हैंडओवर की मांग पर बीडीआई सनशाइन सिटी में आर-पार की लड़ाई, आदेशों के बावजूद नहीं सुलझा विवाद; निवासियों का धरना, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग भिवाड़ी । भिवाड़ी स्थित बीडीआई सनशाइन सिटी में शनिवार को सोसाइटी के हैंडओवर को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया। चयनित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और बड़ी संख्या में फ्लैट मालिकों ने बिल्डर के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना देते हुए आरोप लगाया कि सक्षम प्राधिकारी, जिला प्रशासन और न्यायालय स्तर पर पारित आदेशों के बावजूद आज तक सोसाइटी का प्रबंधन निवासियों को नहीं सौंपा गया। दूसरी ओर बिल्डर पक्ष ने बकाया राशि और लंबित प्रक्रिया का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद रहा तथा दोनों पक्षों की बात सुनी। धरने में शामिल निवासियों का कहना था कि वे पिछले कई वर्षों से अपनी ही सोसाइटी के प्रबंधन का अधिकार पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये वसूलने के बावजूद सोसाइटी में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती गई है। खराब लिफ्टें,जलभराव, सफाई व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उनका कहना था कि जब कानून के तहत चुनी हुई आरडब्ल्यूए मौजूद है तो प्रबंधन उसी को सौंपा जाना चाहिए।धरने के दौरान अधिवक्ता एवं सोसाइटी निवासी करण गुप्ता ने कहा कि पिछले चार वर्षों से निवासी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और अब उनके पास सक्षम प्राधिकारी, जिला प्रशासन तथा न्यायालय से जुड़े आदेश उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद बिल्डर प्रबंधन सोसाइटी का हैंडओवर नहीं कर रहा। उनका कहना था कि यदि सक्षम अधिकारियों के आदेशों के बाद भी उनका पालन नहीं होता, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आदेशों का प्रभावी पालन कराते हुए सोसाइटी का प्रबंधन तत्काल आरडब्ल्यूए को सौंपा जाए। भिवाड़ी विकास संस्थान के अध्यक्ष पदम शर्मा ने कहा कि निवासियों ने पूर्व में जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर तथा पुलिस प्रशासन को धरने की सूचना देकर पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रखने का प्रयास किया था। उनका कहना था कि निवासी किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहते, बल्कि केवल अपने अधिकार के अनुसार सोसाइटी का संचालन स्वयं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद यदि बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं, तो निवासियों की नाराजगी स्वाभाविक है। आंदोलन में शामिल अमित नाहटा ने कहा कि यह संघर्ष एक-दो दिन का नहीं बल्कि कई वर्षों का है। उनके अनुसार पहले दस्तावेजों और कानूनी स्थिति को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन अब अधिकांश आवश्यक आदेश निवासियों के पक्ष में उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं हुआ तो अन्य आवासीय सोसाइटियों में भी इसी प्रकार के आंदोलन तेज हो सकते हैं।धरने में शामिल महिला निवासी एकता ने कहा कि वर्षों से निवासी भारी मेंटेनेंस शुल्क जमा कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें संतोषजनक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के दौरान पूरी सोसाइटी में जलभराव हो जाता है, लिफ्टों की स्थिति खराब रहती है, कूड़ा समय पर नहीं उठता और कई बार लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि यदि प्रबंधन आरडब्ल्यूए को मिल जाए तो निवासी स्वयं बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं। हालांकि बिल्डर पक्ष ने इन आरोपों से सहमति नहीं जताई। बिल्डर पक्ष के प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह नरूका ने कहा कि जिला प्रशासन के समक्ष हुई बैठकों में सोसाइटी पर बकाया मेंटेनेंस राशि का मुद्दा उठाया गया था। उनके अनुसार कुछ प्रकरण अभी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन हैं तथा कुछ मामलों में अपील लंबित है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार हैंडओवर से संबंधित प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और प्रशासन के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है। मामले को लेकर भिवाड़ी थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने बताया कि सोसाइटी से जुड़े कुछ विवाद विभिन्न मंचों पर विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया तथा संबंधित राजस्व अधिकारी को बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुनी। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामला जिला कलेक्टर स्तर पर विचाराधीन है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। पुलिस ने बिना अनुमति लगाए गए धरना स्थल से लोगों को समझाइश देकर हटाया तथा शांति व्यवस्था बनाए रखी। धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, लेकिन वर्षों पुराना यह विवाद अभी भी अंतिम समाधान की प्रतीक्षा में है। अब निगाहें जिला प्रशासन के आगामी निर्णय पर टिकी हैं कि लंबे समय से चल रहे इस विवाद का निस्तारण कब और किस प्रकार होता है।
