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पाली बालाबेहट रोड़ एक चार पहिया वाहन ने दो बाइकों में टक्कर, टक्कर में छः लोग घायल पाली बालाबेहट रोड़ एक चार पहिया वाहन ने दो बाइकों में टक्कर, टक्कर में छः लोग घायल, बाइक सवार ग्राम चीमना के बताए जा रहे
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पाली बालाबेहट रोड़ एक चार पहिया वाहन ने दो बाइकों में टक्कर, टक्कर में छः लोग घायल पाली बालाबेहट रोड़ एक चार पहिया वाहन ने दो बाइकों में टक्कर, टक्कर में छः लोग घायल, बाइक सवार ग्राम चीमना के बताए जा रहे
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- पाली बालाबेहट रोड़ एक चार पहिया वाहन ने दो बाइकों में टक्कर, टक्कर में छः लोग घायल पाली बालाबेहट रोड़ एक चार पहिया वाहन ने दो बाइकों में टक्कर, टक्कर में छः लोग घायल, बाइक सवार ग्राम चीमना के बताए जा रहे1
- मड़ावरा में श्री राम मंदिर में ताला तोड़कर हुई चोरी थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम प्यासा में श्रीराम के विग्रह से चांदी के छत्त सहित मुकुट हुए चोरी सुबह पूजा करने पहुंचे पुजारी ने चोरी होने की सूचना दी पुलिस को ललितपुर से स्वराज भास्कर के लिए रामजी तिवारी मड़ावरा की रिपोर्ट1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जिला ग्राम रानीपुर की रागिनी रोज एक पैर न होने के बावजूद भी वह अपने दूसरे पैर के सहारे करीब 400 मीटर दूर (प्राथमिक विद्यालय, दिघेड़ा स्कूल) जाती है। उस नन्ही सी बच्ची रागिनी का छह महीने की उम्र में हुए हादसे में उसका एक पैर टूट गया था। तब उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो समय पर इलाज करा सके और न ही आज भी है, उस बच्ची का आज भी परिवार झोंपड़ी में जिंदगी गुजार रहा है। लेकिन रागिनी ने पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा। वह रोज एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाती है और पढ़-लिखकर कुछ बनने की चाह रखती है। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #Ballia_UttarPradesh #Ragini_InspiringStory #ViralNews #latestnews @jayajnibabakhadowara subscribe/share करें उत्तर प्रदेश के बलिया जिला ग्राम रानीपुर की रागिनी रोज एक पैर न होने के बावजूद भी वह अपने दूसरे पैर के सहारे करीब 400 मीटर दूर (प्राथमिक विद्यालय, दिघेड़ा स्कूल) जाती है। उस नन्ही सी बच्ची रागिनी का छह महीने की उम्र में हुए हादसे में उसका एक पैर टूट गया था। तब उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो समय पर इलाज करा सके और न ही आज भी है, उस बच्ची का आज भी परिवार झोंपड़ी में जिंदगी गुजार रहा है। लेकिन रागिनी ने पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा। वह रोज एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाती है और पढ़-लिखकर कुछ बनने की चाह रखती है। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #Ballia_UttarPradesh #Ragini_InspiringStory #ViralNews #latestnews @jayajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- देखिए घटनाक्रम से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट ललितपुर लाइव टीवी पर साथ ही इस खबर पर अपने अपने कमेंट अवश्य लिखें.1
- ललितपुर जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते कचनौदा बांध के पांच गेट खुले, पानी निकासी जारी ललितपुर जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते कचनौदा बांध का जलस्तर बढ़ गया है। शुक्रवार सुबह सिंचाई विभाग द्वारा बांध के पांच गेट खोले गए, जिसके बाद लगातार पानी की निकासी की जा रही है। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जल प्रवाह बढ़ने को देखते हुए आसपास के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। बांध के गेटों से लगातार पानी निकलने के कारण आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग द्वारा बांध की स्थिति और जल निकासी की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि जलस्तर और पानी के बहाव की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा सकें। वहीं स्थानीय पुलिस भी मौके और आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रही है। पुलिस की कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति बांध के गेटों या पानी के तेज बहाव वाले स्थानों के आसपास न जाए। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पानी के नजदीक जाने से बचें और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है। फिलहाल कचनौदा बांध के पांच गेट खुले हैं और पानी की निकासी लगातार जारी है।1
