उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित महिला ने कुछ रसूखदार दबंगों पर अपने घर पर अवैध कब्जा करने और जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। सहारनपुर की रहने वाली पीड़िता मुन्नी देवी का आरोप है कि मेरठ के इंचोली थाना क्षेत्र के तोफापुर गांव में उनके मायके के मकान पर दबंगों ने न सिर्फ गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया, बल्कि जब वह अपना हक मांगने पहुंचीं, तो उन पर और उनके परिवार पर लाठियों और चाकुओं से हमला किया गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं। मुन्नी देवी के मुताबिक, यह पूरी घटना तब हुई जब वह अपनी बहन उषा और बेटे अनुराग के साथ तोफापुर स्थित अपने मायके का सामान लेने आई थीं। पीड़िता ने बताया कि जब वे घर के दरवाजे पर पहुंचीं, तो ताला खुला हुआ था और अंदर गांव के ही टीकम और उसका पुत्र ललित मौजूद थे। पीड़िता का दावा है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "यहाँ तुम्हारा कोई सामान नहीं है और हमने तुम्हारे घर पर कब्जा कर लिया है।" शिकायत के अनुसार, बात केवल कहासुनी तक नहीं रुकी, बल्कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों के परिवार के अन्य लोग भी वहाँ आ गए और मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बीनू, अवनीश और जॉनी उर्फ अश्विनी ने उन पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया, जबकि टीकम, छोटू उर्फ विक्रांत, ओमवीर और देवेंद्र ने लाठी-डंडों से मुन्नी देवी के बेटे अनुराग को बेरहमी से पीटा और माँ-बेटे को जान से मारने की धमकी दी। इस हाथापाई और जानलेवा स्थिति के बीच, पीड़िता ने डायल 112 पर पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया, जिसके बाद उनकी जान बच सकी। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस के आला अधिकारियों से अपनी जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है और सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। इस गंभीर शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई है और मामले की जांच में जुट गई है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित महिला ने कुछ रसूखदार दबंगों पर अपने घर पर अवैध कब्जा करने और जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। सहारनपुर की रहने वाली पीड़िता मुन्नी देवी का आरोप है कि मेरठ के इंचोली थाना क्षेत्र के तोफापुर गांव में उनके मायके के मकान पर दबंगों ने न सिर्फ गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया, बल्कि जब वह अपना हक मांगने पहुंचीं, तो उन पर और उनके परिवार पर लाठियों और चाकुओं से हमला किया गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं। मुन्नी देवी के मुताबिक, यह पूरी घटना तब हुई जब वह अपनी बहन उषा और बेटे अनुराग के साथ तोफापुर स्थित अपने मायके का सामान लेने आई थीं। पीड़िता ने बताया कि जब वे घर के दरवाजे पर पहुंचीं, तो ताला खुला हुआ था और अंदर गांव के ही टीकम और उसका पुत्र ललित मौजूद थे। पीड़िता का दावा है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
"यहाँ तुम्हारा कोई सामान नहीं है और हमने तुम्हारे घर पर कब्जा कर लिया है।" शिकायत के अनुसार, बात केवल कहासुनी तक नहीं रुकी, बल्कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों के परिवार के अन्य लोग भी वहाँ आ गए और मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बीनू, अवनीश और जॉनी उर्फ अश्विनी ने उन पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया, जबकि टीकम, छोटू उर्फ विक्रांत, ओमवीर और देवेंद्र ने लाठी-डंडों से मुन्नी देवी के बेटे अनुराग को बेरहमी से पीटा और माँ-बेटे को जान से मारने की धमकी दी। इस हाथापाई और जानलेवा स्थिति के बीच, पीड़िता ने डायल 112 पर पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया, जिसके बाद उनकी जान बच सकी। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस के आला अधिकारियों से अपनी जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है और सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। इस गंभीर शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई है और मामले की जांच में जुट गई है।
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील ग्रीन्स सोसाइटी के बाहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ एक महिला चालक की कार ने सड़क किनारे स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों और एक स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। यह दुर्घटना तब हुई जब कार चला रही महिला ने गलती से ब्रेक की जगह एक्सीलरेटर दबा दिया, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। इस घटना में तीन बच्चे और कुछ अभिभावक घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय महिला अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रही थी। सूचना मिलते ही बिसरख थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला चालक को हिरासत में ले लिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित महिला ने कुछ रसूखदार दबंगों पर अपने घर पर अवैध कब्जा करने और जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। सहारनपुर की रहने वाली पीड़िता मुन्नी देवी का आरोप है कि मेरठ के इंचोली थाना क्षेत्र के तोफापुर गांव में उनके मायके के मकान पर दबंगों ने न सिर्फ गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया, बल्कि जब वह अपना हक मांगने पहुंचीं, तो उन पर और उनके परिवार पर लाठियों और चाकुओं से हमला किया गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं। मुन्नी देवी के मुताबिक, यह पूरी घटना तब हुई जब वह अपनी बहन उषा और बेटे अनुराग के साथ तोफापुर स्थित अपने मायके का सामान लेने आई थीं। पीड़िता