logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

दुर्गा विसर्जन पर पुलिस की पैनी नजर, सुरक्षा चाक-चौबंद दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर साहिबगंज पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर जिलेभर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।

8 hrs ago
user_JOURNALIST
JOURNALIST
Journalist साहिबगंज, साहेबगंज, झारखंड•
8 hrs ago

दुर्गा विसर्जन पर पुलिस की पैनी नजर, सुरक्षा चाक-चौबंद दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर साहिबगंज पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर जिलेभर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।

More news from झारखंड and nearby areas
  • दुर्गा विसर्जन पर पुलिस की पैनी नजर, सुरक्षा चाक-चौबंद दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर साहिबगंज पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर जिलेभर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।
    1
    दुर्गा विसर्जन पर पुलिस की पैनी नजर, सुरक्षा चाक-चौबंद
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर साहिबगंज पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर जिलेभर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।
    user_JOURNALIST
    JOURNALIST
    Journalist साहिबगंज, साहेबगंज, झारखंड•
    8 hrs ago
  • बेनी पंचायत में बड़ी धूमधाम से हुआ मा गयात्री परव का अनुष्ठान इस दौरान घर परिवार में अच्छे ढंग से चलिए समाज में शांति बनी रहे आपसी मतभेद को मिटाए अपने आप को स्वच्छ और स्वस्थ रखें की बात सुनकर भक्तगण काफी खुश
    1
    बेनी पंचायत में बड़ी धूमधाम से हुआ मा गयात्री परव का अनुष्ठान इस दौरान घर परिवार में अच्छे ढंग से चलिए समाज में शांति बनी रहे आपसी मतभेद को मिटाए अपने आप को स्वच्छ और स्वस्थ रखें की बात सुनकर भक्तगण काफी खुश
    user_इंडिया पब्लिक न्यूज आज की आवाज
    इंडिया पब्लिक न्यूज आज की आवाज
    Advertising Photographer Kadwa, Katihar•
    4 hrs ago
  • 31 साल बाद घर लौटा बेटा, मां ने आंख के ऊपर कट के निशान से पहचाना 8 साल की उम्र में ट्रेन में सो जाने से बिछड़ गया था परिवार, पिंटू यादव अब्दुल जब्बार बनकर पहुंचा पैतृक गांव कटिहार के मनिहारी प्रखंड के कांटाकोष गांव में 31 साल बाद परिवार से बिछड़ा बेटा अपने घर लौट आया। बचपन में पिंटू यादव के नाम से पहचाना जाने वाला युवक अब्दुल जब्बार बनकर अपने पैतृक गांव पहुंचा। बेटे को सामने देखकर मां मीणा देवी की आंखें भर आईं। पिता मोतीलाल यादव और भाई ने भी उसे गले लगा लिया। इस भावुक मिलन की खबर फैलते ही घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों के अनुसार, पिंटू करीब आठ साल की उम्र में दोस्तों के साथ ट्रेन में चढ़ गया था। सफर के दौरान उसे नींद आ गई और उसके दोस्त उतर गए, लेकिन वह ट्रेन में सोता रह गया। नींद खुलने पर उसने खुद को पश्चिम बंगाल के राधिकापुर इलाके में पाया। अनजान जगह पर भटक रहे बच्चे को हरिकृष्णपुरी निवासी अब्दुल रहीम ने सहारा दिया और अपने घर ले जाकर उसका पालन-पोषण किया। समय के साथ उसकी पहचान अब्दुल जब्बार के रूप में हो गई। बाद में उसकी शादी मुतैना खातून से हुई। