हडिया गांव के आईटी केंद्र के पास कचरे के विशाल ढेर से एक बेहद विचलित कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा दुख और चिंता व्याप्त है। पोस्ट के अनुसार, इस कचरे के साम्राज्य में गौमाताएं प्लास्टिक की थैलियां खाने को मजबूर हैं, जो एक गंभीर समस्या का संकेत है। इस स्थिति पर गहरा सवाल उठाया गया है कि क्या प्रशासन जैसलमेर में हुई वैसी ही दुखद दुर्घटना के दोहराने का इंतजार कर रहा है, जहाँ प्लास्टिक की थैलियों के कारण कई गायों की जान चली गई थी। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं: प्रशासन तुरंत यहाँ से कचरे को हटाए और बड़े डस्टबिन की व्यवस्था करे। साथ ही, स्थानीय लोगों को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे यहाँ कचरा फेंकना बंद करें, अन्यथा अगली बार कचरा उनके घर के आगे मिलेगा। यह जोर दिया गया है कि बेजुबान जानवरों की जान बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इस आवाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया है ताकि गांव को स्वच्छ बनाया जा सके और गौमाताओं को इस खतरे से बचाया जा सके।
हडिया गांव के आईटी केंद्र के पास कचरे के विशाल ढेर से एक बेहद विचलित कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा दुख और चिंता व्याप्त है। पोस्ट के अनुसार, इस कचरे के साम्राज्य में गौमाताएं प्लास्टिक की थैलियां खाने को मजबूर हैं, जो एक गंभीर समस्या का संकेत है। इस स्थिति पर गहरा सवाल उठाया गया है कि क्या प्रशासन जैसलमेर में हुई वैसी ही दुखद दुर्घटना के दोहराने का इंतजार कर रहा है, जहाँ प्लास्टिक की थैलियों के कारण कई गायों की जान चली गई थी। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं: प्रशासन तुरंत यहाँ से कचरे को हटाए और बड़े डस्टबिन की व्यवस्था करे। साथ ही, स्थानीय लोगों को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे यहाँ कचरा फेंकना बंद करें, अन्यथा अगली बार कचरा उनके घर के आगे मिलेगा। यह जोर दिया गया है कि बेजुबान जानवरों की जान बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इस आवाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया है ताकि गांव को स्वच्छ बनाया जा सके और गौमाताओं को इस खतरे से बचाया जा सके।
- करौली जिले के हिंडौन सिटी स्थित मामा भांजे दरगाह पर अल्लाह नूर जी का स्वागत किया गया। इस दौरान जिला अध्यक्ष जला नूर खान का भी अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जिला महामंत्री यामीन खान, जो हिंडौन सिटी मंडल अध्यक्ष भी हैं, उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सतर्कता समिति के मनोनीत बब्बू भाई, सदर हबीब भाई, सोनू हरोली और शाहरुख भाई सहित अन्य लोग भी शामिल थे।2
- केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी का 72वां जन्मदिवस जनसेवा और समाजहित से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। मंत्री चौधरी इस अवसर पर मुरादाबाद प्रवास पर थे, जबकि अजमेर संसदीय क्षेत्र में उनके पुत्र ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुभाष चौधरी के नेतृत्व में कई आयोजनों का संचालन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य सेवा, स्वच्छता और किसान कल्याण को बढ़ावा देना था। आयोजित कार्यक्रमों में स्वच्छता अभियान, गौसेवा, 'अपना घर आश्रम' में भोजन वितरण और फल वितरण शामिल थे। कार्यक्रमों की शुरुआत सरवाड़ी गेट स्थित गोबरिया गणेशजी परिसर में स्वच्छता अभियान से हुई। किशनगढ़ के कम्युनिटी पार्क मझेला रोड पर भी स्वच्छता अभियान चलाया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कर आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया और स्वच्छ भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया। इसके पश्चात, श्रीराम गौशाला, सिलौरा रोड में गौसेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ गौमाता के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया। जन्मदिवस के अवसर पर अजमेर स्थित माँ माधुरी बृज वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम में भी विशेष सेवा कार्यक्रम के तहत भोजन और फलों का वितरण किया गया। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र तबीजी में एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन हुआ और किसानों को बीज किट भी वितरित किए गए। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुभाष चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से सेवा, स्वच्छता और किसान कल्याण को एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, भाजपा पदाधिकारी, किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भागीरथ चौधरी के 72वें जन्मदिवस को जनकल्याण और समाजसेवा के संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया।1