ने बताया कि जब वे घर के दरवाजे पर पहुंचीं, तो ताला खुला हुआ था और अंदर गांव के ही टीकम और उसका पुत्र ललित मौजूद थे। पीड़िता का दावा है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "यहाँ तुम्हारा कोई सामान नहीं है और हमने तुम्हारे घर पर कब्जा कर लिया है।" शिकायत के अनुसार, बात केवल कहासुनी तक नहीं रुकी, बल्कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों के परिवार के अन्य लोग भी वहाँ आ गए और मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बीनू, अवनीश और जॉनी उर्फ अश्विनी ने उन पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया, जबकि टीकम, छोटू उर्फ विक्रांत, ओमवीर और देवेंद्र ने लाठी-डंडों से मुन्नी देवी के बेटे अनुराग को बेरहमी से पीटा और माँ-बेटे को जान से मारने की धमकी दी। इस हाथापाई और जानलेवा स्थिति के बीच, पीड़िता ने डायल 112 पर पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया, जिसके बाद उनकी जान बच सकी। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस के आला अधिकारियों से अपनी जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है और सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। इस गंभीर शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई है और मामले की जांच में जुट गई है।2
- आज सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे के बीच हुई बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।1
- मेरठ से पुरा महादेव मंदिर तक के कांवड़ यात्रा मार्ग को रोशन करने की तैयारी शुरू हो गई है। कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जिला पंचायत पूरे मार्ग पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने जा रही है। इस पहल से श्रद्धालुओं को रात के समय भी सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सकेगा। प्रशासन ने जानकारी दी है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जा रही हैं। मेरठ में कांवड़ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं, और प्रशासन इन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहा है।1
- मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र स्थित हापुड़ चुंगी की एक जूस की दुकान एक बार फिर विवादों में घिर गई है। दुकानदार और कुछ युवकों के बीच गाली-गलौज का एक वीडियो वायरल होने के बाद, अब इस मामले में मारपीट की तहरीर भी सामने आई है। गौरतलब है कि यह वही जूस की दुकान है जो पहले भी विवादों का केंद्र रह चुकी है। तहरीर के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका बेटा अपनी गली से गुजर रहा था, तभी आरिफ नामक युवक ने अपने साथियों के साथ उसे रोक लिया। आरोप है कि पहले गाली-गलौज की गई और उसके बाद युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। शिकायत में यह भी बताया गया है कि जब पीड़ित युवक देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो परिजन उसकी तलाश में निकले और बाद में जानकारी मिली कि आरोपी पक्ष के 7-8 लोग मिलकर उसके साथ मारपीट कर रहे थे। इस बीच, घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी पुष्टि हो चुकी है। वीडियो में जूस की दुकान पर दुकानदार और कई युवकों के बीच तीखी गाली-गलौज और हंगामा साफ दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस विवाद की शुरुआत कथित तौर पर एक बच्चे को टक्कर लगने के बाद हुई थी। बताया गया है कि बच्चे के परिजन इसी संबंध में बात करने दुकान पर पहुंचे थे, जहां कहासुनी बढ़कर गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। फिलहाल, पुलिस को मामले में तहरीर दे दी गई है और पुलिस का कहना है कि वे शिकायत तथा वायरल वीडियो के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सहारनपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ विभाग ने एक स्कूली बस को फिटनेस जांच के दौरान अस्वीकृत कर दिया। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किए बिना किसी भी स्कूल बस को बच्चों के परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच के दौरान बस में कई गंभीर खामियां सामने आईं। बस का ब्रेक और लाइट सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, और बच्चों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी सीट बेल्ट तथा इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नदारद थी। इसके अतिरिक्त, बस में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण भी मौजूद नहीं पाए गए। बस की बॉडी और टायर बहुत ज़्यादा घिसे हुए थे, और बस में ओवरलोडिंग के संकेत भी मिले। आरटीओ अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को यह निर्देश दिया है कि सभी कमियों को 15 दिनों के भीतर दूर किया जाए और बस को दोबारा फिटनेस जांच के लिए प्रस्तुत किया जाए। जब तक बस सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती, तब तक उसे स्कूल ड्यूटी पर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल फिटनेस प्रमाणित और सुरक्षित स्कूल वाहनों में ही भेजें। उनका कहना है कि स्कूली वाहनों की नियमित फिटनेस जांच बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जली कोठी क्षेत्र से एक घटना सामने आई है। इसमें एक पुलिसकर्मी को की हालत में धमकाते हुए देखा जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार को बी.ए. की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट के सामने सड़क पर बैठ गए। वे लगातार जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान पर धरना देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन जब उन्होंने सड़क खाली करने से इनकार कर दिया, तो बल प्रयोग करते हुए उन पर लाठी चार्ज किया गया और सड़क को खाली कराया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंक-झोंक भी हुई।1