अपने बीमार बच्चे को स्वस्थ कराने की उम्मीद में एक परिवार एक सोखा (झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति) के पास पहुंचा, लेकिन वहाँ इलाज के नाम पर बच्चे के साथ बेहद खतरनाक 'टोटका' किया गया। बताया जा रहा है कि बच्चे को ठीक करने के लिए सोखा ने उसे अपने हाथों से बार-बार घुमाया और नचाता रहा। इतना ही नहीं, उसने मासूम बच्चे को जमीन पर लिटाकर उसके सीने पर पैर रखकर खड़े होने जैसी हैरतअंगेज और खतरनाक हरकत भी की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ लोग अंधविश्वास के नाम पर मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालने को एक बेहद गंभीर मुद्दा बता रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बीमारी का उपचार वैज्ञानिक और चिकित्सकीय पद्धति से ही कराया जाना चाहिए, क्योंकि झाड़-फूंक और ऐसे अंधविश्वासी तरीकों से बच्चे की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने इस मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। यह खौफनाक घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
अपने बीमार बच्चे को स्वस्थ कराने की उम्मीद में एक परिवार एक सोखा (झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति) के पास पहुंचा, लेकिन वहाँ इलाज के नाम पर बच्चे के साथ बेहद खतरनाक 'टोटका' किया गया। बताया जा रहा है कि बच्चे को ठीक करने के लिए सोखा ने उसे अपने हाथों से बार-बार घुमाया और नचाता रहा। इतना ही नहीं, उसने मासूम बच्चे को जमीन पर लिटाकर उसके सीने पर पैर रखकर खड़े होने जैसी हैरतअंगेज और खतरनाक हरकत भी की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ लोग अंधविश्वास के नाम पर मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालने को एक बेहद गंभीर मुद्दा बता रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बीमारी का उपचार वैज्ञानिक और चिकित्सकीय पद्धति से ही कराया जाना चाहिए, क्योंकि झाड़-फूंक और ऐसे अंधविश्वासी तरीकों से बच्चे की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने इस मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। यह खौफनाक घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
- संतकबीरनगर में ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन ने खाली ट्रकों के लिए सुरक्षित पार्किंग स्थल और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने जनपद में ट्रक मालिकों और चालकों द्वारा सामना की जा रही गंभीर समस्याओं को उजागर किया। यूनियन का कहना है कि जनपद में बड़ी संख्या में ट्रक संचालित होते हैं, लेकिन खाली ट्रकों को खड़ा करने के लिए कोई निर्धारित और सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है। इस मजबूरी के कारण, ट्रकों को अक्सर सड़क किनारे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खड़ा करना पड़ता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। इसके अतिरिक्त, ट्रक चालकों और मालिकों को सुरक्षा की कमी के साथ-साथ शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का भी सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से, यूनियन ने प्रशासन से अपील की है कि जनपद में ट्रकों के लिए एक सुरक्षित पार्किंग स्थल चिन्हित किया जाए, जहाँ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। यूनियन का मानना है कि इस कदम से ट्रक मालिकों और चालकों को बड़ी राहत मिलेगी और साथ ही सड़क सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। यूनियन ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगा।1
- संतकबीरनगर जिले में एक ओर जहाँ पुलिस ने लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों का पर्दाफाश कर अपनी सक्रियता का दावा किया, वहीं दूसरी ओर पुलिस अभिरक्षा में खड़े एक अपराधी की बेखौफ बॉडी लैंग्वेज ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना तब सामने आई जब पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी सफलता का ब्यौरा दिया, लेकिन अपराधियों में कानून का खौफ न दिखना चर्चा का विषय बन गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर एसओजी और मेंहदावल पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मुहिया पुल के पास घेराबंदी कर गोरखपुर निवासी मोहम्मद कामिल और मोहम्मद अहमद नामक दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, चार मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लूटी गई चेन बेचकर मिले 10 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ के दौरान मोहम्मद अहमद ने 2020 में चोरी के माल के बंटवारे को लेकर अपने ही साथी की गला रेतकर हत्या करने का खुलासा किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए शहर की बजाय ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाते थे और कैप व कपड़ों से चेहरा ढककर महिलाओं से पानी मांगने के बहाने चेन लूटते थे; विरोध करने पर मिर्च पाउडर का इस्तेमाल करते थे। इन बदमाशों ने 23 मई को मेंहदावल क्षेत्र में महिला से पानी मांगने के बहाने हुई चेन लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था। पुलिस की इस बड़ी सफलता के बावजूद, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक आरोपी का बार-बार अपनी मूंछों पर ताव देना चर्चा का केंद्र बन गया। पुलिस अधिकारियों और मीडिया कैमरों की मौजूदगी में अपराधी का यह अंदाज पश्चाताप या भय का नहीं, बल्कि खुली हेकड़ी और कानून को चुनौती देने जैसा प्रतीत हुआ। जिस मंच पर अपराधियों के चेहरे पर गिरफ्तारी की शिकन और कानून का खौफ दिखना चाहिए था, वहाँ एक शातिर बदमाश का यह दुस्साहस लोगों को हैरान कर गया। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस हिरासत में खड़ा अपराधी इतना बेखौफ कैसे दिखा? क्या अपराधियों के दिलों से खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर यह दृश्य कानून के इकबाल पर कमजोर पड़ती छाया का संकेत है? पुलिस ने भले ही अपराधियों को सलाखों तक पहुँचाने में सफलता पाई हो, लेकिन अपराधी की मूंछों पर ताव देती यह तस्वीर अब पुलिस की कामयाबी पर भी बहस छेड़ रही है और कानून के डर व अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर एक बड़ा सवाल बन गई है।2
- संतकबीरनगर जिले में, पकड़े गए कुछ बदमाशों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी मूंछों पर ताव देकर चुनौती पेश की। बदमाशों की इस अकड़ भरे रवैये के जवाब में, पुलिस ने तत्काल उनकी 'चाल' बदल दी।1
- संतकबीरनगर जनपद में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच, शहर के एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आलोक श्रीवास्तव के बंद पड़े आवास पर चोरों ने धावा बोल दिया। इस वारदात में लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जिससे एक बार फिर कानून-व्यवस्था और रात्रिकालीन गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, आलोक श्रीवास्तव बीते 10 अप्रैल 2026 से अपने पिता के स्वास्थ्य उपचार के लिए नोएडा में रह रहे थे, जिसके चलते उनका घर बंद था। शनिवार देर रात पड़ोसियों ने घर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं और आलोक श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर जब घर की स्थिति का जायजा लिया गया, तो चोरी की बड़ी घटना का खुलासा हुआ। आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति रात करीब 11:30 बजे से 1:50 बजे के बीच घर की रेकी करते और चोरी की घटना को अंजाम देते साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, चोरों ने सोने के आभूषणों में दो अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, एक लॉकेट और एक नथिया सहित लगभग ₹2 लाख मूल्य के जेवरात उड़ा लिए। इसके अतिरिक्त, चांदी के आभूषणों में पाजेब, कमर करधनी, कई जोड़ी पायल, बच्चों के आभूषण और चांदी के सिक्के शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। चोरों ने घर में रखी ₹5 से ₹6 हजार की नकदी भी अपने साथ ले ली। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सभासद प्रतिनिधि मुन्ना पांडे द्वारा पुलिस प्रशासन को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद, एसओजी टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।2
- उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर में वृद्धा पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी को संबोधित एक शिकायत पत्र में बताया गया है कि समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जा रही इस धांधली के कारण अधिकांश बुजुर्गों का पेंशन रोक दिया गया है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि उनका आधार या मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, जबकि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उनके आधार नंबर और बैंक खाते सभी आवश्यक दस्तावेजों और मोबाइल से पूरी तरह लिंक हैं। शिकायत में एक विशिष्ट आधार नंबर 4822 3894 2546 का हवाला देते हुए पूछा गया है कि बैंक रिकॉर्ड के बावजूद इस उपभोक्ता का पेंशन क्यों रोका गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जिन लोगों का वृद्धा पेंशन रोका गया है, उनके पैसे आखिर कहाँ जा रहे हैं और कौन इन पैसों को हड़प रहा है। इसे एक गंभीर समस्या बताते हुए, पत्र में इसकी गहनता से जांच की मांग की गई है। बढ़ती कीमतों, गैस और सीएनजी के दामों में उछाल के कारण जनता पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही है और हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में वृद्धा पेंशन का रुक जाना जनता के लिए और भी विकट समस्या बन गया है। शासन-प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने और सभी लोगों का रोका हुआ पेंशन शीघ्र अति शीघ्र उनके बैंक खातों में जारी करने की अपील की गई है। यह जनता की प्रमुख मांग है।1
- पूर्व प्रधान रामरेखा पासवान ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।1
- संतकबीरनगर में सभासद एसोसिएशन ने नगर पालिका परिषद के वार्डों में अधूरे पड़े विकास कार्यों को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ऋषि यादव और सदस्य जिला योजना समिति की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए नगर पालिका द्वारा स्वीकृत कई विकास कार्य अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों को आवागमन सहित विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अधूरे विकास कार्यों को जल्द पूरा करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस शिकायत पत्र के साथ अधूरे कार्यों की तस्वीरें भी संलग्न की गई हैं।1