*जिलाधिकारी ने तहसील मेजा पहुंचकर तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया 5 वर्ष व 3 वर्ष से अधिक समय से लम्बित प्रकरणों को एक साथ सूचीबद्ध कर नियमित सुनवाई करते हुए प्रकरणों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के दिए निर्देश* *जिलाधिकारी ने अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखे जाने के लिए दिए निर्देश* *प्रयागराज 16 फरवरी, 2026* जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार को तहसील मेजा पहुंचकर तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया तथा आवश्यक निर्देश दिये हैं। उन्होंने तहसील परिसर में स्थित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार के कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों एवं पटल का भ्रमण कर प्रशासनिक कार्यों, अभिलेखों का रख-रखाव, पत्राचार, पुराने प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति, जनसुनवाई व्यवस्था और कार्मिकों की कार्यप्रणाली की जांच करते हुए आवश्यक निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारी के द्वारा मेजा तहसील में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के कोर्ट सहित अन्य कक्षों में फाइलों का अच्छा रख-रखाव नहीं होने तथा सभी कोर्ट में धारा-38 एवं अन्य धाराओं से सम्बंधित पत्रावलियों के अत्यधिक संख्या में लम्बित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों को पुराने समय से लम्बित सभी प्रकरणों में नियमित सुनवाई करते हुए इन्हें प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने 5 वर्ष व 3 वर्ष से से अधिक समय से लम्बित कई पुरानी फाइलों को निकलवाकर उनके सुनवाई तथा निस्तारण की स्थिति को देखा एवं सम्बंधित प्रकरणों को एक साथ सूचीबद्ध करते हुए नियमित सुनवाई पर लगाकर प्रकरणों को प्राथमिकता पर जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी फाइलों को रजिस्टर में अवश्य दर्ज करने एवं लम्बित तथा निस्तारित प्रकरणों की फाइलों को अलग-अलग कर सभी को सुव्यवस्थित ढंग से रखे जाने के लिए कहा। उन्होंने अंश निर्धारण, वरासत, धारा-32/38, धारा-24 आदि से सम्बंधित अविवादित प्रकरणों में सम्बंधित पक्षों की सुनवाई करते हुए तत्काल निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से उनसे सम्बंधित कार्यों के बारे में जानकारी ली और सभी सम्बंधित अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारी मेजा से सभी पुराने लम्बित प्रकरणों को नियमित सुनवाई करते हुए प्राथमिकता पर निस्तारित करने के लिए कहा है। उन्होंने कार्यालयी अनुशासन और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन की सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय से यथोचित निर्णय लेते हुए प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने तहसील परिसर में पेयजल व साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था कराये जाने के लिए कहा है। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने अभिलेखागार, संग्रह अनुभाग सहित अन्य कक्षों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने अभिलेखागार में ग्राम बिसहिजन खुर्द के बस्ते को खुलवाकर देखा, जिसमें बस्ता लिस्ट नहीं पायी गयी तथा उचित रख-रखाव के अभाव में वर्षवार खसरा, खतौनी, 41 एवं 45 अभिलेख सहित अन्य अभिलेख अत्यधिक कटे-फटे अवस्था में पाये गये, जिसपर जिलाधिकारी ने पुराने अभिलेखों को व्यवस्थित करते हुए उनकी टेपिंग/बाइडिंग कराकर उन्हें सुरक्षित ढंग से रखे जाने के लिए निर्देश दिए है। उन्होंने सभी पटल सहायकों को समय से उपस्थित होने तथा उनसे सम्बंधित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान तहसील में अधिवक्ताओं के द्वारा एसीपी कार्यालय के तहसील परिसर से दूर होने के कारण उनका न्यायालय तहसील परिसर में ही स्थापित किए जाने की मांग की गयी, जिसपर जिलाधिकारी ने मांग पर विचार हेतु पुलिस आयुक्त महोदय को पत्र प्रेषित किए जाने के लिए कहा है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मेजा श्री सुरेन्द्र यादव, जिला विकास अधिकारी श्री जी0पी0 कुशवाहा, तहसीलदार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