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। दिल्ली में काम करने के दौरान एक दोस्त की मदद से उसने अपने परिवार की तलाश शुरू की। पिता का नाम मोतीलाल यादव और गंगा किनारे बसे गांव की धुंधली यादों के सहारे वह मनिहारी पहुंचा। काफी पूछताछ के बाद उसे कांटाकोष में अपने घर का पता मिला। आंख के ऊपर निशान से हुई पहचान घर पहुंचने पर मां ने उसकी आंख के ऊपर कट का निशान देखा और उसे अपना बेटा पहचान लिया। पिंटू ने बचपन की कुछ ऐसी बातें भी बताईं, जिनसे परिजनों का विश्वास मजबूत हुआ। हालांकि, इतने वर्षों बाद बदली पहचान और पारिवारिक संबंधों से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। घटना की जानकारी मिलने पर स्वामी सत्यप्रकाश बाबा भी परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब्दुल जब्बार को अपनी इच्छा के अनुसार जन्मस्थान या पश्चिम बंगाल में अपने परिवार के साथ रहने का निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। परिवार को भी उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए।
    1
    31 साल बाद घर लौटा बेटा, मां ने आंख के ऊपर कट के निशान से पहचाना
8 साल की उम्र में ट्रेन में सो जाने से बिछड़ गया था परिवार, पिंटू यादव अब्दुल जब्बार बनकर पहुंचा पैतृक गांव

कटिहार के मनिहारी प्रखंड के कांटाकोष गांव में 31 साल बाद परिवार से बिछड़ा बेटा अपने घर लौट आया। बचपन में पिंटू यादव के नाम से पहचाना जाने वाला युवक अब्दुल जब्बार बनकर अपने पैतृक गांव पहुंचा। बेटे को सामने देखकर मां मीणा देवी की आंखें भर आईं। पिता मोतीलाल यादव और भाई ने भी उसे गले लगा लिया। इस भावुक मिलन की खबर फैलते ही घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
परिजनों के अनुसार, पिंटू करीब आठ साल की उम्र में दोस्तों के साथ ट्रेन में चढ़ गया था। सफर के दौरान उसे नींद आ गई और उसके दोस्त उतर गए, लेकिन वह ट्रेन में सोता रह गया। नींद खुलने पर उसने खुद को पश्चिम बंगाल के राधिकापुर इलाके में पाया। अनजान जगह पर भटक रहे बच्चे को हरिकृष्णपुरी निवासी अब्दुल रहीम ने सहारा दिया और अपने घर ले जाकर उसका पालन-पोषण किया। समय के साथ उसकी पहचान अब्दुल जब्बार के रूप में हो गई। बाद में उसकी शादी मुतैना खातून से हुई। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं।
दिल्ली में काम करने के दौरान एक दोस्त की मदद से उसने अपने परिवार की तलाश शुरू की। पिता का नाम मोतीलाल यादव और गंगा किनारे बसे गांव की धुंधली यादों के सहारे वह मनिहारी पहुंचा। काफी पूछताछ के बाद उसे कांटाकोष में अपने घर का पता मिला।
आंख के ऊपर निशान से हुई पहचान
घर पहुंचने पर मां ने उसकी आंख के ऊपर कट का निशान देखा और उसे अपना बेटा पहचान लिया। पिंटू ने बचपन की कुछ ऐसी बातें भी बताईं, जिनसे परिजनों का विश्वास मजबूत हुआ। हालांकि, इतने वर्षों बाद बदली पहचान और पारिवारिक संबंधों से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
घटना की जानकारी मिलने पर स्वामी सत्यप्रकाश बाबा भी परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब्दुल जब्बार को अपनी इच्छा के अनुसार जन्मस्थान या पश्चिम बंगाल में अपने परिवार के साथ रहने का निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। परिवार को भी उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए।
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    5 hrs ago
