जिले में "गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना" का शुभारंभ, गौ-पूजन के साथ शुरू हुआ दुग्ध मापन जिला मुख्यालय पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर आगर-मालवा डॉ. शेर सिंह मीना के मार्गदर्शन में जिले की चारों तहसीलों आगर, बड़ौद, सुसनेर एवं नलखेड़ा में "गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना" का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह प्रतियोगिता 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसके प्रथम चरण का शुभारंभ ग्राम तनोड़िया से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परम्परागत रूप से गौ-पूजन एवं पुष्प-माला से गौवंश के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर उपसंचालक पशुपालन डॉ. एस.एल. जारोलिया द्वारा योजना के उद्देश्य, नियमों एवं गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द महाजन, सहायक विस्तार अधिकारी डॉ. अनिकेत जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे। उपसंचालक डॉ. महेश जारोलिया ने बताया कि ग्राम तनोड़िया से प्राप्त आवेदनों की सूक्ष्म जांच के उपरांत 6 पात्र गौपालकों का चयन किया गया है, जो अपनी उत्कृष्ट मालवी एवं गिर नस्ल की गौवंश के साथ प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए हैं। प्रतियोगिता को पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष रखने हेतु प्रत्येक गौवंश की निगरानी एवं दुग्ध मापन के लिए पशु चिकित्सा डिप्लोमा धारी का एक-एक दल तैनात किया गया है तथा प्रत्येक चरण के दुग्ध मापन की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। प्रथम चरण का मापन बुधवार को पूर्ण होने के पश्चात द्वितीय एवं तृतीय चरण का दुग्ध मापन 29 अक्टूबर को प्रातः एवं सायं काल में किया जाएगा। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के तीनों चरणों में प्राप्त दुग्ध के औसत उत्पादन के आधार पर विजेता गौपालकों का चयन किया जाएगा। योजना में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले गौपालक को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर 50 हजार रुपये एवं तृतीय स्थान पर 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना जिले में उन्नत नस्ल के गौवंश संवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
जिले में "गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना" का शुभारंभ, गौ-पूजन के साथ शुरू हुआ दुग्ध मापन जिला मुख्यालय पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर आगर-मालवा डॉ. शेर सिंह मीना के मार्गदर्शन में जिले की चारों तहसीलों आगर, बड़ौद, सुसनेर एवं नलखेड़ा में "गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना" का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह प्रतियोगिता 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसके प्रथम चरण का शुभारंभ ग्राम तनोड़िया से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परम्परागत रूप से गौ-पूजन एवं पुष्प-माला से गौवंश के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर उपसंचालक पशुपालन डॉ. एस.एल. जारोलिया द्वारा योजना के उद्देश्य, नियमों एवं गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द महाजन, सहायक विस्तार अधिकारी डॉ. अनिकेत जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे। उपसंचालक डॉ. महेश जारोलिया ने बताया कि ग्राम तनोड़िया से प्राप्त आवेदनों की सूक्ष्म जांच के उपरांत 6 पात्र गौपालकों का चयन किया गया है, जो अपनी उत्कृष्ट मालवी एवं गिर नस्ल की गौवंश के साथ प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए हैं। प्रतियोगिता को पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष रखने हेतु प्रत्येक गौवंश की निगरानी एवं दुग्ध मापन के लिए पशु चिकित्सा डिप्लोमा धारी का एक-एक दल तैनात किया गया है तथा प्रत्येक चरण के दुग्ध मापन की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। प्रथम चरण का मापन बुधवार को पूर्ण होने के पश्चात द्वितीय एवं तृतीय चरण का दुग्ध मापन 29 अक्टूबर को प्रातः एवं सायं काल में किया जाएगा। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के तीनों चरणों में प्राप्त दुग्ध के औसत उत्पादन के आधार पर विजेता गौपालकों का चयन किया जाएगा। योजना में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले गौपालक को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर 50 हजार रुपये एवं तृतीय स्थान पर 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना जिले में उन्नत नस्ल के गौवंश संवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
