गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र के रंगूनगर गांव में गुरुवार शाम करीब 6 बजे एक 3 वर्षीय मासूम पियूष मांझी खेलते-खेलते खुले बोरवेल में गिर गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन बदहवास हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब 6 घंटे तक चले बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद NDRF और SDRF के जवानों ने अपनी सूझबूझ, तकनीकी दक्षता और धैर्य का परिचय देते हुए पियूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। संकरे बोरवेल में फंसे बच्चे तक पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन जवानों ने पूरी सावधानी और सटीक रणनीति से मासूम की जान बचा ली। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। फिलहाल पियूष को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस सफल अभियान के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। प्रशासन के अनुसार, यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो नल-जल योजना के संवेदक, संबंधित विभाग या अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, खुले बोरवेलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। इस रेस्क्यू के दौरान कुछ ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि फतेहपुर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजा गया ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था, हालांकि इस आरोप की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र के रंगूनगर गांव में गुरुवार शाम करीब 6 बजे एक 3 वर्षीय मासूम पियूष मांझी खेलते-खेलते खुले बोरवेल में गिर गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन बदहवास हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब 6 घंटे तक चले बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद NDRF और SDRF के जवानों ने अपनी सूझबूझ, तकनीकी दक्षता और धैर्य का परिचय देते हुए पियूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। संकरे बोरवेल में फंसे बच्चे तक पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन जवानों ने पूरी सावधानी और सटीक रणनीति से मासूम की जान बचा ली। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। फिलहाल पियूष को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस सफल अभियान के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। प्रशासन के अनुसार, यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो नल-जल योजना के संवेदक, संबंधित विभाग या अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, खुले बोरवेलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। इस रेस्क्यू के दौरान कुछ ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि फतेहपुर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजा गया ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था, हालांकि इस आरोप की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र के रंगूनगर गांव में गुरुवार शाम करीब 6 बजे एक 3 वर्षीय मासूम पियूष मांझी खेलते-खेलते खुले बोरवेल में गिर गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन बदहवास हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब 6 घंटे तक चले बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद NDRF और SDRF के जवानों ने अपनी सूझबूझ, तकनीकी दक्षता और धैर्य का परिचय देते हुए पियूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। संकरे बोरवेल में फंसे बच्चे तक पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन जवानों ने पूरी सावधानी और सटीक रणनीति से मासूम की जान बचा ली। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। फिलहाल पियूष को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस सफल अभियान के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। प्रशासन के अनुसार, यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो नल-जल योजना के संवेदक, संबंधित विभाग या अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, खुले बोरवेलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। इस रेस्क्यू के दौरान कुछ ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि फतेहपुर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजा गया ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था, हालांकि इस आरोप की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- नवादा के रजौली स्थित अंबेडकर आवासीय विद्यालय में जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी पहुंचीं। विद्यालय पहुंचने के बाद जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी ने वहां के विद्यालय प्रशासन की जमकर क्लास लगा दी।1
- बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज अंतर्गत दौलत पुर वार्ड नंबर 03 में मरम्मत कार्य कराने की अपील की गई है। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में विनम्रतापूर्वक आग्रह करते हुए कृपया जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत का कार्य शुरू कराने की मांग की गई है।1
- नवादा के काशीचक थाना पुलिस ने चर्चित मोनिका किन्नर हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान काशीचक थाना क्षेत्र के भट्टा गांव निवासी लखन रवानी के पुत्र करण कुमार के रूप में हुई है, जिससे पुलिस द्वारा सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मोनिका किन्नर की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी और शुरुआती जांच में यही विवाद इस वारदात की मुख्य वजह बनकर सामने आया है। इससे पहले 23 अप्रैल 2026 को काशीचक थाना क्षेत्र के भट्टा गांव स्थित गोहिया पोखर से मोनिका का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और घटना में संलिप्त अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।2
- बिहार में चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी और बयानबाज़ी काफी तेज़ हो गई है। चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर बड़ा निशाना साधते हुए तंज कसा है कि चुनाव बेहद नज़दीक हैं, लेकिन आरजेडी के नेता विदेश यात्रा में व्यस्त हैं। चिराग के इस तीखे हमले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब देखना होगा कि चिराग पासवान के इस बयान पर आरजेडी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।1
- बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित रजौली समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से पटना जा रही शराब लदी एक मारुति सुजुकी कार को जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान कार में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए वाहन चालक सह शराब धंधेबाज ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश से आने के दौरान रास्ता भटक गए थे और पटना जाने के बजाय रजौली की ओर चले आए, जिसके बाद जांच चौकी पर पकड़े गए। उत्पाद अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि वाहन जांच कर रहे उत्पाद विभाग के निरीक्षक अमृत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने इस सिल्वर रंग की मारुति कार को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कार से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसमें ऑफिसर चॉइस ओरिजिनल व्हिस्की की 180 एमएल वाली कुल 1104 बोतलें शामिल थीं। शराब बरामद होने के बाद वाहन को तुरंत जब्त कर लिया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना जिले के मोकामा थाना क्षेत्र के चंदन कुमार (पिता स्वर्गीय शिवचंद्र यादव), वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के सूरज कुमार (पिता रितेश कुमार) और नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के उत्पल कांत कुमार (पिता उपेंद्र प्रसाद) के रूप में हुई है। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद रजौली के अनुमंडलीय अस्पताल में उनकी स्वास्थ्य जांच कराई गई और फिर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।1
- नवादा के काशीचक प्रखंड के भट्टा गांव में करीब 30 वर्षीय विवाहिता बबीता देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मृतका बबीता देवी की शादी वर्ष 2019 में हिंदू रीति-रिवाज से करण कुमार के साथ हुई थी और उनका एक बच्चा भी है। परिजनों के अनुसार, मृतका 5 महीने की गर्भवती भी थीं। बताया जा रहा है कि बबीता देवी का अपने ससुराल में सास, ननद व अन्य परिजनों के साथ अक्सर विवाद होता रहता था। घटना के दिन बबीता ने अपने मायके फोन कर बताया था कि वह घर लौट रही हैं। मृतका के पति बाहर प्रदेश में काम करते हैं और उन्होंने भी अपनी पत्नी को मायके जाने की सलाह दी थी। लेकिन मायके पहुंचने से पहले ही परिजनों को बबीता द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की सूचना मिली। इस पर मायके वालों ने ससुराल पक्ष के तीन लोगों पर बबीता को लंबे समय से प्रताड़ित करने और उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही काशीचक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए मौके पर बुलाया गया है। थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया फांसी लगाने की सूचना मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।4
- बिहार के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत रंगूनगर में एक तीन साल का मासूम बच्चा बोरवेल में गिर गया है।1