  • 31 साल बाद घर लौटा बेटा, मां ने आंख के ऊपर कट के निशान से पहचाना 8 साल की उम्र में ट्रेन में सो जाने से बिछड़ गया था परिवार, पिंटू यादव अब्दुल जब्बार बनकर पहुंचा पैतृक गांव. 31 साल बाद घर लौटा बेटा, मां ने आंख के ऊपर कट के निशान से पहचाना 8 साल की उम्र में ट्रेन में सो जाने से बिछड़ गया था परिवार, पिंटू यादव अब्दुल जब्बार बनकर पहुंचा पैतृक गांव. मनिहारी प्रखंड के कांटाकोष गांव में 31 साल बाद परिवार से बिछड़ा बेटा अपने घर लौट आया। बचपन में पिंटू यादव के नाम से पहचाना जाने वाला युवक अब्दुल जब्बार बनकर अपने पैतृक गांव पहुंचा। बेटे को सामने देखकर मां मीणा देवी की आंखें भर आईं। पिता मोतीलाल यादव और भाई ने भी उसे गले लगा लिया। इस भावुक मिलन की खबर फैलते ही घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों के अनुसार, पिंटू करीब आठ साल की उम्र में दोस्तों के साथ ट्रेन में चढ़ गया था। सफर के दौरान उसे नींद आ गई और उसके दोस्त उतर गए, लेकिन वह ट्रेन में सोता रह गया। नींद खुलने पर उसने खुद को पश्चिम बंगाल के राधिकापुर इलाके में पाया। अनजान जगह पर भटक रहे बच्चे को हरिकृष्णपुरी निवासी अब्दुल रहीम ने सहारा दिया और अपने घर ले जाकर उसका पालन-पोषण किया। समय के साथ उसकी पहचान अब्दुल जब्बार के रूप में हो गई। बाद में उसकी शादी मुतैना खातून से हुई। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। दिल्ली में काम करने के दौरान एक दोस्त की मदद से उसने अपने परिवार की तलाश शुरू की। पिता का नाम मोतीलाल यादव और गंगा किनारे बसे गांव की धुंधली यादों के सहारे वह मनिहारी पहुंचा। काफी पूछताछ के बाद उसे कांटाकोष में अपने घर का पता मिला। आंख के ऊपर निशान से हुई पहचान घर पहुंचने पर मां ने उसकी आंख के ऊपर कट का निशान देखा और उसे अपना बेटा पहचान लिया। पिंटू ने बचपन की कुछ ऐसी बातें भी बताईं, जिनसे परिजनों का विश्वास मजबूत हुआ। हालांकि, इतने वर्षों बाद बदली पहचान और पारिवारिक संबंधों से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। घटना की जानकारी मिलने पर स्वामी सत्यप्रकाश बाबा भी परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब्दुल जब्बार को अपनी इच्छा के अनुसार जन्मस्थान या पश्चिम बंगाल में अपने परिवार के साथ रहने का निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। परिवार को भी उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए।
    1
    31 साल बाद घर लौटा बेटा, मां ने आंख के ऊपर कट के निशान से पहचाना
8 साल की उम्र में ट्रेन में सो जाने से बिछड़ गया था परिवार, पिंटू यादव अब्दुल जब्बार बनकर पहुंचा पैतृक गांव.
31 साल बाद घर लौटा बेटा, मां ने आंख के ऊपर कट के निशान से पहचाना
8 साल की उम्र में ट्रेन में सो जाने से बिछड़ गया था परिवार, पिंटू यादव अब्दुल जब्बार बनकर पहुंचा पैतृक गांव.
मनिहारी प्रखंड के कांटाकोष गांव में 31 साल बाद परिवार से बिछड़ा बेटा अपने घर लौट आया। बचपन में पिंटू यादव के नाम से पहचाना जाने वाला युवक अब्दुल जब्बार बनकर अपने पैतृक गांव पहुंचा। बेटे को सामने देखकर मां मीणा देवी की आंखें भर आईं। पिता मोतीलाल यादव और भाई ने भी उसे गले लगा लिया। इस भावुक मिलन की खबर फैलते ही घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
परिजनों के अनुसार, पिंटू करीब आठ साल की उम्र में दोस्तों के साथ ट्रेन में चढ़ गया था। सफर के दौरान उसे नींद आ गई और उसके दोस्त उतर गए, लेकिन वह ट्रेन में सोता रह गया। नींद खुलने पर उसने खुद को पश्चिम बंगाल के राधिकापुर इलाके में पाया। अनजान जगह पर भटक रहे बच्चे को हरिकृष्णपुरी निवासी अब्दुल रहीम ने सहारा दिया और अपने घर ले जाकर उसका पालन-पोषण किया। समय के साथ उसकी पहचान अब्दुल जब्बार के रूप में हो गई। बाद में उसकी शादी मुतैना खातून से हुई। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं।
दिल्ली में काम करने के दौरान एक दोस्त की मदद से उसने अपने परिवार की तलाश शुरू की। पिता का नाम मोतीलाल यादव और गंगा किनारे बसे गांव की धुंधली यादों के सहारे वह मनिहारी पहुंचा। काफी पूछताछ के बाद उसे कांटाकोष में अपने घर का पता मिला।