- जिले में "गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना" का शुभारंभ, गौ-पूजन के साथ शुरू हुआ दुग्ध मापन जिला मुख्यालय पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर आगर-मालवा डॉ. शेर सिंह मीना के मार्गदर्शन में जिले की चारों तहसीलों आगर, बड़ौद, सुसनेर एवं नलखेड़ा में "गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना" का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह प्रतियोगिता 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसके प्रथम चरण का शुभारंभ ग्राम तनोड़िया से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परम्परागत रूप से गौ-पूजन एवं पुष्प-माला से गौवंश के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर उपसंचालक पशुपालन डॉ. एस.एल. जारोलिया द्वारा योजना के उद्देश्य, नियमों एवं गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द महाजन, सहायक विस्तार अधिकारी डॉ. अनिकेत जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे। उपसंचालक डॉ. महेश जारोलिया ने बताया कि ग्राम तनोड़िया से प्राप्त आवेदनों की सूक्ष्म जांच के उपरांत 6 पात्र गौपालकों का चयन किया गया है, जो अपनी उत्कृष्ट मालवी एवं गिर नस्ल की गौवंश के साथ प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए हैं। प्रतियोगिता को पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष रखने हेतु प्रत्येक गौवंश की निगरानी एवं दुग्ध मापन के लिए पशु चिकित्सा डिप्लोमा धारी का एक-एक दल तैनात किया गया है तथा प्रत्येक चरण के दुग्ध मापन की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। प्रथम चरण का मापन बुधवार को पूर्ण होने के पश्चात द्वितीय एवं तृतीय चरण का दुग्ध मापन 29 अक्टूबर को प्रातः एवं सायं काल में किया जाएगा। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के तीनों चरणों में प्राप्त दुग्ध के औसत उत्पादन के आधार पर विजेता गौपालकों का चयन किया जाएगा। योजना में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले गौपालक को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर 50 हजार रुपये एवं तृतीय स्थान पर 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना जिले में उन्नत नस्ल के गौवंश संवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।1
- जिला संवाददाता डॉक्टर जगदीश मालवीय दैनिक सेतु संकल्प समाचार पत्र आगर मालवा मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन2
- *प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम - सेक्टर स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला* *प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम - सेक्टर स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला* *मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड आगर, जिला आगर-मालवा* *सेक्टर: 02 आगर, स्थान: राजश्री रेस्टोरेंट, मालिखेड़ी रोड, आगर* हरि नारायण यादव आगर-मालवा _मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आगर के मार्गदर्शन में नवांकुर संस्था सृजन ग्राम विकास समिति कुण्डलाखेड़ा के अंतर्गत प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम के तहत सेक्टर 02 आगर की क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ जिला समन्वयक एवं बड़ौद विकासखंड समन्वयक द्वारा माँ सरस्वती का पूजन, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। *कार्यशाला का उद्देश्य -* जिला समन्वयक देवेन्द्र शर्मा द्वारा बताया गया कि सामूहिकता, स्वावलंबन व स्वैच्छिकता से प्रस्फुटन समितियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना, उन्हें संगठित एवं सक्रिय बनाना, सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति तथा शासन द्वारा चलाई जा रही नवीन योजनाओं की जानकारी देकर सहभागिता सुनिश्चित करना है। विकासखंड समन्वयक मदनलाल मालवीय (बड़ौद) द्वारा आदर्श ग्राम, स्वैच्छिक संगठन बनाने की प्रक्रिया, 12A, 80G, FCRA, CSR की विस्तृत जानकारी दी गई। *प्रशिक्षण के मुख्य विषय -* - प्रस्फुटन समितियों को सशक्त बनाना - संवाद कौशल - दस्तावेजीकरण एवं अभिलेख संधारण - आदर्श ग्राम *प्रशिक्षण एवं उपस्थिति -* प्रशिक्षण डॉ. मीना स्वर्णकार द्वारा दिया गया। इस दौरान परामर्शदाता डिम्पल योगी और यश जाट भी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से जिला समन्वयक देवेन्द्र शर्मा, विकासखंड समन्वयक मदनलाल मालवीय, नवांकुर संस्था से नारायण बगाना, सेक्टर 02 की प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष, सचिव, सदस्य एवं नवांकुर सखियाँ उपस्थित रहीं। साथ ही नगर एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों से जगदीश मालवीय, हरि नारायण यादव, प्रीति खंडेलवाल ,नंदकिशोर बड़गोंन, शंभु सिंह उमरिया देवड़ा, सुनील मालवीय, पल्लवी यादव, CMCLDP से अजय सूर्यवंशी, जगदीश शर्मा, माया सहित अन्य सदस्य पूरे सत्र के दौरान उपस्थित रहे।1
