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12 hrs ago
user_Bablu Namdev
Bablu Namdev
Photographer Rewa, Madhya Pradesh•
12 hrs ago

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस पर सतना में हुआ सम्मान समारोह
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    सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस पर सतना में हुआ सम्मान समारोह
    user_Piyush kumar
    Piyush kumar
    Journalist रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 min ago
  • संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में उम्मीद की उड़ान: सीधी के ठोंगा में दिखा गिद्धों का बड़ा समूह, अनुकूल होते पर्यावरण के संकेत सीधी जिले के मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत ठोंगा में 6 और 11 जनवरी को गिद्धों का एक बड़ा समूह देखे जाने से क्षेत्र में उत्सुकता और उम्मीद का माहौल बन गया है। विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी इस दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को ग्रामीणों ने अपने कैमरों में कैद किया, जिसके बाद वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वर्षों बाद इस तरह से गिद्धों का झुंड दिखाई देना जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। गिद्ध कत्थई और काले रंग के भारी कद के पक्षी होते हैं, जिनकी दृष्टि अत्यंत तेज होती है। शिकारी पक्षियों की तरह इनकी चोंच टेढ़ी और मजबूत होती है, हालांकि इनके पंजे उतने शक्तिशाली नहीं होते। ये झुंड में रहने वाले मुर्दाखोर पक्षी हैं, जो मृत पशुओं और सड़े-गले मांस को खाकर प्रकृति की सफाई में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कारण इन्हें “प्राकृतिक सफाईकर्मी” भी कहा जाता है। गिद्धों की आयु सामान्यतः 40 से 45 वर्ष तक होती है, लेकिन ये चार से छह साल की उम्र में ही प्रजनन योग्य हो पाते हैं। इनकी दृष्टि इंसानों से लगभग आठ गुना बेहतर मानी जाती है और यह खुले मैदान में चार मील दूर से भी शव देख सकते हैं। हालांकि बीते दो दशकों में गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण पशुचिकित्सा में उपयोग होने वाली डिक्लोफेनिक दवा रही है, जो मृत पशुओं के मांस के साथ गिद्धों के शरीर में पहुंचकर उनकी किडनी फेल कर देती है। वर्ष 2008 में इस दवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इसके दुष्प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिले। इसके अलावा हाई लेवल बिजली टॉवर और तारों से टकराने के कारण भी गिद्धों का पलायन और मृत्यु हुई है
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    संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में उम्मीद की उड़ान: सीधी के ठोंगा में दिखा गिद्धों का बड़ा समूह, अनुकूल होते पर्यावरण के संकेत
सीधी जिले के मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत ठोंगा में 6 और 11 जनवरी को गिद्धों का एक बड़ा समूह देखे जाने से क्षेत्र में उत्सुकता और उम्मीद का माहौल बन गया है। विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी इस दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को ग्रामीणों ने अपने कैमरों में कैद किया, जिसके बाद वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वर्षों बाद इस तरह से गिद्धों का झुंड दिखाई देना जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
गिद्ध कत्थई और काले रंग के भारी कद के पक्षी होते हैं, जिनकी दृष्टि अत्यंत तेज होती है। शिकारी पक्षियों की तरह इनकी चोंच टेढ़ी और मजबूत होती है, हालांकि इनके पंजे उतने शक्तिशाली नहीं होते। ये झुंड में रहने वाले मुर्दाखोर पक्षी हैं, जो मृत पशुओं और सड़े-गले मांस को खाकर प्रकृति की सफाई में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कारण इन्हें “प्राकृतिक सफाईकर्मी” भी कहा जाता है। गिद्धों की आयु सामान्यतः 40 से 45 वर्ष तक होती है, लेकिन ये चार से छह साल की उम्र में ही प्रजनन योग्य हो पाते हैं। इनकी दृष्टि इंसानों से लगभग आठ गुना बेहतर मानी जाती है और यह खुले मैदान में चार मील दूर से भी शव देख सकते हैं।
