*रास्ते के लिए तरस रहा रानीगंज विधानसभा के क्षेत्र पिपरी खालसा - 78 साल बाद 50 घरों को नहीं मिल पा रहा है रास्ता* *रानीगंज के विधानसभा बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के ग्राम पिपरी खालसा प्रतापगढ़* रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिपरी खालसा में आजादी के बाद से 50 घर आज भी रास्ते के लिए परेशान हैं। गांव के इस टोले में लगभग 50 परिवार रहते हैं, जिनके घर तक जाने के लिए आज तक कोई सरकारी रास्ता, चकमार्ग या चकरोड नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों को खेतों की मेड़ से होकर आना-जाना पड़ता है। *बारिश में बढ़ जाती है मुसीबत* बरसात के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कच्ची पगडंडी पर घुटने भर कीचड़ और पानी भर जाता है। बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों को अस्पताल ले जाना और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह रास्ता बन जाता है तो 78 साल का इंतजार खत्म हो जाएगा और यह सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि विकास का रास्ता होगा।
*रास्ते के लिए तरस रहा रानीगंज विधानसभा के क्षेत्र पिपरी खालसा - 78 साल बाद 50 घरों को नहीं मिल पा रहा है रास्ता* *रानीगंज के विधानसभा बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के ग्राम पिपरी खालसा प्रतापगढ़* रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिपरी खालसा
में आजादी के बाद से 50 घर आज भी रास्ते के लिए परेशान हैं। गांव के इस टोले में लगभग 50 परिवार रहते हैं, जिनके घर तक जाने के लिए आज तक कोई सरकारी रास्ता, चकमार्ग या चकरोड नहीं मिल पाया है।
ग्रामीणों को खेतों की मेड़ से होकर आना-जाना पड़ता है। *बारिश में बढ़ जाती है मुसीबत* बरसात के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कच्ची पगडंडी पर घुटने भर कीचड़ और पानी भर जाता है। बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों
को अस्पताल ले जाना और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह रास्ता बन जाता है तो 78 साल का इंतजार खत्म हो जाएगा और यह सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि विकास का रास्ता होगा।
- सुलतानपुर में बारिश को देखते हुए 27 अगस्त को स्कूल बंद, कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय रहेंगे बंद सुलतानपुर में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए 27 अगस्त, को कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) उपेंद्र गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। उनके निर्देशानुसार, बेसिक शिक्षा परिषद के परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और अन्य बोर्ड से संचालित सभी विद्यालय इस अवधि में बंद रहेंगे। बीएसए ने संबंधित अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पूर्व से निर्धारित एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) प्रशिक्षण अपने नियमानुसार जारी रहेगा।1
- यहां पर कोई सुनाई सुनाई नहीं कर रहा है ना कोई सड़क बनवा रहा है यहां के पुराने प्रधान ज्योति है रंगीली थे वह जो है सड़क का निर्माण करवाए थे अब फिर रिंकू सिंह प्रधान है वह भी नहीं करवारहे हैं1
- ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दुखद हादसा: कांग्रेस पार्षद नासिर कुरैशी की हार्ट अटैक से मौत ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दुखद हादसा: कांग्रेस पार्षद नासिर कुरैशी की हार्ट अटैक से मौत एंकर----- रतलाम में ईद-ए-मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर शहर में मुस्लिम समुदाय द्वारा निकाले जा रहे जुलूस के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। कुरैशी मंडी निवासी और क्षेत्र के कांग्रेस पार्षद नासिर कुरैशी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक (हृदयाघात) बताया है। जानकारी के अनुसार, ईद-ए-मिलादुन्नबी का जुलूस आबकारी चौराहे से शुरू होकर मुख्य बाजार और पैलेस रोड से होते हुए शेरानी पुरा की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान जुलूस में शामिल पार्षद नासिर कुरैशी को अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन और आसपास मौजूद लोग उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। ---- तेज डीजे साउंड और कंपन से उठ रहे सवाल घटना के दौरान जुलूस में शामिल डीजे के अत्यधिक तेज साउंड और उससे उत्पन्न होने वाले तीव्र कंपन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जुलूस में बड़े-बड़े साउंड सिस्टम और डीजे काफी तेज आवाज में बज रहे थे। आवाज का प्रभाव इतना तीव्र था कि आसपास की सड़कों और इमारतों में कंपन महसूस किया जा रहा था। जुलूस में शामिल युवा तक अपने कानों में उंगलियां डालकर चलते नजर आए। प्रशासन की ओर से ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की तमाम कोशिशों के बावजूद तेज डीजे साउंड पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। हर वर्ग के लोग थे शामिल, पुलिस बल मुस्तैद इस जुलूस में पुरुष, बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे बड़ी संख्या में शामिल थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। हालांकि, तेज ध्वनि और भारी कंपन से सेहत पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को लेकर सुरक्षा इंतज़ाम अपर्याप्त साबित हुए। पार्षद की अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- *कादीपुर