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संदिग्ध परिस्थितियों में आम के पेड़ पर फांसी से लटकती मिली युवती की लाश रिपोर्ट केवला प्रसाद इस वक्त की बड़ी खबर प्रयागराज से संदिग्ध परिस्थितियों में आम के पेड़ पर फांसी से लटकती मिली युवती की लाश मामला प्रयागराज जिले के उतराव थाना क्षेत्र के घूरेपुर गांव का है। गुरुवार शाम घर से अचानक हुई थी लापता सुबह उस्मानपुर गांव के पास आम के पेड़ पर फांसी पर लटकती मिली लाश खबर सुन घटनास्थल पर रोते बिलखते पहुंचे परिजन युवती की पहचान घूरेपुर गांव निवासी दयाराम की पुत्री सीमा उर्फ सेबू के रूप में हुई। सूचना पर उतराव पुलिस घटनास्थल पर मौजूद
Kewala Prasad Gautam News prayagraj
संदिग्ध परिस्थितियों में आम के पेड़ पर फांसी से लटकती मिली युवती की लाश रिपोर्ट केवला प्रसाद इस वक्त की बड़ी खबर प्रयागराज से संदिग्ध परिस्थितियों में आम के पेड़ पर फांसी से लटकती मिली युवती की लाश मामला प्रयागराज जिले के उतराव थाना क्षेत्र के घूरेपुर गांव का है। गुरुवार शाम घर से अचानक हुई थी लापता सुबह उस्मानपुर गांव के पास आम के पेड़ पर फांसी पर लटकती मिली लाश खबर सुन घटनास्थल पर रोते बिलखते पहुंचे परिजन युवती की पहचान घूरेपुर गांव निवासी दयाराम की पुत्री सीमा उर्फ सेबू के रूप में हुई। सूचना पर उतराव पुलिस घटनास्थल पर मौजूद
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- 11अप्रैल को लखनऊ में होगा स्वर्णकार समाज का समागम सम्मेलन बैठक में 45 जिलों के स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों ने लिया भाग स्वर्णकार समाज की एक बैठक राजमहल में गहना कोठी के अधिष्ठाता विनीत सेठ जी की अध्यक्षता में आहूत की गई। जिसमे स्वर्णकार समाज के 45 जिलों के प्रतिनिधि सम्मलित हुए। बैठक का संचालन पंकज वर्मा देवरिया ने करते हुए सभी से एक दूसरे का परिचय कराया, और सभी को अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए सभी व्यक्ताओं ने एक सुर में कहा कि स्वर्णकार समाज किसी भी राजनैतिक पार्टी का बंधुआँ मजदूर नही है, जो स्वर्णकार समाज को उसके हिस्सेदारी के हिसाब से राजनैतिक भागीदारी देगा और समाज के लोगो को सम्मान देगा स्वर्णकार समाज उसी राजनैतिक पार्टी को एकजुट होकर मतदान करेगा। बैठक में आये सभी जिलों के लोगो ने अपना अपना राय व्यक्त किया। जिससे सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 11 अप्रैल को लखनऊ में एक वृहद स्वर्णकार समाज का समागम सम्मेलन कराया जायेगा। बैठक में रवि सर्राफ,नीरज वर्मा,शिवशंकर वर्मा,सत्यनारायण सेठ, धर्मेंद्र वर्मा बबलू, प्रमोद वर्मा, राकेश वर्मा,अजीत सोनी,जितेंद्र सेठ, कुंदन वर्मा,अरविंद वर्मा, श्याम सुंदर वर्मा पूर्व चेयरमैन,राजकुमार स्वर्णकार,सतीश वर्मा,भानु सेठ, प्रदीप सेठ,जितेंद्र वर्मा,ज्योति सोनी,प्रदीप सोनी,अशोक वर्मा,राजकुमार वर्मा, विष्णुदयाल सेठ, अंकित वर्मा,मंगल प्रसाद वर्मा,गौरव वर्मा,गोपाल जी सोनी,गणेश,वर्मा,नंदलाल सेठ, सोनी,प्रेम चंद वर्मा,दिलीप सेठ,अशोक वर्मा,संतोष वर्मा,मेही लाल सेठ,विजय वर्मा,लोकेश सेठ,रमा शंकर सेठ,विष्णु सेठ,मोती लाल सेठ, सहित समाज के बंधु उपस्थित रहे। बैठक का संचालन पंकज वर्मा ने किया,और सभी आये हुए समाज के लोगो का आभार प्रकट अजीत सोनी ने किया।2
- दिनदहाड़े नावों से यमुना नदी का सीना छलनी! महेरा तरहार सहित कई अवैध घाटों में खनन का खेल,जिम्मेदार मौन लालापुर। प्रयागराज यमुना नदी के तट पर स्थित महेरा तरहार सहित इलाके में कई घाटों पर अवैध खनन का खेल दिनदहाड़े खुलेआम चल रहा है। नदी के बीचों-बीच नावों के जरिए बालू निकालकर किनारे ढेर लगाया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार विभाग पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं। शुक्रवार सुबह सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि यमुना नदी में कई नावों के जरिए बालू निकाला जा रहा है, और उसे किनारे जमा किया जा रहा है। यह पूरा खेल खुलेआम हो रहा है। क्षेत्र के भिलोर, प्रतापपुर, नौढ़िया, महेरा सहित घूरपुर से प्रतापपुर मार्ग पर दर्जनों घाटों पर खनन का खेल जारी है। जिससे प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से बालू माफिया सक्रिय हैं। नावों के जरिए नदी के बीच से बालू निकालकर किनारे डंप किया जाता है और बाद में ट्रैक्टर-ट्रॉली से इसकी ढुलाई कर दी जाती है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अवैध खनन न केवल सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाता है, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। सवाल यह उठता है कि जब दिन के उजाले में नदी में नावें चलाकर बालू निकाली जा रही है, तो क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग को इसकी जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है? यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यमुना के किनारे अवैध खनन का यह कारोबार और तेज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- Post by Ved Prakash Pandey1