हालांकि बीते दो दशकों में गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण पशुचिकित्सा में उपयोग होने वाली डिक्लोफेनिक दवा रही है, जो मृत पशुओं के मांस के साथ गिद्धों के शरीर में पहुंचकर उनकी किडनी फेल कर देती है। वर्ष 2008 में इस दवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इसके दुष्प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिले। इसके अलावा हाई लेवल बिजली टॉवर और तारों से टकराने के कारण भी गिद्धों का पलायन और मृत्यु हुई है
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist Gurh, Rewa•
    22 hrs ago
  • *285 किलो सोने का... एक विशाल धनुष... ओडिशा के... राउरकेला से... अयोध्या की ओर... अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर निकला है...!* *यह धनुष 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगा... जो निश्चित रूप से... एक अविस्मरणीय क्षण होगा...!🚩* *जय श्री राम...!🙏🏻🕉️🏹🚩*
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    *285 किलो सोने का... एक विशाल धनुष... ओडिशा के... राउरकेला से... अयोध्या की ओर... अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर निकला है...!* 
*यह धनुष 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगा... जो निश्चित रूप से... एक अविस्मरणीय क्षण होगा...!🚩*
*जय श्री राम...!🙏🏻🕉️🏹🚩*
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Journalist अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • *चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण में व्यापक भ्रष्ट्राचार।अगर जिला कलेक्टर निम्न बिंदुओं की कराएं जांच,तो खुल जाएगी पोल।* चित्रकूट में मोहकम गढ़ तिराहा से लेकर पीलीकोठी तिराहा तक लगभग 44 करोड़ रुपए की लागत से की जा रही सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य में व्यापक भ्रष्ट्राचार किया जा रहा है।निर्माण कार्य के दौरान ही सड़क जगह जगह पर क्रैक हो रही है।जिससे गुणवत्ता में सवाल उठना लाजिमी है।वहीं दूसरी तरफ संपूर्ण निर्माण एक ऐसे इंजीनियर की देखरेख में किया जा रहा है जिसकी पदस्थापना कटनी जिले में है। अतः सतना जिला कलेक्टर अगर अपनी देखरेख में सड़क निर्माण के निम्न बिंदुओं की जांच कराएं,तो सारी सच्चाई खुद ब खुद बाहर आ जाएगी। 1- मिक्स डिजाइन - क्या है,उस अनुसार मटेरियल उपयोग किया जा रहा है या फिर अन्य मटेरियल उपयोग किया जा रहा है। 2- 40 mm ग्रेड है अथवा नहीं।जांच सामने NABL में कराया जाए। 3- Dewal Bar as Perls Coad 38 mm का होना चाहिए। Tierod निर्माण एजेंसी द्वारा कितने का डाला गया है और कहां कहां।इसकी जांच कराई जानी चाहिए। 4- नाली और सड़क का वेश पुरानी के बाहर क्या क्या है,और कितना डाला गया है।इसकी जांच की जानी चाहिए। 5- Vibratoring Roller के स्थान पर छोटा बेबी Roller का उपयोग किया गया है।इसकी जांच की जानी चाहिए। 6- नाली निर्माण में बेस गीले भरे हुए पानी में डाला जाना है कि या फिर सूखे में।इनके द्वारा भरे हुए पानी में डाला गया है।इसकी जांच होनी चाहिए। 7- रोड का कैम्बर अलाइनमेंट तथा ग्रेडिंग क्या होना चाहिए।यह प्रॉपर है अथवा नहीं।इसकी जांच की जानी चाहिए। 8- निर्मित नाली के बेड के नीचे का बेस क्या है।इसकी जांच होनी चाहिए। अगर उपरोक्त सभी बिंदुओं की जांच सही तरीके से कराई जाए,जिससे कि वास्तविकता सामने आ सके।
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    *चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण में व्यापक भ्रष्ट्राचार।अगर जिला कलेक्टर निम्न बिंदुओं की कराएं जांच,तो खुल जाएगी पोल।*