में पानी की टंकी पर झंडा विवाद: रील बनाने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल* * कादीपुर में पानी की टंकी पर झंडा विवाद: रील बनाने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल* स्थान: कादीपुर, सुल्तानपुर सुल्तानपुर जिले के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मालापुर चंदौली गांव में पानी की टंकी पर झंडे लगाने को लेकर एक संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इलाके में तनाव और सुगबुगाहट का माहौल है। पूरा मामला क्या है? झंडों का क्रम: प्राप्त जानकारी और वायरल वीडियो के अनुसार, गांव की पानी की टंकी पर पहले से एक धार्मिक झंडा लगा हुआ था, जिसके बाद वहां तिरंगा झंडा लगाया गया। इसके बाद कथित तौर पर अराजक तत्वों द्वारा सबसे ऊपर एक अन्य मजहबी झंडा लगाकर मामले को हवा देने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया रील: इस पूरी घटना का वीडियो शूट कर युवकों द्वारा सोशल मीडिया पर रील के रूप में वायरल किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस की कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए कादीपुर कोतवाली पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पानी की टंकी से सभी झंडों को हटवाया और स्थिति को नियंत्रित किया। इस मामले में रील बनाकर वायरल करने वाले दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन की कार्यप्रणाली और राजनीतिक दबाव पर सवाल इस पूरी घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर प्रशासन की भूमिका को लेकर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं: राजनीतिक दबाव की चर्चा: स्थानीय लोगों और तहलका मचाने वाले तेवरों के बीच यह सवाल जोर-शोर से उठ रहा है कि क्या इस तरह के संवेदनशील मामलों में पुलिस प्रशासन स्थानीय नेताओं या रसूखदार लोगों के दबाव में आकर काम करता है? निष्पक्षता पर संदेह: जनता के एक वर्ग का यह भी आरोप है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले ऐसे तत्वों पर यदि समय रहते और कड़ा रुख न अपनाया जाए, तो प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगना स्वाभाविक है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या पुलिस बिना किसी भेदभाव और बाहरी दबाव के पारदर्शी कार्रवाई कर रही है या नहीं। कोतवाली प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।1
- प्रयागराज: कंपनी गार्डन के पास बिषप जॉनसन/जॉर्ज स्कूल के सामने खड़ी स्कूल वैन में लगी भीषण आग। प्रयागराज में बुधवार को कंपनी गार्डन के सामने बिषप जॉर्ज स्कूल के पास खड़ी एक सीएनजी ओमिनी स्कूल वैन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग का गोला बन गई। गनीमत यह रही कि स्कूल बंद होने के कारण वैन में कोई बच्चा या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।1
- वारावफात पर निकला अमेठी कस्वे में जुलूस महिला पुरुष हुए शामिल अमेठी स्थानीय कस्बे में मंगलवार की रात रिमझिम बरसात में जुलूस निकला बुधवार को दोपहर बाद दो दर्जन से अधिक अंजुमने नारा लगाते हुए भ्रमण किया मरफापुर अंजुमन के साथ घोड़े भी चल रहे थे जगह जगह शीरनी टाल लगाकर मुस्लिम समुदाय के लोगो ने अंजुमन में शामिल लोगों को बांटे इस दौरान पूरा शहर ठहर सा गया पूरी अंजुमन की ब्यवस्था इन्तजामिया कमेटी ने किया था शाम के समय आखिरी कलाम होने के साथ पर्व का समापन हुआ जामा मस्जिद के सामने मेला लगा रहा पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा सीओ मनोज मिश्रा के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत तिवारी पुलिस प्रशासन भीड़ को नियंत्रित किया1
- *अंतिम सोमवार पर बाबा विश्वंभर नाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, पूरी खबर देखें1
- सुल्तानपुर एसपी ने बारावफात सुरक्षा का जायजा लिया: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी, अराजक तत्वों पर होगी कार्रवाई सुल्तानपुर में बारावफात जुलूस से पहले पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस टीम के साथ फ्लैग मार्च किया और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि जुलूस के मद्देनजर धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ चौकी, थाना और केंद्रीय स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की गई हैं। सभी को शासन के निर्देशों से अवगत करा दिया गया है। किसी भी नई परंपरा या गैर-पारंपरिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुरक्षा के लिए संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के जवानों को तैनात किया गया है। अति-संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुल्तानपुर पुलिस की सोशल मीडिया सेल भी विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अफवाहों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से नजर रख रही है। पुलिस अधीक्षक ने माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बारावफात और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1
- फट हनुमान जी का मंदिर बनाया जा रहा था जिससे कि हम अपने जमीन में बना रहे थे थोड़ी सी जमीन दूध चमार का था जाट का तो वह लोग वहां पर सूअर पालन अंडा पालन अंडा बेचने की बाधा डालने की कोशिश कर रहे हो बोलने पर वह पुलिस बुला रे पुलिस भी नहीं आ रही है प्रधान मिलकर यह सब काम कर रहा है घरघर दुमदुमा जिला जौनपुर पोस्ट उच्च गवनथाना सप्ताह1