आंख के ऊपर निशान से हुई पहचान
घर पहुंचने पर मां ने उसकी आंख के ऊपर कट का निशान देखा और उसे अपना बेटा पहचान लिया। पिंटू ने बचपन की कुछ ऐसी बातें भी बताईं, जिनसे परिजनों का विश्वास मजबूत हुआ। हालांकि, इतने वर्षों बाद बदली पहचान और पारिवारिक संबंधों से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
घटना की जानकारी मिलने पर स्वामी सत्यप्रकाश बाबा भी परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब्दुल जब्बार को अपनी इच्छा के अनुसार जन्मस्थान या पश्चिम बंगाल में अपने परिवार के साथ रहने का निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। परिवार को भी उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए।
    user_Ranjeet Gupta
    Ranjeet Gupta
    City Star Katihar, Bihar•
    8 hrs ago
  • स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदाताओं से न निवेदन है कि एनडीए प्रत्याशी को अपना बहुमूल्य वोट देकर उनको विजय बनाएं जय जदयू जय NDA जय नीतीश कुमार तय निशांत कुमार
    1
    स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदाताओं से न निवेदन है कि एनडीए प्रत्याशी को अपना बहुमूल्य वोट देकर उनको विजय बनाएं 
जय जदयू 
जय NDA 
जय नीतीश कुमार 
तय निशांत कुमार
    user_Imtiyaz haider
    Imtiyaz haider
    Katihar, Bihar•
    9 hrs ago
  • भारत की अखंडता और सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाले केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। #HBDayAmitShah
    1
    भारत की अखंडता और सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाले केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
#HBDayAmitShah
    user_Abhishek ranjan
    Abhishek ranjan
    Court reporter कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    4 hrs ago
  • बिहार झारखंड दोनों राज्यों के बोडर पर बिहार के भागलपुर जिला घुआवै महादेव स्थान दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर के प्रांगण में भव्य मेला का आयोजन। मुख्य अतिथि भागलपुर कहलगांव बिघान सभा क्षेत्र के विघायक इंजीनियर शुभा नन्द मुकेश जी ने मेला के परिसर में आदिवासीयों नृत्य डांस में शामिल होकर ढोल नागाड़ा बजाकर दर्शकों का मन मोह लिया। अजय आजाद संवाददाता भागलपुर बिहार।
    1
    बिहार झारखंड दोनों राज्यों के बोडर पर बिहार के भागलपुर जिला घुआवै महादेव स्थान दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर के प्रांगण में भव्य मेला का आयोजन।
मुख्य अतिथि भागलपुर कहलगांव बिघान सभा क्षेत्र के विघायक इंजीनियर शुभा नन्द मुकेश जी ने मेला के परिसर में आदिवासीयों नृत्य डांस में शामिल होकर ढोल नागाड़ा बजाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
अजय आजाद संवाददाता भागलपुर बिहार।
    user_Ajay azad
    Ajay azad
    Advertising Photographer कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    11 hrs ago
  • कोशी स्नातक निर्वाचन को लेकर तैयारी पूरी, कटिहार में 20 मतदान केंद्रों पर 10,977 मतदाता करेंगे मतदान कोशी स्नातक निर्वाचन को लेकर तैयारी पूरी, कटिहार में 20 मतदान केंद्रों पर 10,977 मतदाता करेंगे मतदान
    1
    कोशी स्नातक निर्वाचन को लेकर तैयारी पूरी, कटिहार में 20 मतदान केंद्रों पर 10,977 मतदाता करेंगे मतदान

कोशी स्नातक निर्वाचन को लेकर तैयारी पूरी, कटिहार में 20 मतदान केंद्रों पर 10,977 मतदाता करेंगे मतदान
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.