चित्रकूट में मोहकम गढ़ तिराहा से लेकर पीलीकोठी तिराहा तक लगभग 44 करोड़ रुपए की लागत से की जा रही सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य में व्यापक भ्रष्ट्राचार किया जा रहा है।निर्माण कार्य के दौरान ही सड़क जगह जगह पर क्रैक हो रही है।जिससे गुणवत्ता में सवाल उठना लाजिमी है।वहीं दूसरी तरफ संपूर्ण निर्माण एक ऐसे इंजीनियर की देखरेख में किया जा रहा है जिसकी पदस्थापना कटनी जिले में है। अतः सतना जिला कलेक्टर अगर अपनी देखरेख में सड़क निर्माण के निम्न बिंदुओं की जांच कराएं,तो सारी सच्चाई खुद ब खुद बाहर आ जाएगी।
1- मिक्स डिजाइन - क्या है,उस अनुसार मटेरियल उपयोग किया जा रहा है या फिर अन्य मटेरियल उपयोग किया जा रहा है।
2- 40 mm ग्रेड है अथवा नहीं।जांच सामने NABL में कराया जाए।
3- Dewal Bar as Perls Coad 38 mm का होना चाहिए। Tierod निर्माण एजेंसी द्वारा कितने का डाला गया है और कहां कहां।इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
4- नाली और सड़क का वेश पुरानी के बाहर क्या क्या है,और कितना डाला गया है।इसकी जांच की जानी चाहिए।
5- Vibratoring Roller के स्थान पर छोटा बेबी Roller का उपयोग किया गया है।इसकी जांच की जानी चाहिए।
6- नाली निर्माण में बेस गीले भरे हुए पानी में डाला जाना है कि या फिर सूखे में।इनके द्वारा भरे हुए पानी में डाला गया है।इसकी जांच होनी चाहिए।
7- रोड का कैम्बर अलाइनमेंट तथा ग्रेडिंग क्या होना चाहिए।यह प्रॉपर है अथवा नहीं।इसकी जांच की जानी चाहिए।
8- निर्मित नाली के बेड के नीचे का बेस क्या है।इसकी जांच होनी चाहिए।
अगर उपरोक्त सभी बिंदुओं की जांच सही तरीके से कराई जाए,जिससे कि वास्तविकता सामने आ सके।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़ चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़ चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा
    Journalist Satna, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • हमारे पड़ोसी ओम प्रकाश मिश्रा जो कि दो गाय रखे हैं गोबर हमारे जमीन में बहते हैं पानी भी बहते हैं मेरा खेत बर्बाद हो रहा है मना करने की भी बात नहीं मानतेहैं बोलते जो करने कर लेना
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    हमारे पड़ोसी ओम प्रकाश मिश्रा जो कि दो गाय रखे हैं गोबर हमारे जमीन में बहते हैं पानी भी बहते हैं मेरा खेत बर्बाद हो रहा है मना करने की भी बात नहीं मानतेहैं बोलते जो करने कर लेना
    user_Suneel
    Suneel
    Farmer नैगढ़ी, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी मध्य प्रदेश शासन भोपाल विषय, डॉक्टर एसबी खरे की आज से ज्यादा संपत, 6 करोड़ पंचांग में लाख जिला अस्पताल के अर्थव्यवस्था के लिए आए प्रोजेक्ट, सीधी जिला अस्पताल सीएमओ बबीता खरे द्वारा आउटसोर्स भरती घोटाले , ऑक्सीजन पाइप फटी होने कारण से शिव सैनिक की मौत की जांच कराए जाने बाबत। मनावर से निवेदन है कि सीधी जिले में डॉक्टर खरे द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था में सेंड मारी गई है जिसको लेकर कई बार जिला कलेक्टर को आवेदन देकर आवाज उठाई गई अस्पताल में कई मौतें हुई उनके परिजनों द्वारा आए दिन चौराहे पर धरना दिया जाता था अस्पताल के अर्थव्यवस्था के लिए 6 करोड़ 95 लख रुपए आया था जिसका भी हिसाब समाजसेवियों ने सूचना के तहत मांगा था जिसकी रंजिश को लेकर डॉक्टर खरे द्वारा जिला कलेक्टर को अपने अंदर में लेकर सरा केश क्लीन चिट कर दिया। इसके सबूत आज सिर्फ दफ्तर में बंद हो गए। जब किसी प्रकार के प्रशासन ने कार्यवाही नहीं की और शिव सैनिक की मृत्यु होने के कारण से शिव सैनिकों भाइयों ने काली स्याही डालकर डॉक्टर का विरोध किया उसे काली स्याही के चलते आज आठ शिव सैनिक जेल में बंद है। डॉक्टर खरे द्वारा जिला न्यायालय मजिस्ट्रेट में अपनी पहुंच बनाकर शिव सैनिकों की जमानत तो खारिज कर दी लेकिन मेरे द्वारा एसडीओपी जांच के लिए दिया गया आवेदन में किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई मानने से निवेदन है कार्यवाही करने की कृपा करें। प्रार्थी समाजसेवी प्रदीप कुमार विश्वकर्मा मोबाइल नंबर 6260 660 937
