ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली बने सड़क सुरक्षा के लिए खतरा, जिम्मेदार बेखबर औरैया। औरैया–जालौन मार्ग पर ईंट भट्टों से निकलने वाले ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। आरोप है कि परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण यह वाहन खुलेआम निर्धारित क्षमता से अधिक ईंटें भरकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ईंट भट्टे संचालित हैं। इन भट्टों से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक भार लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 4000 से 5000 तक ईंटें लादी जा रही हैं, जो उनकी क्षमता से काफी अधिक है। इससे वाहन असंतुलित हो जाते हैं और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि ये ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली औरैया–जालौन रोड पर देवकली पुलिस चौकी के सामने से भी बिना किसी डर के गुजरते देखे जा सकते हैं, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आती। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े ओवरलोड वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यदि समय रहते ऐसे वाहनों पर रोक नहीं लगाई गई तो सड़क सुरक्षा पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाएगा और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और परिवहन विभाग से इस ओर ध्यान देकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली बने सड़क सुरक्षा के लिए खतरा, जिम्मेदार बेखबर औरैया। औरैया–जालौन मार्ग पर ईंट भट्टों से निकलने वाले ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। आरोप है कि परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण यह वाहन खुलेआम निर्धारित क्षमता से अधिक ईंटें भरकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ईंट भट्टे संचालित हैं। इन भट्टों से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली
अक्सर अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक भार लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 4000 से 5000 तक ईंटें लादी जा रही हैं, जो उनकी क्षमता से काफी अधिक है। इससे वाहन असंतुलित हो जाते हैं और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि ये ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली औरैया–जालौन रोड पर देवकली पुलिस चौकी के सामने से भी बिना किसी
डर के गुजरते देखे जा सकते हैं, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आती। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े ओवरलोड वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यदि समय रहते ऐसे वाहनों पर रोक नहीं लगाई गई तो सड़क सुरक्षा पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाएगा और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और परिवहन विभाग से इस ओर ध्यान देकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
- Post by Manish Panndey1
- औरैया। प्रदेश सरकार गोवंशों को संरक्षण किए जाने हेतु लगातार अभियान चला रही है। मगर अधीनस्थ इस ओर कोई भी ध्यान नहीं देते नजर आ रहे हैं। इसका एक उदाहरण भी गुरुवार की शाम करीब 4 बजे देखने को मिला। जब दो आवारा गोवंश सड़क के बीचों-बीच लड़ते हुए नजर आए। यही नहीं इनके लड़ने से दोनों और का यातायात प्रभावित हो गया। शहर के इटावा रोड स्थित 50 सैया अस्पताल के पास गुरुवार को दो आवारा गोवंश आपस में भिड़ गए। बीच सड़क पर दोनों के लड़ने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक दोनों गोवश सड़क पर आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर हमला करने लगे। सांडों की लड़ाई के चलते वाहन चालकों को रुकना पड़ा और राहगीरों में भी दहशत फैल गई। कुछ समय तक सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उन को हटाने का प्रयास किया तब जाकर यातायात सुचारू हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आए दिन ऐसे हालात बनते हैं। यहां पर सबसे खास बात यह भी है कि जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी लगातार अधिनयस्तों को आवारा गोवंशों को पड़ककर गो आश्रय स्थल तक ले जाने की बात कहते हैं मगर उनकी बात का किसी भी अधिकारी द्वारा संज्ञान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते इसी प्रकार के हालात उत्पन्न हो रहे हैं। इसके अलावा इन आवारा गोवंशों के कारण आए दिन सड़क पर दुर्घटना भी होती रहती है और कई लोग चोटिल भी हो जाते हैं।1
- औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव जैतापुर में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध गैस गोदाम का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर सीओ सदर अशोक कुमार, कोतवाल राजकुमार सिंह, तहसीलदार प्रकाश चौधरी और जिला पूर्ति विभाग की टीम ने एक मकान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मौके से 19 खाली और 10 भरे गैस सिलिंडर बरामद हुए, जिन्हें अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी के लिए रखा गया था। इसके साथ ही करीब 176 लीटर तेजाब और संदिग्ध केमिकल भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार यह अवैध भंडारण शिवम कुमार पुत्र श्रवण कुमार निवासी जैतापुर के घर पर किया जा रहा था, जो एक गैस एजेंसी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।2
