भीड़ के दावों का सियासी गुब्बारा? राहुल गांधी की रैली पर आंकड़ों को लेकर विवाद। ##दस लाख की भीड़ जुटाने का दावा, रामलीला मैदान में कितने पहुंचे? राहुल गांधी की रैली के आंकड़ों पर उठे सवाल## प्रोफेसर डॉ. भगवान सिंह राघव / सोहना नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली के बाद भीड़ की संख्या को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। रैली से पहले कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से लगभग 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों का था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रामलीला मैदान की खाली अवस्था में क्षमता लगभग 45 से 50 हजार लोगों की है। वहीं कुर्सियों, मंच, सुरक्षा घेरों और आवाजाही के रास्तों के बाद इसकी क्षमता लगभग 30 से 40 हजार रह जाती है। रैली समाप्त होने के बाद भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मैदान के वीडियो और खाली दिखाई दे रहे हिस्सों का हवाला देते हुए विपक्ष के दस लाख लोगों के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजकों की ओर से दिखाई गई राजनीतिक तस्वीर और मैदान के वास्तविक दृश्य में काफी अंतर था। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर प्रसारित कुछ वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो के आर्टिफिशियल तरीके से तैयार किए जाने अथवा उनमें कृत्रिम रूप से भीड़ बढ़ाकर दिखाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह रैली एक महत्वपूर्ण सवाल छोड़ गई है कि क्या किसी राजनीतिक आयोजन की सफलता का आकलन केवल सोशल मीडिया के आंकड़ों और प्रचार से किया जाना चाहिए या फिर वास्तविक उपस्थिति, जनभागीदारी और आयोजन के उद्देश्य के आधार पर? दस लाख की उम्मीद और पुलिस के 50 हजार के अनुमान के बीच बड़ा अंतर निश्चित रूप से राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। अब आयोजकों की ओर से वास्तविक उपस्थिति का आधिकारिक आंकड़ा सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
भीड़ के दावों का सियासी गुब्बारा? राहुल गांधी की रैली पर आंकड़ों को लेकर विवाद। ##दस लाख की भीड़ जुटाने का दावा, रामलीला मैदान में कितने पहुंचे? राहुल गांधी की रैली के आंकड़ों पर उठे सवाल## प्रोफेसर डॉ. भगवान सिंह राघव / सोहना नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली के बाद भीड़ की संख्या को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। रैली से पहले कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से लगभग 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों का था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रामलीला मैदान की खाली अवस्था में क्षमता लगभग 45 से 50 हजार लोगों की है। वहीं कुर्सियों, मंच, सुरक्षा घेरों और आवाजाही के रास्तों के बाद इसकी क्षमता लगभग 30 से 40 हजार रह जाती है। रैली समाप्त होने के बाद भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मैदान के वीडियो और खाली दिखाई दे रहे
हिस्सों का हवाला देते हुए विपक्ष के दस लाख लोगों के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजकों की ओर से दिखाई गई राजनीतिक तस्वीर और मैदान के वास्तविक दृश्य में काफी अंतर था। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर प्रसारित कुछ वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो के आर्टिफिशियल तरीके से तैयार किए जाने अथवा उनमें कृत्रिम रूप से भीड़ बढ़ाकर दिखाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह रैली एक महत्वपूर्ण सवाल छोड़ गई है कि क्या किसी राजनीतिक आयोजन की सफलता का आकलन केवल सोशल मीडिया के आंकड़ों और प्रचार से किया जाना चाहिए या फिर वास्तविक उपस्थिति, जनभागीदारी और आयोजन के उद्देश्य के आधार पर? दस लाख की उम्मीद और पुलिस के 50 हजार के अनुमान के बीच बड़ा अंतर निश्चित रूप से राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। अब आयोजकों की ओर से वास्तविक उपस्थिति का आधिकारिक आंकड़ा सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