- मोहन बड़ोदिया में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण का डीपीसी ने किया आकस्मिक निरीक्षण, 88 में से 81 शिक्षक मिले उपस्थित एंकर - विकासखंड मोहन बड़ोदिया में कक्षा 6 से 8 तक के माध्यमिक शिक्षकों के लिए एफएलएन प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। बुधवार दोपहर 3 बजे डीपीसी राजेंद्र शिप्रे ने प्रशिक्षण का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 88 शिक्षकों में से 81 शिक्षक प्रशिक्षण में उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान डीपीसी शिप्रे ने प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बीआरसी गोकुल प्रसाद कुलमिया के कार्य की सराहना की। साथ ही उपस्थित शिक्षकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और इसमें सीखी गई बातों को अपनी कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करें। प्रशिक्षण का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब यहां सीखी गई बातों का वास्तविक शिक्षण कार्य में क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एफएलएन प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण गुणवत्ता में सुधार करना और उन्हें बेहतर शिक्षण पद्धतियों के प्रति उन्मुख करना है। इस दौरान बीआरसी गोकुल प्रसाद कुलमिया सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।1
- शाजापुर जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन देखने के लिए पहुंचे सीएम मोहन यादव1
- मोहन बड़ोदिया में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण का डीपीसी ने किया आकस्मिक निरीक्षण *मोहन बड़ोदिया में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण का डीपीसी ने किया आकस्मिक निरीक्षण, 88 में से 81 शिक्षक मिले उपस्थित* 📡 *_साधना प्लस न्यूज_* *गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट* 📱 *9584097180* 📡📡 *साधना प्लस नेशनल न्यूज चैनल* _टाटा प्ले के चैनल नंबर 1138_ और _जियो टीवी_ सहित विभिन्न केबल टीवी पर उपलब्ध है ।1
- वंदे भारत न्यूज चैनल व पेपर जिला ब्यूरो चीफ मंदसौर रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार कि ख़ास खबर भारत के लिए गर्व का पल! 🇮🇳 फ्लाईदुबई घटना के दौरान उनकी बहादुरी के लिए UAE के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छर को प्रतिष्ठित फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ़ ज़ायद II से सम्मानित किया सच में एक बहुत ही सम्मान के हकदार! 💐 वंदे भारत न्यूज चैनल व पेपर जिला ब्यूरो चीफ मंदसौर रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार कि ख़ास खबर भारत के लिए गर्व का पल! 🇮🇳 फ्लाईदुबई घटना के दौरान उनकी बहादुरी के लिए UAE के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छर को प्रतिष्ठित फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ़ ज़ायद II से सम्मानित किया सच में एक बहुत ही सम्मान के हकदार! 💐1
- भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, राष्ट्रीय मुख्यालय एवं यूनिसेफ के सयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय प्रोजेक्ट यूथ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, राष्ट्रीय मुख्यालय एवं यूनिसेफ के सयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय प्रोजेक्ट यूथ फॉर चेंज अन्तर्गत राष्ट्रीय स्तर का संवाद कार्यशाला का आयोजन दिनांक 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश, राज्य मुख्याय, भोपाल परिसर में किया गया जिसमें जलवायु परिवर्तन पर बिविहर चेंज यूनिसेफ दिल्ली से डेनिस लार्सन क्रिश्चन ,यूनिसेफ चीफ विलियम हेनेलोन राष्ट्रीय प्रोजेक्ट समन्वयक बब्लू गोस्वामी बी एस जी नई दिल्ली ,यूनिसेफ भोपाल से जिम्मली मेंडम ,राज्य आयुक्त डॉक्टर धीरेंद्र कुमार मिश्रा,राज्य संगठन आयुक्त गजराज सिंह इत्यादि की उपस्थिति में राष्ट्रीय संवाद का आयोजन किया गया, इस अवसर पर मध्यप्रदेश के चयनित 15 जिलों से जिला समन्वयक ओर स्काउट , गाइड,रोवर ,रेंजर ने सहभागिता की जिसमे सुसनेर जिला आगर से स्काउट मास्टर भेरूलाल ओसारा द्वारा सहभागिता की गई उन्होंने अपने संवाद में जलवायु परिवर्तन,बच्चो के साथ बेहतर व्यवहार,पोषण माह ,मिशन लाइफ की सात थींम पर अपने कार्यानुभव को साझा किया। *कार्यक्रम का उद्देश्य* युवा लीडरों के बीच जलवायु और पर्यावरण साक्षरता का विकास करना, जिसमें स्थानीय स्तर पर प्रासंगिक जोखिमों और बच्चों और समुदायों पर उनके प्रभावों की समझ शामिल है। युवाओं को मिशन लाइफ के सिद्धांतों को व्यावहारिक व्यक्तिगत, सामुदायिक और संस्थागत कार्यों मे बदलने के लिये तैयार करना, जिसमें युवा नेतृत्व वाले नवाचार शामिल है। युवाओं के नेतृत्व में जलवायु और पर्यावरण संबंधी उपलब्धियों पर नजर रखने, उनका समर्थन करने और उन्हें प्रदर्शित करने के लिये एक अनुवर्ती तंत्र स्थापित करें । सामाजिक और व्यवहारिक परिवर्तन तथा सतत जीवनयापन के लिये एक सामूहिक युवा कार्ययोजना और कार्ययोजना विकसित करना । मिशन लाइफ के जलवायु लीडरों के लिये जिला स्तरीय कार्ययोजना *युवा संवाद के परिणाम* मिशन लाइफ पर केन्द्रित व्यवहारिक और सामूहिक प्रतिबद्धताओं का एक स्पष्ट रूप से परिभाषित समूह । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और यूनिसेफ के साथ विचार-विमर्श के तहत, विस्तार योग्य युवा प्रथाओं के दस्तावेजीकरण की योजना । जलवायु परिवर्तन पर कार्यवाही और पर्यावरण संरक्षण के संबंधने युवाओं को सक्रिय सहभागिता बढ़ाना है और बेहतर भविष्य की नींव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।1