- औरैया। सूबे की योगी सरकार के द्वारा जहां बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए तमाम योजनाएं जनता के लिए दी जा रही हैं, वहीं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यों में लापरवाही कर सरकार की मनसा पर पानी फेरने का काम कर रहा हैं। ऐसा ही एक मामला सदर विकासखंड क्षेत्र के औरैया-कानपुर हाईवे रोड स्थित ग्राम भाऊपुर का सामने आया है। जहां पर हाईवे से गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर किए गए डामरीकरण में देखने को मिल रहा है। यहां करीब दो माह बाद ही सड़क पर किया गया डामरीकरण उखड़ने लगा है, जिससे उस रास्ते से निकलने वाले राहगीर भी गिर कर चुटहिल जो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष दिखाई दे रहा है। जबकि इसी मार्ग पर आगे चलकर एक रास्ता ट्रामा सेंटर की ओर जाता है। सदर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम भाऊपुर में हाईवे से गांव को जोड़ने के लिए सरकार की स्वीकृति पर लोक निर्माण विभाग द्वारा डामरीकरण किया गया था। खराब व मानकविहीन गुणवत्ता के कारण दो माह के अंतराल में डामर उखड़ने लगा। जिससे इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। इतना ही नहीं डामरीकरण के बाद सड़क को अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर पास भी कर दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सालों के बाद सड़क का डामरीकरण करके सड़क को दुरस्त कराया गया था। वह भी दो माह न चल सका जिससे भ्रष्टाचार का साफ-साफ अंदेशा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि डामरीकरण की घटिया गुणवत्ता में कहीं न कहीं विभाग की संलिप्तता नजर आ रही है। विभाग के संबंधित अधिकारी एक-दूसरे पर कभी जांच तो कभी जानकारी न होने का पल्ला झाड अपनी जिम्मेदारियां से बचते नजर आते हैं। लेकिन डामरीकरण की घटिया गुणवत्ता के चलते लोगों को सुविधा का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि जिले एवं संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को गुणवत्ताहीन डामरीकरण को लेकर लापरवाह अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल मे लानी चाहिए। जिससे सरकार की विकास परक नीति का लाभ जनता को मिल सके।2
- औरैया जिले के अजीतमल संकुल बाबरपुर देहात के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय हजरतपुर में संकुल स्तरीय शिक्षा चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री अरविंद राजपूत ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सोनू सेंगर रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उपाध्यक्ष ऋतुराज दुबे और ब्लॉक अध्यक्ष दीपक दुबे मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान राजीव कुमार राजपूत ने की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और सरस्वती वंदना से हुई। विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम व नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि सोनू सेंगर ने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों में अच्छे संस्कार होना भी आवश्यक है। एआरपी विनीत गुप्ता, अनुपम शुक्ला और नोडल शिक्षक अखिलेश अग्रवाल ने भी शिक्षा व अभिभावकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मेधावी, खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और अभिभावक मौजूद रहे।1
- औरैया जिला अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया गैस, डीजल, पेट्रोल किल्लत नहीं है।1
- औरैया। औरैया–जालौन मार्ग पर ईंट भट्टों से निकलने वाले ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। आरोप है कि परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण यह वाहन खुलेआम निर्धारित क्षमता से अधिक ईंटें भरकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ईंट भट्टे संचालित हैं। इन भट्टों से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक भार लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 4000 से 5000 तक ईंटें लादी जा रही हैं, जो उनकी क्षमता से काफी अधिक है। इससे वाहन असंतुलित हो जाते हैं और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि ये ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली औरैया–जालौन रोड पर देवकली पुलिस चौकी के सामने से भी बिना किसी डर के गुजरते देखे जा सकते हैं, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आती। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े ओवरलोड वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यदि समय रहते ऐसे वाहनों पर रोक नहीं लगाई गई तो सड़क सुरक्षा पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाएगा और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और परिवहन विभाग से इस ओर ध्यान देकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3
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- औरैया। माहे रमजान की आखिरी अलविदा जुमा की नमाज शुक्रवार को हजरत बाबा शाह जमाल शाह स्थित बिलाल मस्जिद में मुस्लिम समाज के हजारों लोगों ने बड़ी संख्या में जमा होकर अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी और मुल्क में अमन, चैन व खुशहाली की दुआएं मांगीं। नमाज के बाद दुआ के लिए हाथ उठे जिसमें सभी ने देश और दुनिया में शांति, सद्भाव तथा भाईचारे की फरियाद की। इमाम अल्तमश चिश्ती ने खुत्बे पढ़ा और बताया कि माहे रमजान का आखिरी जुमा है जो मुसलमानों के लिए बेहद अहम और बरकतों से भरा होता है। उन्होंने बताया कि इस महीने में रोजेदार अपने रब को राजी करने के लिए रोजे रखते हैं, तरावीह पढ़ते हैं, सदका-खैरात करते हैं और जकात अदा करते हैं। रमजान बड़े ही बरकतों वाला महीना है जिसमें अल्लाह की रहमत और मगफिरत की बारिश होती है। इमाम अल्तमश चिश्ती ने भी पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की और कहा कि पुख्ता इंतजामों के कारण कोई असुविधा नहीं हुई। बिलाल मस्जिद परिसर में नमाज के दौरान शांतिपूर्ण माहौल रहा और लोग दुआओं में डूबे नजर आए। यह अलविदा जुमा रमजान के आखिरी दिनों की याद दिलाता है जब मुसलमान ईद की तैयारियों में जुट जाते हैं। मुस्लिम समाज ने प्रशासन का आभार जताया और उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी यही अमन-चैन बना रहेगा।1