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पूर्व प्रधान रामरेखा पासवान ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
रवि चन्द्र पत्रकार
पूर्व प्रधान रामरेखा पासवान ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
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- पूर्व प्रधान रामरेखा पासवान ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।1
- राष्ट्रवादी पार्टी और अखिलेश सिंह के समर्थन में 'जिंदाबाद' के नारे लगाए गए, जो उनके प्रति मजबूत जनभावना को दर्शाते हैं। इसके साथ ही, सूर्यांश न्यूज़ 24 ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि उसकी 'हर खबर पर नजर' बनी रहेगी।1
- संतकबीरनगर जिले में, पकड़े गए कुछ बदमाशों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी मूंछों पर ताव देकर चुनौती पेश की। बदमाशों की इस अकड़ भरे रवैये के जवाब में, पुलिस ने तत्काल उनकी 'चाल' बदल दी।1
- आईपीएल 2026 का खिताब भले ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के नाम रहा, लेकिन इस पूरे सीजन में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की चर्चा सबसे अधिक रही। उनकी टीम, राजस्थान रॉयल्स, फाइनल तक नहीं पहुँच सकी, फिर भी वैभव ने अपने बल्ले से ऐसा शानदार प्रदर्शन किया कि कई बड़े रिकॉर्ड टूट गए। इस सीजन में वैभव ने कुल 776 रन बनाए और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की, जो उनके प्रभावशाली खेल को दर्शाता है। उनके बल्ले से 72 छक्के निकले, जो एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सर्वाधिक छक्कों में से हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 36 गेंदों में शतक भी जड़ा और कई मौकों पर बेहद तेज अर्धशतक पूरे किए। अपनी कम उम्र में इस असाधारण प्रदर्शन के बाद, वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट के नए सुपरस्टार के तौर पर देखा जा रहा है।2
- पत्रकार को समाज का आईना माना जाता है, जिसकी जिम्मेदारी घटित घटनाओं को लेकर लिखने और दिखाने के क्रम में कई गुना बढ़ जाती है। सच्ची पत्रकारिता का सार जल्दबाजी और गलत लेखन से बचते हुए तथ्यों का सही ढंग से विश्लेषण कर उन्हें समाज के सामने लाना है, जिससे समाज और देश दोनों एक साथ लाभान्वित हो पाते हैं। आज के समय में पत्रकारों पर आए दिन हमले, धमकी और दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। इसी स्थिति को देखते हुए, पत्रकारों को अपना कार्य स्वतंत्र रूप में सही ढंग से करने तथा उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित और संरक्षित करने के लिए एक सख्त पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण चर्चा हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गोरखपुर प्रेस क्लब में आयोजित दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई, जहाँ वरिष्ठ पत्रकारों और समाजसेवियों ने अपने विचार रखे।1
- प्रसिद्ध शिक्षक खान सर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पत्रकारिता को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक टीवी एंकर के सवाल के जवाब में खान सर ने सीधा हमला करते हुए कहा, "पढ़ाओ कि कैसे तलवे चाटे जाते हैं, पढ़ाओ... हम पढ़ने आ रहे हैं।" उन्होंने इशारों-इशारों में स्पष्ट किया कि अगर पत्रकारिता का अर्थ सत्ता की चापलूसी करना है, तो ऐसी शिक्षा वे नहीं दे सकते। उनके इस बेबाक बयान पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे उनकी निडरता बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य इसे एक विवादित टिप्पणी मान रहे हैं।1
- इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 फाइनल में रविवार को हार मिलने के बाद गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ एक बड़ा हादसा टल गया। टीम को होटल ले जा रही बस में शॉर्ट सर्किट के कारण बीच रास्ते में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद वाहन धुआं-धुआं हो गया और तुरंत सभी खिलाड़ियों तथा स्टाफ सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बस में तकनीकी खराबी आने के बाद अंदर धुआं फैलने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, टीम प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ को बस से बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी खिलाड़ी या स्टाफ सदस्य घायल नहीं हुआ। घटना के बाद, पूरी टीम कुछ समय तक सड़क किनारे इंतजार करती रही, जिसके बाद दूसरी बस की व्यवस्था की गई और सभी को सुरक्षित होटल पहुंचाया गया। यह घटना गुजरात टाइटन्स के लिए एक पहले से ही निराशाजनक दिन के अंत में सामने आई। रविवार को हुए IPL 2026 फाइनल में टीम को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उनका खिताब जीतने का सपना टूट गया। फाइनल से पहले भी गुजरात टाइटन्स का यात्रा कार्यक्रम काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रहा था। टीम ने 27 मई को धर्मशाला से मुल्लांपुर की यात्रा की थी, जहां 29 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालिफायर-2 खेला गया था। इसके बाद 30 मई को अहमदाबाद लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन मुल्लांपुर में खराब मौसम के कारण टीम की उड़ान काफी देर तक प्रभावित रही, और लगातार देरी के बाद गुजरात टाइटन्स का दल शनिवार देर शाम ही अपने घरेलू मैदान अहमदाबाद पहुंच सका था। ऐसे में, फाइनल में हार और फिर टीम बस में आई इस तकनीकी खराबी ने गुजरात टाइटन्स के लिए मुश्किलों भरे एक लंबे और थकाऊ अभियान का निराशाजनक अंत कर दिया। हालांकि, सबसे राहत भरी बात यही रही कि बस में धुआं फैलने के बावजूद सभी खिलाड़ी और स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित रहे।1
- अपने बीमार बच्चे को स्वस्थ कराने की उम्मीद में एक परिवार एक सोखा (झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति) के पास पहुंचा, लेकिन वहाँ इलाज के नाम पर बच्चे के साथ बेहद खतरनाक 'टोटका' किया गया। बताया जा रहा है कि बच्चे को ठीक करने के लिए सोखा ने उसे अपने हाथों से बार-बार घुमाया और नचाता रहा। इतना ही नहीं, उसने मासूम बच्चे को जमीन पर लिटाकर उसके सीने पर पैर रखकर खड़े होने जैसी हैरतअंगेज और खतरनाक हरकत भी की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ लोग अंधविश्वास के नाम पर मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालने को एक बेहद गंभीर मुद्दा बता रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बीमारी का उपचार वैज्ञानिक और चिकित्सकीय पद्धति से ही कराया जाना चाहिए, क्योंकि झाड़-फूंक और ऐसे अंधविश्वासी तरीकों से बच्चे की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने इस मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। यह खौफनाक घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।1