- भीड़ के दावों का सियासी गुब्बारा? राहुल गांधी की रैली पर आंकड़ों को लेकर विवाद। ##दस लाख की भीड़ जुटाने का दावा, रामलीला मैदान में कितने पहुंचे? राहुल गांधी की रैली के आंकड़ों पर उठे सवाल## प्रोफेसर डॉ. भगवान सिंह राघव / सोहना नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली के बाद भीड़ की संख्या को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। रैली से पहले कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से लगभग 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों का था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रामलीला मैदान की खाली अवस्था में क्षमता लगभग 45 से 50 हजार लोगों की है। वहीं कुर्सियों, मंच, सुरक्षा घेरों और आवाजाही के रास्तों के बाद इसकी क्षमता लगभग 30 से 40 हजार रह जाती है। रैली समाप्त होने के बाद भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मैदान के वीडियो और खाली दिखाई दे रहे हिस्सों का हवाला देते हुए विपक्ष के दस लाख लोगों के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजकों की ओर से दिखाई गई राजनीतिक तस्वीर और मैदान के वास्तविक दृश्य में काफी अंतर था। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर प्रसारित कुछ वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो के आर्टिफिशियल तरीके से तैयार किए जाने अथवा उनमें कृत्रिम रूप से भीड़ बढ़ाकर दिखाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह रैली एक महत्वपूर्ण सवाल छोड़ गई है कि क्या किसी राजनीतिक आयोजन की सफलता का आकलन केवल सोशल मीडिया के आंकड़ों और प्रचार से किया जाना चाहिए या फिर वास्तविक उपस्थिति, जनभागीदारी और आयोजन के उद्देश्य के आधार पर? दस लाख की उम्मीद और पुलिस के 50 हजार के अनुमान के बीच बड़ा अंतर निश्चित रूप से राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। अब आयोजकों की ओर से वास्तविक उपस्थिति का आधिकारिक आंकड़ा सामने आना महत्वपूर्ण होगा।2
- दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल होने जा रहे कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जगह-जगह पुलिस द्वारा रोका कांग्रेस के नूंह जिला अध्यक्ष शहिदा खान ने बताया कि आज दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल होने जा रहे कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जगह-जगह पुलिस द्वारा रोकना सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। जनता की आवाज को रोकने के लिए रास्तों पर पुलिस की बाधाएं खड़ी करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। आवाज दबाने से आवाज खत्म नहीं होती, बल्कि और बुलंद होती है। लोकतंत्र में जनता की ताकत सबसे बड़ी ताकत है। 🇮🇳 #democracy #RahulGandhi #viralreelschallenge #trendingreelsvideo #rally1
- घासेड़ा में CIA नूंह और गौ-तस्कर के बीच मुठभेड़, जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में लगी गोली। 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | नूंह 🚨 घासेड़ा में CIA नूंह और गौ-तस्कर के बीच मुठभेड़, जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में लगी गोली। पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपी दिलशाद उर्फ दिल्ला निवासी सुडाका को पुलिस ने किया काबू। मौके से 3 गोवंश, एक देसी कट्टा और एक कारतूस बरामद। घायल आरोपी को शहीद हसन खां नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती। CIA इंचार्ज निरीक्षक विनोद कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई। #BreakingNews #NuhPolice #Nuh #GauTaskari #Encounter #MewatNews #MewatTodayNews #CrimeNews1
- पलवल में हरियाणा दिवस के कार्यक्रम में इंस्पेक्टर सीमा ने सब को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ1
- हीरक जयंती समारोह में पगड़ी बंधवाओ प्रतियोगिता ने मोहा सबका मन समारोह में हरियाणा का पारंपरिक संस्कृति की दिखी झलक उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने स्वयं भी बंधवाई पगड़ी, श्रेष्ठï प्रतिभागियों को किया सम्मानित पलवल में आयोजित हीरक जयंती समारोह के दौरान पगड़ी बंधवाओ प्रतियोगिता ने समारोह में पहुंचे लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। रंग-बिरंगी पगडिय़ों और पारंपरिक अंदाज के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में उत्साह और उमंग का अनूठा माहौल देखने को मिला। प्रतिभागियों ने अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन करते हुए पगड़ी बांधने की पारंपरिक शैली से सभी को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में सुनील, सुरेश और नरेश ठाकुर सहित अनेक प्रतिभागियों ने बढ़-चढक़र भाग लिया। इस अवसर पर उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और समारोह में पहुंचे लोगों ने भी पगड़ी बंधवाकर इस परंपरा के प्रति अपना जुड़ाव प्रदर्शित किया। पगड़ी बंधवाने के दौरान लोगों में खासा उत्साह नजर आया। पारंपरिक तरीके से सलीके के साथ बांधी गई पगडिय़ों ने समारोह की रौनक को और बढ़ा दिया। दर्शकों ने भी इस अनूठी प्रतियोगिता का आनंद लिया और प्रतिभागियों की कला की सराहना की। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और पारंपरिक पहनावे को सहेजने का संदेश भी दिया गया। नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे की दिशा में यह पहल सराहनीय रही। हीरक जयंती समारोह में पगड़ी बंधवाओ प्रतियोगिता यादगार आकर्षण बनी रही। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने श्रेष्ठï पगडिय़ां बांधने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया।1
- नूंह में सीआईए और गौ तस्कर के बीच मुठभेड़, तस्कर के पैर में लगी गोली *-थाना सदर नूंह क्षेत्र के गांव घासेड़ा में हुई वारदात, आरोपी ने पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल* *-तीन गोवंश और अवैध हथियार बरामद, आरोपी नल्हड़ अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच में जुटी* *नूंह/माथुर:* थाना सदर नूंह इलाके में सीआईए स्टाफ नूंह की टीम और एक गौ तस्कर के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में आरोपी तस्कर घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए नल्हड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से तीन गोवंश और अवैध हथियार बरामद किए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सीआईए स्टाफ नूंह इंचार्ज निरीक्षक विनोद कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान गांव घासेड़ा में इंडियन पेट्रोल पंप पीर मजार के पास एक संदिग्ध आरोपी को रोकने का इशारा किया गया। आरोपी ने पुलिस पार्टी को देखकर मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी दिलशाद उर्फ दिल्ला पुत्र जफरुद्दीन निवासी गांव सुडाका, उम्र करीब 37/38 वर्ष के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे तुरंत काबू कर इलाज के लिए शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ ले जाया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 गाय, एक देसी कट्टा और एक जिंदा रौंद बरामद किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गौ तस्करी जैसे अपराधों को रोकने के लिए पुलिस टीमें लगातार सक्रिय हैं और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।1
- यूपी सीएम योगी ने कासी में बनारस से राजातालाब तक मेमो ट्रेन का किया शुभारंभ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महराज ने रेलमंत्री वैभव के साथ मिलकर ऐसे कई ट्रेनों का शुभारंभ किया यात्रियों के सुबिधा के लिए यूपी सरकार ने अहम भूमिका निभायी वाराणसी सिटी-राजातालाब एवं बनारस-प्रयागराज रामबाग के लिए मेमो ट्रेनों का शुभारंभ किया।1
- सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी का एकता का संदेश, बोले– देश की अखंडता के खिलाफ सक्रिय ताकतों से रहें सतर्क #सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी का एकता का संदेश, बोले– देश की अखंडता के खिलाफ सक्रिय ताकतों से रहें सतर्क# ##नक्सलवाद के बाद आंतरिक सुरक्षा की नई चुनौतियों पर भी जताई चिंता, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का आह्वान ## प्रोफेसर डॉ. भगवान सिंह राघव / सोहना सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशवासियों से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की एकता और अखंडता के सामने मौजूद चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की एकता को कमजोर करने वाली विभाजनकारी सोच, हिंसा और देशविरोधी गतिविधियों के प्रति देशवासियों को सजग रहना चाहिए। राजनीतिक दलों और विदेशी ताकतों की भूमिका को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं पर भी राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा आवश्यक है।1