हैंडओवर की मांग पर बीडीआई सनशाइन सिटी में आर-पार की लड़ाई, आदेशों के बावजूद नहीं सुलझा विवाद; निवासियों का धरना, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग भिवाड़ी । भिवाड़ी स्थित बीडीआई सनशाइन सिटी में शनिवार को सोसाइटी के हैंडओवर को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया। चयनित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और बड़ी संख्या में फ्लैट मालिकों ने बिल्डर के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना देते हुए आरोप लगाया कि सक्षम प्राधिकारी, जिला प्रशासन और न्यायालय स्तर पर पारित आदेशों के बावजूद आज तक सोसाइटी का प्रबंधन निवासियों को नहीं सौंपा गया। दूसरी ओर बिल्डर पक्ष ने बकाया राशि और लंबित प्रक्रिया का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद रहा तथा दोनों पक्षों की बात सुनी। धरने में शामिल निवासियों का कहना था कि वे पिछले कई वर्षों से अपनी ही सोसाइटी के प्रबंधन का अधिकार पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये वसूलने के बावजूद सोसाइटी में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती गई है। खराब लिफ्टें,जलभराव, सफाई व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उनका कहना था कि जब कानून के तहत चुनी हुई आरडब्ल्यूए मौजूद है तो प्रबंधन उसी को सौंपा जाना चाहिए।धरने के दौरान अधिवक्ता एवं सोसाइटी निवासी करण गुप्ता ने कहा कि पिछले चार वर्षों से निवासी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और अब उनके पास सक्षम प्राधिकारी, जिला प्रशासन तथा न्यायालय से जुड़े आदेश उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद बिल्डर प्रबंधन सोसाइटी का हैंडओवर नहीं कर रहा। उनका कहना था कि यदि सक्षम अधिकारियों के आदेशों के बाद भी उनका पालन नहीं होता, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आदेशों का प्रभावी पालन कराते हुए सोसाइटी का प्रबंधन तत्काल आरडब्ल्यूए को सौंपा जाए। भिवाड़ी विकास संस्थान के अध्यक्ष पदम शर्मा ने कहा कि निवासियों ने पूर्व में जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर तथा पुलिस प्रशासन को धरने की सूचना देकर पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रखने का प्रयास किया था। उनका कहना था कि निवासी किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहते, बल्कि केवल अपने अधिकार के अनुसार सोसाइटी का संचालन स्वयं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद यदि बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं, तो निवासियों की नाराजगी स्वाभाविक है। आंदोलन में शामिल अमित नाहटा ने कहा कि यह संघर्ष एक-दो दिन का नहीं बल्कि कई वर्षों का है। उनके अनुसार पहले दस्तावेजों और कानूनी स्थिति को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन अब अधिकांश आवश्यक आदेश निवासियों के पक्ष में उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं हुआ तो अन्य आवासीय सोसाइटियों में भी इसी प्रकार के आंदोलन तेज हो सकते हैं।धरने में शामिल महिला निवासी एकता ने कहा कि वर्षों से निवासी भारी मेंटेनेंस शुल्क जमा कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें संतोषजनक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के दौरान पूरी सोसाइटी में जलभराव हो जाता है, लिफ्टों की स्थिति खराब रहती है, कूड़ा समय पर नहीं उठता और कई बार लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि यदि प्रबंधन आरडब्ल्यूए को मिल जाए तो निवासी स्वयं बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं। हालांकि बिल्डर पक्ष ने इन आरोपों से सहमति नहीं जताई। बिल्डर पक्ष के प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह नरूका ने कहा कि जिला प्रशासन के समक्ष हुई बैठकों में सोसाइटी पर बकाया मेंटेनेंस राशि का मुद्दा उठाया गया था। उनके अनुसार कुछ प्रकरण अभी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन हैं तथा कुछ मामलों में अपील लंबित है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार हैंडओवर से संबंधित प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और प्रशासन के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है। मामले को लेकर भिवाड़ी थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने बताया कि सोसाइटी से जुड़े कुछ विवाद विभिन्न मंचों पर विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया तथा संबंधित राजस्व अधिकारी को बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुनी। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामला जिला कलेक्टर स्तर पर विचाराधीन है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। पुलिस ने बिना अनुमति लगाए गए धरना स्थल से लोगों को समझाइश देकर हटाया तथा शांति व्यवस्था बनाए रखी। धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, लेकिन वर्षों पुराना यह विवाद अभी भी अंतिम समाधान की प्रतीक्षा में है। अब निगाहें जिला प्रशासन के आगामी निर्णय पर टिकी हैं कि लंबे समय से चल रहे इस विवाद का निस्तारण कब और किस प्रकार होता है।
- पूर्व विधायक एवं भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य रामहेत यादव से PY Talks की खास बातचीत :- खैरथल, 31 जुलाई। PY Talks से विशेष बातचीत में पूर्व विधायक एवं भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य रामहेत यादव ने कहा कि "खैरथल हमारे दिल में बसता है और इसका समग्र विकास हमारी पहली प्राथमिकता है।" उन्होंने बताया कि खैरथल बाइपास का निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है और दीपावली तक इसका अधिकांश कार्य पूरा होता दिखाई देगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 93 नंबर रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवरब्रिज का टेंडर भी दीपावली तक जारी होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही जाम और आवागमन की समस्या से राहत मिलेगी। रामहेत यादव ने यह भी बताया कि खैरथल को बीबीरानी से जोड़ने के लिए 78 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना स्वीकृत है, जिसके पूरा होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं मिलेंगी। खैरथल में कई लोगों की पुनः भाजपा में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा, "यह केवल खैरथल की बात नहीं है, बल्कि पूरे देश में यही माहौल है। बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं। हर राजनीतिक दल चाहता है कि उसका कुनबा बढ़े, और भाजपा के साथ भी यही हो रहा है।" उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में खैरथल आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।1
- खैरथल में महिला सुरक्षा रैली निकाली: 'सशक्त नारी-सुरक्षित समाज' का संदेश दिया, हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा की जानकारी दी खैरथल-तिजारा जिला पुलिस ने जिला मुख्यालय खैरथल पर 'महिला सुरक्षा संकल्प' जागरूकता रैली निकाली। यह रैली महिला सुरक्षा एवं बालिका सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें स्कूली बच्चों ने भाग लिया और 'सशक्त नारी-सुरक्षित समाज' का संदेश दिया। रैली सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल से शुरू होकर अम्बेडकर सर्किल पर समाप्त हुई। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर जनजागरण किया। आईपीएस अधिकारी शिवानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिला सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी मुख्य कार्यक्रम जवाहर नवोदय विद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ दिल्ली पुलिस की आईपीएस शिवानी मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर जोर दिया। आईपीएस शिवानी ने उपस्थित महिलाओं और जिले के विभिन्न थानों में तैनात महिला पुलिस कर्मियों को महिला हेल्पलाइन, साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा 1 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए महिला सुरक्षा एवं जागरूकता विशेष अभियान का विधिवत समापन किया गया। इस अवसर पर आईपीएस अधिकारी शिवानी, जयपुर मुख्यालय से आरपीएस अधिकारी अदिति और प्रशिक्षु आरपीएस अधिकारी व किशनगढ़ बास थानाधिकारी नेहा मीणा ने एक माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभव साझा किए। अंत में, सभी ने महिला सुरक्षा के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस मौके पर महिला थानाधिकारी नंदलाल जांगिड़ और खैरथल थाना इंचार्ज रामकिशन यादव भी मौजूद रहे।1