- डीग जिले के वार्ड नंबर 14 के एक निवासी ने अपनी गली की बदहाली और अधिकारियों की कथित उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि गली की समस्या को लेकर कई बार चेयरमैन साहब, कलेक्टर साहब को आवेदन देकर, नगर पालिका और विधायक से शिकायत की गई है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस कारण उन्हें रात में आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। निवासी ने आरोप लगाया कि न तो कलेक्टर उनकी सुनवाई कर रहे हैं और न ही चेयरमैन, नगर पालिका या वार्ड मेंबर समस्या पर ध्यान दे रहे हैं। उनका दावा है कि ये सभी जनप्रतिनिधि गली के लोगों से पैसे मांगते हैं। जब निवासियों ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने ही उन्हें वोट दिया था, तो कथित तौर पर उन्हें गाली देकर घर से बाहर निकाल दिया गया। निवासी के अनुसार, चेयरमैन ने भी उन्हें गाली दी थी। उन्होंने हताशा व्यक्त करते हुए पूछा है कि अब वे कहां जाकर शिकायत करें, जब कोई भी प्रमुख अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। यह वीडियो इसी समस्या को उजागर करने के लिए डाला गया है।1
- किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।1
- राजस्थान के भरतपुर जिले के रूपवास क्षेत्र के भिडयानी और काले पट्ठे इलाकों में खनन माफिया नियमों को ताक पर रखकर रोजाना भारी ब्लास्टिंग कर रहा है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों के सभी घरों में गहरी दरारें आ गई हैं। विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक है कि लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं, क्योंकि लगातार हो रहे धमाकों से घरों की नींव हिल रही है और छतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों में विशेष दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खनिज विभाग के नियमों के अनुसार पहाड़ों में विस्फोटकों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है, फिर भी यह रोजाना किया जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ब्लास्टिंग की आवाज पुलिस वृताधिकारी (CO) कार्यालय और खनिज विभाग के दफ्तर तक साफ सुनाई देती है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इस गंभीर स्थिति के विरोध में, बीते दिन भिडयानी गांव की दर्जनों महिलाओं ने प्रदेश कुशवाह आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले उपखंड कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक को भी स्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद विधायक ने जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि बयाना विधायक के दखल के बावजूद भी इस क्षेत्र में रोजाना ब्लास्टिंग जारी है, जिससे भिडयानी क्षेत्र के घरों में दरारें बनी हुई हैं और लोगों का जीवन दहशत के साए में है।1
- पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे। आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।1
- अलवर में रामगढ़ बस स्टैंड से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ रेलवे फाटक पर स्थानीय लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह फाटक अक्सर करीब आधा घंटे तक बंद रहता है, जिसके कारण आने-जाने वाले यात्री और मरीज घंटों तक वहीं खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। इस लंबे इंतजार की वजह से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए अंडरपास बनाने के प्रस्ताव भी दिए गए हैं, लेकिन राजस्थान सरकार और प्रशासन अभी तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में काफी रोष है।1
- अलवर की सड़कों पर हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है, जिससे जनता में चिंता है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि यह स्थिति वास्तव में सड़क विकास है या केवल जनता की परेशानी बढ़ा रही है।1
- दौसा कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाने के सामने दोपहिया और चौपहिया वाहनों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों को लक्षित कर की गई थी जो यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। पुलिस द्वारा काटे गए चालानों में दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां होने या हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, चौपहिया वाहनों के चालान सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण किए गए।3