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    माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी मध्य प्रदेश शासन भोपाल
विषय, डॉक्टर एसबी खरे की आज से ज्यादा संपत, 6 करोड़ पंचांग में लाख जिला अस्पताल के अर्थव्यवस्था के लिए आए प्रोजेक्ट, सीधी जिला अस्पताल सीएमओ बबीता खरे द्वारा आउटसोर्स भरती घोटाले , ऑक्सीजन पाइप फटी होने कारण से शिव सैनिक की मौत की जांच कराए जाने बाबत। 
मनावर से निवेदन है कि सीधी जिले में डॉक्टर  खरे द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था में सेंड मारी गई है जिसको लेकर कई बार जिला कलेक्टर को आवेदन देकर आवाज उठाई गई अस्पताल में कई मौतें हुई उनके परिजनों द्वारा आए दिन चौराहे पर धरना दिया जाता था अस्पताल के अर्थव्यवस्था के लिए 6 करोड़ 95 लख रुपए आया था जिसका भी हिसाब समाजसेवियों ने सूचना के तहत मांगा था जिसकी रंजिश को लेकर डॉक्टर खरे द्वारा जिला कलेक्टर को अपने अंदर में लेकर सरा केश क्लीन चिट कर दिया। इसके सबूत आज सिर्फ दफ्तर में बंद हो गए। जब किसी प्रकार के प्रशासन ने कार्यवाही नहीं की और शिव सैनिक की मृत्यु होने के कारण से शिव सैनिकों भाइयों ने काली स्याही डालकर डॉक्टर का विरोध किया उसे काली स्याही के चलते आज आठ शिव सैनिक जेल में बंद है। डॉक्टर खरे द्वारा जिला न्यायालय मजिस्ट्रेट में अपनी पहुंच बनाकर शिव सैनिकों की जमानत तो खारिज कर दी लेकिन मेरे द्वारा एसडीओपी जांच के लिए दिया गया आवेदन में किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई मानने से निवेदन है कार्यवाही करने की कृपा करें। 
प्रार्थी 
समाजसेवी 
प्रदीप कुमार विश्वकर्मा 
मोबाइल नंबर 6260 660 937
    user_आदिवासी हरिजन ओरिजिनल विकास करता भारतीय संगठन मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़
    आदिवासी हरिजन ओरिजिनल विकास करता भारतीय संगठन मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़
    Samaj Sevak Gopadbanas, Sidhi•
    13 hrs ago
  • चाइनीस माझा बेचने वाले पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही
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    चाइनीस माझा बेचने वाले पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही
    user_Piyush kumar
    Piyush kumar
    Journalist रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
  • मध्य प्रदेश सीधी जिला का कालीख कांड मैं एक तरफा कार्रवाई को लेकर आज तक शिव सैनिक जेल में बंद है। डॉक्टर खरे के ऊपर किसी प्रकार के आज तक प्रशासन एक्शन नहीं लिया जबकि कई मौतों का जिम्मेदार डॉक्टर खरे है 6 करोड़ 95 लाख घोटाले का भी जिम्मेदार डॉक्टर खरे जबकि उसके बारे में एसडीओपी जांच के लिए शिवसेना कार्यकर्ता समाज सेवी प्रदीप विश्वकर्मा द्वारा आवेदन दिया गया लेकिन आज तक सीधी जिले के ना तो न्याय व्यवस्था ना तो कार्यपालिका व्यवस्था एक्शन नहीं लिया जब के जिला कलेक्टर को भी आवेदन दिया गया था आउटसोर्स भर्ती घोटाले जैसे मामले को लेकर जिसमें ऑडियो भी वायरल हुई थी आज दिनांक तक उसमें भी ना तो माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी एक्शन लिए ना तो जिला कलेक्टर आखिर सीधी जिले के जनता के साथ अत्याचार कब तक होता रहेगा क्या प्रशासनिक कर्मचारी इसी तरह से जनता का शोषण करते रहेंगे नंगा नाच नाचते रहेंगे जनता आवाज उठाने वाली जेल में बंद बैठेगी देश की जनता को दबाया जाएगा पूछती है मध्य प्रदेश सीधी जिला की आवाम