- CM ने 2 साल पहले की पुल बनाने की घोषणाः अब फिर डूबी पुलिया; दूसरा रास्ता नहीं होने से ग्रामीण पानी के बीच निकल रहे लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:- राकेश सेन बीना :-बीना भोपाल रोड पर रामनगर के पास सिलार नदी की पुलिया बारिश में डूब गई है। गढ़ा-पड़रिया गांव का मुख्य रास्ता पिछले दो दिनों से बंद है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 सितंबर 2024 को सिलार नदी पर 4.5 करोड़ रुपए से पुल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। दूसरा रास्ता नहीं होने से ग्रामीण पानी के बीच से पुलिया पार कर रहे हैं। तीन से चार फीट ऊंची है पुलिया लगातार बारिश के कारण सिलार नदी का पानी पुलिया के ऊपर से बह रहा है। पानी का बहाव तेज होने पर यहां से निकलना खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में पुलिया कई बार पूरी तरह डूब जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब तीन साल पहले एक युवक पुलिया पार करते समय पानी में बह गया था। अगले दिन उसका शव मिला था। इसके बाद भी पुलिया की जगह ऊंचा पुल बनाने का काम शुरू नहीं हुआ। गांव तक पहुंचने का यही मुख्य रास्ता गढ़ा-पड़रिया जाने के लिए यही मुख्य रास्ता है। पुलिया डूबने पर ग्रामीणों का शहर से संपर्क प्रभावित हो जाता है। जरूरी काम के लिए भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। पुल की घोषणा के बाद भी काम नहीं शुरू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 सितंबर 2024 को बीना कृषि उपज मंडी में आयोजित सभा में सिलार नदी पर पुल के लिए 4.5 करोड़ रुपए की स्वीकृति की घोषणा की थी। करीब दो साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। पुलिया पर सुरक्षा के इंतजाम की मांग उप सरपंच साहब सिंह समेत ग्रामीणों ने बताया कि पानी आने के बाद भी लोग मजबूरी में पुलिया पार करते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को पानी बढ़ने पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा के लिए कर्मचारी तैनात करने चाहिए। पहले भी चक्काजाम कर चुके हैं ग्रामीण विधायक निर्मला सप्रे गांव का दौरा कर समस्या देख चुकी हैं। ग्रामीण पुल निर्माण की मांग को लेकर पहले चक्काजाम भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि ऊंचा पुल बनने से ही हर साल बारिश में रास्ता बंद होने की समस्या खत्म होगी।1
- ललितपुर में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, आधा दर्जन बांधों के खुले गेट तेज बहाव के बीच जान जोखिम में डाल रहे लोग, कई इलाकों का सड़क संपर्क प्रभावित ललितपुर। जनपद ललितपुर और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। भारी बारिश के चलते जिले के कई जलाशय और बांध उफान पर पहुंच गए हैं। पानी का जलस्तर लगातार बढ़ने के चलते करीब आधा दर्जन बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद कई नदी-नालों और रपटों पर तेज बहाव देखने को मिल रहा है। रोड़े पर भी पानी तेज रफ्तार से बहता नजर आया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से आवागमन करते दिखाई दिए। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई स्थानों पर ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आ रही है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने बांधों से पानी की सुरक्षित निकासी को लेकर व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं। अधिकारियों द्वारा जलाशयों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। ⚠️ प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बांध, नदी, नाले, रपटे और तेज बहाव वाले जलस्रोतों के पास जाने से बचें। पानी के तेज बहाव में वाहन लेकर निकलने या पैदल पार करने की कोशिश न करें। जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर तत्काल पहुंचने की सलाह दी गई है। एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है—तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखें।1
- श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर श्री शाला जी मंदिर मड़ावरा में भव्य सजावट1