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- नो एंट्री ध्वस्त, नए यमुना पुल पर मौत बनकर दौड़ रहे ट्रक! प्रयागराज। शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज में यातायात व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब नो एंट्री लागू होने के बावजूद नए यमुना पुल पर भारी ट्रक खुलेआम फर्राटा भरते नजर आए। नियमों को ठेंगा दिखाते इन ट्रकों की रफ्तार ऐसी थी मानो सड़क नहीं, मौत की पटरी हो — और उस पर आम लोग अपनी जान हथेली पर रखकर गुजरने को मजबूर हों। शहर के सबसे संवेदनशील मार्गों में गिने जाने वाले नए यमुना पुल पर नो एंट्री के बावजूद ट्रकों की आवाजाही ने साफ कर दिया है कि या तो नियम खत्म हो चुके है। लोगों का कहना है कि पुल पर हर समय भारी वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे बाइक सवार,महिलाएं और छोटे वाहन चालक दहशत में रहते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब शहर के बीच, प्रशासन की निगरानी वाले इलाके में यह हालत है, तो नारीबारी, बारा, कौंधियारा, यमुनानगर और ग्रामीण सड़कों पर क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वहां तो दिन-रात ओवरलोड ट्रक चलते हैं, कोई रोकने वाला नहीं, कोई देखने वाला नहीं — हादसा हो जाए तो फाइल बनती है, कार्रवाई नहीं। लोगों ने सवाल उठाए हैं — क्या नो एंट्री सिर्फ बोर्ड लगाने तक सीमित है? क्या नए यमुना पुल पर नियमों का कोई मतलब नहीं? किसके इशारे पर शहर में मौत बनकर दौड़ रहे हैं ट्रक? स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत सख्ती नहीं हुई तो नया यमुना पुल किसी दिन बड़े हादसे का गवाह बन सकता है, और तब जिम्मेदारी तय करना मुश्किल नहीं होगा। शहरवासियों ने मांग की है कि नए यमुना पुल पर तुरंत सख्त चेकिंग हो नो एंट्री का कड़ाई से पालन कराया जाए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और ओवरलोड व भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद की जाए लोगों का साफ कहना है —“नियम अगर लागू नहीं हो सकते, तो नो एंट्री के बोर्ड हटा दीजिए… कम से कम लोगों को झूठा भरोसा तो नहीं रहेगा।”1
- सुरक्षा गार्ड की बंदूक से अचानक गोली चलने से एक व्यक्ति के बाएं हाथ पर गोली लगी अनपरा क्षेत्रान्तर्गत मामला बताया गया। इसके सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय द्वारा दी गई की बाइट।1
- मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत चौकी गांव की सड़क बदहाल हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से लोगों का चलना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों के घरों का पानी लगातार सड़क पर बहाए जाने के कारण पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से गांव के लोगों के साथ-साथ अन्य राहगीरों का भी आवागमन होता है, लेकिन सड़क की हालत पिछले चार-पांच महीने से खराब बनी हुई है। बरसात या पानी भरने की स्थिति में गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत या निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे लोगों में नाराजगी है। मामले में गांव के वरिष्ठ समाजसेवी राम शिरोमणि तिवारी ने बताया कि गांव के कुछ लोग ग्राम प्रधान से ईर्ष्या के कारण जानबूझकर अपने घरों का पानी सड़क पर गिराते हैं, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है और गांव से होकर गुजरती है। वहीं ग्राम प्रधान फतेह बहादुर निषाद ने बताया कि उक्त सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई गई है और सड़क के किनारे नाली निर्माण के लिए कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इस समस्या से सांसद और विधायक को भी अवगत कराया जा चुका है। ग्राम प्रधान का कहना है कि उनके पास पर्याप्त बजट नहीं है, जिससे नाली का निर्माण कराया जा सके। ऐसे में विभागीय स्तर पर ही समाधान संभव है।1
- Post by Ved Prakash Pandey1