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    मध्य प्रदेश सीधी जिला का कालीख कांड मैं एक तरफा कार्रवाई को लेकर आज तक शिव सैनिक जेल में बंद है। डॉक्टर खरे के ऊपर किसी प्रकार के आज तक प्रशासन एक्शन नहीं लिया जबकि कई मौतों का जिम्मेदार डॉक्टर खरे है 6 करोड़ 95 लाख घोटाले का भी जिम्मेदार डॉक्टर खरे जबकि उसके बारे में एसडीओपी जांच के लिए शिवसेना कार्यकर्ता समाज सेवी प्रदीप विश्वकर्मा द्वारा आवेदन दिया गया लेकिन आज तक सीधी जिले के ना तो न्याय व्यवस्था ना तो कार्यपालिका व्यवस्था एक्शन नहीं लिया जब के जिला कलेक्टर को भी आवेदन दिया गया था आउटसोर्स भर्ती घोटाले जैसे मामले को लेकर जिसमें ऑडियो भी वायरल हुई थी आज दिनांक तक उसमें भी ना तो माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी एक्शन लिए ना तो जिला कलेक्टर आखिर सीधी जिले के जनता के साथ अत्याचार कब तक होता रहेगा क्या प्रशासनिक कर्मचारी इसी तरह से जनता का शोषण करते रहेंगे नंगा नाच नाचते रहेंगे जनता आवाज उठाने वाली जेल में बंद बैठेगी देश की जनता को दबाया जाएगा पूछती है मध्य प्रदेश सीधी जिला की आवाम
    user_आदिवासी हरिजन ओरिजिनल विकास करता भारतीय संगठन मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़
    आदिवासी हरिजन ओरिजिनल विकास करता भारतीय संगठन मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़
    Samaj Sevak Gopadbanas, Sidhi•
    13 hrs ago
  • घुनवारा की बुनियादी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों का प्रदर्शन । प्रभात द्विवेदी के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन, एसडीएम ने दिया समाधान का आश्वासन मैहर। घुनवारा गांव मे लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं और काबिज स्थल के पट्टे को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी दद्दा ने किया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन का ध्यान गांव की मूलभूत गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया और अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, ग्राम घुनवारा नई बस्ती वार्ड क्रमांक 02 में निवास लोगों को पट्टे दिए जाने की मांग के साथ-साथ श्मशान घाट पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बस्ती के अंदर पर्याप्त संख्या में बोर और स्थापित बोर में समरसेबल ना होने की वजह से बस्ती के अन्दर पेयजल का गंभीर संकट हमेशा बना रहता है । मुक्ति धाम भी जल संकट के आभाव में अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही मवेशियों के लिए भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने उक्त स्थान पर हैंडपंप अथवा अन्य जलस्रोत स्थापित किए जाने की मांग की है। इसके अलावा, वार्ड क्रमांक 02 स्थित आंगनवाड़ी का शासकीय भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में है। भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं पूर्व में दुर्घटनाएं हो चुकी है , जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए आंगनवाड़ी भवन के पुनर्निर्माण की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि घुनवारा बंसल मोहल्ला वार्ड क्रमांक 02 में स्थित बोर वर्तमान में हैंडपंप से जोड़ा गया है, जिससे जलापूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं। वार्डवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त बोर में समरसिबल पंप डाले जाने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि पेयजल समस्या से स्थायी राहत मिल सके। कलेक्ट्रेट में एसडीएम दिव्या पटेल ने ग्रामीणों से मुलाकात कर प्रभात दुवेदी के हाथो से ज्ञापन प्राप्त किया और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता के साथ सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही। इस दौरान प्रभात द्विवेदी ने कहा कि यदि गांव की मूलभूत समस्याओं