कुशीनगर के सुकरौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा पिंडरा में इन दिनों बंदरों के आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार सुबह गांव के रहने वाले लगभग 55-60 वर्षीय कन्हैया जब घर से दुकान पर सामान लेने जा रहे थे, तभी अचानक एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बंदर ने कन्हैया को खींचते हुए उनके पैर में काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बंदर को भगाया और घायल बुजुर्ग को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों में कई लोग बंदरों के काटने का शिकार हो चुके हैं। बंदरों के खौफ से बच्चे अकेले स्कूल जाने से घबरा रहे हैं और महिलाएं व बुजुर्ग भी बाहर निकलने से बच रहे हैं। खेतों और घरों के आसपास लगातार बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके और लोगों को इस भय से राहत मिल सके।
कुशीनगर के सुकरौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा पिंडरा में इन दिनों बंदरों के आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार सुबह गांव के रहने वाले लगभग 55-60 वर्षीय कन्हैया जब घर से दुकान पर सामान लेने जा रहे थे, तभी अचानक एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बंदर ने कन्हैया को खींचते हुए उनके पैर में काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बंदर को भगाया और घायल बुजुर्ग को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों में कई लोग बंदरों के काटने का शिकार हो चुके हैं। बंदरों के खौफ से बच्चे अकेले स्कूल जाने से घबरा रहे हैं और महिलाएं व बुजुर्ग भी बाहर निकलने से बच रहे हैं। खेतों और घरों के आसपास लगातार बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके और लोगों को इस भय से राहत मिल सके।
- कुशीनगर के तमकुहीराज में आयोजित समाधान दिवस में इस बार फरियादियों की संख्या काफी कम रही। इस दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही को लेकर एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त चेतावनी दी है कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- कुशीनगर के सुकरौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा पिंडरा में इन दिनों बंदरों के आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार सुबह गांव के रहने वाले लगभग 55-60 वर्षीय कन्हैया जब घर से दुकान पर सामान लेने जा रहे थे, तभी अचानक एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बंदर ने कन्हैया को खींचते हुए उनके पैर में काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बंदर को भगाया और घायल बुजुर्ग को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों में कई लोग बंदरों के काटने का शिकार हो चुके हैं। बंदरों के खौफ से बच्चे अकेले स्कूल जाने से घबरा रहे हैं और महिलाएं व बुजुर्ग भी बाहर निकलने से बच रहे हैं। खेतों और घरों के आसपास लगातार बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके और लोगों को इस भय से राहत मिल सके।1
- देवरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भलुअनी में शनिवार देर रात लगभग 11 बजे जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों के उपचार, दवाओं की उपलब्धता और प्रसव केंद्र की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से प्रसव केंद्र का जायजा लिया और प्रसव पंजिका का बारीकी से अवलोकन करते हुए प्रत्येक प्रसव मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित और व्यवस्थित प्रसव कराया जाए। इसी निरीक्षण के दौरान जब एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची, तो जिलाधिकारी ने तुरंत ड्यूटी पर मौजूद एएनएम और स्टाफ नर्स को उसका सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराने पर बल दिया ताकि प्रसव सेवाएं सुगम और सुरक्षित ढंग से मिल सकें। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी ताकि मरीज संतुष्ट होकर लौटें। इसके साथ ही उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने को कहा। निरीक्षण के समय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के बारे में जानकारी लेने पर बताया गया कि वे दिन की ड्यूटी पूरी कर चुके थे, जबकि मौके पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार पांडेय सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद पाए गए।4
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से सांसद विजय दुबे एमपी, एमएलए कोर्ट में पेश हुए हैं। सांसद विजय दुबे के खिलाफ साल 2009 में गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में उनके खिलाफ खड्डा और रामकोला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। आज कोर्ट में हुई पेशी के बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अगली सुनवाई या अगली तारीख पर कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुना सकती है।2
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष से पूरा शहर गूंज उठा है। यहाँ आयोजित हुई भव्य रथ यात्रा के साक्षी हजारों श्रद्धालु बने हैं।1
- कुशीनगर जिले के सदर तहसील पड़रौना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुरू हुए इस आयोजन में अधिकारियों ने शुरुआत में तो लोगों की शिकायतें सुनीं, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही दोनों बड़े अधिकारियों के रवाना होते ही वहां की व्यवस्था पूरी तरह ढीली पड़ गई। कई विभागों के अधिकारी अपनी कुर्सियां खाली कर मौके से चले गए, जिससे अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए पहुंचे फरियादियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद कुछ अधिकारी अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। बाद में मुख्य रूप से केवल तहसीलदार और लेखपाल ही मौके पर लोगों की शिकायतें सुनते रहे। इस समाधान दिवस में कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण नहीं हो सका। राजस्व विभाग की आईं 16 शिकायतों में से सिर्फ 5 का मौके पर निस्तारण हुआ और 11 मामले लंबित रहे, जबकि पुलिस विभाग की 9 और विकास विभाग की 4 शिकायतों में से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। यद्यपि अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके साथ ही, सदर तहसील परिसर में फरियादियों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और वाहन स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे बलुचहा निवासी गोपाल प्रसाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी सहमति के बिना उनकी जमीन पर मिट्टी डलवा दी, पेड़ कटवा दिए और अवैध कब्जा कर लिया, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। त्वरित निस्तारण के दावों के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और लंबित मामलों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।3
- कुशीनगर में सांसद विजय दुबे एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए हैं। उनके खिलाफ साल 2009 में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला खड्डा और रामकोला थाने में दर्ज है। आज कोर्ट में हुई इस पेशी के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसे अगली तारीख पर सुनाया जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला अंतर्गत हाटा क्षेत्र के सुकरौली में एक किसान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मुख्य रूप से किसानों को श्री अन्न और प्रसिद्ध काला नमक धान की खेती के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही, गोष्ठी में उपस्थित लोगों को प्राकृतिक खेती अपनाने की विधियों और किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।1