- किशनगढ़ बास कांग्रेस की बैठक में विनोद कुमारी सांगवान को बीच में टोकने पर हंगामा, चुनावी तैयारियों पर हो रहा था मंथन दिनांक: 1 अगस्त 2026 स्थान: किशनगढ़ बास (खैरथल-तिजारा) किशनगढ़ बास के गंज रोड स्थित गुलाब देवी धर्मशाला में आगामी पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक विधायक दीपचंद खैरिया के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मजबूती, चुनावी रणनीति और टिकट वितरण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में खैरथल-तिजारा जिला सह-प्रभारी पुष्पेंद्र धाभाई तथा विधानसभा प्रभारी देव कसाना भी मौजूद रहे। विभिन्न गांवों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने सुझाव रखे। नेताओं ने कहा कि आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों में टिकटों का वितरण पार्टी सर्वे के आधार पर करेगी तथा सभी कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। इसी दौरान बैठक में उस समय माहौल गरमा गया जब कोटकासिम प्रधान एवं महिला जिला अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमारी सांगवान को संबोधन के दौरान बीच में टोक दिया गया। इस पर कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति बन गई। हालांकि मौजूद वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद बैठक सामान्य रूप से आगे बढ़ी। बैठक के दौरान हरसोली के भाजपा पदाधिकारी रामकिशन चौधरी ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम में प्रधान बीपी सुमन, अजीत यादव, तेजाराम सैनी, गिरीश डाटा, भूपेश लहकरा, संदीप पाटिल, रामप्रसाद गुर्जर, संस्कार अग्रवाल, मास्टर शिवचरण गुप्ता, चंदू सैनी, सद्दीक खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच संचालन धीरूभाई और सूरत खैरिया ने किया।1
- अलवर लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा अलवर विकास के लिए किया जा रहे विकास कार्यों की गाथा किसी से छुपी नहीं है। क्षेत्र की तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और फॉलो करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो1
- शिक्षा का मुद्दा है कृपया वीडियो को शेयर करें अगर आपके भी परिवार में कोई बच्चा पढ़ाई कर रहा है और उनको यह दिक्कत है तो वीडियो को शेयर करना ना भूले1
- सरिस्का महापंचायत की सभी मांगों पर बनी सहमति सरकार ने दिया आदेश1
- "कलयुग में भ्रष्ट अधिकारी का होता है मान-सम्मान, ईमानदार रातों-रात बांधकर निकल जाता है बोर-बिस्तर"- शर्मा बानसूर । पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता डॉ. रोहिताश्व शर्मा ने मौजूदा व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि कलयुग में ईमानदारी की कोई कद्र नहीं रही। उन्होंने कहा कि आज के समय में सबसे ज्यादा भ्रष्ट अधिकारी होता है और उसकी विदाई के दौरान सबसे ज्यादा मान-सम्मान किया जाता है। वहीं जो अधिकारी ईमानदार होता है वह अपना बोरी -बिस्तर बांधकर रातों-रात निकल जाता है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में इस तरह का माहौल बन गया है कि भ्रष्टाचार करने वाले सिर उठाकर चलते हैं और ईमानदारी से काम करने वाले किनारे कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल प्रशासन के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- विश्व स्तनपान सप्ताह: छापुर में 'आरोग्यम 2.0' के तहत जागरूकता सत्र आयोजित; 65 महिलाओं की हुई HB जांच मुंडावर विश्व स्तनपान सप्ताह (1अगस्त –7 अगस्त) के अवसर पर चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया द्वारा आरोग्यम 2.0 परियोजना के अंतर्गत पर्नोड रिकार्ड इंडिया के सहयोग से ग्राम छापुर में महिलाओं के लिए स्तनपान जागरूकता एवं हीमोग्लोबिन (HB) जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एएनएम मनीता यादव एवं सीएचओ बलवान ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को नवजात शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने, पहले पीले गाढ़े दूध (कोलोस्ट्रम) के महत्व, जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने तथा दो वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने के लाभों के बारे में एवं एनीमिया के रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सत्र के दौरान 65 महिलाओं ने भाग लिया। साथ ही सभी प्रतिभागी महिलाओं की हीमोग्लोबिन (HB) जांच भी की गई तथा जिन महिलाओं में एनीमिया के लक्षण पाए गए, उन्हें उचित परामर्श एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया द्वारा आरोग्यम 2.0 परियोजना, के अंतर्गत पर्नोड रिकार्ड इंडिया के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच को प्रोत्साहित करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना था। उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नवजात शिशुओं को समय पर एवं अनन्य स्तनपान कराने का संकल्प लिया। ये कार्यक्रम सरोज शर्मा एवं ऋतू की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।1