का समय रहते निराकरण नहीं हुआ, तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि समस्याओं का समाधान कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर जल्द दिखाई दे। प्रदर्शन के दौरान प्रभात द्विवेदी अजय बंसल शिवम पांडे विश्व मोहन बढ़गईया चंदू जयसवाल सचिन साहू वीरेंद्र मोनू सिंगरौल बृजभान कोल गुड़िया दुलीचंद शैलेंद्र बंसल ताराबाई आशा बंसल कोदुलाल चौधरी आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में गांव के हित में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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    घुनवारा की बुनियादी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों का प्रदर्शन 
। प्रभात द्विवेदी के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन, एसडीएम ने दिया समाधान का आश्वासन
मैहर। घुनवारा गांव मे लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं और काबिज स्थल के पट्टे को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी  दद्दा ने किया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन का ध्यान गांव की मूलभूत गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया और अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, ग्राम घुनवारा नई बस्ती वार्ड क्रमांक 02 में निवास लोगों को  पट्टे दिए जाने की मांग के साथ-साथ श्मशान घाट पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बस्ती के अंदर पर्याप्त संख्या में बोर और स्थापित बोर में समरसेबल ना होने की वजह से बस्ती के अन्दर पेयजल का गंभीर संकट हमेशा बना रहता है । मुक्ति धाम भी जल संकट के आभाव में अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही मवेशियों के लिए भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने उक्त स्थान पर हैंडपंप अथवा अन्य जलस्रोत स्थापित किए जाने की मांग की है।
इसके अलावा, वार्ड क्रमांक 02 स्थित आंगनवाड़ी का शासकीय भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में है। भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं  पूर्व में दुर्घटनाएं हो चुकी है , जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए आंगनवाड़ी भवन के पुनर्निर्माण की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि घुनवारा बंसल मोहल्ला वार्ड क्रमांक 02 में स्थित बोर वर्तमान में हैंडपंप से जोड़ा गया है, जिससे जलापूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं। वार्डवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त बोर में समरसिबल पंप डाले जाने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि पेयजल समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
कलेक्ट्रेट में एसडीएम दिव्या पटेल ने ग्रामीणों से मुलाकात कर प्रभात दुवेदी के हाथो से ज्ञापन प्राप्त किया और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता के साथ सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही।
इस दौरान प्रभात द्विवेदी ने कहा कि यदि गांव की मूलभूत समस्याओं का समय रहते निराकरण नहीं हुआ, तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि समस्याओं का समाधान कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर जल्द दिखाई दे।
प्रदर्शन के दौरान  प्रभात द्विवेदी अजय बंसल शिवम पांडे विश्व मोहन  बढ़गईया  चंदू जयसवाल सचिन साहू वीरेंद्र मोनू सिंगरौल बृजभान कोल गुड़िया दुलीचंद शैलेंद्र बंसल ताराबाई आशा बंसल कोदुलाल चौधरी आदि बड़ी संख्या में 
ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में गांव के हित में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Journalist मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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