ाया है। सहज की यह उपलब्धि इसलिए भी अधिक प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी माता को मात्र 14 वर्ष की आयु में खो दिया था, जब उनकी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में केवल दो महीने बाकी थे। इस कठिन समय में उनके पिता पंकज वर्मा, जो स्वयं एक एम्बुलेंस चालक हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद माँ और पिता दोनों की जिम्मेदारियाँ बखूबी निभाते हुए सहज के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। अपनी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बलबूते, सहज ने 10वीं कक्षा में 90% अंक प्राप्त कर मेरिट में स्थान बनाया था, और इसके बाद 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95% अंक हासिल किए। उनकी वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए उन्हें केंद्र सरकार के INSPIRE Award से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस सफलता में साइंस एकेडमी, ब्यावर के सीईओ श्री पवन रावत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने सहज को अपनी पुत्री की तरह मार्गदर्शन दिया और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया। सहज वर्मा की यह कहानी केवल एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि अदम्य संघर्ष, मजबूत पारिवारिक संस्कारों, एक समर्पित गुरु के मार्गदर्शन और अटूट आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल ब्यावर, बल्कि पूरे राजस्थान को गौरवान्वित किया है, और यह उन सभी बच्चों व अभिभावकों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।1
- रविवार सुबह पाली जिले के रायपुर मारवाड़ स्थित कुशालपुरा गांव में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार दादा-पोता और एक अन्य व्यक्ति को कुचल दिया, जिससे एक भीषण हादसा हो गया। इस दर्दनाक हादसे में पोते की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दादा और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद, भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।1