*जिलाधिकारी ने तहसील मेजा पहुंचकर तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया 5 वर्ष व 3 वर्ष से अधिक समय से लम्बित प्रकरणों को एक साथ सूचीबद्ध कर नियमित सुनवाई करते हुए प्रकरणों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के दिए निर्देश* *जिलाधिकारी ने अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखे जाने के लिए दिए निर्देश* *प्रयागराज 16 फरवरी, 2026* जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार को तहसील मेजा पहुंचकर तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया तथा आवश्यक निर्देश दिये हैं। उन्होंने तहसील परिसर में स्थित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार के कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों एवं पटल का भ्रमण कर प्रशासनिक कार्यों, अभिलेखों का रख-रखाव, पत्राचार, पुराने प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति, जनसुनवाई व्यवस्था और कार्मिकों की कार्यप्रणाली की जांच करते हुए आवश्यक निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारी के द्वारा मेजा तहसील में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के कोर्ट सहित अन्य कक्षों में फाइलों का अच्छा रख-रखाव नहीं होने तथा सभी कोर्ट में धारा-38 एवं अन्य धाराओं से सम्बंधित पत्रावलियों के अत्यधिक संख्या में लम्बित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों को पुराने समय से लम्बित सभी प्रकरणों में नियमित सुनवाई करते हुए इन्हें प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने 5 वर्ष व 3 वर्ष से से अधिक समय से लम्बित कई पुरानी फाइलों को निकलवाकर उनके सुनवाई तथा निस्तारण की स्थिति को देखा एवं सम्बंधित प्रकरणों को एक साथ सूचीबद्ध करते हुए नियमित सुनवाई पर लगाकर प्रकरणों को प्राथमिकता पर जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी फाइलों को रजिस्टर में अवश्य दर्ज करने एवं लम्बित तथा निस्तारित प्रकरणों की फाइलों को अलग-अलग कर सभी को सुव्यवस्थित ढंग से रखे जाने के लिए कहा। उन्होंने अंश निर्धारण, वरासत, धारा-32/38, धारा-24 आदि से सम्बंधित अविवादित प्रकरणों में सम्बंधित पक्षों की सुनवाई करते हुए तत्काल निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से उनसे सम्बंधित कार्यों के बारे में जानकारी ली और सभी सम्बंधित अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारी मेजा से सभी पुराने लम्बित प्रकरणों को नियमित सुनवाई करते हुए प्राथमिकता पर निस्तारित करने के लिए कहा है। उन्होंने कार्यालयी अनुशासन और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन की सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय से यथोचित निर्णय लेते हुए प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने तहसील परिसर में पेयजल व साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था कराये जाने के लिए कहा है। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने अभिलेखागार, संग्रह अनुभाग सहित अन्य कक्षों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने अभिलेखागार में ग्राम बिसहिजन खुर्द के बस्ते को खुलवाकर देखा, जिसमें बस्ता लिस्ट नहीं पायी गयी तथा उचित रख-रखाव के अभाव में वर्षवार खसरा, खतौनी, 41 एवं 45 अभिलेख सहित अन्य अभिलेख अत्यधिक कटे-फटे अवस्था में पाये गये, जिसपर जिलाधिकारी ने पुराने अभिलेखों को व्यवस्थित करते हुए उनकी टेपिंग/बाइडिंग कराकर उन्हें सुरक्षित ढंग से रखे जाने के लिए निर्देश दिए है। उन्होंने सभी पटल सहायकों को समय से उपस्थित होने तथा उनसे सम्बंधित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान तहसील में अधिवक्ताओं के द्वारा एसीपी कार्यालय के तहसील परिसर से दूर होने के कारण उनका न्यायालय तहसील परिसर में ही स्थापित किए जाने की मांग की गयी, जिसपर जिलाधिकारी ने मांग पर विचार हेतु पुलिस आयुक्त महोदय को पत्र प्रेषित किए जाने के लिए कहा है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मेजा श्री सुरेन्द्र यादव, जिला विकास अधिकारी श्री जी0पी0 कुशवाहा, तहसीलदार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- Breaking News सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दबदबा गाना चलवाया!! अखिलेश यादव ने कहा कि कल को दिल्ली वाले आएं और कहें कि समाजवादियों ने गाना बनवा दिया इसलिए हमने पहले से फील्डिंग सेट कर रखी हैं!!1
- प्रयागराज: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11 मार्च तक चलेंगी,जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा हैं।1
- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1
- चंद्रा सेवा ट्रस्ट असहाय लोगों को केवल 2 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने का लिया संकल्प।1
- कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में ज़मीन विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी ने भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “पेशेवर भू-माफिया” करार दिया है। पीड़ित का आरोप है कि पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव के चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है और शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़ित ने मामले में सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और पहले भी कई बार इस प्रकार की शिकायतें कर चुका है। पूर्व विधायक के अनुसार, जिस मकान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह उनकी दादी द्वारा कराए गए वरासत के बाद उनके चाचा के नाम दर्ज है, जहां उनके चाचा निवास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त संपत्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह मामला उनके विधायक कार्यकाल से जुड़ा है। उनके मुताबिक, पूर्व में हुई जांच में सभी आरोप निराधार पाए जा चुके हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।1
- Post by T B NEWS1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- फूलपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा सिलोखरा बलवंत कुमार पुत्र जोखू लाल गौड का आरोप है कि मैं ग्राम सभा की जानकारी के लिए जन सूचना विभाग से जानकारी लेना चाहता था कि प्रधान निधि के अकाउंट स्टेटमेंट में कितना धनरास आया कितना ग्राम सभा में विकास हुआ सिर्फ मेरी यही एक गलती है लेकिन ग्राम प्रधान व उनके गुरुगो द्वारा हमें वह हमारे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और यही नहीं हमारे खिलाफ फर्जी तरीके से कई धाराओं में मुकदमा भी पंजीकृत कर दिए हैं ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया चमचा श्याम बहादुर जायसवाल ग्राम सभा सिलोखरा यह दोनों लोग मिलकर के हमें वह हमारे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और फर्जी तरीके से कई धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर दिए ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया ने हमारा जाति प्रमाण पत्र तहसील फूलपुर से बनवा दिया जिसमें हमारा पिछड़ी जात का होना चाहिए लेकिन अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवा दिया माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन से निवेदन के साथ अवगत कराना चाहता हूं कि इस मामले को गंभीरता पूर्वक जांच कराई जाए और ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए क्योंकि हमारे पास 5-6 कैमरा मकान है लेकिन हमने ग्राम प्रधान के यहां आवास लेने नहीं गए लेकिन ग्राम प्रधान ने हमारा फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाया और हमें यह कहा कि आप आवास लेने हमारे पास आए थे लेकिन हमने उनके पास नहीं गए नाजायज हमें परेशान किया जा रहा है हमारे ग्राम सभा में ना तो पंचायत भवन में खुली मीटिंग होती है ना कोई योजना की जानकारी ग्रामीणों को दी जाती है ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया और इनका एक चमचा श्याम बहादुर जयसवाल यही दो लोग मिलकर के पूरे ग्राम सभा का कहां से नहस कर रहे हैं ग्राम सभा में जो विकास कार्य है धन आता है उसको अपने खास लोगों का कार्य करते हैं ग्राम सभा में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है मनरेगा का पैसा जो लोग दिल्ली या मुंबई रहते हैं उनके खाते में हर माह पैसा भेजने का कार्य करते हैं जो लोग मनरेगा का कार्य करते हैं उनका कोई पैसा नहीं मिलता है व।बैंक का चक्कर लगाते हैं ग्रामसभा में सफाई कर्मी भी नदारत रहते हैं ग्राम प्रधान की मनमानी से ग्राम वासियों को जीना हुआ दुश्वार महोदय जी से प्रार्थना है कि इस मामले को उच्च अधिकारियों द्वारा ग्राम सभा की जांच कराई जाए और दोषी ग्राम प्रधान को जेल के सलाखों में भेजा जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिल सके पीड़ित व्यक्ति को इतना परेशान कर दिए हैं कि वह अपने घर पर नहीं रह रहा है पीड़ित व्यक्ति के तीन बच्चे छोटे-छोटे हैं और हार्ड का ऑपरेशन भी कराया है पीड़ित व्यक्ति के ऊपर जो भी धारा में मुकदमा पंजीकृत किया है वह मुकदमा ग्राम प्रधान अपना वापस ले ले और पीड़ित व्यक्ति को न्याय चाहिए नहीं तो हम लोग परिवार सहित अपना जान दे देंगे जिम्मेदार ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया होंगे1