धीना के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 27वें दिन समाप्त हो गया। यह निर्णय जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग के आश्वासन के बाद लिया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो नवंबर माह में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों ने विशेष रूप से वर्ष 2021 में कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि गुरैनी पंप कैनाल को गंगा कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत परियोजना के निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया गुणवत्ता के पत्थरों का प्रयोग किया गया। यह परियोजना मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई थी। उनके अनुसार, अधिकांश पत्थर गंगा की धारा में समाहित हो गए, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कटान की समस्या बरकरार है। किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सरकारी धन की वसूली करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही गंगा कटान के लिए स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि बाढ़ से पहले कटानरोधी कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि क्षेत्र को गंगा कटान से सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरान बंधी प्रखंड के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद, सहायक अभियंता अतुल गुप्ता, लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार यादव, उपखंड अधिकारी सौरभ मालवीय तथा अवर अभियंता अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव और मौला अली सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे, जिसकी अध्यक्षता अवध यादव एवं रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।
धीना के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 27वें दिन समाप्त हो गया। यह निर्णय जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग के आश्वासन के बाद लिया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो नवंबर माह में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों ने विशेष रूप से वर्ष 2021 में कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि गुरैनी पंप कैनाल को गंगा कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत
से स्वीकृत परियोजना के निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया गुणवत्ता के पत्थरों का प्रयोग किया गया। यह परियोजना मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई थी। उनके अनुसार, अधिकांश पत्थर गंगा की धारा में समाहित हो गए, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कटान की समस्या बरकरार है। किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सरकारी धन की वसूली करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही गंगा कटान के लिए स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से
वार्ता की और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि बाढ़ से पहले कटानरोधी कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि क्षेत्र को गंगा कटान से सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरान बंधी प्रखंड के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद, सहायक अभियंता अतुल गुप्ता, लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार यादव, उपखंड अधिकारी सौरभ मालवीय तथा अवर अभियंता अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव और मौला अली सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे, जिसकी अध्यक्षता अवध यादव एवं रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।
- चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में ग्रामीण हरिओम मिश्रा भी शामिल थे, जिन्होंने चकबंदी में धांधली का आरोप लगाया।1
- धीना के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 27वें दिन समाप्त हो गया। यह निर्णय जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग के आश्वासन के बाद लिया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो नवंबर माह में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों ने विशेष रूप से वर्ष 2021 में कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि गुरैनी पंप कैनाल को गंगा कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत परियोजना के निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया गुणवत्ता के पत्थरों का प्रयोग किया गया। यह परियोजना मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई थी। उनके अनुसार, अधिकांश पत्थर गंगा की धारा में समाहित हो गए, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कटान की समस्या बरकरार है। किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सरकारी धन की वसूली करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही गंगा कटान के लिए स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि बाढ़ से पहले कटानरोधी कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि क्षेत्र को गंगा कटान से सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरान बंधी प्रखंड के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद, सहायक अभियंता अतुल गुप्ता, लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार यादव, उपखंड अधिकारी सौरभ मालवीय तथा अवर अभियंता अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव और मौला अली सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे, जिसकी अध्यक्षता अवध यादव एवं रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।3
- आज 23 जून 2026 को दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी प्रभाग के उत्तर निघासन रेंज के लट्ठौआ बीट स्थित ग्राम मुर्तिहा से एक मादा गुलदार (तेंदुआ) को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद इस मादा गुलदार को वन प्रभाग में लाया गया, जिसके उपरांत उसे चन्द्रप्रभा रेंज के राजदरी अनुभाग अंतर्गत बलियारी बीट की देव पहाड़ी पर सकुशल अवमुक्त कर दिया गया।1
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- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद वाराणसी के कोचिंग सेंटरों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह देखा गया है कि प्रशासन आमतौर पर किसी घटना के बाद ही सक्रिय होता है। हालांकि, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि वाराणसी में बड़े सुधार और महत्वपूर्ण कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना यहाँ न हो सके।1
- भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर माँग की गई है। इस दौरान, भ्रष्टाचार की मूल जड़ के रूप में 'जेई' (जूनियर इंजीनियर) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिससे यह साफ होता है कि यह माँग भ्रष्टाचार के एक विशिष्ट स्रोत पर केंद्रित है।1
- चंदौली में नहर की खुदाई का काम न होने को लेकर किसान नेता पारस विश्वकर्मा ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान नेता ने अधिकारियों को इस मामले में जिम्मेदार ठहराते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।1